मल्टीमीडिया 33 के.व्ही से अधिक वोल्टेज पर नवीन कनेक्शन हेतु विद्युत निरीक्षक द्वारा रेखाचित्र अनुमोदन तथा चार्जिंग अनुमति संबंधी नवीन सेवा को लोक सेवा प्रबंधन अधिनियम अंतर्गत शामिल करने की अधिसूचना। IBC24 SwarnaSharda Scholarship 2018 कार्ड और खातों को लिंक बिजली कंपनी जून अंत तक कर लेगी। योजना के तहत असंगठित मजदूरों के कार्डधारी परिवारों के लिए 200 रुपए में पूरे महीने बिजली दी जाएगी। शासन ने असंगठित श्रेणी के मजदूरों के हाल ही में पंजीयन कराने के बाद कार्ड बनाए हैं, योजना के तहत भी कार्ड के नंबर से बिजली खातों को लिंक किया जाएगा। त्योहारों के मौसम में फ्लिपकार्ट और अमेजॉन लेकर आ रही बिग सेल -800-1200 यूनिट comments यूरोप महिला और दलित उद्यमियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने को लेकर शुरू की गई मुद्रा योजना का खूब जोर-शोर से प्रचार किया गया और कहा गया कि ये मोदी सरकार की नौकरी पैदा करने की बड़ी कामयाब पहल है. हालांकि औसत कर्ज लेने की रकम को बारीकी से देखने पर पता चलता है कि वास्तविकता कुछ और ही है. राजस्थान अंबेडकर नगर More ☰ Nalanda पूर्णिया साबरा खातून Shadik ख़बरेंमर्डर मिस्ट्रीचर्चित कांडसाइबर क्राइमसीरियल किलरसेक्स स्कैंडलबाहुबलीमोस्ट वॉन्टेडवीडियोनायकपुलिस फाइल सेफोटो बीजेपी शासित राज्यों के सरकारी कार्यक्रम रद्द, दिल्ली आ रहे हैं सभी CM विदेशी कंपनियां नहीं दिखा रही हैं रुचि खुल्लम खुल्ला जामताड़ा #Ind Vs Eng मारवाड़ी कॉलेज की गायब छात्रा का जला हुआ शव कैरो से बरामद Input your search keywords and press Enter. सराईकेला-खरसांवा Fashion News सस्ते पावर प्लांट : अभी दिल्ली को करीब 65 पर्सेंट पावर एनटीपीसी से मिलती है। एनटीपीसी के दादरी 1, दादरी 2, अरावली और बदरपुर पावर प्लांट मेन हैं। ये चारों प्लांट ही एनटीपीसी के सबसे महंगे पावर प्लॉटों में से हैं। इनसे महंगी बिजली मिलती है और डिस्कॉम को वह खर्च उपभोक्ताओं से ही लेना पड़ता है। अगर दिल्ली को सिंगरौली, रिहानहिंद जैसे सस्ते पावर प्लांट से बिजली मिले तो दिल्ली में बिजली के रेट कम हो सकते हैं। लेकिन इसमें पावर मिनिस्ट्री की मदद चाहिए। महंगी बिजली का हल निकालने की दिशा में ऊर्जा मंत्रालय ने 17 जुलाई को जारी किए गए मेरिट ऑर्डर पर एक अगस्त तक सीईआरसी, सीईए व राज्यों के ऊर्जा सचिवों से राय मांगी थी . इसमें थर्मल ऊर्जा उत्पादन तथा शेड्यूलिंग के नियमों में ढील देने को लेकर ज्यादातर ने सकारात्मक पक्ष पेश किया . जवाब सकारात्मक होने की वजह बिजली कंपनियों की लागत में कमी व एकरूपता बताई जा रही है . गवर्नमेंट इस व्यवस्था को ट्रायल के आधार पर एक वर्ष के लिए लागू कर सकती है, उसके बाद पुनर्विचार कर आगे कदम बढ़ाएगी . Top Sign up संस्मरणः सांसद किसी पार्टी का हो, सबको एक निगाह से देखते थे वाजपेयी अगली कहानी गोवा भारत की सबसे बड़ी एसयूवी बनाने वाली कंपनी महिंद्रा ने अपनी बिजली से चलने वाली कार रेवा ई2ओ पेश कर की है. माना जा रहा है कि ये दुनिया की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार है. The resource you are looking for might have been removed, had its name changed, or is temporarily unavailable. कुमार ने कहा, 'कई पावर कंपनियों के कर्ज को पहले ही बैड लोन कैटेगरी में डाला जा चुका है और इस तरह के कुछ और लोन इस वर्ग में जा सकते हैं। हाईकोर्ट का फैसला बैंकों के लिए अच्छा है क्योंकि इससे उन्हें कोर्ट से बाहर लोन रिजॉल्यूशन के लिए अधिक समय मिलेगा।' आरबीआई के सर्कुलर में 180 दिनों के पीरियड के लिए 1 मार्च को रेफरेंस डेट बताया गया था। इसलिए बैंकरप्सी कोर्ट से बाहर लोन रिजॉल्यूशन के लिए बैंकों के पास अगस्त के अंत तक का समय है। अभी देश की 22 पर्सेंट इंस्टॉल्ड पावर जेनरेशन कैपेसिटी एनपीए है। रिजर्व बैंक के डेटा के मुताबिक, भारतीय बैंकों ने पावर सेक्टर को अप्रैल के अंत तक 5.19 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया हुआ था। कुमार विजय जिला भाजपा अध्यक्ष वृश्चिक राशि वालों आज आप काफी रोमांटिक मूड में रहेंगे। परिवार के साथ टूर पर जाने का प्रोग्राम बना......Read more Copyright © 2018 बीबीसी. बीबीसी बाहरी साइटों पर मौजूद सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. एक्सटर्नल लिंक्स पर बीबीसी की नीति घरेलू (ग्रामीण) डीएस वन(0-200 यूनिट) 1.60  4.75 आॅफ द रिकार्ड: राहुल गांधी के हाथ मजबूत करने की रणनीति पूँजी योजना ई-शासन ऑनलाईन सेवाएं Aurangabad आठ बिजली कनेक्शन काटे मीटर भी निकाले List name सैमसंग गैलेक्सी जे 8 2018 32जीबी (ब्लैक, 4 जीबी रैम) CSC-Newsletter Read More: Rajasthan Barmer Balotra Siwanaग्रामपंचायतदीनदयाल विद्युतयोजनाकरोड़ खर्च विभागीय सेवा नियम SECTIONS नैनीताल समाचार, 21 जनवरी 2011 Tennis CABINET MEETING हमसे कड़ी जोड़े प्रयोक्ता इंटरफ़ेस Uttar Pradesh news Log in to Twitter sir fix charged jo badha diye uska kya ? For Businesses 377 सावन मास की हर शाम अवश्य करें ये काम, मिलेगा कुबेर के समान खजाने का भंडार खाना खज़ाना अवस्था संपादित करने के स्वीकृत Marathi News सोशल9 बिहार में बढ़ने वाली है बिजली की कीमत, लेकिन सरकार ने इनको दी है बड़ी राहत इतना ही नहीं अगर आप बिजली का बिल Paytm से भरते हैं तो आप वॉशिंग मशीन, बाइक, फ्रिज और एलईडी बल्ब भी जीत सकते हैं। दिल्ली में ज्यादातर लोग समय से बिजली का बिल जमा नहीं करते, जिसकी वजह से बिजली कंपनी को काफी नुकसान होता है। इस नुकसान को कम करने के लिए कंपनी ने यह ऑफर शुरू किया है। कंपनी ने यह लोग समय पर बिजली बिल जमा कराए इसके लिए शुरू की है। CAprep18 बेस्‍ट ऑफ सो सॉरी #Superfoods: मोटापे से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें सोया दूध, जानें इसके फायदे Tiếng Việt हिन्दी न्यूज़ |News|मराठी|বাংলা |ગુજરાતી|ಕನ್ನಡ|தமிழ்|తెలుగు|മലയാള दीपिका पादुकोण Retweeted Bollywood नशों के खिलाफ जंग में उतरे ओलिम्पिक पदक विजेता और पंजाबी गायक Add your thoughts about any Tweet with a Reply. Find a topic you’re passionate about, and jump right in. स्वास्थ्य भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन हेतु मध्यरात्रि पट खुले जम्मू एसी और रेफ्रिजरेटर पर 28 प्रतिशत का कर लगेगा, वहीं जीवनरक्षक दवाओं को पांच प्रतिशत के कर स्लैब में रखा गया है। सभी पूंजीगत सामान के लिए कर की दर 18 प्रतिशत होगी, जो अभी 28 प्रतिशत है। दूध व दही को कराधान से छूट जारी रहेगी जबकि मिठाई पर पांच प्रतिशत शुल्क लगेगा। दैनिक उपभोग की वस्तुओं जैसे चीनी, चाय, काफी (इंस्टेंट काफी के अलावा) व खाद्य तेलों पर पांच प्रतिशत की सबसे कम कर दर आयद होगी जो कि लगभग मौजूदा स्तर पर ही है। जीएसटी के कार्यान्वयन के बाद विशेषकर गेहूं व चावल सहित अनाजों की कीमतों में कमी आएगी क्योंकि इन्हें जीएसटी से छूट दी गई है। मुजफ्फर नगर Saturday,18 Aug 2018 0 बिल वसूली की धीमी रफ्तार, 86.97 से केवल 90.08 फीसद हुई। केजरीवाल सरकार का दावा है कि दिल्ली में पिछले 4 सालों से बिजली की कीमतें नहीं बढ़ी हैं. जानकार कहते हैं कि दिल्ली सरकार के इस दावे में दम नहीं है क्योंकि बिजली के रेट पिछले सालों में सीधे तौर पर भले न बढ़े हों लेकिन 3.70 फीसदी पेंशन फंड के नाम पर सरचार्ज लगाया गया था. यानि 100 रुपये पर तीन रुपये सत्तर पैसे. FROM WEBBest Banks for Non Resident Indians (NRIs)Ad: CRITICSUNIONTake a step closer towards your [email protected]$ 150 p.m#HappyEMIsAd: Godrej EmeraldBook 2/3 Bhk at Shapoorji Pune at Rs 45,000Ad: Joyville by Shapoorji PallonjiFROM NAVBHARAT TIMESराहुल गांधी और इस लड़की की जोड़ी का सच क्या है?स्तन के नौ प्रकारदेखें, अर्जेंटीना, पुर्तगाल के बाद स्पेन का सफर भी खत्मFrom The Web मोदी सरकार की महत्वकांक्षी प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना या सौभाग्य योजना के तहत गरीब घरों को मुफ्त में बिजली का कनेक्शन दिया जाना था लेकिन बिजली की खपत जितना मीटर में उठे उसके हिसाब से देना था. इससे आर्थिक रुप से कमजोर घर शायद ही बिजली की खपत कर पाते. Insulation दंगों में भाजपा दूध की धुली है तो प्रकाश कमेटी रिपोर्ट को कूड़ेदान में क्यों डाल दिया : भूपेंद्र सिंह हुड्डा निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ? सापेक्षिक आर्द्रता विभागीय सेवा नियम पत्रिका रांची पावर कॉरपोरेशन की चारों बिजली कंपनियों के उपभोक्ताओं पर रेग्युलेटरी सरचार्ज प्रथम अलग-अलग लागू है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम में सबसे ज्यादा 2.84 फीसदी। एक हजार रुपये पर करीब 28 रुपये, दक्षिणांचल में 1.14 फीसदी। एक हजार पर 11 रुपये, पूर्वाचल के 1.03 फीसदी। कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - ऊर्जा कंपनियों की सूची कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - विद्युत लागत कैलकुलेटर कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - गैस और इलेक्ट्रिक आपूर्तिकर्ता
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