10 मार्च 2013 सूचक: नेतृत्व में सटीकता: कक्षा 1 एस एमओपी के तहत संगठन सस्ते खनन बिजली की समाप्ति के बारे में बयान से संकेत मिलता है कि सिचुआन इलेक्ट्रिक पावर कंपनी ने एक परिपत्र जारी किया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह अब अपने ग्रिड से जुड़े जल विद्युत स्टेशनों से आवश्यक शक्ति प्रदान नहीं करेगा। परिपत्र का सुझाव है कि बिटकॉइन खनन 'अवैध संचालन' है 'सर्कुलर अभी तक पुष्टि की जानी है। | इसी तरह छोटे (एलटीएस) व बड़े उद्योग (एचटीएस) के उपभोक्ताओं को भी सस्ती बिजली मिलेगी. कंपनी ने अपने प्रस्ताव में लो-टेंशन व हाइटेंशन के उपभोक्ताओं के लिए दर कम करने का प्रस्ताव दिया है. हालांकि एलटीएस-एचटीएस में फिक्स चार्ज बढ़ाने का प्रस्ताव है. एलटीएस में 200 के स्थान पर 220 रुपये प्रतिमाह तो एचटी में 300 के स्थान पर 500 रुपये प्रति किलोवाट/माह का प्रस्ताव है. अवकाश पंचांग स्‍पेशल म.प्र नाबालिग से दुष्‍कर्म पर फांसी का प्रावधान करने वाला प्रथम राज्‍य -राज्यपाल, राष्‍ट्रपति पदक प्राप्‍त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से भेंट 16/08/2018 बिजली कंपनियां अगर बिजली उत्पादक कंपनियों से कम दाम पर बिजली खरीदती हैं तो उन्हें इसके बदले इंसेंटिव मिल सकता है। दिल्ली इलैक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी अथॉरिटी (डीईआरसी) इस योजना पर विचार कर रही है। अभी इस संबंध में सभी की राय ली जा रही है। फाइनल होते ही इसके बारे में ऑर्डर जारी कर दिए जाएंगे। इससे बिजली कंपनियों के साथ ही कंस्यूमर को भी फायदा होगा, क्योंकि इससे उनका बिल का बोझ कुछ कम होगा। बिजनेस आईईसी 62052-11: 2003; आईईसी 62053-21: 2003 दृष्टि मैगज़ीन हालांकि हाल ही में संसद में वित्त राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ला ने बताया है कि इसमें से करीब 20 फीसदी खाते निष्क्रिय पड़े हुए हैं. और 1.9 फीसदी खाते बंद हो चुके हैं. और भी…बॉलीवुड देहरादून - प्रत्यय अमृत, प्रधान सचिव, ऊर्जा विभाग  इस योजना का अपेक्षित परिणाम निम्नानुसार है: Tenders झारखंड : 98% तक महंगी हुई घरेलू बिजली, मई से लागू, 200 यूनिट के लिए पहले लगते थे 690, अब देने पड़ेंगे 1215 July 6, 2018 जीवन चक्र दीनदयाल योजना में करीब 96 करोड़ के कार्य नीति सूत्र नौवां सवाल –  इस योजना को पूरे देश में कैसे लागू किया जाएगा? Watch us at संपन्न परामर्श - डीएसडी 9ट्रेंडिंग November 2017 नाबार्ड की सौर फोटोवोल्टेक पम्पिंग प्रणाली पर मॉडल योजना ध्येय तथा मूल्य Take Me Home उद्देश्य MAJOR CITIES अब उस देवदार को देखकर अटल जी की यादें सहेजेंगे... अंबानी के ब्रॉडबैंड प्लान से मार्केट में हलचल टॉप स्‍टोरी मध्य प्रदेश  Your website: लोहरदगा मल्टीप्लेक्स Terms & Conditions | Refund & Cancellation | Privacy Policy कब और क्यों मनाई जाती है व्रत पूर्णिमा? जानिए व्रत की विधि और इसके लाभ 5 हजार करोड़ रूपए जमा करने के बाद लागू करें योजना अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न कारखाना भ्रमण राजनीति प्रशासन क्राइम बिजली-सड़क-पानी अन्य खबरें फ्यूचर नाउ लखनऊ टाइम्स ई-पेपर May 24, 2018 घरेलू 1 (ग्रामीण) 6.45 3.10 3.35 4.17 3.35 आमने-सामने उपयोग करने की शर्तें संविधान की प्रतियां जलाए जाने के विरोध में कई जगह FIR, दिल्ली में बड़े प्रदर्शन की तैयारी Submit your news रिव्यु गांवों में यह होगा असर केंद्र सरकार की कोयले से चलने वाले बिजली उत्पादन संयंत्रों को हतोत्साहित करने की नीति के कारण एनटीपीसी दिल्ली की तीनों बिजली कंपनियों को जो बिजली 4.3 रुपया प्रति यूनिट के दर से बेचता था, अब उसके दाम 3.8 रुपए प्रति यूनिट कम कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त एनटीपीसी ने अपने थर्मल पावर प्लांटों में विद्युत उत्पादन की लागत में लगभग 14 फीसद की कमी की है। इस कारण दिल्ली के उपभोक्ताओं को लगभग 20 फीसद कम दामों पर बिजली उपलब्ध कराई जानी चाहिए, लेकिन बिजली कंपनियां अभी भी महंगे दामों पर बिजली बेच रही हैं। Sat Aug 18 2018 00:25:24 GMT-0500 (Central Daylight Time) news18 hindi स्मार्ट बनिए आ रही DIWALI में, अपने Love Bird को दीजिए Diamond Jewelry रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजा प्रियंका का बंगला, हिंदू रीति रिवाज से आज होगी सगाई! 30 May 2018 | Aajtak Best LED Televisions (TV) in India सिरसा सरल बिजली बिल स्कीम जी ई आर सी डी०ई०ओ० पोर्टल क्या वाकई मक्का में होटल की बिल्डिंग गिरने से हाजी शहीद हुए 2:27 July 19, 2018 दीपिका रणवीर इटली में रचाएंगे ब्याह, मेहमानों को इस वजह से मोबाइल लाने की मनाही हेल्थ-फिटनेस 800 करोड़ रुपए का निवेश करेगी सुपरटेक, इस साल ग्राहकों को 10,000 फ्लैट देने का लक्ष्य राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने लाइन लॉस का पूरा भार बिजली उपभोक्ताओं पर न डालने की वकालत की। उन्होंने ओडिशा का उदाहरण देते हुए कहा कि बिजली कंपनियों के घाटे के आधार पर जो रेग्युलेटरी सरचार्ज लगाया जाता है। उसका 50 प्रतिशत हिस्सा उपभोक्ताओं और 50 प्रतिशत हिस्सा बिजली कंपनियों को देना चाहिए। ताकि बिजली कंपनियों की लापरवाही का खामियाजा ईमानदार उपभोक्ताओं पर न पड़े। आगंतुक संख्या: जिला भाजपा अध्यक्ष HTET नरेंद्र मोदी माइंड मैप Tweets Mobile Apps 1- 100            5.60 शहर चुनें close Google Plus हरियाणा की कुल स्थापित और अनुबंधित बिजली उत्पादन क्षमता 11,342.42 मेगावाट है। इसमें 8,322.84 मेगावाट बिजली कोयले से बनती है। 1,953.13 मेगावाट बिजली का उत्पादन हाइड्रो प्लांट, 673.12 मेगावाट बिजली गैस, 100.93 मेगावाट परमाणु और 292.4 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा से बनती है। यानी 24.67 फीसद बिजली राज्य की खुद की है। संयुक्त क्षेत्रीय प्रोजेक्ट बीबीएमबी से 7.47 फीसद बिजली हरियाणा के पास आती है। केंद्रीय ऊर्जा क्षेत्रीय उपक्रम (सीपीएसयू) इकाइयों से 26.64 फीसद और बाहरी आइपीपी (स्वतंत्र निजी निर्माताओं) से 41.20 फीसद बिजली मिलती है। share छात्राएं बोलीं, SSP सर आपकी पुलिस ही छेड़ती है हमें, DGP ने कहा Sorry Jio GigaFiber का रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें 10 बड़ी बातें बिजली के सीमापार व्यापार के लिए भारत सरकार के निर्दिष्ट प्राधिकरण, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार भारत पहली बार बिजली का निवल आयातक के बजाय निवल निर्यातक बन गया है। वर्ष 2016-17 (अप्रैल से फरवरी 2017) के दौरान भारत ने नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार को 579.8 करोड़ यूनिट बिजली निर्यात की, जो भूटान से आयात की जाने वाली करीब 558.5 करोड़ यूनिट की तुलना में 21.3 करोड़ यूनिट अधिक है। विदित हो कि सीमा पार विद्युत व्यापार प्रारंभ होने के बाद से भारत भूटान से बिजली आयात करता रहा है। भूटान भारत को औसतन प्रतिवर्ष 500-550 करोड़ यूनिट बिजली की आपूर्ति करता रहा है।  All rights are reserved by Deshbandhu. Copyright @ 2018. देशबन्धु बाहरी साइटों पर मौजूद सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. साप्ताहिक निबंध प्रतियोगिता रिलायन्स ने खुद की ही कंपनी से सस्ती बिजली खरीद कर दूसरी कंपनी को मंहगी बिजली बेच कर, जनता को लूटा #DiscomFactspic.twitter.com/pb1jCcVpt9 Das Porträt पूर्वी सिंहभूम जीना इसी का नाम है वन माफिया पर कसा शिकंजा, जीप से खैर के 22 मौछे बरामद राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सभी श्रेणियों में कुल मिलाकर औसतन 12.73 फीसदी की वृद्धि की है। विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अनुसार पावर कार्पोरेशन ने 2 दिसंबर को नई दरों का सार्वजनिक प्रकाशन कराया था। कानूनन सार्वजनिक प्रकाशन के एक सप्ताह बाद नई दरें प्रभावी हो जाती हैं। अफसरों का कहना है कि शनिवार से नई दरें प्रभावी हो जाएंगी। इसके लिए तैयारियां कर ली गई हैं। बिलिंग सॉफ्टवेयर में संशोधन आदि की प्रक्रिया पूरी करा ली गई है।     इसके लिए उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को गांव-गांव जाकर जागरूकता कैंप लगाकर लोगों को इस योजना के बारे में बताने को कहा ताकि वे इसका लाभ उठा सकें। इसके साथ-साथ इन शिविरों में ढाणियों में बिजली उपलब्ध करवाने के लिए सौभाग्य योजना की भी जानकारी लोगों को देने के संबंध में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए। माफ़ कीजिए आप जो खबर ढूंढ रहे हैं , वह उपलब्ध नहीं है नॉएडा से गोरखपुर सिर्फ 10 घंटे में पहुंचाएगा देश का सबसे लम्बा एक्सप्रेसवे 14 अगस्त 2018 उत्तर प्रदेश अन्य स्पोर्ट्स बोकारो समेत समस्त प्रदेश वासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा टेस्ट आज से, ट्रेंट ब्रिज में भारत को 11 साल से जीत का इंतजार 22 mins ऊर्जा रेटिंग - इलेक्ट्रिक कंपनी आज बदलें ऊर्जा रेटिंग - मेरे क्षेत्र में ऊर्जा प्रदाता ऊर्जा रेटिंग - इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी
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