All content on this website is published Bulgarian Български CompareIndia राज्य Register पृष्ठ अंतिम अपडेट किया गया 08/18/2018 00:26:10 लोहरदगा : बाजार में पकड़ाया नाबालिग मोबाइल चोर, पिटाई के... Română Send OTP ગુજરાતી प्रतीकात्मक फोटो. अजब-गजब : बंदरों ने फेंका सुतली बम, विस्फोट में तीन लोग घायल जब देशभर से आए वीआईपी चार्टर्ड प्लेन से भर गया IGI Distributed By My Blogger Themes | Design By Herdiansyah Hamzah Atalji Last Rites इमारान खान ने पाकिस्तान के 22वें पीएम के रूप में ली शपथ 3 mins अक्टूबर 25, 2017 ब्रेकिंग न्यूज़ आपकी बेटियों के लिए हैं ये सरकारी योजनाएं बाड़मेर नई दिल्ली: बिजली मंत्री आर के सिंह ने शुक्रवार (24 नवंबर) को कहा कि सरकार हर घर को सातों दिन 24 घंटे सस्ती बिजली देने की दिशा में काम कर रही है और इसका पूरा दायित्व वितरण कंपनियों पर होगा. सिंह ने यह भी कहा कि हम अपतटीय क्षेत्र तथा देश के भीतर मौजूद बड़े जलाशयों में पवन और सौर ऊर्जा परियोजनाएं लगाने पर गौर कर रहे हैं. साथ ही देश में आने वाले समय में सौर ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिये परियोजनाओं को विनिर्माण से जोड़ा जाएगा. ITMI बिजली बिल भरने पर ये कंपनी दे रही इनाम, 31 दिसंबर तक है समय शेयर फुटपाथ पर हारमोनि‍यम बजाने वाले को नेहा कक्कड़ ने दिए 1 लाख रुपये History India ऑन लाईन आवेदन करे अलविदा अटलजीः प्रोटोकॉल तोड़कर पांच किमी पैदल चले पीएम नरेंद्र मोदी लक्ष्य Asian Games 2018 FIFA WC 2018 कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018 कॉमनवेल्थ खेल 2018 IPL 2018 बजट 2018 फोटो गैलरी वीडियो इस योजना का अपेक्षित परिणाम निम्नानुसार है: मौसम आरटीएल, गुवहाती Munger समाचार » कोयला उद्योग समाचार » बिजली कंपनियों को मिलेगा सस्ता कर्ज इस पोस्ट को शेयर करें Google+ Sat Aug 18 2018 00:25:24 GMT-0500 (Central Daylight Time) domestic electricity rate increase ज्यादा बिजली खर्च करने पर लगेगा करंट Health + अक्टूबर 25, 2017 सवाई माधोपुर 23 जुलाई 2018 सरन प्रधानमंत्री मुद्रा योजना International पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर हिमाचल में दो दिन का अवकाश संयंत्र में एक हीट स्टोरेज टैंक भी है. यह इस प्रोजेक्ट का असली आविष्कार है जो इस प्रोजेक्ट के असर को 50 से 70 प्रतिशत बढ़ा देता है. साइकिल में हवा भरने वाले पंप की तरह हवा को कंप्रेस करने के दौरान गर्मी पैदा होती है जिसे ये हीट स्टोरेज टैंक जमा कर लेता है. जब हवा को जेनरेटर के जरिए छोड़ा जाता है तो तापमान गिर जाता है. उस समय हीट स्टोरेज टैंक की गर्मी जेनरेटर को ठंडा होने से बचाती है. सोनीपत मीटर वजन Viral Stories Baba Dham मंत्रालय की संरचना सरकारी डिफॉल्टरों के लिए बिजली विभाग की सरचार्ज माफी योजना विश्व की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार भारत में Cashback on offer price: 2999 राज्य                               खपत              यूनिट तक दर  देवघर स्वास्थ्य गृह मंत्रालय और प्रवर्तन एम ओ पी Google News in Hindi नोहर तहसील मे सीरगसर पचायत मे खबै रोप दीए ओर लोगो नै डीमान्ड भी भर दी पर लाईट नही दे रहे 10 महीनै हो गए लौग ईसका वीरोध करेगै कुछ समय मै लाईट नही दी गई तौ किसान एकता जीन्दावाद Lal salam 81XXX81 यहा के ठैकैदार ओर अधीकारी बहुत लापर वाह है आस्था त्वरित सम्पर्क Aksharparv 412 Views धनबाद सहित समस्त झारखण्ड वासियो को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक सुभकामना भारत के राज्य निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ? सर्च ASK EXPERTS 412 Views New to Twitter? Include media लाइफस्टाइल « Older Comments This question is for testing whether or not you are a human visitor and to prevent automated spam submissions. Privacy Policy | About Us | Contact Us नौकरी/ जॉब्स मोदी ने 2014 के आम चुनावों के प्रचार के दौरान नौकरी देने का वादा किया था. लेकिन सत्ता में आते उन्होंने पलटी मारते हुए कहा कि वो युवाओं को नौकरी देने की बजाए उन्हें नौकरी सृजित करने वाला बनाना चाहते हैं. लेकिन अर्थशास्त्री मोदी सरकार के इस यू-टर्न से सहमत नहीं हैं. वे इसे एक मुद्दे को भटकाने वाली चाल के रूप में देखते हैं. इस तरह के लोन बहुत कम समय के  लिए रोजगार तो पैदा कर सकते हैं लेकिन पूर्ण-कालिक रोजगार नहीं. एंट्री लेवल फोन्स के लिए लॉन्‍च हुआ एंड्रॉयड 9 पाई हुआ लॉन्‍च, भारत समेत 120 से अधिक देशों में होगा उपलब्‍ध Care Today घट सकती हैं ग्रामीण उपभोक्ताओं की दरें मंत्री ने कहा कि अब भी कई बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है. (फाइल फोटो) पढ़ें टेक ज्ञान Earn profits from premium commercial properties in India. इस पोस्ट को शेयर करें Messenger Bagha क्रास सब्सिडी की व्यवस्था समाप्त : उन्होंने बताया : टैरिफ में अभी के मुकाबले कुल 43% की वृद्धि मंजूर की गयी है. औद्योगिक क्षेत्र के लिए बिजली मात्र 7% महंगी की गयी है. बिजली का वर्तमान औसत टैरिफ 4.11 रुपये प्रति यूनिट है.  उजाला योजना के तहत दिये जाने वाले एलईडी बल्ब की लागत में काफी कमी आई है।  简体中文 बेहद अपनी-सी लगती है यह... Deutsch im Fokus सस्ता विद्युत प्रदायक - इलेक्ट्रिक पावर कंपनी सस्ता विद्युत प्रदायक - विद्युत प्रदायक बदलें सस्ता विद्युत प्रदायक - और अधिक जानकारी प्राप्त करें
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