ईंधन प्रबंधन 0 विभिन्न् प्रशासनिक और तकनीकी उपायों के माध्यम से बिलिंग दक्षता में सुार किया जाना चाहिए। “स्वाधीनता पर्व” की संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित, विधायक डॉ.मोहन यादव हुए शामिल 16/08/2018 × क्रिप्टो वास्तु प्रशिक्षण ​ UPA राज में भी चल रही थीं NDA की ये योजनाएं जरूरी सूचना ! - निम्न दाब कृषि संबंधी कार्य के लिए 25 एचपी की नई श्रेणी बनाई गई है। निम्नदाब उद्योगों के लिए भी 100 से 150 एचपी का नया ग्रुप बनाया गया है। रोलिंग मिल के लिए लोड फैक्टर को 15% से बढ़ाकर 25% किया गया है। स्टील उद्योगों को 65% से अधिक लोड फैक्टर रखने पर ऊर्जा प्रभार में अधिकतम 15% की छूट दी जाएगी। Tweet बिजली कंपनी के प्रस्ताव को विनियामक आयोग हू-ब-हू मान भी लेता है तो समग्रता में बिहार के लोगों को 10 फीसदी महंगी बिजली मिल सकती है. वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए विनियामक आयोग को सौंपे प्रस्ताव में कंपनी ने घरेलू, व्यवसायिक, छोटे व बड़े उद्योग, गरीबी रेखा से नीचे जीवन गुजर-बसर करने वाले कुटीर ज्योति और सिंचाई श्रेणी के उपभोक्ताओं को मिलाकर कुल 10 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव दिया है. Distributed By My Blogger Themes | Design By Herdiansyah Hamzah aamaadmiparty.org comments हमारे बारे में भाजपा नेता अध्यक्ष सामाजिक कल्याण सेवा समिति पटना,17 अप्रैल (हि.स.)। राज्य कैबिनेट की मंगलवार को यहां हुई बैठक में इस वर्ष अप्रैल से बिजली की बढ़ी हुई टैरिफ दरों में उपभोक्ताओं को सब्सिडी देकर सरकार ने दावा किया है कि बिहार की बिजली दर सभी पड़ोसी राज्यों यूपी और पश्चिम बंगाल से काफी कम है । कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष बिजली दर में सब्सिडी के कारण राज्य सरकार के खजाने पर 4137 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा । पिछले वर्ष 2952 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गयी थी. उन्होंने बताया कि सब्सिडी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर ज्योति योजना के तहत बिजली की दर प्रति यूनिट 2.45 रुपये पड़ेगी । पश्चिम बंगाल में यह 3.44 रुपये और यूपी में 3.39 रुपये प्रति यूनिट है । इसी तरह शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की बिजली दरें भी पड़ोसी राज्यों से कम हैं । इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपयोग और कृषि व सिंचाई के लिए बिजली दर में कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी है । इस पर वर्तमान दर से ही बिजली बिल का भुगतान करना होगा । शहरी क्षेत्रों की बिजली दर में महज 10 पैसे प्रति यूनिट की ही बढ़ोतरी की गयी है | अब यह 5.30 रुपये प्रति यूनिट से बढ़कर 5.40 रुपये हो गयी है । मुख्य सचिव ने कहा कि बरौनी, कांटी और नवीनगर बिजलीघरों को एनटीपीसी को ट्रांसफर कर दिया गया है । इन यूनिटों से राज्य को अपने स्तर पर बिजली उत्पादन काफी महंगा पड़ रहा था । बरौनी थर्मल पॉवर स्टेशन से अभी बिजली उत्पादन में प्रति यूनिट 5.75 रुपये का खर्च आ रहा है, जबकि बाढ़ एनटीपीसी से बिजली खरीदने पर यह खर्च 4.25 पैसे प्रति यूनिट ही पड़ेगा । इस वजह से सभी बिजली उत्पादन ईकाइयों को एनटीपीसी को ही स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है । इससे सरकार को 875 करोड़ रुपये सालाना की बचत होने का अनुमान है । वर्ष 2017-18 के लिए बिजली उपलब्धता करीब 27 हजार 178 मिलियन यूनिट है, जबकि 2018-19 के लिए बिजली उपलब्धता का लक्ष्य 29 हजार 403 मिलियन यूनिट निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष से 8% अधिक है । सब्सिडी के बाद बिजली दर :-कुटीर उद्योग- 2.45,घरेलू (ग्रामीण)- 3.17,घरेलू (शहरी)- 5.40,गैर-घरेलू (ग्रामीण)- 4.00,गैर-घरेलू (शहरी)- 8.25,कृषि एवं सिंचाई-1 - 1.50,कृषि एवं सिंचाई-2 - 7.75,औद्योगिक सेवा-1 - 8.35,(19 केवी तक) औद्योगिक सेवा-2 - 8.32 (19 केवी से ज्यादा और 74 केवी से कम) औद्योगिक सेवा-1 - 8.67,(11 केवी) औद्योगिक सेवा-2 - 8.60,(33 केवी), औद्योगिक सेवा-3 - 8.01,(132 केवी) (सभी आंकड़े रुपये प्रति यूनिट में) हिन्दुस्थान समाचार/अरुण/शंकर इधर दिल्ली सरकार के इस कदम पर बिजली कंपनियों का कहना है कि ऊंचे दाम का कारण ज्यादा जनरेशन और ट्रांसमिशन कॉस्ट है। बिजली के दाम में 80 फीसदी हिस्सा जनरेटिंग और ट्रांसमिशन कंपनियों का है। जनरेशन और ट्रांसमिशन की लागत लगातार बढ़ रही है। और जहां तक ऑडिट का सवाल है तो सीएजी और रेगुलेटरी अथॉरिटी उन पर लगातार नजर रखती हैं। बिजली कंपनियों का हर साल ऑडिट होता है और डीईआरसी हर साल अकाउंट्स की जांच करता है। जवाब –  संबंधित / विद्युत विभाग द्वारा इस संबंध में उनके नियमों / विनियमों के अनुसार अवैध कनेक्शनों का निपटान किया जाना चाहिए। हालांकि, यह योजना स्पष्ट करती है कि जिन बकाएदारों का कनेक्शन डिस्कनेक्ट कर दिया गया है उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। 12345678910 IPL 2018 जीवन शैली मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न 7. नहीं बंद होंगी मुफ्त बैंकिंग सेवाएं, सरकार ने खबरों का किया खंडन फंसी बिजली परियोजनाओं पर सरकार का नया प्लान, ऐसे निकालेगा मुश्किलों का हल प्रशीतलक परीक्षण प्रयोगशाला Tags दिल्ली में इस कार की कीमत 5लाख 90 हज़ार रुपये (11000 डॉलर) रखी गई है. भारत में पेश किए जाने के बाद इस कार को अगले साल से अफ़्रीका और यूरोप के बाज़ारों में उपलब्ध होगी. MLA BJP twitter aajtak.in[Edited By : स्नेहा] Mon, 20 Aug 2018 08:30 PM IST Gaya Amritsar जल विज्ञानीय शब्द 100 MVA चालू लाइन परीक्षण प्रयोगशाला II links: India Today Woman's Summit India News CONGRESS LEADERS, VIRBHDRA, VIDEO VIRAL ऐल्युमीनियम (ALUMINUM) जोशीमठ: सुरंग निर्माण में फूटे स्रोत से खतरे में जनजीवन VIDEO: पांडु नदी में छात्रा ने लगाई छलांग, रेस्‍क्‍यू जारी रायपुर पंचांग पुराण हकीकत या कहानी : दुनिया के अनसुलझे रहस्य, जो अाज भी बने हुए है अबूझ पह... 1500MVA लघु पथन प्रयोगशाला i रिलायन्स ने खुद की ही कंपनी से सस्ती बिजली खरीद कर दूसरी कंपनी को मंहगी बिजली बेच कर, जनता को लूटा #DiscomFactspic.twitter.com/pb1jCcVpt9 ईमेल News18 India क्या पहाड़ी गुफा में बचा कर रखी जा सकती है बिजली मूल्य: negotiation नया- ताजा विगत वर्षों के प्रश्नपत्र बिजली की दरों में बदलाव के चांस कम HAMIRPUR YUKAN WORKER AND POLICE SCRIMMAGE 14 जयनारायण मुंडा की और से 72वाँ स्वतंत्रा दिवस के अवसर हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि और गैर-कृषि उपभोक्ताओं को विवेकपूर्ण तरीके से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना सुलभ बनाने के लिए कृषि और गैर–कृषि फीडर सुविधाओं को अलग–अलग किया जाएगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में वितरण और उप - पारेषण प्रणाली को मजबूत किया जाएगा जिसमें वितरण ट्रांसफार्मर, फीडर और उपभोक्‍ताओं के लिए मीटर लगाना सम्मिलित होगा। बक्सर 97 Retweets   (ब्यूरो कार्यालय) भिण्ड (साई)। मध्य प्रदेश में शहीदों को राज्य शासन द्वारा दी जाने वाली सम्मान निधि में से 60 प्रतिशत राशि शहीद पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का काम अधूरा छोड़कर गायब हुईं कंपनियों में सबसे ज्यादा चार हैदराबाद की बताई जा रही हैं। अन्य कंपनियां चेन्नई, बेंगलूरु, जबलपुर, सतना व नोएडा की हैं। काम पूरा नहीं करने वाली इन कंपनियों पर कार्रवाई के बाद बिजली कंपनी इनकी बैंक गारंटी जब्त करने की कवायद में जुट गई है। मार्च में राजस्व संग्रह 1300 करोड़ पर पहुंचा : बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के अधिकारी वर्तमान वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन लगातार राजस्व संग्रह से जुड़े आंकड़े को इकट्ठा करने में लगे थे। देर शाम तक उपलब्ध आंकड़े के अनुसार अकेले मार्च 2018 में यह लगभग 1300 करोड़ पर पहुंचने की उम्मीद है। वहीं मार्च 2017 में यह राशि 830 करोड़ रुपए थी। देर शाम तक इस वर्ष मार्च में साउथ बिहार पावर होल्डिंग कंपनी का योगदान 850 करोड़ तथा नार्थ बिहार पावर होल्डिंग कंपनी का योगदान 450 करोड़ दर्ज हुआ। भरपूर बिजली के सरकारी इरादे पर पानी फेर रही कोयला कंपनियां वृद्धावस्था पेंशन/ किसान पेंशन विद्युत नियामक आयोग ने बिजली बिल पर लगने वाले दोहरे रेग्युलेटरी सरचार्ज से उपभोक्ताओं को राहत दी है। आयोग ने रेग्युलेटरी सरचार्ज प्रथम को खत्म करने का आदेश आज जारी कर दिया। दरअसल प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से मौजूदा समय में दोहरा रेग्युलेटरी सरचार्ज लिया जा रहा था। रेग्युलेटरी सरचार्ज प्रथम और द्वितीय। होम पेज ऊर्जा संदेश समाज July 6, 2018 MPINFO Agent Login Date: July 19, 2018 प्रवक्ता ने बताया कि स्वीकृत राशि राज्य सरकार के खजाने के माध्यम से सीधे आवेदक के बैंक खाते में जमा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सब्सिडी राशि जारी होने से पहले आवेदक को हलफनामा और पूर्व-रसीद जमा करनी होगी और निदेशक, उद्योग और वाणिज्य पावर टैरिफ सब्सिडी की मंजूरी के लिए सक्षम प्राधिकारी होंगे। म. प्र. पुर्व क्षेत्र विद्युत वितरण क. लावारिस पशुओं से मुक्त नहीं हुआ पंचकूला, चादगोठिया पहुंचे कोर्ट जूनियर असिस्टेंट: 10000 रुपये electricity demo pic इस तरह से बढ़ी बिजली की दरें आयोग के अध्यक्ष देशदीपक वर्मा ने बताया कि एक अप्रैल से रेग्युलेटरी सरचार्ज प्रथम को खत्म माना जाएगा। उन्होंने बताया कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन राजस्व वसूली और लाइन लॉस के लक्ष्य को पूरा करने में नाकाम रहा है। इसलिए उपभोक्ताओं से दोहरा रेग्युलेटरी सरचार्ज वसूलने का उसे कोई अधिकार नहीं है। #electricity consumers Ramayan अटल की अंतिम यात्रा के कारण दिल्ली में आज बंद रहेंगे ये रास्ते भिवानी © copyright reserved National Dastak. 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