गढ़वाल दिनेश चन्द नन्दी यादृच्छिक लेख Hausa Hausa असम यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं गुलजार, देश के कई स्कूलों की प्रेयर बन गई उनकी रचना हमको मन की शक्ति देना 4 mins अयोध्या विवाद : सुप्रीम कोर्ट से ही तय होगा राम मंदिर का भविष्य राजस्थान न्यूजRajasthan newsKotaElectricity companyprotest राजपत्र समस्तीपुर मलेशिया में सरकार के खिलाफ बोलने की आजादी मिली; पहले 6 साल जेल और 85 लाख रु जुर्माना होता था 3 mins 10 मार्च 2013 VIDEO: पांडु नदी में छात्रा ने लगाई छलांग, रेस्‍क्‍यू जारी all sections Get the app ! सूचना एवं प्रसारण सुनील ग्रोवर Top Windows लखनऊ(नासिर): बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, सांसद (राज्यसभा) व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश मायावती ने उत्तर प्रदेश में बिजली की दरों में भारी वृद्धि करने की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि यह प्रदेश में समाजवादी पार्टी सरकार की घोर विफलता का एक और जीता-जागता प्रमाण है कि प्रदेशवासियों को अगले महीने से ही काफी ज़्यादा मंहगी बिजली इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। बिजली की इस भारी वृद्धि दर को जनहित में तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। ऊर्जा से जुड़े प्रमुख संस्थान बिज़नेस वायरल हुआ शादी का अनोखा कार्ड..देखकर आप भी हो जाएंगे हैरान हालांकि पटना में एएन सिन्हा इंस्टिट्यूट में अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर डीएम दिवाकर शराब, बिजली, रियल एस्टेट और पेट्रोलियम को जीएसटी से बाहर रखने की वजह केंद्र सरकार की कमज़ोरी मानते हैं. Allअजमेरअलवरउदयपुरकरौलीकोटाचित्तौड़गढ़चूरूजयपुरजैसलमेरजोधपुरझालावाड़झुंझुनूंडूंगरपुरदौसाधौलपुरनागौरपालीबाड़मेरबारांबीकानेरबूंदीभरतपुरभीलवाड़ाराजसमंदश्रीगंगानगरसवाई माधोपुरसिरोहीसीकरहनुमानगढ़ केंद्र ने सभी राज्यों को भी निर्देश दिया है कि वे अपने यहां बिजली की कुल खपत का 17 फीसदी हिस्सा सोलर या पनबिजली पावर से भरपायी करे. इसको लेकर सरकार लोगों को सोलर प्लेट के जरिये बिजली का उपयोग करने को लेकर मदद भी दे रही है. साथ ही लखीसराय के कजरा और भागलपुर के पीरपैंती में सोलर पावर प्लांट लगाने की भी प्रक्रिया चल रही है, जबकि केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री आरके सिंह ने आरा में बिहार का पहला सोलर पार्क खोलने का प्रस्ताव भी तैयार कर रहे हैं. घरेलू (ग्रामीण) डीएस वन(0-200 यूनिट) 1.60  4.75 © Bhaskar News Network जवाब – ’24×7 पावर फॉर ऑल’ राज्यों के बीच में एक संयुक्त पहल है जो राज्यों / संघ राज्य क्षेत्र के विशिष्ट रोडमैप और कार्य योजना को अंतिम रूप देने के लिए जैसे -बिजली क्षेत्र,हस्तांतरण और वितरण, ऊर्जा दक्षता, स्वास्थ्य के सभी क्षेत्रों को कवर करने वाले राज्यों के साथ एक संयुक्त पहल है। सभी राज्यों / संघ शासित प्रदेशों के साथ परामर्श में सभी दस्तावेजों में पावर के लिए बिजली क्षेत्र की मूल्य श्रृंखला में आवश्यक विभिन्न हस्तक्षेपों का विवरण शामिल है। संबंधित कड़ियाँ प्रशासनिक संरचना पटना,17 अप्रैल (हि.स.)। राज्य कैबिनेट की मंगलवार को यहां हुई बैठक में इस वर्ष अप्रैल से बिजली की बढ़ी हुई टैरिफ दरों में उपभोक्ताओं को सब्सिडी देकर सरकार ने दावा किया है कि बिहार की बिजली दर सभी पड़ोसी राज्यों यूपी और पश्चिम बंगाल से काफी कम है । कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष बिजली दर में सब्सिडी के कारण राज्य सरकार के खजाने पर 4137 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा । पिछले वर्ष 2952 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गयी थी. उन्होंने बताया कि सब्सिडी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर ज्योति योजना के तहत बिजली की दर प्रति यूनिट 2.45 रुपये पड़ेगी । पश्चिम बंगाल में यह 3.44 रुपये और यूपी में 3.39 रुपये प्रति यूनिट है । इसी तरह शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की बिजली दरें भी पड़ोसी राज्यों से कम हैं । इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपयोग और कृषि व सिंचाई के लिए बिजली दर में कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी है । इस पर वर्तमान दर से ही बिजली बिल का भुगतान करना होगा । शहरी क्षेत्रों की बिजली दर में महज 10 पैसे प्रति यूनिट की ही बढ़ोतरी की गयी है | अब यह 5.30 रुपये प्रति यूनिट से बढ़कर 5.40 रुपये हो गयी है । मुख्य सचिव ने कहा कि बरौनी, कांटी और नवीनगर बिजलीघरों को एनटीपीसी को ट्रांसफर कर दिया गया है । इन यूनिटों से राज्य को अपने स्तर पर बिजली उत्पादन काफी महंगा पड़ रहा था । बरौनी थर्मल पॉवर स्टेशन से अभी बिजली उत्पादन में प्रति यूनिट 5.75 रुपये का खर्च आ रहा है, जबकि बाढ़ एनटीपीसी से बिजली खरीदने पर यह खर्च 4.25 पैसे प्रति यूनिट ही पड़ेगा । इस वजह से सभी बिजली उत्पादन ईकाइयों को एनटीपीसी को ही स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है । इससे सरकार को 875 करोड़ रुपये सालाना की बचत होने का अनुमान है । वर्ष 2017-18 के लिए बिजली उपलब्धता करीब 27 हजार 178 मिलियन यूनिट है, जबकि 2018-19 के लिए बिजली उपलब्धता का लक्ष्य 29 हजार 403 मिलियन यूनिट निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष से 8% अधिक है । सब्सिडी के बाद बिजली दर :-कुटीर उद्योग- 2.45,घरेलू (ग्रामीण)- 3.17,घरेलू (शहरी)- 5.40,गैर-घरेलू (ग्रामीण)- 4.00,गैर-घरेलू (शहरी)- 8.25,कृषि एवं सिंचाई-1 - 1.50,कृषि एवं सिंचाई-2 - 7.75,औद्योगिक सेवा-1 - 8.35,(19 केवी तक) औद्योगिक सेवा-2 - 8.32 (19 केवी से ज्यादा और 74 केवी से कम) औद्योगिक सेवा-1 - 8.67,(11 केवी) औद्योगिक सेवा-2 - 8.60,(33 केवी), औद्योगिक सेवा-3 - 8.01,(132 केवी) (सभी आंकड़े रुपये प्रति यूनिट में) हिन्दुस्थान समाचार/अरुण/शंकर बड़ोग पंचायत के 2 गांवों में फोरलेन निर्माण का मलबा बना लोगों के लिए... डियर जिंदगी #Chhattisgarh electricity Your name भारत में एचवीडीसी सिस्टम दुमका : इंडोर स्टेडियम दुमका में अरविन्द प्रसाद की अध्यक्षता में झारखंड राज्य विद्य्नुत नियामक आयोग के द्वारा झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड का वर्ष 2011- 12 से वर्ष 2015 -16 तक वर्ष 2016-17 का 2017-18 एवं वर्ष 2018-19 एवं वर्ष 2017-18 तथा 2018-19 का विद्य्नुत वितरण दर निर्धारण हेतु जन-सुनवाई कार्यक्रम आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता को ध्यान में रखते हुए बिजली दर उतना ही निर्धारित की जायेगी जिससे की उन पर भार ना पड़े और बिजली कम्पनी को भी घटा ना हो। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चेयर मेन अरविन्द प्रसाद ने कहा कि कम्पनी को बिजली खरीदने के लिए पैसे की जरुरत पड़ती है। बिजली के खरीद एवं उपभोक्ताओं के बिजली विपत्र के विरुद प्राप्त राशि में समन्ता होना आवश्यक है। अप्रैल माह से सरकार अब कम्पनी रिसोर्स गेप (सबसीडी) नही देगी। इसी कारण से बिजली दर में कुछ ना कुछ बढ़ौतरी होनी आवश्यक है। Puri Jankari महाराष्ट्र के लोगों को बिजली दर में बढ़ोतरी का झटका पाकिस्तान केरल बाढ़ का जाजया लेने के लिए पीएम मोदी कोच्चि पहुंचे। पंचतत्व में विलीन हुए अटल बिहारी वाजपेयी, दत्तक पुत्री ने दी मुखाग्.. देहरादून (भाषा)। उत्तराखंड में बिजली की दरों में औसतन 5.72 प्रतिशत की वृद्धि की गई है जो आगामी एक अप्रैल से प्रभावी होगी। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने यहां बताया कि अगले वित्त वर्ष 2017-18 के लिए की गई इस वृद्धि के बावजूद उत्तराखंड में बिजली पूरे देश में अब भी सबसे सस्ती है। आयोग के अध्यक्ष देशदीपक वर्मा ने बताया कि एक अप्रैल से रेग्युलेटरी सरचार्ज प्रथम को खत्म माना जाएगा। उन्होंने बताया कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन राजस्व वसूली और लाइन लॉस के लक्ष्य को पूरा करने में नाकाम रहा है। इसलिए उपभोक्ताओं से दोहरा रेग्युलेटरी सरचार्ज वसूलने का उसे कोई अधिकार नहीं है। रामपुर ख़बरेंमर्डर मिस्ट्रीचर्चित कांडसाइबर क्राइमसीरियल किलरसेक्स स्कैंडलबाहुबलीमोस्ट वॉन्टेडवीडियोनायकपुलिस फाइल सेफोटो Source ये भी पढ़ें- सुर्खियां नहीं बनती कंटीले तारों वाली गोहत्या विशेष आलेखView All CONNECT WITH US बिटकॉइन विश्लेषण: 24 अगस्त का सप्ताह (रुझान के लिए परिचय) मध्‍य प्रदेश के आईपीएस मयंक जैन को केंद्र ने किया रिटायर, लगे हैं भ्रष्‍टाचार के आरोप Jammu & Kashmir न्यूज़ ऑन डिमांड Our Team Jio GigaFiber का रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें 10 बड़ी बातें सिक्किम सौभाग्य-प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना होम » उत्तर प्रदेश » लखनऊ आपका ज़िला महाबीर सिंह चौधरी लातेहार विद्युत सर्वेक्षण एवं भार पूर्वानुमान प्रभाग वार्षिक रिपोर्ट पुरालेख Gender Policy of NABARD 1699914088खरीदे ऊना नई दिल्ली: दिल्ली में बिजली के दाम घट गए हैं लेकिन फिक्स चार्जेस बढ़ा दिए गए हैं. घरेलू बिजली की दरें  एक से डेढ़ रुपये प्रति यूनिट कम की गईंहैं. दिल्ली बिजली नियामक प्राधिकरण (डीईआरसी) की बुधवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. पलामू यादृच्छिक लेख म. प्र. पावर मेनेजमेन्ट क. लि. उज्जैन #electricity consumers Subscribe Now Okay   Previous StoryReduce Power: RBI गवर्नर की पावर होगी कम, अब MPC तय करेगी नीतिगत दरें Next StoryEPFO के लिए UAN जरूरी, जानिए इससे जुड़ी 3 अहम बातें   कृष्ण प्रमाणिक उत्तम कुमार महतो ऊर्जा मंत्रालय इस योजना के कार्यान्वयन प्राधिकरण होगा। जब इमरान खान की चुनौती ने बदलवा दी गावस्कर के रिटायरमेंट की तारीख... Home > News योर मनीः युवाओं के लिए कौनसे फंड हैं बेस्ट 2 बागपत में नाव पलटने से 22 की मौत, लोगों ने सड़क पर शुरू की हिंसा विद्युत सभी के लिए राशिफल 2018 0 replies 0 retweets 3 likes बाल स्वास्थ्य History India रिमेक भी अच्छा कार्यक्रम में चेयर मेन (श्रैम्त्ब्) अरविन्द प्रसाद, मेम्बर (श्रैम्त्ब्) आर एन सिंह, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल पुरवार एवं विद्य्नुत विभाग के अधिकार आदि उपस्थित थे। 404 Not Found लेटेस्ट न्यूज़ कांग्रेस ने ताबूत घोटाले में बदनाम किया था अटल बिहारी वाजपेयी को टेस्ला के शेयर में 9% गिरावट, शॉर्ट-सेलर्स ने कमाए 7000 करोड़ रुपए; इलोन मस्क के इंटरव्यू के बाद टूटा शेयर 56 mins प्रधानमंत्री जनधन योजना इंदिरा गांधी ने ब्लू स्टार पर अटलजी से बात करने के लिए बनारस में टेलीफोन लाइन बिछवा दी थी 22 mins Sports रांची : डीजीपी डीके पांडेय ने किया रवि किशन की... Hindi Newsराज्यकेजरीवाल सरकार पर बिजली कंपनियों से मिली भगत का आरोप Public Holiday Categories List लोक शिकायत उत्पादन रिपोर्ट Retweet दिल्ली को मिलेगी 25% सस्ती बिजली, विंड एनर्जी से होगा फायदा 3 सभी पक्षों का रुख सकारात्मक Gopalganj प्रवेश स्तर एकल चरण बिजली मीटर 1600 पल्स दर एसटीएस प्रीपेमेंट मीटर झारखण्ड में पावर कट की पहले से ही दयनीय स्थिति बरकरार है। सूबे के कई विद्युत धंधे बिजली के अभाव में बंदी के कगार पर है। श्री सहाय आज शनिवार को एचईसी परिसर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनता पहले से ही बिजली दर की मार झेल रही है। दुसरी ओर बिजली दर में बेतहाशा वृद्धी कर जनता को परेशान किया जा रहा है। सरस्वती शिशु मंदिर ने दी पुष्पांजली posted on August 18, 2018 यूएस-चीन ट्रेड वॉर से भारत को होगा फायदा, मिलेगा सस्ता तेल अनुसंधान योजना राजसमंद मनमोहन सिंह के कार्यकाल में हासिल हुई थी दहाई अंक में विकास दर: रिपोर्ट 28 जुलाई 2018 सांसद राजमहल लोकसभा सवाई माधोपुर Get Personalised Newsletters Katihar   LIVE TV सौभाग्य योजना के लिए केंद्र सरकार से 60% अनुदान राज्यों को मिलेगा, जबकि राज्य अपने कोष से 10% धन खर्च करेंगे और शेष 30% राशि बैंकों से बतौर ऋण लेनी होगी।  व्यावसायिक (ग्रामीण) (100 से अधिक यूनिट)  2.25  5.25   ⁄  हरियाणा एसएमई कॉर्नर: एसएमई जगत की अहम खबरें   3 शिवपुरी हादसाः झरने में आई बाढ़ में फंसे सभी 45 लोगों को सुरक्षित निकाला गया ADVERTISEMENT यहां स्थिति बेहतर UTI PSA डॉलर के सामने इतना पहली बार गिरा रुपया فارسی 0 0 See more of Aam Admi Zindabad(आम आदमी जिंदाबाद) on Facebook ताज़ा खबरफिर से सुने | वेबसाइट नीतियां हाईटेंशन (एचटीएस 132केवी)  6.25  5.75 प्रोजेक्ट रिव्‍यू इधर दिल्ली सरकार के इस कदम पर बिजली कंपनियों का कहना है कि ऊंचे दाम का कारण ज्यादा जनरेशन और ट्रांसमिशन कॉस्ट है। बिजली के दाम में 80 फीसदी हिस्सा जनरेटिंग और ट्रांसमिशन कंपनियों का है। जनरेशन और ट्रांसमिशन की लागत लगातार बढ़ रही है। और जहां तक ऑडिट का सवाल है तो सीएजी और रेगुलेटरी अथॉरिटी उन पर लगातार नजर रखती हैं। बिजली कंपनियों का हर साल ऑडिट होता है और डीईआरसी हर साल अकाउंट्स की जांच करता है। अटल जी की इन 5 कविताओं को पढ़कर जीवन में... भर्ती #electricity आरंभिक बहाव आठवां सवाल –  राज्यों को धन के आवंटन के लिए क्या मानदंड है? UpvoteDownvote लॉग इन रजिस्टर प्रेरक प्रसंग▼ अमेरिका: एयरपोर्ट से एयरलाइन कर्मचारी ने चुराया विमान, उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद... बैडरूम को बनाना हैं रोमांटिक तो इस कलर करें यूज © हिन्दुस्तान टीम देश में बिजली की दर एक हो : नीतीश पुरुषों का उत्पीड़न रोकने के लिए पिंडदान ऑनलाइन भुगतान करने पर एक फीसदी की अतिरिक्त छूट  सिरफिरे ने ऑफिसर कालोनी में युवती को चाकू से गोदा, मोबाइल लेकर हुआ... Log In बलिया जब अटलजी ने लता मंगेशकर के अस्पताल का उद्घाटन करने से कर दिया था इनकार 8 mins यों हो सकती है दिल्ली में बिजली सस्ती लखनऊ। वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) के एक जुलाई से कार्यान्वयन के बाद सामान्य उपभोग का सामान मसलन केश तेल, साबुन और टूथपेस्ट सस्ते हो जाएंगे, साथ ही बिजली की दरें भी घटेंगी। जीएसटी परिषद ने कल अनाज को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने का फैसला किया है। आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने बताया कि इस साल के लिए बिजली की नई दरें इस प्रकार हैं- 200 यूनिट से ऊपर घरेलू बिजली 3 पैसे प्रति यूनिट महंगी की गई है. सिर्फ इसी कैटेगरी में बिजली दरें बढ़ी हैं. गैस और इलेक्ट्रिक बिल - टेक्सास बिजली गैस और इलेक्ट्रिक बिल - व्यापार के लिए सस्ता बिजली गैस और इलेक्ट्रिक बिल - विद्युत सेवा
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