Hindi News »Madhya Pradesh »Neemuch» 1.25 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगी सस्ती बिजली छपरा में अटल बिहारी वाजपेयी का शोक सभा का आयोजन किया... प्रत्येक न्यूज़ मारपीट के आरोपी दिग्विजय सिंह ने सौंपे सभी सरकारी हथियार साहिबगंज English UK अटल बिहारी वाजपेयी: कवि की आत्मा और पत्रकार की जिज्ञासा वाला... विशेषज्ञों का कहना है कि निर्धारित लक्ष्य को पाने के लिए इन दोनों ही योजनाओं की रफ्तार उल्लेखनीय गति से बढ़ानी पड़ेगी. Français (France) Why Bijli Bachao? अभी सिंचाई कार्यों के लिए 70 पैसे से 1.20 रुपये प्रति किलोवाट की दर  निर्धारित है. आयोग ने इसके लिए बिजली दर बढ़ा कर पांच रुपये प्रति यूनिट  निर्धारित कर दिया  विदेशी अखबारों से शिवराज पर आरोप, वोट बैंक को साधने के शुरू की गई सरल बिजली योजना वोडाफोन विद्युत उपलब्धता में 23% वृद्धि  विद्युत विभाग की इन तीन योजनाओं में खर्च हो रहे करोड़ों, लेकिन गति नहीं पकड़ पा रहा काम चाईबासा पीसांगन| नसीराबादविधानसभा के ग्राम रामसर की ढाणी में विद्युत योजना के 4लाख रुपये स्वीकृत किये। अजमेर... सिंदरी थाना प्रभारी सह सिंदरी इंस्पेक्टर दिनेश राय को HOME रायपुर बड़कागाँव विधायक प्रतिनिधि गांव में मकान बनाने की योजना के तहत सिर्फ 16 लाख मकान ही बने हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी कि वह अपनी जलशक्ति का उपयोग तथा विकास सरकारी तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से करेगा। राज्य की जल-विद्युत बनाने की नीति अक्टूबर 2002 को बनी। उसका मुख्य उद्देश्य था राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाया जाय और उसकी बनाई बिजली राज्य को ही नहीं बल्कि देश के उत्तरी विद्युत वितरण केन्द्र को भी मिले। उसके निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं के कार्यांवयन की बांट, क्रिया तथा पर्यावरण पर प्रभाव को जाँचने तथा निरीक्षण करने के बाद पता लगा कि 48 योजनाएं जो 1993 से 2006 तक स्वीकृत की गई थीं, 15 वर्षों के बाद केवल दस प्रतिशत ही पूरी हो पाईं। उन सब की विद्युत उत्पादन क्षमता 2,423.10 मेगावाट आंकी गई थी, लेकिन मार्च 2009 तक वह केवल 418.05 मेगावाट ही हो पाईं। इसका कैग के अनुसार मुख्य कारण थे भूमि प्राप्ति में देरी, वन विभाग से समय पर आज्ञा न ले पाना तथा विद्युत उत्पादन क्षमता में लगातार बदलाव करते रहना, जिससे राज्य सरकार को आर्थिक हानि हुई। अन्य प्रमुख कारण थे, योजना संभावनाओं की अपूर्ण समीक्षा, उनके कार्यान्वयन में कमी तथा उनका सही मूल्यांकन, जिसे उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को करना था, न कर पाना। प्रगति की जाँच के लिए सही मूल्यांकन पद्धति की आवश्यकता थी जो बनाने, मशीनरी तथा सामान लगने के समय में हुई त्रुटियों को जाँच करने का काम नहीं कर पाई, न ही यह निश्चित कर पाई कि वह त्रुटियाँ फिर न हों। निजी कंपनियों पर समझौते की जो शर्तें लगाई गई थीं उनका पालन भी नहीं हो पाया। प्रकाश अग्रवाल गल्फ Studymateonline.com पात्र उपभोक्ता आसनसोल कॉम पोर्ट: आईआर ऑप्टिकल, आरएस 485 दिल्ली/एनसीआर हिसार में सिख परिवार पर हमला, पुलिस ने दर्ज की FIR एकीकृत रिसोर्स प्लानिंग प्रभाग टैक्स भरने वालों की संख्या बढ़ेगी नवभारत टाइम्स | Updated:Mar 16, 2018, 08:00AM IST प्रत्यायन नियम और प्रपत्र Fans एटक नेता सिंदरी प्रतिक्रिया दें © 2018 Deutsche Welle | डाटा सुरक्षा | लीगल नोटिस | संपर्क करें | मोबाइल वर्जन चतरा पिछले साल के मुकाबले पूरे उत्तर भारत में बेहतर... अनुभाग By Kamlesh Bhatt नाबार्ड का सर्वे, किसानों की आमदनी में हुई 37 फीसदी की बढ़ोतरी Issue Details: फ्रांस को पछाड़ भारत बना विश्व की छठी अर्थव्यवस्था, अमेरिकी पहले तो चीन दूसरे स्थान पर रणनीति सस्ती बिजली महंगे दामों पर बेच रही हैं कंपनियां : RTI•मनीष अग्रवाल, नई दिल्ली नहीं रहे भारतीय राजनीति के 'अजातशत्रु' अटल बिहारी वाजपेयी, 93 साल की उम्र में दिल्ली के एम्स में हुआ निधन Serbian Српски/Srpski सरकारी डिफॉल्टरों के लिए बिजली विभाग की सरचार्ज माफी योजना मोहम्मद रहमत पराशर ऋषि की तपभूमि है मंडी की पराशर झील, देखें तस्वीरें Distributed By My Blogger Themes | Design By Herdiansyah Hamzah अब आपको मिलवाते हैं कश्मीर की रहनेवाली इंशा बशीर से। इंशा बशीर इन दिनों चर्चा में हैं क्योंकि इन्होंने व्हीलचेयर पर होने के बावजूद कश्मीर के लिए बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया और अब इंशा बाकी युवाओं के लिए मिसाल बन गई हैं। प्रबंधन सस्ते पावर प्लांट : अभी दिल्ली को करीब 65 पर्सेंट पावर एनटीपीसी से मिलती है। एनटीपीसी के दादरी 1, दादरी 2, अरावली और बदरपुर पावर प्लांट मेन हैं। ये चारों प्लांट ही एनटीपीसी के सबसे महंगे पावर प्लॉटों में से हैं। इनसे महंगी बिजली मिलती है और डिस्कॉम को वह खर्च उपभोक्ताओं से ही लेना पड़ता है। अगर दिल्ली को सिंगरौली, रिहानहिंद जैसे सस्ते पावर प्लांट से बिजली मिले तो दिल्ली में बिजली के रेट कम हो सकते हैं। लेकिन इसमें पावर मिनिस्ट्री की मदद चाहिए। वैश्विक रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स (एस एंड पी) ने तुर्की की कर्ज रेटिंग 'बी+' की। रामनगर Delhipower rateDelhi Electricity RateDERCदिल्ली Insulation Register Free Login English प्रदेश में बिजली हुई सस्ती, सरचार्ज खत्म गुजरात चुनाव: पटेलों के बीच माधव सिंह सोलंकी के शासन की याद ताजा कराएगी भाजपा शहरी क्षेत्रों में स्थापित मीटर की रीडिंग जारी रहेगी एवं विद्युत नियामक आयोग के प्रचलित विनियम अनुसार बिल की गणना की जाएगी। विद्युत कंपनी आयोग द्वारा निर्धारित मानदण्ड के अतिरिक्त और कोई भी आंकलित यूनिट बिल में नहीं जोड़ेगी। उपभोक्ता के बिल में देय राशि तथा शासन द्वारा दी गई सब्सिडी का स्पष्ट उल्लेख रहेगा। प्रचलित दर से विद्युत शुल्क अधिरोपित किया जाएगा, जिसके सहित उपभोक्ता द्वारा मात्र 200 रुपये प्रतिमाह की राशि देय होगी। विद्यमान उपभोक्ता से अतिरिक्त सुरक्षा निधि नहीं ली जाएगी। नये कनेक्शन के लिए सौभाग्य योजना की तरह व्यवस्था रहेगी, जिसमें सुरक्षा निधि नहीं ली जायेंगी। उपभोक्ताओं को स्कीम का लाभ देने के लिए वितरण कंपनियों द्वारा वितरण केन्द्रवार, हाट/ बाजारों आदि में कैम्प लगाये जा रहे हैं। श्रमिक पंजीयन प्रमाण-पत्र की छायापति मांगने की जरूरत नहीं रहेगी। 09/07/2010 - 11:38 देवघर : बाबा नगरी से भी जुड़ी हैं अटल बिहारी... देश2580 गैजेट्स न्यूज़ २-योजना में 1000 वॉट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ता शामिल होंगे। इनमें एसी व विद्युत हीटर चलाने वाले उपभोक्ता नहीं है। किसान समाचार News2018-07-17T12:09:14 Mi A2 खरीदने वालों के लिए खुशखबरी, Xiaomi ने जारी किया सिक्योरिटी पैच और कैमरा अपग्रेड 18 mins मेघालय फोन: 080-2207 2234 चित्तौड़गढ़ « Older Comments In the Spotlight This question is for testing whether or not you are a human visitor and to prevent automated spam submissions. ब्लॉग Best Air Purifiers in India ग्वालियर, विशेष प्रतिनिधि। लोकायुक्त ने सोमवार को बिजली कंपनी के कनिष्ठ यंत्री एम पावसे के खिलाफ न्यायालय में चालन पेश कर दिया है। कनिष्ठ यंत्री एम पावसे को लोकायुक्त ने जून 2017 को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इस संबंध में आवेदक अनुरुद्ध सिंह राठौर ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के सामने आवेदन प्रस्तुत किया था जिसमें बताया गया था कि उनकी कस्बा पोरसा में भिण्ड रोड पर मेसर्स कामतानाथ ट्रेडिंग कंपनी के नाम से तेल मिल है। बिजली कंपनी के सर्तकता दल ने उनके आॅयल मिल पर छापा डाला था। इस दल में कंपनी के कनिष्ठ यंत्री एम पावसे भी शामिल थे। छापे के बाद कंपनी की तरफ से उनके पास तीन लाख सत्तर हजार, तिरेपन रुपए का बिजली चोरी एवं पेनल्टी का नोटिस आया था। © 1998-2018 Zee Media Corporation Ltd (An Essel Group Company), All rights reserved. प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा, ‘‘बिजली विभाग की ओर से प्रस्ताव था कि घाटे को कैसे पूरा किया जाए...ये बहुत मामूली बढ़ोतरी हुई है और धीरे-धीरे घाटे की भरपायी होगी. हम चोरी पर भी सख्ती से कार्वाई कर रहे हैं.’’ प्याज (Onion) उक्त अधिकारी के मुताबिक निजी बिजली कंपनियों को काफी समय से शिकायत है कि उनको सस्ती दरों पर कर्ज़ नहीं मिल पाता है। इन सब समस्याओं को दूर करने के लिए मंत्रालय ने राज्य में काम कर रही बिजली कंपनियों और वहां काम करने की इच्छुक बिजली कंपनियों को बैठक के लिए बुलाया है। सूत्रों के मुताबिक राज्य में बिजली कंपनियों को कर्ज की सुविधा देने के लिए मंत्रालय के अधिकारी पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन लिमिटेड (आरईसी) के अधिकारियों को भी साथ लेकर जा रहे हैं।(स्रोत-दैनिक भास्कर) विद्युत सभी के लिए Home > Locality > 404 Error क्राइम हेल्थ शिक्षा वायरल न्यूज़ धर्म-कर्म साइंस-टेक ऊर्जा लागत की तुलना करें - सर्वश्रेष्ठ विद्युत मूल्य ऊर्जा लागत की तुलना करें - विद्युत प्रदाता स्विच करें ऊर्जा लागत की तुलना करें - ऊर्जा कंपनियां
Legal | Sitemap