Home Online मकर Hi-Fi Partner sites : जब भी खांसता था बच्‍चा आती थी सीटी की आवाज, डॉक्‍टर्स भी हैरान फ्राइबुर्ग की सौर कॉलोनी राजधानी में पवेलियन ग्राउंड से शुरू हुई पीएम 'सौभाग्य' योजना। राज्य के सभी जिलों में योजना की हुई शुरुआत। स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे से लहराया राजधानी, देखिए दिल्ली से ग्राउंड रिपोर्ट वास्‍तविक काल अंकीय अनुकारक औद्योगिक क्षेत्र के लिए मात्र सात फीसदी बढ़ायी गयी दर   आठ जुआरियों से साढ़े 11 हजार जब्त & ldquo; सिचुआन ने एक तरफ, नीति स्तर पर एक परिपत्र जारी किया, जिसके लिए नए छोटे जल विद्युत स्टेशनों की आवश्यकता नहीं थी; [उसी समय] पावर कंपनी उत्तरार्द्ध की पावर ग्रिड को बढ़ावा देने के लिए छोटे जल विद्युत स्टेशनों के अधिग्रहण को आगे बढ़ा रही है, [छोड़कर] बिटकॉइन कम लागत वाली विद्युत स्थान तेजी से तंग है। & Rdquo; रहना है हर खबर से अपडेट तो तुरंत डाउनलोड करें प्रभासाक्षी एंड्रॉयड ऐप Jammu & Kashmir एंकर्स चैट Free Trial 19 Hours Ago gdcchanderi MPINFO उफ़ ये कार... आज सुनसान है वो रेस्टोरेंट जहां अटल जी खाया करते... केरल में बाढ़ से बुरा हाल, अब तक 324 की मौत, दौरे पर पीएम मोदी दिल्ली/एनसीआर Join Us सौभाग्य योजना (सहज बिजली हर घर योजना) उत्तर प्रदेश के लोए यहाँ क्लिक करें॥ Paytm से भरेंगे बिजली बिल तो मिलेगी 200 रुपए तक की छूट, फ्रिज और बाइक जीतने का भी मौका राजस्व, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने पूजन किया 16/08/2018 Home > News বাংলা Manoj vaishnava Aug 12, 2018 08:38 PM आयोग ने बिजली कंपनियों को निर्देश दिया कि पंखों की कीमत को 10 किस्तों और एसी की कीमत को 18 किस्तों में वसूला जाए. इसके अलावा आयोग ने कहा कि सस्ते उपकरण नकद भी दिए जा सकते है. नई दिल्ली: बिजली मंत्री आर के सिंह ने शुक्रवार (24 नवंबर) को कहा कि सरकार हर घर को सातों दिन 24 घंटे सस्ती बिजली देने की दिशा में काम कर रही है और इसका पूरा दायित्व वितरण कंपनियों पर होगा. सिंह ने यह भी कहा कि हम अपतटीय क्षेत्र तथा देश के भीतर मौजूद बड़े जलाशयों में पवन और सौर ऊर्जा परियोजनाएं लगाने पर गौर कर रहे हैं. साथ ही देश में आने वाले समय में सौर ऊर्जा उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिये परियोजनाओं को विनिर्माण से जोड़ा जाएगा. आखिरी गेंद पर छक्के से टीम को जिताने वाले बल्लेबाज प्रधानमंत्री योजना # Maharashtra Band# Akhilesh Yadav# Kanwar Yatra 2018# Maharashtra Band Today# Dawood Ibrahim# Rains in Mumbai# Delhi Samachar# Gujarat News# Hindi Samachar# Burari Case दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री खुराना के बड़े बेटे का निधन, BJP नेताओं... UP उज्ज्वला योजना की शुरुआत के बाद एलपीजी कनेक्शन की संख्या में हालांकि बड़ा इजाफा देखा गया है. लेकिन इसके हिसाब से एलपीजी की खपत उतनी नहीं हुई है. आरटीएल, नोएडा zee media websites नई दिल्ली। इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी बीएसईएस ने मोबाइल कॉमर्स प्लेटफॉर्म Paytm के साथ गठबंधन किया है। इसके तहत बिजली बिल भुगतान करने पर उपभोक्ताओं को कैशबैक दिया जाएगा। बीएसईएस के प्रवक्ता ने कहा कि पेमेंट करने के एक हफ्ते बाद बिलों का भुगतान करने वाले ग्राहकों को 200 रुपए तक कैशबैक मिलेगा। हालांकि कंपनी के मुताबिक पेमेंट डेट से पहले अन्य सभी भुगतानों के लिए यह योजना फरवरी से मार्च तक वैध रहेगी। മലയാളം गुरुग्राम Hausa Hausa पूर्वांचल के उपभोक्ताओं को बिजली बिल पर अब केवल 1.03 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज ही देना होगा। इसी तरह दक्षिणांचल में 1.70 फीसदी रेग्युलेटरी सरचार्ज में कटौती की गई है। दक्षिणांचल के उपभोक्ताओं को बिजली बिल पर 2.84 के बजाय अब केवल 1.14 फीसदी सरचार्ज देना होगा। सरचार्ज में कटौती से प्रदेश के 1 करोड़ 39 लाख उपभोक्ताओं को बिल पर 115 करोड़ रुपये का सीधा लाभ होगा। जीवन मंत्र इस तारीख को जिओ फ़ोन 2 की अगला फ़्लैश सेल, तैयार रहे हरियाणा में पहली बार बिजली कंपनियां घाटे से उबरकर लाभ की स्थिति में आई हैं। लाइनलॉस कम होने के साथ ही पिछले साल के 193 करोड़ रुपये के घाटे के विपरीत इस साल बिजली कंपनियों को 115 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है। इससे जहां बिजली कंपनियां उत्साहित हैं, वहीं सरकार ने इसका लाभ उपभोक्ताओं को देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल चाहते हैं कि बिजली के रेट कम किए जाएं, लेकिन साथ ही उन्होंने बिजली कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि पहले उत्पादन की बाधाओं को दूर किया जाना चाहिए। कांवड़ियों से भरी बस डिवाइडर पर चढ़ी, हादसे में 35 लोग घायल sports भारतीय रिजर्व बैंक ने बड़ा झटका देते हुए रेपो रेट में 0.25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर दी है। केंद्रीय बैंक ने रिवर्स रेपो रेट में भी बदलाव कर दिया है। अब नया रेपो रेट 6.5 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 6.25 फीसदी हो गया है। मकर राशि वालों आज आपके बिगड़े काम बनेगें तथा अधिकारियों से आपकी मित्रता के कारण आपको लाभ प्राप्त......Read more मोदी सरकार द्वारा बीते चार सालों में बदलाव के बड़े दावों के साथ शुरू की गईं विभिन्न योजनाएं कोई बड़ी उपलब्धि हासिल कर पाने में नाकाम रही हैं. नशों के खिलाफ जंग में उतरे ओलिम्पिक पदक विजेता और पंजाबी गायक वैकल्पिक विषय - इतिहास Login BSES खबरें एक झलक में बड़ी खबर अन्य खबरें ज़ी स्पेशल Best Washing Machines in India Joyville by Shapoorji Pallonji समाचार » कोयला उद्योग समाचार » बिजली कंपनियों को मिलेगा सस्ता कर्ज Terms and Conditions WHO WE ARE कृपया क्लिक करके, होम पेज पर वापस जाइए! अ- अ अ+ मो जहांगीर संधारित्र प्रभाग (सी डी) सांकेतिक फोटो। TV Serials - अनमीटर्ड ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं की 180 व 200 रुपये प्रति किलोवाट के स्थान पर अब 300 रुपये प्रति किलोवाट की दर से भुगतान करना पड़ेगा। 1 अप्रैल से इन उपभोक्ताओं की दर 100 रुपये प्रति किलोवाट और बढ़ जाएगी और इन्हें 400 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से बिल चुकाना होगा। दिल्ली कांग्रेस दफ्तर में शीला दीक्षित, अजय माकन, हारून यूसुफ, अरविंदर लवली, सज्जन कुमार और महाबल मिश्रा समेत कई पूर्व विधायक और सांसदों की बैठक हुई. निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ?   Previous StoryReduce Power: RBI गवर्नर की पावर होगी कम, अब MPC तय करेगी नीतिगत दरें Next StoryEPFO के लिए UAN जरूरी, जानिए इससे जुड़ी 3 अहम बातें   नियमित बिजली बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ेगा भार ए एस सी आर / ए ए ए सी चालकों के लिए प्रकार परीक्षण सुविधाएँ कार्यपालक दंडाधिकारी, बेरमो, तेनुघाट electricity connection up news in hindi lucknow news 'प्रारम्भिक शिक्षा में सामान्य मुल्याकंन परीक्षा के लिए बच्चो को ना किया जाए मजबूर' भारतीय बिजली ग्रिड संहिता Comment अध्यक्ष ने साफ किया कि राज्य सरकार चाहे तो अनुदान देकर आयोग की ओर से निर्धारित बिजली दर के बोझ को कम कर सकती है। वृद्धि के तर्क में कहा कि राज्य सरकार की ओर से अनुदान देने का कोई पत्र नहीं आया। साथ ही इस साल के अंत तक सभी को कनेक्शन देने की योजना के कारण बिजली नेटवर्क विस्तार में कंपनी के खर्च में वृद्धि हो गई है। दोनों कंपनियों ने अप्रैल 2017 से मार्च 2019 तक 36 लाख 19 हजार 683 उपभोक्ता बनाने का लक्ष्य दिया है।  Help Get business news in hindi, stock exchange, sensex news and all breaking news from share market in Hindi. Browse Navbharat Times to get latest news in hindi from Business. कंपनी रिजल्ट्स Jitender sharma Jul 03, 2018 04:20 AM Comment मेनू बदल रेलयात्रियों से वसूली जा रही दोहरी कीमत, मांगने पर भी नहीं दिखाते रेट लिस्ट फोटो गैलरी August 18, 2018 seoni 0 वीरपुर/बेगूसराय: रामनवमी के अवसर पर रविवार को हिन्दू जागरण मंच द्वारा भव्य शोभा यात्रा निकाली गयी. इसमें शामिल हजार से अधिक बाइक पर सवार हिन्दुओं ने बड़ी ठाकुरवाड़ी वीरपुर से नौलागढ़ ठाकुरवाड़ी तक लगभग आठ […] रुड़की अस्वीकरण और नीतियां Recent Comments सांसद रघु शर्मा ने जन्मदिन पर पुष्कर में की पूजा अर्चना न्यूज निचोड़ At 11 AM : वाजपेयी की हालत नाजुक त्‍वरित विद्युत विकास एवं सुधार कार्यक्रम (एपीडीआरपी) 23 Views समाज सेबी चाईबासा Share Video राजस्थान पी.सी.एस. इब्ने सफी: खटक रहा था जिसके दिल में एक गुलाब का जख्म kadwa sach‏ @SachKadwa 18 Aug 2015 विद्युत प्रदायक बदलें - समीक्षा विद्युत प्रदायक बदलें - इलेक्ट्रिक कंपनी की दरें विद्युत प्रदायक बदलें - पावर प्रदाता
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