Copyright © 2018 NAVODAYATIMES. All Rights Reserved रितेश यादव वैद्युत उपस्कर ई पेपर business1 day ago झांसी दिल्ली की जनता का आर्थिक दोहन करने के लिए बिजली कंपनियों ने डीईआरसी को पावर परचेज एडजस्टमेंट चार्जेज का तिमाही प्रतिवेदन अभी तक नहीं दिया है। दिल्ली सरकार अगर जनता का भला चाहती तो वो बिजली कंपनियों को नोटिस भेजकर डीईआरसी में प्रतिवेदन देने के लिए मजबूर कर सकती थी। सरकार ने ऐसा नहीं किया। बिजली कंपनियों ने प्रतिवेदन न देने के पीछे बहाना बनाया है कि अभी तक डीईआरसी का चेयरमैन नियुक्त नहीं हुआ है, एक सदस्य की सीट भी खाली है। डीईआरसी में सिर्फ एक ही सदस्य कार्यरत है । बैंकिंग CPRI successfully completed four tests 0 Anil Tirkey|   | 2018-02-28 03:33:31.0 प्लांट लगानेवालों को कुल लागत का महज 25 फीसदी ही खर्च करना होगा. राज्य सरकार 45 फीसदी और केंद्र सरकार30 फीसदी अनुदान देती है.  राज्य सरकार अपने अनुदान को 45 से  बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने पर विचार कर रही है. राज्य सरकार वैकल्पिक ऊर्जा श्रोत को बढ़ावा दे रही है. सदर अस्पताल, समाहरणालय और जिला अतिथि गृहों में सोलर रुफटाप पावर प्लांट  लगाया जा रहा है. सोलर रुफटाप पावर प्लांट  से बिजली की बचत होगी . जिसका उपयोग दूसरी जगह होगा. 2018-04-09 07:47:11.0 Sign up and continue using Molitics पॉलीक्लोरीनेटेड बाइफिनाइल ( पीसीबी) साइटमैप पूँजी योजना अजय साहू भू संपर्कन प्रणाली अध्ययन – डीएसडी पटना : राज्य में लगने वाले दो सोलर पावर पावर प्लांट में उन कंपनियों को  राज्य सरकार प्राथमिकता देगी जो बिहार को सस्ती बिजली उपलब्ध करायेगी. बिजली कंपनी यह आकलन कर रही है कि इस पर कितना खर्च आयेगा. साथ ही इसका भी आकलन हो रहा है कि बिहार को किस कीमत पर बिजली मिलेगी.  बताया जा रहा है कि बिजली कंपनी सस्ती बिजली उपलब्ध करानेवाली कंपनी को पावर प्लांट लगाने में तरजीह देगी. विमानन कंपनियां बहुत ज्यादा किराया नहीं वसूल रहीं: DGCA राज्यपाल संदेश किसान कल्याण कृषि विभाग के विभाग ज्यादा पढ़ी गयी खबरे जर्मन सिखाना वेतन आने में देरी होने पर भी ले सकते हैं यह लोन तारीख 26.01.2018 अलका कुमारी चंदौली पीसीबी की भूमिका केन्द्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान Main navigation उल्लास, उमंग और उत्साह के साथ समारोहपूर्वक मनाया गया 72 वां स्वतंत्रता दिवस news1 day ago विदेशी मामले जोधपुर मूसलाधार बारिश के बाद अजमेर के कई इलाके जलमग्न - 201 से 600 यूनिट की दर 5.40 से घटाकर 5.30 और 600 यूनिट से ऊपर का टैरिफ 7.45 से घटाकर 7.35 रुपए किया गया है। कोई उपभोक्ता महीने में 1000 यूनिट की बिजली खपत करता है तो पहले उनका बिल 5906 रुपए आता था। यह अब 5806 रुपए आएगा। बढ़ाए गए फिक्स्ड चार्ज रेट B'Day Spl: 11 साल की उम्र में दलेर मेहंदी ने उठाया था इतना बड़ा कदम सिलिगुडी Updated on 10/25/2017 Refrigerator Page Not Found 404 Error CARSFACTOR सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सबसिडी की राशि बिजली कंपनियों के खाते में भेज दी जाएगी। इसे बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं के बिल से समायोजित कर लेंगी। साथ ही, बिजली कंपनियों को सूचित कर दिया गया है कि उपभोक्ताओं को सबसिडी का वास्तविक लाभ मिलने की बात पुष्ट करने के लिए सरकार बिजली कंपनियों का किसी स्वतंत्र एजेंसी से विशेष ऑडिट करा सकती है। लाइव सिटीज डेस्क : बिजली कंपनी में 1200 नन टेक्निकल पदों पर बहाली होगी. बिजली कंपनी ने इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है. परीक्षा लेने के लिए माह के अंत तक विशेषज्ञ एजेंसी का चयन करने के लिए टेंडर निकाला जाएगा. एजेंसी चयन होने के बाद रिक्तियां निकाली जाएंगी. प्रदेश में सरल बिजली योजना का अब तक करीब 43 लाख हितग्राहियों को लाभ मिलना शुरू हो गया है। इस योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को 200 रुपये प्रतिमाह फ्लैट रेट पर बिजली दी जा रही है। इनके बकाया बिजली बिलों को भी माफ़ किया जा रहा है। विधानसभा को देखते हुए लाई गई इस योजना को लेकर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि बिजली वितरण कंपनियों के बजट पर प्रभाव पड़ेगा। इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा, बिजली की दरों में वृद्धि होगी और लोगों का बिजली बिल बढ़ जायेगा। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपाडें और डॉ. एमए खान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में यह तर्क दिया गया है कि वर्ष 2003 में भी इसी तरह मुफ्त बिजली देने के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली गई थी। तब कोर्ट ने तत्कालीन सरकार को 100 करोड़ रुपये चुकाने का आदेश दिया था। Log On अटल जी का जाना भारत में राजनीति के महायुग का अंत: सीएम योगी उन्होंने आगे बताया कि फरवरी 2018 तक करीब 59 लाख जन धन खाते बंद हो चुके थे. Places मेरी उड़ान : गोठ एप से जानिए कैसे मिलती है बैंक में नौकरी ऊर्जा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि पंजाब में पिछले कुछ समय में कई प्रोजेक्ट के लिए निविदा बुलाई गई थी, लेकिन कंपनियों ने इसमें ज्यादा रुचि नहीं दिखाई थी। ख़ासकर छोटे प्रोजेक्ट में तो कंपनियों की रुचि न के बराबर है। राज्य सरकार ने 12 मेगावाट का बायोमास प्रोजेक्ट पंजाब बायोमास पावर को और 30 मेगावाट का बायोमास प्रोजेक्ट लक्ष्मी ओवरसीज़ को दिया था। लेकिन इन दोनों कंपनियों को भी कर्ज़ में परेशानी आ रही थी। साथ ही जीएनडीटीपी भटिंडा एक्सटेंशन और लेहरा मोहब्बत एक्सटेंशन जैसे प्रोजेक्ट में भी सस्ती दरों पर कर्ज एक मुद्दा है। ऑडियो फ़ीडबैक के साथ 12 अंकों के कीपैड धर्म-आस्था आरएसओपी फॉर्मेटों की सूची Ad Choices Published: 2017-03-30 13:39:03.0 Check Also বাংলা Toggle navigation #रायपुर नई दिल्ली/ब्यूरो। आप सरकार ने 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी जारी रखने का निर्णय लिया है। पहले की तरह 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों को आधी कीमत पर बिजली वर्तमान वित्त वर्ष में भी मिलना जारी रहेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई दिल्ली कैबिनेट में इस आशय का निर्णय लिया गया। इससे सरकार को मौजूदा वित्त वर्ष में 1,720 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। एडमिशन Investors डिफॉल्टरों पर 4 करोड़ रुपये अब भी बकाया Search for: शब्दकोश ‘सबके लिए बिजली’ (पावर फॉर ऑल) के लक्ष्य की पूर्ति एक बहुत बड़ी चुनौती है। इसके मद्देनजर आम लोगों को नए कनेक्शन सरल और आकर्षक शर्तों पर उपलब्ध कराना आवश्यक है। साथ ही बिजली का इस्तेमाल करने वाले सभी लोगों के कनेक्शन लेने से बिजली के वैध उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।  गैस और इलेक्ट्रिक बिल - सर्वश्रेष्ठ बिजली प्रदाता गैस और इलेक्ट्रिक बिल - स्थानीय बिजली प्रदाता गैस और इलेक्ट्रिक बिल - सस्ता बिजली
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