इंडियन ऑयल के मुताबिक करीब 70 फीसदी लाभार्थियों ने एलपीजी चूल्हा और पहली बार गैस भरवाने के शुल्क के लिए ओएमसी से ब्याज रहित लोन लिया है. योजना के तहत हर बार गैस भरवाने पर सब्सिडी के तौर पर कटने वाली रकम से इस लोन को चुकाया जाता है. इसलिए 70 फीसदी उज्ज्वला योजना के लाभार्थी बाज़ार भाव पर सिलेंडर खरीदते हैं जब तक उनका लोन चुकता नहीं हो जाता है. खंडवा: एवरेज रीडिंग लेकर बिल थमाकर उपभोक्ता की सेवा में कमी करने पर फोरम ने बिजली कंपनी पर जुर्माना लगाया है। उपभोक्ता फोरम ने बिजली कंपनी को उपभोक्ता को 3000 रुपए देने को कहा है। ४. योजना का फायदा उन उपभोक्ता को भी मिलेगा, जिन पर बिजली चोरी का प्रकरण दर्ज किया हो, प्रकरण न्यायालय में चल रहा हो, तथा जिनके कनेक्शन बिजली कंपनी ने काट दिए हो। Q देखें टेस्ट सीरीज HOME 0-200 यूनिट Money Today BSES सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति योजनाओं का समयबद्ध रूप से कार्य करने में सबसे बड़ा अवरोध बनी। वन भूमि अधिग्रहण में देखा गया कि 85 दिनों से लेकर 295 दिनों की देरी हुई। कुछ योजनाओं में बिजली की निकासी (ट्रांसमिशन) का सामान समय पर नहीं लगाया गया, जिस कारण आर्थिक हानि हुई तथा राज्य को राजस्व नहीं मिल पाया। सरकार को एक अधिकारी समिति का गठन करना चाहिए था जो योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण, वन विभाग से आज्ञा तथा लोगों के पुनर्वास का काम की देख-रेख करती। यह आवश्यक था कि विजली की निकासी (ग्रिड तक पँहुचाने) का काम योजनाओं के पूरा होने से पहले कर लिया जाता। चिंताओं के विषय थे योजनाओं का पूर्व में जाँच-परख न हो पाना, त्रुट्पिूर्ण योजना कार्य तथा खास तौर पर अनुश्रवण या समय-समय पर विभागीय अधिकारियों या उत्तराखंड जल-विद्युत निगम द्वारा समीक्षा न हो पाना। सबसे चिंताजनक बात थी पर्यावरण के प्रति लापरवाही, जिसका सबसे अधिक कुप्रभाव देश के संसाधनों पर पडा। माफ़ कीजिए आप जो खबर ढूंढ रहे हैं , वह उपलब्ध नहीं है दिसंबर 2017 में 73,878.73 करोड़ से बढ़कर फरवरी 2018 में ये 75,572 करोड़ की राशि तक पहुंचा और अब 80,000 करोड़ की राशि को पार कर गया है. वित्तीय भागीदारी में शामिल होने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है. निवेशक फर्रूखाबाद गोपनीयता की नीति पॉलिटिक्स सरायकेला- खरसावां भाजपा जिला महामंत्री चुनाव आयोग के फैसले के बाद अब शरद गुट ने नीतीश के खिलाफ किया बड़ा ऐलान…. जैसलमेर back home न्यूज निचोड़ At 7PM: बेटी ने दी मुखाग्नि तारा देवी Serbian Српски/Srpski टॉप न्यूज़ बिजली कंपनियां अगर बिजली उत्पादक कंपनियों से कम दाम पर बिजली खरीदती हैं तो उन्हें इसके बदले इंसेंटिव मिल सकता है। दिल्ली इलैक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी अथॉरिटी (डीईआरसी) इस योजना पर विचार कर रही है। अभी इस संबंध में सभी की राय ली जा रही है। फाइनल होते ही इसके बारे में ऑर्डर जारी कर दिए जाएंगे। इससे बिजली कंपनियों के साथ ही कंस्यूमर को भी फायदा होगा, क्योंकि इससे उनका बिल का बोझ कुछ कम होगा। अटलजी को श्रद्धांजलि देने जा रहे अग्निवेश की भाजपा मुख्यालय के बाहर पिटाई 10 mins कैलेंडर 2018 देश का विदेशी पूंजी भंडार बड़ी गिरावट, एक सप्‍ताह में 1.82 अरब डॉलर की आई कमी हिमाचल में भारी बारिश से तबाही, मलबे ने रोकी रफ्तार श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर स्टेट पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जेकेएसपीडीस) के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई वरिष्ठता सूची बिजली कंपनी के ठेकेदार रवींद्र सिंह जादौन ने 25 अप्रैल को मोतीझील स्थित बिजली कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक ऑफिस में जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी थी. ठेकेदार ने 9 साल पहले पुरानी छावनी क्षेत्र में बिजली कंपनी के लिए काम किया था. 9 साल तक बिजली कंपनी से अपने 3 लाख 73 हजार रुपए के भुगतान के लिए रवींद्र भटकते रहे. सीएम से लेकर बिजली कंपनी और प्रशासन से शिकायतें कीं. शिकायतें इतनी कीं कि उनकी पावतियों से बक्सा तक भर चुका था. रवींद्र ने एक विस्तृत सुसाइड नोट भी छोड़ा था जिसमें शुरु से आखिर तक की पूरी पीड़ा लिखी थी. नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ.पीजी नाजपांडे और एमए खान ने याचिका में कहा, बीपीएल कार्डधारकों और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को 200 रुपए प्रतिमाह में बिजली दी जा रही है। एक जुलाई तक इनके बकाया बिजली बिलों को भी माफ किए जा रहे हैं। योजनाओं से बिजली वितरण कंपनियों का बजट पर प्रभाव पड़ेगा, और इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा, बिजली की दरें बढ़ेंगी और आम जनता को महंगी बिजली लेनी पड़ेगी, सरकार ने सिर्फ आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए ये योजनाएं लाई है| याचिकाकर्ता ने तर्क दिया गया है कि इसी तरह नि:शुल्क बिजली देने के खिलाफ 2003 में याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। तब कोर्ट ने तत्कालीन सरकार को 100 करोड़ रुपए चुकाने के निर्देश दिए थे। इस निर्णय के अनुसार सरकार को बिजली कंपनियों को 5179 करोड़ रुपए जमा करने के बाद ही ये योजनाएं लागू करने का हक है। जबकि हाइकोर्ट ने 13 जुलाई 2018 को इस संबंध में दायर उनकी याचिका खारिज कर दी।  इसके पीछे राजनीतिक लाभ लेने की मंशा स्पष्ट है। लिहाजा, हाईकोर्ट को अग्रिम राशि जमा करवानी चाहिए थी। पूर्व में ऐसा किया जा चुका है। चूंकि हाईकोर्ट ने जनहित याचिका खारिज कर दी, अत: उस आदेश को पलटवाने सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। इस बारे में जनहित याचिका खारिज होने के दिन ही घोषणा कर दी गई थी। राशिफल: जानें कैसे रहेंगे 18 अगस्त को आपके सितारे मैनपुरी आॅफ द रिकार्ड: जब PM मोदी ने महिला सांसद को वीडियो रिकॉर्डिंग करने पर डांटा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने सरकारी विभागों के लिए सरचार्ज माफी योजना शुरू की है। इस योजना का लाभ सरकारी विभाग 31 मार्च तक उठा सकते हैं। इसके लिए सभी डिफॉल्टरों को तय समय में अपना पुराना बकाया जमा करना होगा। साथ ही आगामी एक साल तक समय पर पूरा बिल अदा करना होगा। कातिल की गिरफ्तारी को लेकर मारवाड़ी कॉलेज के छात्र छात्राओं ने किया सड़क जाम क्राइम श्रेणी कुल टैरिफ सब्सिडी वास्तविक देय प.बंगाल यूपी   Android मुख्‍य सामग्री पर जाएं नागरिक अधिकार जिले की अब तक कि सबसे बड़ी विद्युत प्रसारण योजना का काम अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। 400 केवी डबल सर्किल बाड़मेर से भीनमाल तक की 144 किलोमीटर लंबी लाइन में 399 हाई टेंशन टॉवर लगने के कार्य हो रहे हैं। 139.02 करोड़ रुपए की इस परियोजना में अब तक 377 टॉवर लग चुके हैं। राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम बाड़मेर के निर्माण कार्य विभाग के सहायक अभियंता सवाई सिंह खत्री के अनुसार बाड़मेर के गेहूं गांव में जिले इकलौते 400 केवी सब स्टेशन से भीनमाल तक की इस 400 केवी डबल सर्किल बाड़मेर से भीनमाल लाइन का काम जुलाई 2016 में शुरू हुआ था। यह काम अगस्त में पूरा हो जाएगा। डिस्कॉम की कनिष्ठ अभियंता स्नेहा राजपुरोहित के मुताबिक इस काम की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। इस काम के पूरे हो जाने के बाद बाड़मेर भीनमाल-सिरोही, उदयपुर से देबारी विद्युत चक्र से जुड़ जाएगा। यहां की उत्पादित विद्युत के त्वरित प्रसारण के साथ निर्बाध बिजली सप्लाई होगी। Save list Hindi हिन्दी गैलरी चौपाल केरल बाढ़: अब तक 167 की मौत, सीएम विजयन ने दी जानकारी, 13 जिलों में रेड अलर्ट अनुसूचित जाति/ जनजाति अधिकार मंच ने किया अजमेर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन [email protected] इमेज कॉपीरइट PTI नागालैंड हमारा मंदसौर 12 अगस्त 2018 sir fix charged jo badha diye uska kya ? इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp मनीष जयसवाल बिजली बनाने के बजाय खरीदकर बेचना लाभ का सौदा, जाने कैसे मनीष सिसोदिया के खिलाफ मानहानि की शिकायत खारिज Rate Card 15 अगस्त से पहले दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम पर ग्राउंड रिपोर्ट Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 13, 2018, 02:15 AM IST जीवन-शैली स्वच्छता और स्वास्थ्य विज्ञान न्यूज निचोड़ At 11 AM : तीन तलाक बिल पर निर्णायक दिन गिव जंगानेह बताते हैं, "हमारी तकनीक पंप स्टोरेज प्लांट की तुलना में 20 से 30 फीसदी सस्ती है. इसके अलावा हमें बड़े बांध और बड़े जलाशय बनाने की भी जरूरत नहीं है जो प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करता है. ये पूरे का पूरा स्टोरेज पहाड़ के अंदर बना है. इसका फायदा न सिर्फ आर्थिक तौर पर है बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी. " वजन: 750 ग्राम June 2017 6 7 8 9 10 11 12 एक तरफ घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं, वहीं पीथमपुर सेज के उद्योगों को इससे राहत दी गई है। सेज के उद्योगों को लगातार तीन साल से केवल 3 रुपए 35 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है जो जारी रहेगी। कांग्रेस बिजली की दरें बढ़ाने का लगातार विरोध कर रही है। समस्त गिरिडीह वासियो को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं अनुसंधान और विकास Business HomeBIHARआपका प्रदेशगुड न्यूज : बिहार में बिजली कंपनी निकालने जा रही है 1200 पदों पर बहाली बारां 500 साल पहले कोलंबस ने चंद्र ग्रहण का डर दिखाकर लोगों को ऐसे बनाया था... पात्र उपभोक्ता सोलर रुफटाप को सरकार दे रही है बढ़ावा बैटरी परीक्षण प्रयोगशाला जल्द ही ‘नागिन 3’ में होगी प्रिंस नरुला की एंट्री जोधपुर Hindi News »Madhya Pradesh »Neemuch» 1.25 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगी सस्ती बिजली परीक्षा का प्रारूप पैसा About us शक्तिपीठों में श्रावण अष्टमी मेले शुरू, जानिए इस बार का नया ट्रैफिक... मध्यप्रदेश के इन दो जिलों के 120 होटल संचालकों को नोटिस   सलमान खान की लग्जीरियस वैनिटी वैन में है मेकअप और स्टडी रूम, भारत के प्रोड्यूसर ने शेयर किए फोटो 49 mins गाज़ियाबाद नवभारत टाइम्स | Updated:Dec 18, 2011, 06:05AM IST 9- विद्युतीकरण योजना.. एक हजार के बिल पर लगभग 22 रुपये तक कमी: रेग्युलेटरी सरचार्ज में कटौती का सबसे ज्यादा फायदा मध्यांचल के उपभोक्ताओं को मिलने जा रहा है। मध्यांचल में 2.84 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज की जगह अब केवल 0.73 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज बिजली बिल पर वसूल किया जा सकेगा। यानी 1 हजार रुपये के बिल पर उपभोक्ताओं को लगभग 22 रुपये के रेग्युलेटरी सरचार्ज देने से राहत मिलेगी। अपने बिटकॉन्स के साथ एक कार खरीदें: वाहन बाज़ार बीपी क्रिप्टोकुरेंसी को अपनाता है सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सबसिडी की राशि बिजली कंपनियों के खाते में भेज दी जाएगी। इसे बिजली कंपनियां उपभोक्ताओं के बिल से समायोजित कर लेंगी। साथ ही, बिजली कंपनियों को सूचित कर दिया गया है कि उपभोक्ताओं को सबसिडी का वास्तविक लाभ मिलने की बात पुष्ट करने के लिए सरकार बिजली कंपनियों का किसी स्वतंत्र एजेंसी से विशेष ऑडिट करा सकती है। आॅफ द रिकार्ड: अमित शाह ने बदली 75 साल आयु सीमा की नीति कमल किशोर प्रतिक्रिया दें राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति-2018 IBPS: बैंक में नौकरी चाहिए तो ये एक्सपर्ट टिप्स आएंगे काम सीएचसी चंदनकियारी Spanish Español कजरा व पीरपैंती में लगने हैं ढाई-ढाई सौ मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट Delhipower rateDelhi Electricity RateDERCदिल्ली टेक वर्ल्ड होम » उत्तर प्रदेश » लखनऊ ईमेल विराट कोहली JNVST Results 2018 For Class 6th, 9th, 11th Exam Released – Navodaya Vidyalaya Selection List सस्ते विद्युत आपूर्ति - ऊर्जा कंपनियां सस्ते विद्युत आपूर्ति - विद्युत कंपनियां सस्ते विद्युत आपूर्ति - मुफ्त बिजली
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