Marketplace प्रबंधन / निपटान कार्यवाही उज्जैन 19 जुलाई। मध्यप्रदेश के लाखों श्रमिक और बीपीएल वर्ग की जिंदगी में छाया अंधेरा अब दूर होने जा रहा है। पहले सौभाग्य योजना फिर अब सरल बिजली बिल और मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम में उन्हें सस्ती दर पर बिजली मुहैया करवाने के साथ बकाया बिजली बिल से भी मुक्ति दिलाई जा रही है। सौभाग्य योजना से अब तक जहाँ 17 लाख से अधिक घरों को बिजली कनेक्शन दिये गये, वही एक जुलाई से लागू दोनों नई योजनाओं ने पंजीकृत श्रमिकों और बिजली बिल के बकायादार बीपीएल श्रेणी के गरीबों की जिंदगी को रोशन कर दिया है। असम यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं गुलजार, देश के कई स्कूलों की प्रेयर बन गई उनकी रचना हमको मन की शक्ति देना 3 mins aamaadmiparty.org Starry Talks रुचि के स्थान 20 किलो सोने के आभूषण पहन गोल्डन बाबा ने की कांवड़ यात्रा, सुरक्षा में लगे... बेगूसराय में फांसी पर झूला युवक, वीडियो फेसबुक पर लाइव हो रहा था आपका ज़िला चमोली रंजन सिंह Rajasthan Scheme अतिरिक्त क्षमता  समाजसेवी सह प्रचार्ज बनमाली सिंह उच्च बिद्यालय, टुपरा ByAir जनता मजदूर संघ सिंदरी अध्यक्ष 2018 Ind vs Eng Test Series: तो क्या अभी भी बल्लेबाजों से नाराज हैं कोच रवि शास्त्री! महिला रोज़गार दरJul 31, 2018 mohit singh‏ @aazadmohit Jun 4 तंग दायरों को तोड़ते रहे वाजपेयी गैजेट्सनया Mar 28, 2018, 04:11 PM IST रोगियों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है ये नई एचआईवी थेरेपी Copyright © 2018 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today. सरकारी योजनाओं के बारे में अंग्रेजी में पढ़ें  गाना गाने के लिए विद्युत टावर पर चढ़ गया युवक ENGvsIND: विराट कोहली बोले - जीत के अलावा हम कुछ और सोच ही नहीं सकते अगस्त 14, 2018 Md. Saheb Ali Big News, BIHAR, ट्रेंडिंग, देश विदेश, राजकाज 0 मार्किट डीईआरसी ने घरेलू बिजली पर प्रति यूनिट नई दरें तय की हैं. इसके मुताबिक शून्य से 200 यूनिट तक की प्रति यूनिट दर 4 रुपये से घटाकर 3 रुपये, 201 से 400 यूनिट तक 5.95  से घटाकर  4.50 रुपये,  401 से 800 यूनिट तक 7.30 से घटाकर  6.50 रुपये,  801 से 1200 यूनिट तक 8.10 से घटाकर  7 रुपये और 1200 यूनिट से अधिक की खपत पर चार्ज  8.75 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 7.75 रुपये प्रति यूनिट किया गया है. वृष बीमारियां-लक्षण एवं उपाय विविध मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट कुमार ने कहा, 'कई पावर कंपनियों के कर्ज को पहले ही बैड लोन कैटेगरी में डाला जा चुका है और इस तरह के कुछ और लोन इस वर्ग में जा सकते हैं। हाईकोर्ट का फैसला बैंकों के लिए अच्छा है क्योंकि इससे उन्हें कोर्ट से बाहर लोन रिजॉल्यूशन के लिए अधिक समय मिलेगा।' आरबीआई के सर्कुलर में 180 दिनों के पीरियड के लिए 1 मार्च को रेफरेंस डेट बताया गया था। इसलिए बैंकरप्सी कोर्ट से बाहर लोन रिजॉल्यूशन के लिए बैंकों के पास अगस्त के अंत तक का समय है। अभी देश की 22 पर्सेंट इंस्टॉल्ड पावर जेनरेशन कैपेसिटी एनपीए है। रिजर्व बैंक के डेटा के मुताबिक, भारतीय बैंकों ने पावर सेक्टर को अप्रैल के अंत तक 5.19 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया हुआ था। फैशन और स्टाइल भी बदलता रहता है.अपनी एज के मुताबिक फैशन फॉलो करने के चक्कर में कई बार महिलाएं इस… नालंदा : खास खबर – रहने के लिहाज़ से पटना से... झारखण्ड स्विचगियर तथा नियंत्रण गियर जॉब तन-मन बिजली Times of India | Economic Times | iTimes | Marathi News | Bangla News | Kannada News | Gujarati News | Tamil News | Telugu News | Malayalam News | Business Insider | ZoomTv | Economic Times | BoxTV | Gaana | Shopping | IDiva | Astrology | Matrimonial | Breaking News | ४- ग्रामीण क्षेत्र में 500 वॉट तक के भार वाले उपभोक्ताओं को विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित श्रेणी के अनुसार टैरिफ की गणना होगी। चौपाल चुनाव आयोग के फैसले के बाद अब शरद गुट ने नीतीश के खिलाफ किया बड़ा ऐलान…. अटल ने आडवाणी से मतभेदों पर लखनऊ में दी थी सफाई, कही थी ये बातें हरियाणा कैबिनेट बैठकः अटल जी स्मृति में रखा जाएगा किसी बड़े प्रोजेक्ट का नाम शिक्षक मंच प्रद्युम्न हत्या मामला: खून से लथपथ गर्दन पर हाथ रखें टॉयलेट से बाहर रेंगते हुए आया था प्रद्युम्न जानकारी के अनुसार बिजली कंपनी के विरोध में महिलाओं ने बुधवार को  प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पार्षद राखी गौतम के नेतृत्व में किया गया। सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने बीएसएनल सर्किल से बिजली ऑफिस तक रैली निकाली। इस दौरान महिलाएं कपड़े धोने में उपयोग आने वाला धोवना लेकर जमकर नारेबाजी करती रहीं। यह रैली जब बिजली कंपनी के ऑफिस पहुंची तो इन महिलाओं ने बिजली कर्मचारियों को गुलदस्ते भेंट किए। Free Trial बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं social links सेहत के लिए किसी टॉनिक से कम नहीं है करेला, जानिए इसके 6 बड़े फायदे प्रकाश पासवान ऑटोमोबाइल बेगूसराय में ठनका गिरने से 3 बच्चों की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम आपका ज़िला हमारी दूसरी साइट्स Fraud Complaints @AamAadmiParty @ArvindKejriwal pls conduct enquiry & bring guilty to record, try to recover public money from cheaters छह महीने पहले बिजली कंपनी में अनुकंपा नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। इससे मृत कर्मचारियों के बच्चों को नौकरी नहीं मिल पा रही थी। ऊर्जा विभाग के इस फैसले का कर्मचारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया था। इस पर मप्र शासन ऊर्जा विभाग ने प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों में लगी अनुकंपा नियुक्तियों पर से प्रतिबंध हटा लिया और अनुकंपा नियुक्ति आवेदनों पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। इससे कंपनी के सैकड़ों कर्मचारियों को फायदा होगा और उन्हें नौकरी मिल जाएगी। gdcchanderi विषय Your website: News2018-07-17T12:09:14 232 helo दिल्ली कांग्रेस दफ्तर में शीला दीक्षित, अजय माकन, हारून यूसुफ, अरविंदर लवली, सज्जन कुमार और महाबल मिश्रा समेत कई पूर्व विधायक और सांसदों की बैठक हुई. Powered by Asways 'मिनी पंजाब' में तबाही के बाद का मंजर, सैलाब में... विशेष विवरण: Powered by: गैर घरेलू 2 (शहरी) 8.02 0.40 7.62 6.48 8.24 August 18,2018 10:27:11 AM कंपनी ने कुल खर्च के लिए 16,900 करोड़ की मांग की है. इसमें नॉर्थ बिहार कंपनी ने 7200 करोड़ तो साउथ बिहार कंपनी लिमिटेड ने 9700 करोड़ की मांग की है. कंपनी ने अपने प्रस्ताव में दो तरह की टैरिफ सौंपी है. एक में कंपनी ने कहा है कि राज्य सरकार के अनुदान के बिना अगर शत-प्रतिशत खर्च की बात है तो उसमें 51 फीसदी से लेकर 120 फीसदी तक बिजली दर में वृद्धि की आवश्यकता होगी. लेकिन कंपनी ने कहा है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य सरकार ने 2952 करोड़ का अनुदान दिया है. मुंबई वालों ध्यान से सुन लो! बिहार में उत्पादित बिजली से दौड़ती हैं मुंबई की लोकल ट्रेनें Daily Updates March 25, 2018 Binod Karan आपका ज़िला 0 Submit your news     मुझे शिकायत जिला प्रशासन, नगर पालिका प्रशासन के साथ ही साथ उन दुकानदारों से भी है जिन्होंने बुधवारी में बेजा अतिक्रमण करके Right to Information Atalji Last RitesBollywood on Atalji DeathAtalji FuneralPublic HolidayBreaking NewsSarkari Result वेतन आने में देरी होने पर भी ले सकते हैं यह लोन हिन्दुस्तान ब्यूरो ,पटना करेंट अफेयर्स क्विक रिवीज़न Ukrainian Українська वर्तमान बढ़ाए गए फिक्स्ड चार्ज रेट फ़ोटो गैलरी Big News वैश्विक रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स (एस एंड पी) ने तुर्की की कर्ज रेटिंग 'बी+' की। भोपाल|   चुनावी साल में गरीबों और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सस्ती बिजली और बिल माफ़ी का तोहफा देने वाली सरकार की यह योजना अब सुप्रीम कोर्ट पहुँच गई हैं| प्रदेश में सरकार ने 1 जुलाई से सरल बिजली बिल और बकाया बिजली बिल माफी योजना को लागू किया है| जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की  गई है, इसके पूर्व इस संबंध में दायर जनहित याचिका को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट का कहना था कि यह सरकार और बिजली कंपनी के बीच का मामला है। यदि बिजली कंपनी को कोई आपत्ति है तो वो सामने आए।  नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ पीजी नाजपाण्डे ने याचिका दायर की थी|  यूनिट                   दर  Google News in Hindi चुनाव आयोग के फैसले के बाद अब शरद गुट ने नीतीश के खिलाफ किया बड़ा ऐलान…. ऊर्जा लागत की तुलना करें - विद्युत लागत कैलकुलेटर ऊर्जा लागत की तुलना करें - गैस और इलेक्ट्रिक आपूर्तिकर्ता ऊर्जा लागत की तुलना करें - बिजली स्विच करें
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