इस पोर्टल का विकास भारत विकास प्रवेशद्वार-एक राष्ट्रीय पहल के एक भाग के रुप में सामाजिक विकास के कार्यक्षेत्रों की सूचनाएं/ जानकारियां और सूचना एवं प्रौद्योगिकी पर आधारित उत्पाद व सेवाएं देने के लिए किया गया है। भारत विकास प्रवेशद्वार, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की एक पहल और प्रगत संगणन विकास केंद्र (सी-डैक), हैदराबाद के द्वारा कार्यान्वित है। स्‍थायी समिति के सदस्‍य Book Print Ad उत्तर प्रदेश की कानपुर बिजली आपूर्ति कंपनी ने सालभर में अपनी स्थिति सुधार ली है। ताजा रैंकिंग में यह कंपनी 24वें नंबर पर है, जबकि सालभर पहले यह 31वें पायदान पर थी। उत्तर प्रदेश की बाकी तीनों वितरण कंपनियां सीएसपीडीसीएल से नीचे हैं। वहीं, बिहार दोनों कंपनियों नार्थ और साउथ की स्थिति यहां से ठीक है। नार्थ कंपनी ने अपना 17वां रैंक बरकरार रखा है, साउथ बिहार वितरण कंपनी 21 से 30 स्थान पर चली गई है। Other Links उत्तर प्रदेश सरकार नीतीश कुमार ने कहा कि एक सोची समझी रणनीति के तहत वर्ष 2017-18 में टैरिफ याचिका को शून्य अनुदान पर तैयार कराया गया है. इस नीतिगत निर्णय के आधार पर आयोग ने बिना अनुदान के  टैरिफ लागत का निर्धारण किया. इससे राज्य सरकार को उपभोक्तावार  अनुदान की राशि तय करने में पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी. साथ ही वितरण कंपनियों की टेक्निकल व कॉमर्शियल लॉस में निरंतर कमी लाने के लिए गहन माॅनीटरिंग की जा सकेगी. नये वर्ष के लिए आयोग ने टैरिफ निर्धारित करते समय पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल अौर उत्तर प्रदेश के 2016-17 के टैरिफ से तुलना करते हुए राज्य के उपभोक्ताओं को दी जानेवाली सब्सिडी का निर्धारण किया है.  Jio Phone 2 की पहली फ्लैश सेल आज 12 बजे... Manoj Tiwari Chhattisgarh Scheme Turkish Türkçe 02018-07-17T12:09:49 Raksha Bandhan 2018- इस साल बेसन की बर्फी से बढ़ाएं खुशियों की मिठास About Us |  Advertise with Us| Terms of Use and Grievance Redressal Policy |  Privacy Policy |  Feedback |  Sitemap बिजली और ऊर्जा सोने की गिन्नी (GOLDGUINEA) Weather Jehanabad - बिजली बिल सरलीकरण कमेटी ने नियामक आयोग को सौंपी रिपोर्ट सलमान खान की लग्जीरियस वैनिटी वैन में है मेकअप और स्टडी रूम, भारत के प्रोड्यूसर ने शेयर किए फोटो 48 mins When you see a Tweet you love, tap the heart — it lets the person who wrote it know you shared the love. इमेज कॉपीरइट PTI ‘रेस 3’ के गाने में साथ नजर आएंगे सलमान-सोनाक्षी … राज्य में बिजली अप्रैल के बाद महंगी होगी. झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के मुताबिक बिजली टैरिफ बढ़ाने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम ने प्रस्ताव दिया है. प्रस्ताव पर आयोग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में जाकर जनसुनवाई भी की है. प्रस्ताव की समीक्षा चल रही है. प्रक्रिया पूरी करने में अभी 20-25 दिनों का समय और लगेगा. उसके बाद ही टैरिफ में वृद्धि पर अंतिम आदेश जारी किया जायेगा. मालूम हो कि झारखंड बिजली वितरण निगम ने आयोग को वर्तमान दर में छह गुना तक वृद्धि करने का प्रस्ताव सौंपा है. जनसुनवाई के दौरान दर वृद्धि के विरोध में सामने आये सभी पहलुओं पर आयोग विचार कर रहा है. निगम के राजस्व को देखते हुए टैरिफ की दर निर्धारित की जायेगी. बेगूसराय (बिनोद कर्ण) : बछवाड़ा प्रखंड के चमथा गंगा धाम चिरैयाटोल कल्पवास मेला में मंत्री, डीएम, एसपी व विधायकों के पहुंचने से रौनक बढ़ गई है. शनिवार की देर शाम बिहार सरकार के ग्रामीण विकास […] जगत महतो राजकीय शोक के चलते IPPB की शुरूआत टली MUKESH AGNIHOTRI Reviews The page you are looking for cannot be found. VIDEO: कानपुर में लोगों ने अटल जी को दी नम आंखों से विदाई You can go to the HOMEPAGE बिजली कार्यालय में बिल माफी व सस्ती बिजली के आवेदन जमा के लिए लगी भीड़। साइबर सुरक्षा, शुल्क तर्कसंगत रखने पर ध्यान दें वित्तीय सेवा प्रदाताः पटेल देहरादून (भाषा)। उत्तराखंड में बिजली की दरों में औसतन 5.72 प्रतिशत की वृद्धि की गई है जो आगामी एक अप्रैल से प्रभावी होगी। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने यहां बताया कि अगले वित्त वर्ष 2017-18 के लिए की गई इस वृद्धि के बावजूद उत्तराखंड में बिजली पूरे देश में अब भी सबसे सस्ती है। Partnership प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की अनुदानित श्रेणी कृषि व घरेलू है और इनका हिस्सा क्रमश: 42 व 21 फीसदी है, वहीं देश में यह 23 व 24 फीसदी है जिसके चलते विद्युत लागत और राजस्व में अंतर ज्यादा रहा है। वहीं वर्ष 2005 में पड़ोसी राज्यों से? बिजली खरीद जहां 2.09 रुपए प्रति यूनिट रही, वहीं बिजली कंपनियों ने वर्ष 2008 में 8.83 रुपए प्रति यूनिट से बिजली खरीद कर कम दरों पर बिजली सप्लाई कर घाटे को बढ़ाया है।  साइंटिफिक एक्सपेरीमेंट नरेगा पॉपुलर मंत्री ने कहा कि अब भी कई बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और इसके लिये सरकार स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर की व्यवस्था लागू करेगी ताकि बिलों का भुगतान सही तरीके से हो. उन्होंने यह भी कहा कि अक्षय ऊर्जा खरीद समझौता (आरपीओ) और बिजली खरीद समझौते को अनिवार्य किया जाएगा. सब्सिडी का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि यह प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिये दिया जाना चाहिए और एक ग्राहक की कीमत पर दसूरे ग्राहक से अधिक बिजली शुल्क लेने की व्यवस्था क्रास सब्सिडी अधिक नहीं होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में तीन-चार कंपनियां होनी चाहिए और ग्राहकों को कंपनी चुनने का विकल्प मिलना चाहिए. आरएसएस मध्‍य प्रदेश एवं छत्‍तीसगढ़     मुझे शिकायत जिला प्रशासन, नगर पालिका प्रशासन के साथ ही साथ उन दुकानदारों से भी है जिन्होंने बुधवारी में बेजा अतिक्रमण करके VIDEO: हत्या कर खुद को घर में किया बंद बिजली बनाने के कई तरीके हैं. कोयले से बिजली बनती है, हवा से, सूरज की गर्मी से. हम ढेर सारी बिजली बना तो लें लेकिन बना कर उसे स्टोर कहां करें? क्या पहाड़ी गुफाएं इसमें मदद कर सकती हैं? बारूद के ढेर पर बैठा शिंजियांग Photos: बाजे छै नोबत बाजा म्हारा डिग्गीपुरी का राजा… अशोक लीलैंड बांग्लादेश को निर्यात करेगा 300 डबल डेकर बसें आराम से कटेगा बुढ़ापा, इन 5 जगह करें निवेश 1 पावर प्लांट्स के लिए SBI का बड़ा डेट रिस्ट्रक्चरिंग और टेकओवर प्लान खास बातें By RC Desk2 On May 11,2018 11:32:51 AM Q देखें Shadik उल्लेखनीय है कि प्रदेश में आसन्न विधानसभा चुनाव से ठीक पहले गरीबों और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सिर्फ 200 रुपये महीने पर सस्ती बिजली और पुराने बकाया बिजली बिलों की माफी का तोहफा देने वाली प्रदेश सरकार की यह योजना अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। पूर्व में इस योजना के खिलाफ नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपाडें द्वारा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया गया था। इस संबंध में हाईकोर्ट का कहना था कि यह प्रदेश सरकार और बिजली कंपनियों के बीच का मामला है। इसमें अगर बिजली कंपनी को कोई आपत्ति हो तो वे सामने आयें। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपाडें और डॉ. एमए खान ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई है। इस पर एक सप्ताह के अंदर सुनवाई होने की संभावना है। इस मामले की पैरवी अधिवक्ता अक्षत श्रीवास्तव करेंगे। बिटकॉइन मूल्य: तरल स्थिरता गुजरात                             100                 4.24 रुपए ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 हमसे संपर्क करें: [email protected] S M L सस्ती बिजली महंगे दामों पर बेच रही हैं कंपनियां : RTI•मनीष अग्रवाल, नई दिल्ली प्रबंधन जल ज्ञानकोश अन्य लिंक कांग्रेस एकल चरण 2 तार सिन्हा कंस्ट्रक्शन जिला महासचिव कांग्रेस सह तमाड़ विधानसभा संगठन प्रभारी VIDEO : स्वामी अग्निवेश पर फिर हुआ हमला, जानें कब और कहां जनता मजदूर संघ सिंदरी अध्यक्ष शहरी क्षेत्रों में स्थापित मीटर की रीडिंग जारी रहेगी एवं विद्युत नियामक आयोग के प्रचलित विनियम अनुसार बिल की गणना की जाएगी। विद्युत कंपनी आयोग द्वारा निर्धारित मानदण्ड के अतिरिक्त और कोई भी आंकलित यूनिट बिल में नहीं जोड़ेगी। उपभोक्ता के बिल में देय राशि तथा शासन द्वारा दी गई सब्सिडी का स्पष्ट उल्लेख रहेगा। प्रचलित दर से विद्युत शुल्क अधिरोपित किया जाएगा, जिसके सहित उपभोक्ता द्वारा मात्र 200 रुपये प्रतिमाह की राशि देय होगी। विद्यमान उपभोक्ता से अतिरिक्त सुरक्षा निधि नहीं ली जाएगी। नये कनेक्शन के लिए सौभाग्य योजना की तरह व्यवस्था रहेगी, जिसमें सुरक्षा निधि नहीं ली जायेंगी। उपभोक्ताओं को स्कीम का लाभ देने के लिए वितरण कंपनियों द्वारा वितरण केन्द्रवार, हाट/ बाजारों आदि में कैम्प लगाये जा रहे हैं। श्रमिक पंजीयन प्रमाण-पत्र की छायापति मांगने की जरूरत नहीं रहेगी। Rojgar Mela +1और स्लाइड देखें Hausa Hausa हमारे बारे में गोपनीयता नीति RSS जापान के पीएम शिंजो आबे ने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर जताया शोक। देखें 'सौ बात की एक बात' में आज दिनभर की सबसे बड़ी ख़बरें सोनभद्र दिल्ली कांग्रेस की बैठक बेगूसराय में बेखौफ अपराधियों का तांडव, युवक को मारी गोली आपका ज़िला “स्वाधीनता पर्व” की संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित, विधायक डॉ.मोहन यादव हुए शामिल सस्ता बिजली डलास TX - रात में सस्ता बिजली सस्ता बिजली डलास TX - बिजली कंपनियों की तुलना करें सस्ता बिजली डलास TX - विद्युत प्रदाता
Legal | Sitemap