Suggest राजस्थान पी.सी.एस. विद्युत रोधन प्रभाग एवं ताप प्रचाल परीक्षण प्रयोगशाला (आई डी एच आर टी) Home Home Home, current page. Home मध्यप्रदेश सुप्रीम कोर्ट पहुंची चुनाव से पहले सस्ती बिजली देने और बिल माफ... Written By: धर्म/ज्योतिष Comment मुख्य परीक्षा की रणनीति एडवेंचर है पसंद...तो इंडिया के इन 10 नेशनल पार्क में लें वाइल्ड लाइफ स... लॉग इन नहीं किया हैवार्तायोगदानअंक परिवर्तन news1 day ago Navigation मीडिया व्यक्तियों के ऑनलाइन प्रत्यायन Tags:    ELECTRICITY BILL LOADED CONSUMER ELECTRICITY COMPANY RANKING REACHED 31ST  DRISHTI INDEPENDENCE DAY OFFER FOR DLP PROGRAMME View Details February 2018 बीते दिनों संसद में पेश एक आंकड़े के अनुसार जन धन योजना के तहत खुले 59 लाख खाते बंद हो चुके हैं. (फोटो: पीटीआई) चयन प्रक्रिया: उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा. Bengali বাংলা रोग और उपचार जुर्म स्वतंत्रता दिवस पर 25 कैदियों को रिहा किया गया अध्यात्म Motorola P30 हुआ लॉन्च, जानें इस स्मार्टफोन में क्या है खास उन्होंने बताया कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित आदेशों के खिलाफ प्रशासनिक सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य को ऐसे आदेश प्राप्त होने की तिथि से 30 दिनों की अवधि के भीतर अपील की जा सकती है। अपील में प्रशासनिक सचिव द्वारा पारित आदेश अंतिम होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर यह पाया जाता है कि आवेदक ने किसी भी झूठी सूचना के आधार पर पावर टैरिफ सब्सिडी का दावा किया है तो आवेदक को 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज की चक्र दर के साथ सब्सिडी राशि वापस करने के अलावा कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा और उसे राज्य सरकार से किसी भी प्रकार का प्रोत्साहन या सहायता प्राप्त करने से वंचित कर दिया जाएगा। पॉलीक्लोरीनेटेड बाइफिनाइल ( पीसीबी) घर पर रशियन सलाद बनाने की आसान रेसेपी, एक बार जरूर करें ट्राई भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन हेतु मध्यरात्रि पट खुले 15/08/2018 पहली बार 1981 में वाजपेयी आये थे सिवनी posted on August 18, 2018 खबर इंडिया टीवी जवाब –  देश में अनुमानित लगभग 4 करोड़ बिना बिजली वाले परिवार हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 1 करोड़ बीपीएल परिवार पहले से ही DDUJJY के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में शामिल हैं। इस प्रकार, कुल 300 लाख घरों में ग्रामीण इलाकों में 250 लाख घर और शहरी क्षेत्रों में 50 लाख परिवारों को इस योजना के तहत कवर करने की उम्मीद है। SUPPORT एन.सी.ई.आर.टी. निबंध जिम्मेदारियां 0 बिलिंग में सुधार 81.44 से 78.49 फीसद। राज्य में बिजली अप्रैल के बाद महंगी होगी. झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के मुताबिक बिजली टैरिफ बढ़ाने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम ने प्रस्ताव दिया है. प्रस्ताव पर आयोग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में जाकर जनसुनवाई भी की है. प्रस्ताव की समीक्षा चल रही है. प्रक्रिया पूरी करने में अभी 20-25 दिनों का समय और लगेगा. उसके बाद ही टैरिफ में वृद्धि पर अंतिम आदेश जारी किया जायेगा. मालूम हो कि झारखंड बिजली वितरण निगम ने आयोग को वर्तमान दर में छह गुना तक वृद्धि करने का प्रस्ताव सौंपा है. जनसुनवाई के दौरान दर वृद्धि के विरोध में सामने आये सभी पहलुओं पर आयोग विचार कर रहा है. निगम के राजस्व को देखते हुए टैरिफ की दर निर्धारित की जायेगी. Catch up instantly on the best stories happening as they unfold. अजब- ग़ज़ब RAJENDRA JADHAV on राहुल गांधी फोन नंबर,Whatsapp नंबर,ईमेल Search Site प्रीलिम्स फैक्ट्स बिरौल: हमलोगो ने वाजपेयी ऐसे अविभावक को खो दिया !! CONTACT US. PRIVACY POLICY. LEGAL DISCLAIMER. COMPLAINT. AUTHORS. INVESTOR INFO. CAREERS. WHERE TO WATCH Press Releases Sat, 18 Aug 2018 03:30 PM IST ग्रामीण क्षेत्र      Do You Know? वुमन पॉवर सिस्टम स्टेबलिंग - जबलपुर सिटी सर्किल, रीवा टाउन राज्यों के बिजली वितरण की उपयोगिता की यह छठवीं रिपोर्ट ऊर्जा मंत्रालय ने इसी महीने जारी की है। यह रैकिंग कंपनी के कामकाज, आर्थिक, पारदर्शिता व सरकारी मदद आदि के आधार पर जारी की जाती है। इससे पहले मंत्रालय ने मई 2017 में रैंकिंग जारी की थी। ब्यबसा ऑप्टिकल जांच Naugachiya बिजली कंपनी को लेकर विरोध हर तबके का है विपक्ष से लेकर पक्ष कोटा के जनप्रतिनिधि तक बिजली कंपनी का विरोध जता चुके है हर इलाके से बिजली कंपनी को वापस भेजने की मांग शहर में की जा रही है इसको लेकर शहर में 10 अगस्त को कोटा बंद का आव्हान भी किया गया है. इकबाल खान कसौटी जिंदगी की रिमेक में मिस्टर बजाज का रोल प्ले करेंगे? 14 mins   साइन इन करें वीडियो गैलरी ग्वालियर, विशेष प्रतिनिधि। लोकायुक्त ने सोमवार को बिजली कंपनी के कनिष्ठ यंत्री एम पावसे के खिलाफ न्यायालय में चालन पेश कर दिया है। कनिष्ठ यंत्री एम पावसे को लोकायुक्त ने जून 2017 को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इस संबंध में आवेदक अनुरुद्ध सिंह राठौर ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त के सामने आवेदन प्रस्तुत किया था जिसमें बताया गया था कि उनकी कस्बा पोरसा में भिण्ड रोड पर मेसर्स कामतानाथ ट्रेडिंग कंपनी के नाम से तेल मिल है। बिजली कंपनी के सर्तकता दल ने उनके आॅयल मिल पर छापा डाला था। इस दल में कंपनी के कनिष्ठ यंत्री एम पावसे भी शामिल थे। छापे के बाद कंपनी की तरफ से उनके पास तीन लाख सत्तर हजार, तिरेपन रुपए का बिजली चोरी एवं पेनल्टी का नोटिस आया था। Settings सिंह ने उद्योग से आने वाले वर्ष में बिजली क्षेत्र में निवेश का आह्वान करते हुए कहा कि उच्च आर्थिक वृद्धि दर वाली अर्थव्यवस्था के मद्देनजर बिजली की मांग बढ़ने जा रही रही है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं उद्योग से देश के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की अपील करता हूं.....’’ सरकार देश में सभी गांवों को बिजली पहुंचाने के लिये जोर-शोर से काम कर रही है. साथ ही मार्च 2019 तक सातों दिन 24 घंटे बिजली का लक्ष्य हासिल करना चाहती है. गिरिडीह VIDEO: देखते देखते सांप, बिच्छू और सेंटीपेड को जिंदा निगल गई ये मछली BOOKS इस कार में जीपीएस नेविगेशन, कीलेस एंट्री और स्टार्ट-स्टॉप जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं. इस कार में विशेष ब्रेक लगाए गए हैं ताकि ब्रेक लगाते वक्त मिलने वाली ताकत से फिर से बैट्री को चार्ज किया जा सकता है. दिल्ली में इस कार पर दिल्ली सरकार ने 29 प्रतिशत की रिआयत दी है. Work for us आंध्र प्रदेश बेगूसराय में ठनका गिरने से 3 बच्चों की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम India Today - Hindi VIDEO: अटल जी का पुश्तैनी घर बना खंडहर, परिजनों ने बताया ऐसा है हाल पंद्रहवां सवाल –  किस तरह से, यह योजना दैनिक जीवन में लोगों के लिए उपयोगी होगी? वितरण फ्रेंचाइजी के लिए एसबीडी जब देशभर से आए वीआईपी चार्टर्ड प्लेन से भर गया IGI उल्लेखनीय है कि कृषि एवं उद्योग तथा कुछ अन्य श्रेणियां तो सबसिडी से लाभान्वित होंगी परंतु घरेलू और कमॢशयल उपभोक्ताओं पर ही इसका बोझ पड़ेगा और ऐसा करके स्वयं को जनहितैषी बताने वाली कांग्रेस सरकार ने लोगों पर बोझ ही डाला है। डीईआरसी ने भले ही बिजली के दाम कम कर दिए हों, लेकिन फिक्स्ड चार्ज बढ़ा दिया गया है. अभी सरकार 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वालों को दिल्ली सरकार सब्सिडी देती थी, लेकिन फिक्स चार्ज पर कोई सब्सिडी नहीं थी. अब डीईआरसी ने फिक्स चार्ज को बढ़ा दिया है. जबकि बिजली कि यूनिट के रेट कम कर दिए है, जिस पर पहले सब्सिडी मिलती थी. तो इस हिसाब से 400 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वालों के बिल अब पहले से ज्यादा आएंगे. मुख्यमंत्री स्थायी कृषि पंप कनेक्शन योजना के नये प्रावधान Copyright © 2017-18 Bhaskar Lite.,All Rights Reserved. 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Site by: Spenta Digital national2 days ago झारखंड : साधारण बस के ओनर बुक पर चल रही हैं 400 एसी बसें घरेलू सिलेंडर 66 रुपए महंगा उमाकांत रजक Latest TV Technologies in India PunjabKesari.in चाइबासा SUBSCRIPTION विक्की स्टोर, दु - 62 मार्केट कॉम्प्लेक्स Ireland 51210 Vodafone, O2 कृषकों को पर्याप्त भूजल उपलब्धता के आधार पर नवकूप डगवैल, डगकम बोर वैल, केविटी पाइपबोर वैल/नलकूप/कूपगहरा एवं कुओं पर डीजल/विद्युत पम्प सैट हेतु 9 से 15वर्ष की अवधि अनुग्रह अवधि 23 माहके लिए ऋण उपलब्ध। अन्य राज्य बिहार कैफ़े -25 डिग्री सेल्सियस से 55 डिग्री सेल्सियस खूंटी प्रोफाइल सूरजधारा योजना नईदुनिया विशेष Footer चित्तौड़गढ़ लालू के साथ मुलाकात के बाद हक्के-बक्के शत्रुध्न ने ट्विट कर कही बड़ी बात, लगे हाथ तेजस्वी ने भी… Sep 27, 2017 अलका कुमारी मंत्री श्री जैन ने हासामपुरा में स्व.दिगंबरराव तिजारे स्टेडियम का लोकार्पण किया, विधायक ट्रॉफी 2018 का पुरस्कार वितरण भी किया 15/08/2018 बीच चौराहे शरीर से निकाला जा रहा था जहर, बुजुर्ग की… Create password रवि चन्द्र दे वातावरण की उपेक्षा की यह स्थिति थी कि खुदाई तथा सुरंग बनाने से निकला सारा मलवा खुलेआम नदी में डाला जा रहा था। योजना बनाने वालों ने किंचित भी परवाह नहीं की कि ऐसा करने से पानी दूषित हो जाएगा तथा जल में रहने वाले जीवों की हानि होगी। जो वृक्ष या वन लगाने की बात योजना वालों ने की थी वह पूरी नहीं की गई। अड़तीस प्रतिशत योजनाओं ने कोई पेड़ नहीं लगाए, योजनाओं की सड़कें तथा सुरंगें बनाने से पहाड़ों के ढलानों को नुकसान हुआ। इन सब बातों का प्रतिकूल प्रभाव नदियों के नीचले भागों में पड़ा। नीचे के जल प्रवाह की माप होनी चाहिए थी तथा उसके मानदंड बनाए जाने चाहिए थे ताकि योजनाओं का वातावरण पर दुष्प्रभाव न पडे, उससे भूमिगत पानी का संचय हो रहा है या नहीं। सिंचाई के लिए क्या बचा पानी पर्याप्त है कि नहीं तथा नदी में कितनी बालू-मिट्टी जमा हो रही है ? यह देखा जाना चाहिए था कि योजनाओं के बनने के बाद पर्यावरण तथा प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और उसकी लगातार समीक्षा होनी चाहिए थी। बिजली यंत्रों को चलने से यदि कोई दुष्प्रभाव पड़ रहा है तो उनके संचालन में बदलाव किया जाना चाहिए था। भारत सरकार के सुझावों के अनुसार एक प्रतिशत बिजली सरकार को सहायता के लिए मुफ्त दी जानी चाहिए थी। सोनभद्र वास्तु (खंड-13: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं का विकास और प्रबंधन) इंडिया रेटिंग्स ने जीडीपी ग्रोथ अनुमान घटाया शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार को काली गाय को खिलाएं बूंदी के लड्डू, करियर में मिल सकती है सफलता 18 mins इब्ने सफी: खटक रहा था जिसके दिल में एक गुलाब का जख्म भारतीय संसद Who's Online : 1 रन अप: शनिवार को जकार्ता में होगा एशियन गेम्स उद्घाटन समारोह Election Results कुंभ निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा? कनेक्शन पत्र भी बांटे गए New Delhi दूल्हा बनकर ठगी का मामला: पीड़ित नर्स ने ऐसे ढूंढा ठगी का मायाजाल तोड़ने का लिंक उदय - उज्‍जवल डिस्‍कॉम एश्‍योरेंस अथवा यूडीएवाई योजना दिल्ली से और श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर स्टेट पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जेकेएसपीडीस) के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई कंपनी Pradhan Mantri Ujjawala Yojna जम्मू-कश्मीर में मिनी बस खाई में गिरी; 1 की मौत, 20 घायल इलेक्ट्रिक चॉइस - विद्युत लागत कैलकुलेटर इलेक्ट्रिक चॉइस - गैस और इलेक्ट्रिक आपूर्तिकर्ता इलेक्ट्रिक चॉइस - बिजली स्विच करें
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