शादी का झांसा देकर 5 वर्ष तक दुष्कर्म अख्तर हाशमी You Are At: फोटो: रॉयटर्स 12:48 AM - 18 Aug 2015 CABINET MEETING क्राइम हेल्थ शिक्षा वायरल न्यूज़ धर्म-कर्म साइंस-टेक प्रदेश में बिजली चोरी, छीजत कम करने की गरज से बिजली कंपनियां बीते पांच साल में करीब तीन हजार करोड़ रुपए से ज्यादा राशि खर्च कर चुकी हैं लेकिन फिर भी कई जिलों में बिजली छीजत का आकंड़ा 25 फीसदी से ज्यादा बना हुआ है। बिजली कंपनियों ने छीजत बीस फीसदी से कम करने का लक्ष्य तय किया था जो कुछ जिलों में शहरी इलाकों को छोड़कर अब तक अधूरा रहा है। जवाब –  देश में अनुमानित लगभग 4 करोड़ बिना बिजली वाले परिवार हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 1 करोड़ बीपीएल परिवार पहले से ही DDUJJY के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में शामिल हैं। इस प्रकार, कुल 300 लाख घरों में ग्रामीण इलाकों में 250 लाख घर और शहरी क्षेत्रों में 50 लाख परिवारों को इस योजना के तहत कवर करने की उम्मीद है। A+ रिलेशनशिप Shenzhen Calinmeter Co,.LTD विश्लेषण 15 साल बाद पृथ्वी के सबसे करीब पहुंचा मंगल ग्रह, यहां देखें LIVE प्राकृतिक गैस (NATURAL GAS) Hindi News Business Business News In Hindi Power Companies Without Wilful Defaulter Tag Can’t Be Taken To Nclt इतने खूबसूरत हैट्स की बस दिल आ जाए... यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को राहत, कनेक्शन लेना हुआ सस्ता आई.एम.एस. Hmm, there was a problem reaching the server. Try again? Virgo (कन्या) के ई आर सी # Dehradun Latest News Update आई आर पी बेतिया कुमारी श्रीति पांडेय बेगूसराय में ठनका गिरने से 3 बच्चों की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम July 29, 2018 तुला अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न ज्योतिष धर्म ज्‍योतिष डाक बम सेवा समिति, अध्यक्ष Already have an account ? निगरानी समिति Primary Menu Ramesh Yadav‏ @ramesh_yadu 18 Aug 2015 अटल जी के निधन पर गमगीन हुए टीवी स्टार्स, सोशल मीडिया पर दी श्रद्धांजलि Top colleges ranked by the prettiest girl students भारत पहुंच विश्व के इन नेताओं ने अटल जी को दी श्रद्धांजलि अटल बिहारी के निधन पर 7 दिन का राष्ट्रीय शोक,कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज Deutsch प्रदीप कुमार उर्फ रोशन महतो फेसबुक पर सरकारी योजनाएं प्राप्त करे RC विशेष फिरोजाबाद के लोहामंडी इलाके में तनाव, ये है वजह IRCTC वेबसाइट का नया अवतार, जानें सभी टॉप फीचर्स AQI बसंतपुर के पुल से फरीदाबाद-दिल्ली की कनेक्टिविटी होगी बेहतर बिजय रजवार निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ? ENGvIND: टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के बारे में आई बड़ी अपडेट Trending Now: सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति योजनाओं का समयबद्ध रूप से कार्य करने में सबसे बड़ा अवरोध बनी। वन भूमि अधिग्रहण में देखा गया कि 85 दिनों से लेकर 295 दिनों की देरी हुई। कुछ योजनाओं में बिजली की निकासी (ट्रांसमिशन) का सामान समय पर नहीं लगाया गया, जिस कारण आर्थिक हानि हुई तथा राज्य को राजस्व नहीं मिल पाया। सरकार को एक अधिकारी समिति का गठन करना चाहिए था जो योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण, वन विभाग से आज्ञा तथा लोगों के पुनर्वास का काम की देख-रेख करती। यह आवश्यक था कि विजली की निकासी (ग्रिड तक पँहुचाने) का काम योजनाओं के पूरा होने से पहले कर लिया जाता। चिंताओं के विषय थे योजनाओं का पूर्व में जाँच-परख न हो पाना, त्रुट्पिूर्ण योजना कार्य तथा खास तौर पर अनुश्रवण या समय-समय पर विभागीय अधिकारियों या उत्तराखंड जल-विद्युत निगम द्वारा समीक्षा न हो पाना। सबसे चिंताजनक बात थी पर्यावरण के प्रति लापरवाही, जिसका सबसे अधिक कुप्रभाव देश के संसाधनों पर पडा। धनबाद : प्रेस क्लब में मिले 21 रसेल वाइपर सांप, इनका काटा पानी भी नहीं... www.pressnote.in 01 मई 2018, 12:01 AM टावर तथा उपसाधन We care राशिफल: जानें कैसे रहेंगे 18 अगस्त को आपके सितारे Home » देश » बिहार में महंगी हुई बिजली, नई दर एक अप्रैल से क्योंकि अटल जी हमेशा 'अटल' रहे… तहसील सामान्य / विश्लेषणात्मक पहचान परामर्श सेवाऍं ताज़ा खबरफिर से सुने | 800 करोड़ रुपए का निवेश करेगी सुपरटेक, इस साल ग्राहकों को 10,000 फ्लैट देने का लक्ष्य अटल पेंशन योजना साइट मैप अखिलेष कुमार Tweets शोक में डूबे देश ने नम आँखों से दी अंतिम विदाई राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार नई दिल्ली।  देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं... Site Map | Legal Disclaimer | Privacy Policy | CSR Policy | Distribution घाटमपुर संयंत्र में एक हीट स्टोरेज टैंक भी है. यह इस प्रोजेक्ट का असली आविष्कार है जो इस प्रोजेक्ट के असर को 50 से 70 प्रतिशत बढ़ा देता है. साइकिल में हवा भरने वाले पंप की तरह हवा को कंप्रेस करने के दौरान गर्मी पैदा होती है जिसे ये हीट स्टोरेज टैंक जमा कर लेता है. जब हवा को जेनरेटर के जरिए छोड़ा जाता है तो तापमान गिर जाता है. उस समय हीट स्टोरेज टैंक की गर्मी जेनरेटर को ठंडा होने से बचाती है. जीएसटी लागू होने के बाद कहा जा रहा है कि अब एक राष्ट्र एक टैक्स होगा. एक हज़ार से ज़्यादा चीज़ों पर जीएसटी दरें तय कर दी गई हैं. 8. सुपर 30 का दबदबा कायम आईआईटी प्रवेश परीक्षा में 26 छात्र सफल इस वर्ष सबसे अधिक बारिश तराना तहसील में 675 मिमी हुई, सबसे कम बारिश महिदपुर तहसील में 308 मिमी More From NBT India Result 2018 Donate Us 0 ऑडिट (लेखा परीक्षा) की समय पर तैयारी करनी चाहिए। 1 4- डीजल/विद्युत पम्प सैट योजना.. Manoj Tiwari भाजपा नेता, चंदनकियारी पंखा परीक्षण प्रयोगशाला होमराज्य पंचांग बिलासपुर Jharkhand News in Hindi August 11, 2018 at 6:28 pm Col rai‏ @col_rai 18 Aug 2015 अब सुनिए "अखबार में कनपुरिया" अन्नू अवस्थी का हास्य अंदाज राज्य से और ख्वाजा की दरगाह से तिरंगा बांटकर दिया कौमी एकता का पैगाम बरौनी- स्टेज एक 5.32 5.11 परियोजनाओं को अनुमति देने की प्रक्रिया शीघ्र ही प्रारम्‍भ होगी। अनुमति मिलने के बाद परियोजनाओं को पूरा करने के लिए राज्‍यों की वितरण कंपनियों और वितरण विभाग को ठेके दिए जाएंगे। ठेके देने की अवधि से 24 महीने के भीतर परियोजनाओं को पूरी किया जाना चाहिए। A to B हम बिजली सस्ती भी देंगे और पूरी भी उज्ज्वला योजना की शुरुआत के बाद एलपीजी कनेक्शन की संख्या में हालांकि बड़ा इजाफा देखा गया है. लेकिन इसके हिसाब से एलपीजी की खपत उतनी नहीं हुई है. सस्ता बिजली डलास TX - सस्ता बिजली डलास TX सस्ता बिजली डलास TX - ऊर्जा तुलना साइटें सस्ता बिजली डलास TX - बिजली पर पैसा बचाओ
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