JB E-Paper August 13, 2018 मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की चार अतिरिक्त बटालियन बनाने को मंज़ूरी दीAug 10, 2018 नई दिल्ली, 28 जुलाई 2017, अपडेटेड 20:21 IST follow us अपनी बात अगर आप बेरोजगार है तो, POST OFFICE दे रहा है FRANCHISE खोलने का मौका ! POST OFFICE FRANCHISE कल्याण कोष प्रशासन योजना कार्तिक और नायरा की जिंदगी में एक नए रिश्तेदार की होंगी... Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 11, 2018, 04:30 AM IST चौकीदार की चाकू से गोदकर हत्या, खाली प्लॉट... एशियाई खेल 2018 सवाई माधोपुर FROM WEBBest Banks for Non Resident Indians (NRIs)Ad: CRITICSUNIONTake a step closer towards your [email protected]$ 150 p.m#HappyEMIsAd: Godrej EmeraldBook 2/3 Bhk at Shapoorji Pune at Rs 45,000Ad: Joyville by Shapoorji PallonjiFROM NAVBHARAT TIMESराहुल गांधी और इस लड़की की जोड़ी का सच क्या है?स्तन के नौ प्रकारदेखें, अर्जेंटीना, पुर्तगाल के बाद स्पेन का सफर भी खत्मFrom The Web See more of Aam Admi Zindabad(आम आदमी जिंदाबाद) on Facebook RAJENDRA JADHAV on राहुल गांधी फोन नंबर,Whatsapp नंबर,ईमेल (*On a Minimum order value of Rs. 15,000 and above) Log In फरीदकोट/मुक्तसर शेखपुरा नई दिल्ली: बिजली क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए बिजली मंत्री आर के सिंह ने कहा है कि लोगों को दूरसंचार सेवा की तरह बिजली खरीदने के लिए अपने क्षेत्र में एक से अधिक आपूर्तिकर्ताओं का विकल्प दिया जाएगा। इसके लिये बिजली कानून में संशोधन किया जाएगा। बिजली मंत्रालय आगामी बजट सत्र में बिजली संशोधन विधेयक लाने की तैयारी में है जिसमें अन्य बातों के अलावा बिजली आपूर्ति और वितरण नेटवर्क के कारोबार को अलग-अलग करने का प्रावधान होगा। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे सिंह ने कहा, हम बिजली कानून में कई संशोधन ला रहे हैं। 26 अगस्त को है रक्षाबंधन, जानिए शुभ मुहूर्त (f)    Improved quality of life especially for women About Us|Investor|Contact Us|Advertise with Us|Terms of Use|Feedback|Sitemap|RSS|RSS|Cookie Policy|Privacy Policy ACKNOWLEDGMENT सीखें जरा : गोठ एप से जानिए कैसे हुनरमंद बन रही है बेटियां 1951  —   35.8 प्रतिशत यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर अपनी संवेदनाएं जाहिर की और कहा कि उनका जाना राजनीति में एक महायुग का अंत है। आपका संदेश   पूजा लाइव सिटीज डेस्क (रंजन सिन्हा) : आज लाखों लोगों के दिल में बसने वाले रवि किशन का जन्मदिन है. वे आज भोजपुरी फिल्मों के महानायक है. यही नही हिंदी, दक्षिण भाषाई फिल्मों सहित अन्य भाषाई […] श्रीलंका ने दक्षिण अफ्रीका को 3 विकटों से हराया बेहद अपनी-सी लगती है यह... सीतामऊ ITMI देवघर : बाबा नगरी से भी जुड़ी हैं अटल बिहारी... भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन हेतु मध्यरात्रि पट खुले आठ बिजली कनेक्शन काटे मीटर भी निकाले 1 Preview Government of Uttar Pradesh पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन | देशभर में शोक... © Copyright 2018, All Rights Reserved शराब, पेट्रोलियम, रियल एस्टेट और बिजली GST से बाहर क्यों? राहुल गांधी संसद में दे रहे भाषण, देखियें 10 प्रमुख बातें VPS की सुकन्या विवि में थर्ड, मौलाना मजहरूल अरबी-फारसी विवि का परिणाम घोषित June 27, 2018 लंबे समय तक हेल्दी जीवन जीना है तो अपनाएं 6 मंत्र द्वितीय सन्शोधन भाजपा नेता के आरक्षक पुत्र पर यौन शोषण का आरोप झगड़े के दौरान बदमाशों ने की फायरिंग, महिला की मौत # Haryana Top नई दिल्ली, 30 मार्च 2018, अपडेटेड 11:28 IST राज्य पंजाब-हरियाणा जम्मू-कश्मीर उत्तर प्रदेश हिमाचल गुजरात बिहार राजस्थान और Source Live Help उपविधि मनीष जयसवाल स्‍पेशल मेगपुर, मनिया, धौलपुर निवासी अमन पुत्र अजमेरी की बहन सुष्मिता पत्नी ललित ताजगंज के कुआंखेड़ा में रहती है। अमन कुछ दिन पहले बहन के यहां आया था।  पहली बार परफॉरमेंस के आधार पर सस्ती बिजली: बिजली कंपनियों के परफॉरमेंस के आधार पर रेग्युलेटरी सरचार्ज में कटौती कर बिजली सस्ती देने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। नियामक आयोग के चेयरमैन देशदीपक वर्मा ने कहा कि जो कंपनियां लाइन लॉस कम करने में पिछड़ गई उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा। आगे भी यह प्रतिस्पर्धा जारी रहेगी। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में बिजली से वंचित 18,452 गांवों के 1,000 दिनों में विद्युतीकरण की घोषणा की थी. हालांकि बिजली मंत्रालय यह लक्ष्य इस साल दिसंबर तक हासिल करने की उम्मीद कर रहा है. बिजली मंत्रालय के गर्व पोर्टल के अनुसार कुल 18,483 गांवों में से 14,483 गांवों को बिजली पहुंचायी जा चुकी है. वहीं 2,981 गांवों के विद्युतीकरण काम जारी है. जबकि 988 गांवों में कोई नहीं रहता है. पोर्टल के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 17.92 परिार में से 13.87 परिवार को बिजली कनेक्शन मिल गया है. वहीं 4.05 करोड़ परिवार को बिजली कनेक्शन मिलना बाकी है. सामान्य अध्ययन अभ्यास प्रश्न सालों बीत जाने के बाद भी अफसरशाही को यह मालूम नहीं, HC ने की थी ग्रीन एरिया में निर्माण की मनाही मध्य प्रदेश 0:35 सनसनी सपना चौधरी के लटके-झटके से WwE के कई पहलवान चित.. देखें वीडियो जीएसटी मुद्दे को गुजरात चुनाव तक जिंदा रखना चाहती है कांग्रेस, बीजेपी हुई अलर्ट धनबाद : बुलेट की सवारी करने का शौकीन है ये बुलेट राजा लंगूर भद्रा के न होने से दिन भर बंध सकेगी राखी posted on August 18, 2018 शेयर करें:   रियल एस्टेट गौरीगंज पृष्ठ अंतिम अपडेट किया गया: 16-08-2018 04:36 PM फोर्टिस निदेशक मंडल की 13 जुलाई को बैठक, कोष जुटाने पर होगा विचार # news Complaints # Free Electricity Scheme वजन: 700 ग्राम वीएलई के लिए संसाधन Order 10 अगस्त 2018 RC Desk2, December 04,2017 12:18:11 PM NewsCode Jharkhand | 18 August, 2018 10:43 AM सीसैट टेस्ट राज्य चुनें OUR LATEST POSTS स्प्लिट कीपैड: वैकल्पिक CARSFACTOR जुलाई 11, 2018 Razia Ansari Big News, ट्रेंडिंग, देश विदेश 0 विद्युत प्रवाह एप्प के बारे में जानकारी BOX OFFICE COLLECTION: दूसरे दिन 'सत्यमेव जयते' से आगे निकली 'गोल्ड', कमाए इतने करोड़ Related Articles (District wise) हफ्ते भर के संदेश This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed. निदान केबिल तथा संधारित्र प्रभाग (डीसीसीडी) निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ? अच्छी सेहत उत्पाद का नाम: उपयोग का समय (टीओयू) मल्टी टैरिफ एकल चरण एसटीएस प्रीपेड विद्युत मीटर Nov 29, 2017 11:47 PM कमोडिटी Business News India टुण्डी विधानसभा क्षेत्र के लोगो को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं सस्ता ऊर्जा - इलेक्ट्रिक यूटिलिटी कंपनी सस्ता ऊर्जा - बिजनेस बिजली की कीमतों की तुलना करें सस्ता ऊर्जा - इलेक्ट्रिक कंपनी आज बदलें
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