Reader's Digest Like यह हैं वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज 8 अनोखे कारनामें...जानकार आप भी हो जा... महाराजगंज bihar रांची : झारखंड में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है. विद्युत नियामक आयोग ने झारखंड बिजली वितरण निगम के प्रस्ताव पर नया टैरिफ निर्धारित कर दिया है. इसके अनुसार, राज्य में घरेलू बिजली 98 फीसदी तक महंगी हो गयी है. नयी दर एक मई से लागू कर दी जायेगी.  Contact Us मनमोहन सिंह के कार्यकाल में सबसे तेज रही आर्थिक वृद्धि दर, रिपोर्ट में हुआ खुलासा Big News जारी परामर्श - डीएसडी खाता बनाएँलॉग इनविशेषखोजें SIGN IN (खंड-13: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं का विकास और प्रबंधन) झारखंड 5- मेटस इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद July 2018 ऊर्जा मंत्रालय इस योजना के कार्यान्वयन प्राधिकरण होगा। Help केस्को को अंतरिम आदेश का मिला लाभ विद्युत नियामक आयोग ने बिजली बिल पर लगने वाले दोहरे रेग्युलेटरी सरचार्ज से उपभोक्ताओं को राहत दी है। आयोग ने रेग्युलेटरी सरचार्ज प्रथम को खत्म करने का आदेश आज जारी कर दिया। दरअसल प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से मौजूदा समय में दोहरा रेग्युलेटरी सरचार्ज लिया जा रहा था। रेग्युलेटरी सरचार्ज प्रथम और द्वितीय। अटल बिहारी के सम्मान में मॉरीशस ने उठाया ऐसा कदम की जान करेंगे गर्व महिन्द्रा मराज़ो के डैशबोर्ड से जुड़ी जानकारी आई सामने, जानिए China News छपरा में अटल बिहारी वाजपेयी का शोक सभा का आयोजन किया... July 2017 Related Stories अमेरिका और चीन के बीच... ​ UPA राज में भी चल रही थीं NDA की ये योजनाएं स्वस्थ रहने के लिए बहुत जरूरी हैं ये विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ जी ई आर सी प्रदेश में सरल बिजली योजना का अब तक करीब 43 लाख हितग्राहियों को लाभ मिलना शुरू हो गया है। इस योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को 200 रुपये प्रतिमाह फ्लैट रेट पर बिजली दी जा रही है। इनके बकाया बिजली बिलों को भी माफ़ किया जा रहा है। विधानसभा को देखते हुए लाई गई इस योजना को लेकर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि बिजली वितरण कंपनियों के बजट पर प्रभाव पड़ेगा। इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ेगा, बिजली की दरों में वृद्धि होगी और लोगों का बिजली बिल बढ़ जायेगा। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपाडें और डॉ. एमए खान ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में यह तर्क दिया गया है कि वर्ष 2003 में भी इसी तरह मुफ्त बिजली देने के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली गई थी। तब कोर्ट ने तत्कालीन सरकार को 100 करोड़ रुपये चुकाने का आदेश दिया था। Radio D प्रशीतलक परीक्षण प्रयोगशाला भागलपुर भारत3 मिनट Personal tools पदों की संख्या: 1648 यूपी : विद्युत नियामक आयोग के नवनिर्मित भवन की छत गिरी, हादसा टला महराजगंज घोषणाएँ Created at - December 23, 2016, 1:28 pm सीपीआईओ / प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों हेतु आरटीआई 200 यूनिट तक की बिजली की कीमत में एक रुपये प्रति यूनिट की दर से कटौती की गई है, जबकि 201-400 यूनिट तक की बिजली की कीमत में 1.45 रुपये प्रति यूनिट की दर से कटौती की गई है. इसके अलावा 401-800 यूनिट तक की कीमत दर में 80 पैसे प्रति यूनिट की दर से कमी की गई है. बिजली की यूनिट की कीमत दर में कमी का फायदा सभी घरेलू ग्राहकों को मिलेगा. हालांकि फिक्स चार्ज में वृद्धि से लोगों को झटका लगा है. इस तरह 201-400 यूनिट तक बिजली का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा. हमारी पुस्तकें कोयला उद्योग समाचार इमारान खान ने पाकिस्तान के 22वें पीएम के रूप में ली शपथ 2 mins Relationship Similar Posts 1- 100          3.50 अरवल Asian Games 2018: नई इबारत लिखने की कोशिश करेंगे भारतीय दल के खिलाड़ी 1000 यूनिट की खपत पर उपभोक्ता को 100 रुपए की बचत   /  रायपुर सावन मास की हर शाम अवश्य करें ये काम, मिलेगा कुबेर के समान खजाने का भंडार ऑटो रिव्यू आय घोषणा योजना, 2016 Get instant insight into what people are talking about now. बॉर्डर एरिया के गावों में आबकारी पुलिस के छापे, शराब जब्त और लाहण नष्ट ऑनलाइन भुगतान करने पर एक फीसदी की अतिरिक्त छूट  नॉएडा से गोरखपुर सिर्फ 10 घंटे में पहुंचाएगा देश का सबसे लम्बा एक्सप्रेसवे इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में बिजली की दरों में लगभग दोगुनी वृद्धि की गई है. ग्रामीण उपभोक्ताओं को अब 100 यूनिट तक 3.0 रुपये प्रति यूनिट, 100 से 150 यूनिट तक 3.50 रुपये प्रति यूनिट और 150 से 300 यूनिट के लिए 4.50 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होगा. स्टेट Hindi News/ जर्मन सिखाना ‘‘इससे 85,000 से अधिक छोटे औद्योगिक उपभोक्ताओं को लाभ होगा जो 4.99 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से अदायगी करेंगे जबकि बड़े और दरम्याने औद्योगिक बिजली उपभोक्ता 5 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से अदायगी करेंगे।’’  पश्चिमी भारत आंकड़े बताते हैं कि नेशनल स्किल डेवलपमेंट काउंसिल ने सितंबर 2017 तक सिर्फ छह लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया है और सिर्फ 72,858 प्रशिक्षित युवाओं को 12 फीसदी की दर से काम दे सका है. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पहला चरण) के तहत रोजगार देने की दर सिर्फ 18 फीसदी रही है. Faststep Tamil Business News जनअभियान परिषद कार्यालय में झंडा वन्दन किया गया 15/08/2018 news bengali news marathi news tamil news malayalam news Gujarati News Telugu News Kannada News zeebiz wion dna INVESTOR INFO बीईआरसी के अध्यक्ष एस के नेगी ने सोमवार यहां संवाददाताओं को बताया कि आयोग ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में इन दोनों कंपनियों की बिजली दर में वृद्धि करना उचित नहीं समझा। उन्होंने कहा कि आयोग ने जांच के बाद 2015-16 में इन दोनों कंपनियों की राजस्व आवश्यकता में 902.92 करोड़ रुपए की कमी (गैप) पाई जिसमें कैरिंग कास्ट को जोडे जाने के बाद वित्तीय वर्ष 2015-16 का सरप्लस 1916 करोड़ रुपए आया। इस सरप्लस की समीक्षा सत्यापित वार्षिक लेखा के आधार पर नहीं है इसलिए आयोग ने वर्ष 2016-17 के राजस्व आवश्यकता में इसे सम्मिलित करना उचित नहीं समझा। उन्होंने कहा कि मांग आधारित टैरिफ तीन फेज यथा एनडीएस 2, एनडीएस 3 एवं एलटीआईएस 2 उपभोक्ता श्रेणियों में आवश्यक किया गया है। नेगी ने बताया कि उपभोक्ता के अग्रिम भुगतान पर एवं प्रीपेड मीटरयुक्त उपभोक्ता के लिए सूद मिलने की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि कुटीर ज्योति बीपीएल (ग्रामीण) के लिए संबंध भार की सीमा बढ़ाकर 100 वाट की गई है। इस अवसर पर आयोग के दो अन्य सदस्य राजीव अमित और एससी झा भी उपस्थित थे। मुख्य परीक्षा की रणनीति Jump to navigationJump to search दादी नानी के नुस्खे कुमार ने कहा, 'कई पावर कंपनियों के कर्ज को पहले ही बैड लोन कैटेगरी में डाला जा चुका है और इस तरह के कुछ और लोन इस वर्ग में जा सकते हैं। हाईकोर्ट का फैसला बैंकों के लिए अच्छा है क्योंकि इससे उन्हें कोर्ट से बाहर लोन रिजॉल्यूशन के लिए अधिक समय मिलेगा।' आरबीआई के सर्कुलर में 180 दिनों के पीरियड के लिए 1 मार्च को रेफरेंस डेट बताया गया था। इसलिए बैंकरप्सी कोर्ट से बाहर लोन रिजॉल्यूशन के लिए बैंकों के पास अगस्त के अंत तक का समय है। अभी देश की 22 पर्सेंट इंस्टॉल्ड पावर जेनरेशन कैपेसिटी एनपीए है। रिजर्व बैंक के डेटा के मुताबिक, भारतीय बैंकों ने पावर सेक्टर को अप्रैल के अंत तक 5.19 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया हुआ था। लेकिन इस योजना पर बहुत ही धीमी गति से काम बढ़ रहा है. शहरी आबादी के लिए दो करोड़ मकान बनाने के लक्ष्य में से दिसंबर 2017 के आखिरी तक सिर्फ 4.13 लाख मकान ही तैयार हो पाए थे और 15.65 लाख मकान निर्माणाधीन थे. भीलवाड़ा राजस्थान में राहुल गांधी चुनाव से पहले करेंगे कई रोड शो,… पूर्वी भारत DDA Aawasiya Yojana June 13, 2018 सदा नुसरत State Of The States Conclave 0      0 नो फेक न्यूज़ नया मोबाइल शासन JarnailSinghAAP's profile © Punjab Kesari 2018 SUBSCRIPTION 0 घटा लाइन लॉस 31.75 से 26.64 फीसद। लोन रिजॉल्यूशन के लिए लैंको, JP समेत 11 प्लांट्स का टेकओवर करेंगे बैंक ग्लोबल वार्मिंग व जलवायु परिवर्तन About the author थानाध्यक्ष से ही अपराधियों ने मांगी पांच लाख की रंगदारी,… बाड़मेर से भीनमाल तक 144 किमी लंबी 400 केवी बिजली सप्लाई की लाइन का काम पूरा,139 करोड़ के काम में 399 टॉवर लगने हैं, अब सिर्फ 22 लगने ही बाकी, अगस्त से बेहतर होगी बिजली सप्लाई कम रकम वाले लोन के मामले में बढ़ते तनाव की वजहों पर मित्तल ने कहा है, ‘बढ़ती हुई प्रतिस्पर्धा से इस पर फर्क पड़ेगा. परिणामस्वरूप लोन देने के मापदंडों में गिरावट आएगी और स्व-नियोजित क्षेत्रों में अधिक मात्रा में लोन दिए जाएंगे.” फ़ुटबॉल फंसी बिजली परियोजनाओं पर सरकार का नया प्लान, ऐसे निकालेगा मुश्किलों का हल Use the search bar at the top to find what your looking for. नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच का आरोप है कि आने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले शिवराज सरकार ने चुनावी लाभ के उद्देश्य से कमजोर तबकों के वोट बैंक को साधने के लिए यह योजना शुरू की है। इनके अनुसार बकाया बिजली बिलों की माफी का सरकार का निर्णय मनमाना है। जिससे नियमित रूप से बिजली बिल भरने आम उपभोक्ताओं पर प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से आर्थिक बोझ बढ़ेगा। गैस और इलेक्ट्रिक बिल - नवीकरणीय ऊर्जा गैस और इलेक्ट्रिक बिल - गैस तुलना गैस और इलेक्ट्रिक बिल - इलेक्ट्रिक कंपनी स्विच करें
Legal | Sitemap