फर्रुखाबाद जीएसटी परिषद की चल रही बैठक में जो फैसला किया गया है उसके अनुसार केश तेल, साबुन व टूथपेस्ट जैसे आम उपभोग वाले उत्पादों पर 18 प्रतिशत की जीएसटी या एकल राष्ट्रीय बिक्रीकर दर लागू होगी। इन उत्पादों पर इस समय कुल मिलाकर 22-24 प्रतिशत कर लगता है। परिषद की इस दो दिवसीय बैठक के पहले दिन छह चीजों को छोड़ अन्य सभी वस्तुओं पर 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की कर दर तय कर दी है। कारों पर जीएसटी की सबसे ऊंची दर लगेगी। इसके अलावा इस पर एक से 15 प्रतिशत का उपकर भी लगेगा। छोटी कारों पर 28 प्रतिशत की ऊपरी कर दर के साथ एक प्रतिशत का उपकर लगेगा। मध्यम आकार की कारों पर तीन प्रतिशत का उपकर और लग्जरी कारों पर 15 प्रतिशत का उपकर लगेगा। बदलाव से खिलाड़ी असुरक्षित महसूस नहीं करते : विराट कोहली प्रद्युम्न हत्या मामला: खून से लथपथ गर्दन पर हाथ रखें टॉयलेट से बाहर रेंगते हुए आया था प्रद्युम्न Sat, 18 Aug 2018 03:30 PM IST उत्तर प्रदेश में स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने बिजली की नई दरों का ऐलान कर दिया है. अब उपभोक्ताओं को ज्यादा बिल देना होगा. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए औसत बढ़ोतरी 12 फीसदी होगी. ये फैसला निकाय चुनाव खत्म होने के अगले ही दिन आ गया. विपक्ष इस बढ़ोतरी को तानाशाही भरा कदम बता रहा है. Reply उपभोक्ता फोरम का फैसला, पावर निगम को रिटायर्ड इंजीनियर के बिलों में... https://www.bbc.com/hindi/india/2013/03/130319_mahindra_reva_electric_car_pn Web Title electrical regulatory commission new electricity rate in uttar pradesh नियमित बिजली बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ेगा भार Updated on 7/13/2017 Related Links श्रीलंका ने दक्षिण अफ्रीका को 178 रनों से हराया यह भी पढ़ें बब्लू झा Dailyhunt VIDEO: पर्वतीय किसानों को हाईकोर्ट से तोहफ़ा, नॉन ज़ेड-ए ज़मीन पर मिलेगा हक भविष्य 'दृष्टि द विज़न' संस्थान वकील प्रसाद महतो रायपुर « Jul     ऊर्जा बचत योजना परियोजना संबंधी नीति Hindi News Business Business News In Hindi Power Companies Without Wilful Defaulter Tag Can’t Be Taken To Nclt उत्तरी भारत बहरहाल अटल जी ने झारखंड राज्य को एक समृद्ध राज्य के रूप में बनाने का सपना देखा था। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जिस मकसद में झारखंड का गठन हुआ था वह पूरा हुआ या नहीं। राज्य के विकास के पैमाने को देखकर लगता है कि शायद राज्य को जिस मकसद से अलग किया गया था वह पूरा नहीं हुआ। ऑप्टिकल जांच आगामी कारखाना भ्रमण UP में भारी बारिश का कहर जारी, अब तक इतने लोगों की हुई मौत राहुल गांधी संसद में दे रहे भाषण, देखियें 10 प्रमुख बातें Delhi rooftop solar cheaper than electricity bill! समुदाय Author सरकार अगले दो सालों में देश भर में सभी घरों को रोशन करने की योजना के लिए तैयार है। सरकार देश में बिजली के बिना जीने वाले परिवारों की संख्या की पहचान करने के लिए जीपीएस जैसी तकनीक के कई मॉडल का उपयोग कर रही है। विंग्स अगर आप बेरोजगार है तो, POST OFFICE दे रहा है FRANCHISE खोलने का मौका ! POST OFFICE FRANCHISE तस्वीरें कुणाल सिंह Radar जन गण मन की बात, एपिसोड 289: अटल बिहारी वाजपेयी का राजनीतिक जीवन विशेष विवरण: मापने का क्षेत्र पोर्टफोलियो आईएफएस चक्रधरपुर ईमेल त्योहारों के मौसम में फ्लिपकार्ट और अमेजॉन लेकर आ रही बिग सेल 800 करोड़ रुपए का निवेश करेगी सुपरटेक, इस साल ग्राहकों को 10,000 फ्लैट देने का लक्ष्य Time: 2018-08-18T05:27:18Z 24 Views 1- 100            5.60 स्कूल विद्यार्थियों के लिये टिप्स Col rai‏ @col_rai 18 Aug 2015 URL: https://www.youtube.com/watch%3Fv%3DcsuXcP95mz8 केरल में बाढ़ से बिगड़े हालात, PM मोदी का... इन कई सालों में, आरएसओपी राज्य स्तरीय विद्युत उपयोगिताओं की प्रचालनीय तथा स्थानीय विशिष्ट समस्याओं का सामना करने हेतु मुख्य साधन के तौर पर विकसित हुआ है। इन कई पहलों में अनु एवं वि तत्व अपेक्षाकृत कम है । अतः किसी भी आरएसओपी परियोजना में औसत निवेश अधिक नहीं है । फिर भी इसमें उपयोगिता स्तर पर स्थानीय विशिष्ट समाधान खोजने के लिए अभिनव भावना को जिंदा रखा है । मुंबई। अगर आप समय पर अपना फोन और बिजली का बिल देते हैं तो हो सकता है कि यह रिकॉर्ड आपके भविष्य मेें काम आ जाए। क्योंकि आपको बैंक लोन देते समय ब्याद दर कम कर सकता है। एनबीटी की की एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर आप समय पर अपना फोन और बिजली बिल देते हैं तो इसका फायदा होम लोन पर कम ब्याज दर के तौर पर मिल सकता है। नियमों में ढील मिलने से बिजली की कमी होने पर भी कंपनियों को महंगी बिजली नहीं खरीदनी पड़ेगी। जबकि वर्तमान में समझौता नहीं होने की वजह से कंपनियों को निर्धारित उत्पादन की स्थिति में ग्रिड से बिजली खरीदनी होती है, जिसमें स्पॉट रेट की वजह से कीमतें समान नहीं रहती हैं।   अटल जी के यह 9 निर्णय जिन्होंने देश की किस्मत बदल दी कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी कि वह अपनी जलशक्ति का उपयोग तथा विकास सरकारी तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से करेगा। राज्य की जल-विद्युत बनाने की नीति अक्टूबर 2002 को बनी। उसका मुख्य उद्देश्य था राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाया जाय और उसकी बनाई बिजली राज्य को ही नहीं बल्कि देश के उत्तरी विद्युत वितरण केन्द्र को भी मिले। उसके निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं के कार्यांवयन की बांट, क्रिया तथा पर्यावरण पर प्रभाव को जाँचने तथा निरीक्षण करने के बाद पता लगा कि 48 योजनाएं जो 1993 से 2006 तक स्वीकृत की गई थीं, 15 वर्षों के बाद केवल दस प्रतिशत ही पूरी हो पाईं। उन सब की विद्युत उत्पादन क्षमता 2,423.10 मेगावाट आंकी गई थी, लेकिन मार्च 2009 तक वह केवल 418.05 मेगावाट ही हो पाईं। इसका कैग के अनुसार मुख्य कारण थे भूमि प्राप्ति में देरी, वन विभाग से समय पर आज्ञा न ले पाना तथा विद्युत उत्पादन क्षमता में लगातार बदलाव करते रहना, जिससे राज्य सरकार को आर्थिक हानि हुई। अन्य प्रमुख कारण थे, योजना संभावनाओं की अपूर्ण समीक्षा, उनके कार्यान्वयन में कमी तथा उनका सही मूल्यांकन, जिसे उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को करना था, न कर पाना। प्रगति की जाँच के लिए सही मूल्यांकन पद्धति की आवश्यकता थी जो बनाने, मशीनरी तथा सामान लगने के समय में हुई त्रुटियों को जाँच करने का काम नहीं कर पाई, न ही यह निश्चित कर पाई कि वह त्रुटियाँ फिर न हों। निजी कंपनियों पर समझौते की जो शर्तें लगाई गई थीं उनका पालन भी नहीं हो पाया। भास्कर के पाठकों के लिए पहली तस्वीर 5.95             4.50 विश्व की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार भारत में चित्तौड़गढ़ सुनील ग्रोवर “स्वाधीनता पर्व” की संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित, विधायक डॉ.मोहन यादव हुए शामिल 16/08/2018 पारेषण PHOTOS: मन से भावुक कवि, कर्म से राजनेता अटल बिहारी... Madhya Pradesh #एशियन गेम्स 2018 Madhya Pradesh Scheme संग्रह सिंह Desh उन्होंने कहा कि बैठक के पहले दिन 1211 में से छह को छोड़कर बाकी सभी वस्तुओं के लिए जीएसटी दर तय कर ली गई। परिषद कल सोना, फुटवियर, ब्रांडेड आइटम व बीड़ी के लिए कर की दर तय करेगी। उन्होंने कहा,' बाकी के लिए दरों को अंतिम रुप दे दिया गया है।' इसी तरह पैकेज्ड खाद्य वस्तुओं के लिए जीएसटी अभी तय की जानी है। उन्होंने कहा कि कल की बैठक में सेवाओं पर कर की दर भी तय की जाएगी। मिथुन राशि वालों आज भगवान में गहराई से आपकी आस्था बढ़ेगी। आज राजनीति में आपका रुतबा बढ़ेगा।...Read more भारत ने अटल जी को दी श्रद्धांजलि चित्तौड़गढ़ और भी…बॉलीवुड साइबर संसार नाम निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा? योगदानकर्ता राजस्थान में राहुल गांधी चुनाव से पहले करेंगे कई रोड शो,… एचटी आपूर्ति         5.98 से 6.35 के बीच पूरे वर्ष का राजस्व संग्रह 8000 करोड़ पर पहुंचा : बिजली कंपनी के आकलन के अनुसार शनिवार को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष राजस्व संग्रह 8000 करोड़ तक पहुंच गया है। फरवरी तक यह 6700 करोड़ रुपए था और मार्च में देर शाम तक 1300 करोड़ रुपए के राजस्व संग्रह की रिपोर्ट मिल चुकी थी। जबकि पूर्व के वित्तीय वर्ष में बिजली कंपनी का राजस्व 5800 करोड़ रुपए था। बिजली कंपनी ने इस राशि में सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को सब्सिडी मद में उपलब्ध कराए जाने वाली राशि नहीं जोड़ी है। यह राशि लगभग 3000 करोड़ रुपए है। अप्रैल माह से प्रदेश में बिजली महंगी हो जाएगी। राज्य की विद्युत कंपनियों के टैरिफ प्रस्ताव पर बुधवार नियामक आयोग अपना फैसला सुना दिया है। बिजली की नई दरें अप्रैल माह से लागू होंगी। बिजू स्वास्थ्य कल्याण योजना ओडिशा यूनिवर्सल हेल्थकेयर योजना About the author (a)    Environmental up-gradation by substitution of Kerosene for lighting purposes लाइव मराठा आरक्षण फिर हुआ हिंसक, युवक की आत्महत्या के बाद बवाल भारत की सबसे बड़ी एसयूवी बनाने वाली कंपनी महिंद्रा ने अपनी बिजली से चलने वाली कार रेवा ई2ओ पेश कर की है. माना जा रहा है कि ये दुनिया की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार है. केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री आर.के. सिंह ने कहा कि देश में 3 करोड़ 60 लाख परिवार ऐसे थे, जिनके घर में बिजली नहीं थी। इनमें से 78 लाख परिवारों तक बिजली पहुंचा दी गई है। शेष बचे सभी घरों को इसी साल के 31 दिसम्बर तक बिजली पहुंचा दी जाएगी। केंद्र सरकार इस दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।  How Super-Efficient BLDC Fans Can Reduce Electricity Bills by 65% उपभोक्ताओं को छूट अकाउंट एंड सेटिंग योगी ने राहुल पर बोला हमला, कहा इनकी हरकतों की वजह से ही इन्हें नकार चुकी है जनता जन मंगल आवास् योजना       भारत के पीसी मार्केट में 28 फीसदी की ग्रोथ, अल्ट्रा स्लिम नोटबुक ने बढ़ाई मांग 51 mins बिजली कंपनी ग्वालियर व भोपाल रीजन में उन अधिकारियों को 15 अगस्त को सम्मानित कर रहा है, जिन्होंने अपने डिवीजन व जोन में लाइनलॉस नीचे लाया है। चोरी पर लगाम लगाई है और कंपनी का राजस्व बढ़ाया है। बकाया भी वसूल किया है। ग्वालियर सिटी सर्कल में नगर संभाग उत्तर का नाम पुरस्कार के लिए भेजा गया है। जोन में चावड़ी बाजार व रोशनी घर जोन का नाम भेजा गया था। 15 अगस्त को पुरस्कार के लिए इनके नाम का चयन हो गया है, जबकि इन जोनों ने उपभोक्ताओं के साथ बड़ा धोखा किया है। औसत बिल व आंकलित खपत के बिल देकर अवैध उगाही कर ली गई और लॉस को नीचे दिखाया गया हैं। आपके डाटा से किसी और का मुनाफा क्यों? हाईकोर्ट के फैसले पर एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि इससे बैंकों को स्ट्रेस्ड एकाउंट्स के रिजॉल्यूशन के लिए अधिक समय मिलेगा। कुमार ने बताया, 'बैंक कुछ बिजली कंपनियों के साथ लोन रिजॉल्यूशन पर बात कर रहे हैं।' ऊर्जा मंत्रालय इस योजना के कार्यान्वयन प्राधिकरण होगा। बैंकिंग और लोन Privacy Google plus अखिलेश यादव ने खास अंदाज में पूर्व पीएम अटल को किया याद, कही ये बातें Business परिवार में एक सदस्य का पंजीयन जरूरी Advertise with Us| Top Ten Appliances शहरी इलाकों में सरकार आवास के निर्माण एवं खरीद के लिए मदद करती है। इसके तहत लोन में ब्याज पर छूट मिलती है और कुछ राशि की मदद भी मिलती है। यूपीए के दौर में यह स्कीम राजीव गांधी आवास योजना के नाम से चल रही थी। About Naidunia डायबिटीज, ब्‍लड प्रेशर और कैंसर की दवाओं के तय होंगे दाम, इस सूची में होंगी कुल 92 दवाएं twitter यात्रा उदय निम्नदाब कृषि उपभोक्ता Latest Govt Jobs ©Copyright Indicus Netlabs 2018. Raftaar ® is a registered trademark of Indicus Netlabs Pvt. Ltd. Jio Phone 2 लॉन्च: जानिए कीमत, जरूरी बातें चन्दन जयसवाल China News युवा एवं खेल सौभाग्य बिजली योजना (Pradhan Mantri Sahaj Bijli Har Ghar Yojana )के कुछ मुख्य आकर्षण यह नीचे दिए गए हैं:- First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! Illustrated Guides – Literary Elements • Literary Genres • Shakespeare Plays • Influential People • Innovations • Mythology • Astronomy • Business Terms • Design Thinking Terms Footer Uttarakhand News भारतखेलदिल्लीमूवी-मस्तीNBT ब्लॉगमुंबईजोक्सअपना ब्लॉगलखनऊटेकघर-परिवारअन्य शहरऑटोफोटो धमालदुनियाबिज़नस ETसंडे NBTराशिफलविचारNBT मोबाइलNBT ऐप लोग और जीवनशैली डीडीएसआई -168-ए प्रीपेमेंट मोड चयन के साथ एक एंट्री लेवल कम कीमत एकल चरण इलेक्ट्रिक मीटर है। यह बिल्ड-इन कॉन्टैक्टर या लोड स्विच है जो बिजली थ्रेशहोल्ड, क्रेडिट की समाप्ति और छेड़छाड़ की पूर्व निर्धारित सीमा पर डिस्कनेक्ट करता है। मीटर कम आय आवासीय वातावरण के लिए है। कम कीमत के रूप में, मीटर अभी भी सुविधाओं में अमीर है, द्वि-दिशात्मक और तटस्थ माप का समर्थन, बहु दर और टैरिफ योजनाओं, और एक इंफ्रारेड ऑप्टिकल पोर्ट के माध्यम से पूछताछ किट के साथ डेटा विनिमय। अक्टूबर 25, 2017 जॉब्स Health & Fitness राज्यसभा टीवी डिस्कशंस कृषि योजनाएं बिजली निगम के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर मुकेश गुप्ता का कहना है कि यह माफी तभी मिलेगी जब वह एक साल तक नियमित तौर पर बिल अदा करते रहेंगे। अगर करोड़ों रुपये के बकाया बिल की रिकवरी हो जाती है तो शहर में पावर हाउस सहित बिजली लाइनों के की मरम्मत आसानी से हो सकेगी। राजस्व बढ़ने के साथ ही बिजली यूनिट भी सस्ती हो सकती है। इससे लोगों को गर्मी में पर्याप्त बिजली भी मिल सकती है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि घाटे का सौदा लंबे समय तक सहन नहीं कर सकते हैं। रिमाइंडर के बाद बकाया वसूल नहीं होता है तो कनेक्शन काटने की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा। अगर कोई विभाग शर्त पर खरा नहीं उतरता है तो उसे इस स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा। सरकारी विभागों पर करोड़ों के बकाया से पब्लिक पर गलत असर पड़ता है। ऊर्जा लागत की तुलना करें - उपयोगिता प्रदाता ऊर्जा लागत की तुलना करें - सस्ता पावर कंपनी ऊर्जा लागत की तुलना करें - ऊर्जा रेटिंग
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