आयाम: 255x120x52mm वजन: 600 ग्राम Continue Reading » आरएसओपी के नाम से लोक प्रिय विद्युत पर अनुसंधान योजना का आरंभ 1961 में विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया । सीपीआरआई 2001 से इस योजना का प्रबन्धन कर रहा है। . हमारे लाईट कनेक्शन मे सिर्फ पोल खड़े करके चले गये तार /केबल नहीं लगा रहे है pz jaldi karyvai karvae Mo.70XXX80 gav khari teh. Sedwa dist. Barmer 120V 60Hz और 220V, 230V, 240V India Today by: Sanjay Srivastava श्रीमति रिंकू कुमारी विज्ञान योर मनीः युवाओं के लिए कौनसे फंड हैं बेस्ट बीते कुछ वर्षों में बिजली कंपनियों ने विद्युत उत्पादन कर रही कंपनियों से महंगी दरों पर बिजली खरीद की, जिसके चलते करोड़ों रुपए का अतिरिक्त भार कंपनियों पर पड़ा है। वहीं अब घाटे और वित्तीय भार की भरपाई कंपनियां प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से कर रही हैं। प्रदेश में राष्ट्रीय औसत से ज्यादा दरों पर हो रही बिजली खरीद बिजली कंपनियों के संचित घाटे को बढ़ा रही है वहीं छीजत और चोरी रोकने में नाकाम रही बिजली कंपनियों ने घाटे की भरपाई बिजली उपभोक्ताओं पर डालने की कार्यशैली अपना ली है।  हिमाचल में दो जगह बादल फटा, 5 पुल और 8 घराट बहे Gemini (मिथुन) विस्तृत जानकारी के लिए आपके जिले में स्थित प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों/शाखाओं से सम्पर्क करें। Box Office: 'गोल्ड' ने पहले दिन बना लिया यह शानदार रिकॉर्ड, 'सत्यमेव जयते' का दमदार आग़ाज़ 1800-121-6260 2. एक अप्रैल 2019 से बिना मीटर वाले सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं की श्रेणी समाप्त कर दी जाएगी। इसके लिए कंपनी आवश्यक कार्रवाई करे।  (फोटो: Bloombergquint) डीईआरसी ने बताया कि बीएसईएस की दोनों कंपनी यमुना और राजधानी ने इस पीरियड में 4354 लाख 65 हजार यूनिट बिजली खरीदी। 75 फीसदी से अधिक बिजली 2.42 रुपये प्रति यूनिट से लेकर 4.50 रुपये प्रति यूनिट के बीच खरीदी गई। इस बिजली को 3.90 रुपये प्रति यूनिट से लेकर 7.90 रुपये प्रति यूनिट तक बेचा गया। फेडरेशन का आरोप है कि इससे साफ जाहिर होता है कि बिजली कंपनियां मोटा मुनाफा कमा रही हैं और लॉस का हवाला देकर बिजली की दरों को बढ़वाने के लि एडीईआरसी पर दबाव बनाती हैं। इधर दिल्ली सरकार के इस कदम पर बिजली कंपनियों का कहना है कि ऊंचे दाम का कारण ज्यादा जनरेशन और ट्रांसमिशन कॉस्ट है। बिजली के दाम में 80 फीसदी हिस्सा जनरेटिंग और ट्रांसमिशन कंपनियों का है। जनरेशन और ट्रांसमिशन की लागत लगातार बढ़ रही है। और जहां तक ऑडिट का सवाल है तो सीएजी और रेगुलेटरी अथॉरिटी उन पर लगातार नजर रखती हैं। बिजली कंपनियों का हर साल ऑडिट होता है और डीईआरसी हर साल अकाउंट्स की जांच करता है। लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें Web Title cheaper electricity connection औद्योगिक ठोस अपशिष्ट उपयोगिता केंद्र बताया जा रहा है कि भागिनाथ शेळके ने 10 मई को सुबह 4.30 से 5 बजे के बीच फांसी लगाई है। इसके बाद उसके परिजनों ने उसके शव को स्वीकार करने से मना कर दिया। भागिनाथ शेळके के परिजन बिजली कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मृतक ने उसको दिए गए बिजली बिल को लेकर महाराष्ट्र राज्य बिजली बोर्ड के अधिकरियों से भी मुलाकात की थी मगर उन्होंने उसकी न सुनी। अधिकारीयों ने उसे बिजली का बिल जमा करने के लिए कहा था। परिजनों का आरोप है कि फरवरी महीने से भागिनाथ शेळके, गारखेड़ा के महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी के दफ्तर में चक्कर काट रहा था। परिजनों का कहना है कि जब मृतक ने अपने सुसाइड नोट में बिजली कंपनी को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है तो फिर उस पर केस क्यों दर्ज नहीं हो रहा है। मंत्री ने कहा कि अब भी कई बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और इसके लिये सरकार स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर की व्यवस्था लागू करेगी ताकि बिलों का भुगतान सही तरीके से हो. उन्होंने यह भी कहा कि अक्षय ऊर्जा खरीद समझौता (आरपीओ) और बिजली खरीद समझौते को अनिवार्य किया जाएगा. सब्सिडी का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि यह प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिये दिया जाना चाहिए और एक ग्राहक की कीमत पर दसूरे ग्राहक से अधिक बिजली शुल्क लेने की व्यवस्था क्रास सब्सिडी अधिक नहीं होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में तीन-चार कंपनियां होनी चाहिए और ग्राहकों को कंपनी चुनने का विकल्प मिलना चाहिए. वैभव कुमार सिंह Photos ऑनलाइन भुगतान पर कुल बिल का एक फीसदी या अधिकतम 250 रुपये तक की छूट दी जायेगी.  योगदानकर्ता 377     मुझे शिकायत जिला प्रशासन, नगर पालिका प्रशासन के साथ ही साथ उन दुकानदारों से भी है जिन्होंने बुधवारी में बेजा अतिक्रमण करके विद्युत नियामक आयोग ने रेग्युलेटरी सरचार्ज में यह कटौती पिछले साल जारी बिजली टैरिफ में लागू परफॉरमेंस शर्तों के आधार पर की गई है। लाइन लॉस कम करने का तय लक्ष्य पूरा करने में नाकाम रही बिजली कंपनियों को जुर्माने के तौर पर अब तक वसूले जा रहे 2.84 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज में अलग-अलग दर पर कटौती की गई है। पश्चिमांचल के जिलों में लाइन लॉस का निर्धारित लक्ष्य पूरा हो जाने के कारण कंपनी के सरचार्ज में कोई कटौती नहीं की गई है। इसके चलते एनसीआर समेत मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर सरीखे जिलों में उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कोई फर्क नहीं पड़ेगा। आपका ज़िला 'अम्मा' बनेंगी विद्या बालन, इस दिन रिलीज हो सकता है फर्स्ट लुक चंबा LinkedIn सिंह ने कहा कि जलाशयों में सौर परियोजनाएं लगाने के लिये अधिकारियों की एक टीम भाखड़ा नांगल गयी ताकि यह पता लगाया जा सके कि वहां कितनी क्षमता की परियोजनाएं लगायी जा सकती है. अपतटीय क्षेत्र में सर्वे का काम जारी है. ‘‘ इन सब उपायों से हम 2022 तक अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में लक्ष्य से अधिक 2,00,000 मेगावाट क्षमता सृजित करने की उम्मीद कर रहे हैं.’’ उल्लेखनीय है कि सरकार ने 2022 तक अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में 1,75,000 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा है. नीदरलैंड में जल्द शुरू होगा दुनिया का पहला समुद्र में तैरता डेयरी फार्म, रोबोट निकालेंगे गायों का दूध 17 mins वन माफिया पर कसा शिकंजा, जीप से खैर के 22 मौछे बरामद ऑटोनया नया हरियाणा Book Print Ad Turn on Not now EMAILFACEBOOKINSTAGRAMTWITTERGOOGLE+WHATSAPP Sport प्रॉपर्टी बाइंग टिप्स चर्चित खबरें जानिये- किसने कहा था 'पाकिस्तान में भी चुनाव लड़ते तो जीत जाते अटल' बाल स्वास्थ्य पृष्ठ अंतिम अपडेट किया गया 08/18/2018 00:26:10 ‘आम राय’ बनाने के लिए मशहूर वाजपेयी के कार्यकाल में बगैर परेशानी के बने थे तीन नए राज्य टैक्स भरने वालों की संख्या बढ़ेगी Disclaimer इतिहास: जब केवल दो दिन में हुआ पांच दिन के... भोपाल में स्‍थापित मीटरिंग क्रियाविधि प्रयोगशाला पुणे Russian Русский सामान्य अध्ययन टेस्ट माधव लाल सिंह बिटकॉइन "इस साल का चुनाव चक्र का हिस्सा होगा" ... बिटकॉइन स्प्रिंट नहीं है, यह एक मैराथन है (ओप-एडी) Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 13, 2018, 02:15 AM IST इसी तरह शहरी इलाकों में, एकीकृत ऊर्जा विकास योजना (आईपीडीएस) बिजली प्रदान करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा बनाने के लिए शुरू की गयी है, लेकिन कुछ घर अभी तक अपनी आर्थिक स्थिति के कारण मुख्य रूप से नहीं जुड़ पायें हैं क्योंकि वे प्रारंभिक कनेक्शन शुल्क का भुगतान करने में सक्षम नहीं हैं। Copyright © 2018 बीबीसी. बीबीसी बाहरी साइटों पर मौजूद सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. एक्सटर्नल लिंक्स पर बीबीसी की नीति कैमरे में कैद हुर्इ जिम के फ्लोर मैनेजर की घटिया हकरत, गिरफ्तार ऊर्जा विभाग के इस आदेश का कर्मचारी संगठनों ने स्वागत किया है। भारतीय मजदूर संघ के साथ एवं मप्र बिजली कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे थे और सीएम से मांग की जा रही थी। इस पर सीएम ने जल्द शुरू करने के लिए गुहार की थी। इसके बाद इसके आदेश जारी हुए। इससे कर्मचारियों की लंबे समय पुरानी मांग पूरी हो पाई है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। minister स्पेशल स्टोरी केंद्र सरकार की नीतियाँ और उपलब्धियाँ Search Mahabhulekh महाराष्ट्र भूमि अभिलेख ऑनलाइन महा भूलेख (7/12 व 8 अ) देखें UP Bhulekh भूलेख, खसरा खतौनी भु नक्शा ऑनलाइन नक़ल upbhulekh.gov.in अटलजी को श्रद्धांजलि देने जा रहे अग्निवेश की भाजपा मुख्यालय के बाहर पिटाई 9 mins जब इमरान खान की चुनौती ने बदलवा दी गावस्कर के रिटायरमेंट की तारीख... इतने बड़े पैमाने पर भारत के ग्रामीण इलाकों का विद्युतीकरण होने के बावजूद बिजली की खपत में इजाफा क्यों नहीं हुआ, इसका जवाब सरकार ने नहीं दिया है. सरकार के मुताबिक उस गांव का विद्युतीकरण हुआ माना जाता है जहां बिजली पहुंचने की आधारभूत संरचना मौजूद है और 10 फीसदी घरों और सार्वजनिक जगहों पर बिजली का क्नेक्शन है. अगले दो वर्षों के लिए योजना का बजट 17,000 करोड़ रु है। # state विंडोज शिमला: देश में बिजली प्रोजैक्ट लगाने पर आने वाली लागत को कम किया जाएगा। निकट भविष्य में इससे देशभर के करोड़ों विद्युत उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर बिजली मिलेगी। केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री आर.के. सिंह ने कुफरी में आयोजित ऊर्जा मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान कहा कि केंद्र सरकार इसके लिए नई पावर पॉलिसी बना रही है। सरकार जल्द नई पॉलिसी अधिसूचित कर लेगी। इससे हाईड्रो पावर पर लागत कम होगी। उन्होंने कहा कि फ्री-पावर, कैपिटल कॉस्ट, अवमूल्यन अवधि कम होने के कारण प्रोजैक्ट पर ज्यादा लागत आती है। इन सब बिंदुओं पर सरकार विचार कर रही है। लखीसराय। ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत उपभोक्ताओं को बकाया राशि पर एकमुश्त निर्धारित राशि किश्तों में... Recipient's email address टॉपर्स के निबंध बोर्ड रिजल्ट्स बोतलबंद पेय पर 28 प्रतिशत का कर लगेगा। हालांकि, बीडी, सोना, फुटवियर तथा ब्रांडेड उत्पादों के लिए कर की दरों पर कल फैसला होगा। कोयले पर कर की दर पांच प्रतिशत होगी, जबकि अभी इस पर 11.69 प्रतिशत का कर लगता है। इससे बिजली उत्पादन सस्ता होगा। जेटली ने संवाददाताओं से कहा, 'हमने (आज की बैठक में) ज्यादातर वस्तुओं के लिए कर दरों व छूट सूची को अंतिम रूप दे दिया है। प्रयोगपृष्ठ खबरे सुने दिल्ली बिजली नियामक प्राधिकरण की बैठक में लिया गया फैसला अनुसंधान क्रियाकलाप हिन्दुस्तान job: सशस्त्र सीमा बल में SI, ASI और हेड कांस्टेबल के पद पर 181 वैकेंसी, क्लिक कर पढ़ें रोजगार क्षेत्र की ताजा खबरें सस्ता ऊर्जा - सस्ता बिजली और गैस सस्ता ऊर्जा - डलास में सस्ता बिजली सस्ता ऊर्जा - विद्युत प्रदाता चुनें
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