यह वेबसाइट विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन केन्द्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान की है।              कौशाम्बी धर्म कर्म 17 एशियन गेम्स और 68 साल का इतिहास, एक इलक में जानिए सब कुछ प्रमुख संवाददाता, लखनऊ आ लौट के आजा मेरे मीत, तुझे मेरे गीत बुलाते हैं...एक अमर गाने के बनने की कहानी Apr 1 2017 8:29AM रीजनल शो NDTVBusinessHindiMoviesCricketHealthFoodTechAutoAppsPrimeArtWeddings पूरी स्टोरी पढ़ें » Ph. : 0181-5067200, 2280104-107 रघुवर सरकार के इस निर्णय से आम जनता पर काफी बोझ बढ़ेगा। औसतन सभी वर्गों के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर में 40 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार की यह घोषणा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बढ़े हुए बिजली दर की भरपाई सरकार द्वारा प्रस्तावित सब्सिडी से की जाएगी, महज आईवाश है, यह जनता को भरमाने की बात है। App Store राज्यपाल का संदेश स्पेशल विवाह प्रमाण-पत्र नेटवर्क फ्रांस को पछाड़ भारत बना विश्व की छठी अर्थव्यवस्था, अमेरिकी पहले तो चीन दूसरे स्थान पर फिरोजाबाद सरकार ने घाटा किया दूर रांची. ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि बिजली के दर में अभी बढ़ोतरी नहीं हुई है. मामला विद्युत नियामक आयोग के पास विचाराधीन है. आयोग द्वारा सुनवाई पूरी कर ली गयी है, लेकिन आदेश पारित नहीं किया गया है.  नीतीश कुमार से उपेंद्र कुशवाहा ने पूछा है गंभीर सवाल – बिहार में कहां है शासन-प्रशासन इंडस्ट्री कश्मीर को मिली शीशे से बनी विशेष ट्रेन, और मनोरम होगा वादियों का नजारा 11 469 Views Thu, 09 Aug 2018 03:30 PM IST Downloads Teacher Resources 8 अगस्त 2018 भोपाल। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से कुछ माह पूर्व राज्य सरकार द्वार 1 जुलाई से लागू की गई सरल बिजली और बिल माफी की बहुप्रचारित योजना विवादों के घेरे में आ गई है। उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए काम करने वाले कार्यकर्तों का आरोप है कि शिवराज सरकार की इस योजना से बिजली कंपनियों का घाटा बढ़ेगा जिसकी भरपाई नियमित रूप से बिजली बिल भरने वालों को करनी होगी। इससे साफ है कि सरल बिजली योजना से आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। इन्हीं तथ्यों के आधार पर इस योजना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका लगाई गई है। Saubhagya – Pradhan Mantri Sahaj Bijli Har Ghar Yojana दिल्ली में बिजली हुई सस्ती, लेकिन फिक्स चार्जेस बढ़ाए गए ये हैं मानव इतिहास के 10 सबसे धनी व्यक्ति आईसीआईसीआई बैंक: केरल के ग्राहकों से इस महीने ईएमआई चुकाने में देरी पर पेनल्टी नहीं लेगा 9 mins कानपुर विद्युत नियामक आयोग ने बिजली बिल पर लगने वाले दोहरे रेग्युलेटरी सरचार्ज से उपभोक्ताओं को राहत दी है। आयोग ने रेग्युलेटरी सरचार्ज प्रथम को खत्म करने का आदेश आज जारी कर दिया। दरअसल प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से मौजूदा समय में दोहरा रेग्युलेटरी सरचार्ज लिया जा रहा था। रेग्युलेटरी सरचार्ज प्रथम और द्वितीय। Tags:    उत्तराखंड UTTARAKHAND DEHRADUN देहरादून एक अप्रैल APRIL 1 उत्तराखंड में बिजली की दर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग अध्यक्ष सुभाष कुमार ELECTRICITY RATES IN UTTARAKHAND UTTARAKHAND ELECTRICITY REGULATORY COMMISSION CHAIRMAN SUBHASH KUMAR  Web Title: nda schemes which are also exist in upa regime लखनऊ में झमाझम बार‍िश के आसार, गर्मी से म‍िल सकती है राहत हॉट ऑन वेब रुद्रपुर Recent Posts बिजली निगम के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर मुकेश गुप्ता का कहना है कि यह माफी तभी मिलेगी जब वह एक साल तक नियमित तौर पर बिल अदा करते रहेंगे। अगर करोड़ों रुपये के बकाया बिल की रिकवरी हो जाती है तो शहर में पावर हाउस सहित बिजली लाइनों के की मरम्मत आसानी से हो सकेगी। राजस्व बढ़ने के साथ ही बिजली यूनिट भी सस्ती हो सकती है। इससे लोगों को गर्मी में पर्याप्त बिजली भी मिल सकती है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि घाटे का सौदा लंबे समय तक सहन नहीं कर सकते हैं। रिमाइंडर के बाद बकाया वसूल नहीं होता है तो कनेक्शन काटने की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा। अगर कोई विभाग शर्त पर खरा नहीं उतरता है तो उसे इस स्कीम का फायदा नहीं मिलेगा। सरकारी विभागों पर करोड़ों के बकाया से पब्लिक पर गलत असर पड़ता है। Play Store शुद्ध पेयजल की कमी के कारण जलजनित रोग सबसे अधिक जानलेवा 16/08/2018 साहेबगंज इस संबंध में डीएसपी हेड क्वार्टर प्रकाश सोय ने जानकारी देते हुए बताया कि मेले में अवैध रूप से जुआ खेलवाने को लेकर लालजीराम के साला बबलू बिरुवा, कुशल तियु के अलावा मेले में फुटबॉल आयोजन समिति के अध्यक्ष सीताराम सोरेन, उपाध्यक्ष जितेंद्र बिरुवा, कोषाध्यक्ष माधवचंद्र बिरुवा सह कोषाध्यक्ष रामेश्वर बिरुवा संग्रहकर्ता दुम्बी बिरुवा के खिलाफ जुआ खेलाने का मामला दर्ज किया गया है। 443 Views Stories You May Like अगर करा रखी है FD और RD तो इन 5 बातों का रखें ध्यान भाजपा के वरिष्ठ नेता चंदनकियारी Ramayan सराफा 12 मार्च 2013 March 25, 2018 Binod Karan आपका ज़िला 0 एपीडीआरपी कोरे फार्मेट देवशयनी एकादशी 23 जुलाई को : इस दिन व्रत करने से पापों का होता है नाश, 4 महीनों तक नहीं होते शुभ कार्य 44 mins काशिझरिया पंचायत समिति सदस्य मो शामिम Apr 1 2017 8:29AM 100 यूनिट तक 40 पैसे की बढ़ोतरी, 100 से 200 तक 45 पैसा बढ़ोतरी और 200 से ऊपर यूनिट पर 55 पैसा की बढ़ोतरी की गयी है। बिजली बिल के फिक्स चार्ज पर किसी तरह की बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। सभी स्लैबों में औसतन 5 फीसदी की वृद्धि हुई है जबकि उद्योग में ये 9 फीसदी है। State Of The States Conclave Read More: Fatehabad Haryana Hindi News Jagran Newsहरियाणा अणुविद्युत योजनातहतविकासशरण सामाजिक पहलू और विवाद फेक वेबसाइट, फेक रिजल्ट! रेलवे जॉब के नाम पर ऐसे लूटे लाखों रुपये Book Print Ad Filipino उत्तराखंड में एक अप्रैल से बिजली महंगी   अरवल Copyright © 2017 MPUVN . All rights reserved | Designed By Ramrajtech नदी घाटी/बाढ उन्मुख नदी योजना 0:55 PDP नेता मुजफ्फर हुसैन बेग का विवादित बयान, पीएम नरेंद्र मोदी को दी चेतावनी CM योगी ने कैबिनेट बैठक में इन बड़े प्रस्तावों पर लगाई मुहर Catch up instantly on the best stories happening as they unfold. Related Items: Promoted Tweet www.amarujala.com 11 जून 2017, 11:56 PM Brand Analysis: Which is the best brand to buy? Press निगमों का घाटा घटा, लेकिन उपभोक्‍ताओं को राहत में बिजली चोरी अड़ंगा Mi A2 खरीदने वालों के लिए खुशखबरी, Xiaomi ने जारी किया सिक्योरिटी पैच और कैमरा अपग्रेड 19 mins इकॉनमी धनबाद नगर निगम वार्ड पार्षद - 55 वार्ड सिंदरी निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ? प्रखंड विकास पदाधिकारी बड़कागांव Regional Party AAP देऊंघाट में पहाड़ी दरकने से 3 मकानों पर मंडराया खतरा एनपीपी परियोजना विवरण Read More: पाली Technology News उत्तर-प्रदेश Advertise with us 3 months ago चित्रकूट बिहार : जानें क्‍यों बिजली कंपनी ने लार्सन एंड टूब्रो को दिया अल्टीमेटम महिंद्रा ई2ओ की टॉप स्पीड 80 किलोमीटर प्रतिघंटा है और एक चार्ज में ये कार 100 किलोमीटर चल सकती है. म.प्र. माध्यम 404 :( ताजा ओपिनियन समाजसेवी बड़कागांव, निवेदक प्रखंड अध्यक्ष नन्दलाल राणा सह प्रखंड कमेटी सदस्य बड़कागांव सुर्खियां यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को राहत, कनेक्शन लेना हुआ सस्ता July 6, 2018 त्रिपुरा Parental Guidance 200 रुपए महीने की सस्ती बिजली के लिए असंगठित श्रमिक पंजीयन जरूरी है। इसमें भी वे ही पात्र होंगे, जिनके बिल में बिजली भार 1000 वाट यानी 1 किलोवॉट है। शासन से जारी गाइड लाइन में केवल यह लिखा है कि 100 यूनिट तक 200 रुपए महीने में बिजली मिलेगी। Tennis संग्रह ट्रेवल 447 Views रजनीश कुमार बीबीसी संवाददाता Ramayan PREV VIDEO: मेयो कॉलेज में छात्र के उत्पीड़न मामले ने तूल पकड़ा वित्त वर्ष में वेतन से ज्यादा होगा पेंशन का भुगतान, जाने ख़ास वज़ह ललितपुर इसके तहत 9 वाट का एलईडी बल्ब 65 रुपये में, ट्यूबलाइट 230 रुपये और फाइव स्टार पंखा 115 रुपये में दिया जा रहा है। इससे बिजली कम यूज होगी और लोगों के बिजली बिल कम आएंगे। हालाकि खरीदने वाले उपभोक्ताओं के उपकरण में अगर कोई खराबी आती है तो उसे चेंज कर दिया जाएगा। बैलगाड़ी योजनाबाहरी फ़ाइल जो एक नई विंडों में खुलती हैं ऑटोनया Next Next post: national2 days ago भारत में 765 केवी सिस्टम बिजली बिल जमा करने लंबी कतार 2 हजार लोगों ने जमा किए 34 लाख ऐसा होगा 100 रुपये का नया नोट, देखें तस्वीरें मुंगेर ऊर्जा लागत की तुलना करें - आज प्रदाता स्विच करें ऊर्जा लागत की तुलना करें - सस्ते विद्युत आपूर्ति ऊर्जा लागत की तुलना करें - अब सहेजें
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