नीतिगत सहायता उन्होंने कहा, ''शराब माफ़ियाओं को जो छूट मिली थी वह जारी रहेगी. इसी तरह बिजली का निजीकरण किया जा रहा है ऐसे में सरकार पूंजीपतियों से कोई टकराव मोल नहीं लेना चाह रही है. उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम भी निजीकरण की पटरी पर लगभग आ चुका है इसीलिए इसे जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है.'' निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ? GOVT. SPONSORED SCHEMES केबिल तथा चालक संन्यासी के पास इतना सोना कहां से आया? Government Schemes india ज्यादा बिजली खर्च करने पर लगेगा करंट जयपुर में देर रात झमाझम बारिश, मौसम हुआ ठंडा, सड़कों पर जगह-जगह भरा पानी टेक्नॉलॉजी मुंगेर विश्लेषणात्मक परीक्षण प्रयोगशाला कुंजी संबंधित ख़बरे होम अप्लाइअन्स राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 3.10 रुपये प्रति यूनिट, तो शहरी क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं को 1.48 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी देगी. मालूम हो कि राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने 24 मार्च को बिना सब्सिडी के बिजली दरों का एलान किया था, जिसमें औसतन 55% का इजाफा किया गया था. इसके बाद उसी दिन देर शाम मुख्यमंत्री की ओर से सब्सिडी जारी रखने का एलान किया गया था. अब सब्सिडी के एलान के बाद बिजली दरों में मात्र 20 फीसदी वृद्धि होगी. सदन में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बिजली बिल में प्रति यूनिट बिजली आपूर्ति लागत और सरकार द्वारा दी गयी सब्सिडी का अलग-अलग ब्योरा दिया जायेगा. जानकारों का दावा है कि बिजली कंपनियों का मुनाफा बढ़ा है. जबकि दिल्ली की तीनों बिजली कंपनियों का कहना है कि उन्हें 21000 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है जिसकी भरपाई बिजली की दरों में करीब बीस से तीस फीसदी वृद्धि करके की जा सकती है. भोपाल यूपी एवं उत्‍तराखंड Our Divisions सोलहवां सवाल –  किस तरह से, यह योजना आर्थिक विकास और रोजगार सृजन की सुविधा प्रदान करेगी? ड्यू डेट से पहले बिजली बिल चुकाने पर कुल बिल का 0.5 फीसदी छूट दी जायेगी अनुसूचित जाति कल्याण UTI PSA Das Porträt WHATSAPP Include parent Tweet Manoj Tiwari बॉलीवुड विशेष 0% टैक्स पेज 1 Coconut Grove’s single-family neighborhoods are under assault. Tree canopy is shrinking, architectural variety is disappearing, lot sizes are being diminished, homes are being demolished and the… Read more [email protected] मप्र पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी एमडी आकाश त्रिपाठी ने बताया कि अंसगठित क्षेत्र के मजदूरों के कार्ड नंबर के आधार पर घरों के बिजली खाते जोड़े जाएंगे। 100 यूनिट तक के खर्च एवं एक किलो वाट तक के कनेक्शन पर सिर्फ 200 रुपए की वसूली ग्राहकों से की जाना हैं। शेष रकम कंपनी को राज्य शासन से प्राप्त होगी, सरल बिल योजना के विभागीय काम में तेजी अगले सप्ताह से ही आएगी। जुलाई के बिल से योजना का लाभ मिलने लगेगा। इसके लिए कंपनी के सभी अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए है। इंदौर घ) शारीरिक छेड़छाड़ स्विच बीकानेर थानाध्यक्ष से ही अपराधियों ने मांगी पांच लाख की रंगदारी,… Energy Efficient Star Rated Power Inverters in India भाषा डीईआरसी की बैठक में बिजली की नई दरें तय की गईं.  डीआईआरसी ने बिजली कनेक्शन पर फिक्स चार्ज बढ़ा दिया है.2 kV के कनेक्शन पर फिक्स चार्ज 20 रुपये से से बढ़ाकर 125 रुपये और 2kv से 5kv तक कनेक्शन पर यह चार्ज 35 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये किया गया है. कश्मीर को मिली शीशे से बनी विशेष ट्रेन, और मनोरम होगा वादियों का नजारा ऊर्जा राज्य मंत्री पुष्पेंद्र सिंह ने योजना की घोषणा करते हुए कहा कि पहले फेज में 11 केवी की लाइन से 650 मीटर तक बसी ढाणियों और मकानों को बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। 11 केवी लाइन से 150 मीटर तक बसे मकानों को डिमांड राशि 10 हजार रुपए लगेगी। 150 से 500 मीटर दूरी पर बसे मकानों को कनेक्शन लेने के लिए पोल का चार्ज  हर मीटर पर 100 रूपए अतिरिक्त देने होंगे। उत्पादन रिपोर्ट पहली बार 1981 में वाजपेयी आये थे सिवनी posted on August 18, 2018 © 2018 nayaharyana.com. All rights reserved This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK क्विज दुकान के आकार नहीं बल्कि सर्विस से होती है ग्राहक को संतुष्टि Deutsch Interaktiv हाथरस बिजली दर वृद्धि के विरोध में भाजपाइयों ने फूंका ऊर्जा मंत्री का पुतला लता मंगेशकर ने गाना रिलीज कर दी अटल बिहारी वाजपेयी को अपनी श्रद्धांजलि, देखिए वीडियो Saturday, 04 Aug, 1.59 pm सरकार ने बिजली से वंचित सभी गांवों में एक मई 2018 तक विद्युत पहुंचाने का लक्ष्य रखा है. इसी प्रकार सरकार का मार्च 2019 तक सातों दिन 24 घंटे बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है. च) डाटा बस आउटपुट के लिए ऑप्टिकल पोर्ट DW के बारे में IBPS: बैंक में नौकरी चाहिए तो ये एक्सपर्ट टिप्स आएंगे काम सरायकेला- खरसावां भाजपा जिला महामंत्री Main Menu सीएम हैंल्पलाइन डैशबोर्ड ऑनलाइन पाठ्यक्रम Leo (सिंह) Technology News लुधियाना प्रदूषण प्रयोगशाला 200 बड़े ऋण खातों की निगरानी करेगा आरबीआई Bangla News बढ़ी हुई नयी दर एक अप्रैल से प्रभावी होगी। उन्होंने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 100 यूनिट तक बिजली की खपत पर वर्तमान दर में 40 पैसे, 100 से 200 यूनिट पर 45 पैसे और 200 से ऊपर यूनिट पर 55 पैसे की वृद्धि की गयी है। बिजली बिल के फिक्स चार्ज पर किसी तरह की बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। इतिहास में पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 70 के निचले स्तर... दिनेश सिंह 443 Views ई वी आर सी में बहुचैनल स्पेक्ट्रम विश्लेषक भारत में एचवीडीसी सिस्टम © हिन्दुस्तान टीम देश में बिजली की दर एक हो : नीतीश 9. विक्रम भट्ट की हॉरर फिल्म के दौरान कैमरे में कैद हुआ भूत, तस्वीरें देखकर उड़ जाएंगे होश मौसम बाल स्वास्थ्य Aquarius (कुंभ) Navigation # पेरेंट्स गाइड के ई आर सी मेल बॉक्स रांची : झारखण्ड निर्माण के लिए सदा अटल जी के ऋणी रहेंगे- रघुवर दास वकील प्रसाद महतो बिजली के सीमापार व्यापार के लिए भारत सरकार के निर्दिष्ट प्राधिकरण, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार भारत पहली बार बिजली का निवल आयातक के बजाय निवल निर्यातक बन गया है। वर्ष 2016-17 (अप्रैल से फरवरी 2017) के दौरान भारत ने नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार को 579.8 करोड़ यूनिट बिजली निर्यात की, जो भूटान से आयात की जाने वाली करीब 558.5 करोड़ यूनिट की तुलना में 21.3 करोड़ यूनिट अधिक है। विदित हो कि सीमा पार विद्युत व्यापार प्रारंभ होने के बाद से भारत भूटान से बिजली आयात करता रहा है। भूटान भारत को औसतन प्रतिवर्ष 500-550 करोड़ यूनिट बिजली की आपूर्ति करता रहा है।  गढ़वाल मुख्य पृष्ठ अनु. व वि. योजनाएँ अनुसंधान योजना विद्युत पर अनुसंधान योजना (आरएसओपी) IRCTC Train New Schedule, Timings: बदला गया 300 ट्रेनों का टाइम टेबल, जानिए नया शेड्यूल Pumps तीन-चार कंपनियों ने ऊर्जा विभाग से किया संपर्क गैर घरेलू 1 (ग्रामीण) 6.83 2.50 4.33 6.86 4.43 Gadgets Updates Hindi Latest Gadgets Updates Hindi News, Latest Gadgets NewsCode Jharkhand | 28 April, 2018 5:04 PM यह भी पढ़ें-  मैट्रिक पास हैं तो CISF में है बेहतरीन मौका, सैलरी भी बंपर गुड न्यूज : बिहार में बिजली कंपनी निकालने जा रही है 1200 पदों पर बहाली पैनल तथा बस डक्ट इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा टेस्ट आज से, ट्रेंट ब्रिज में भारत को 11 साल से जीत का इंतजार 23 mins हॉनर 9 लाइट 64 जीबी (सफायर ब्लू , 4 जीबी रैम) विधान सभा चुनाव 2017: उप्र में भाजपा राम, मोदी और माया मॉडल पर करेगी भरोसा शेयरिंग के बारे में बिहार पी.सी.एस. फीडबैक: फीडबैक भेजें सीमा विवाद सुलझाने के लिए वाजपेयी ने तैयार की थी प्रणाली: चीन डीबीएन न्यूज़/मुज़फ़्फ़रपुर:-(रूपेश कुमार). आज दिनांक 29-5-2018 सुबह करीब 9 बजे से 12 बजे तक मुज़फ़्फ़रपुर जिला के गायघाट थाना क्षेत्र में जारंग हाई-स्कूल चौक जो कि NH57 के अंतर्गत आता है आज वँहा लोगो ने एस्सेल के खिलाप सड़क पे उतर कर किया हला-बोल. गायघाट प्रखंड में थम नही रहा मेंटेनेन्स के नाम पर बिजली की कटौती, कभी बिजली की आँख मिचौली, कभी घन्टो तक बिजली नही देना ये एस्सेल कम्पनी के लिए आम बात हो चुक्की है. Fans Advertorial4 day ago उत्पादों सिंचाई काशिझरिया पंचायत समिति सदस्य Viral Stories admin BEL, बेंगलुरु में 147 पद ज्यादा पठित जयपुर1223 ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि लोगों ने बेकार हो गए 500 और 1000 के नोट को अपने बैंक खातों में जमा करवाया था. इसके बाद इन खातों में जमा राशि में गिरावट आ गई और मार्च 2017 के बाद से फिर से इसमें बढ़ोतरी शुरू हुई. विद्युत योजना की तुलना करें - सस्ता पावर विद्युत योजना की तुलना करें - विद्युत लागत कितनी है विद्युत योजना की तुलना करें - गैस दरों की तुलना करें
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