लाइव सिटीज डेस्क, देवांशु प्रभात : भाजपा के राष्ट्रीय  अध्यक्ष अमित शाह आज रांची में हैं. भाजपा सरना और सदान पर फोकस के साथ मिशन 2019 की शुरुआत करने जा रही है. अमित शाह आदिवासी […] आवेदन करें औद्योगिक ठोस अपशिष्ट उपयोगिता केंद्र पर्यटन अभिकर्ता (एजेंट) सर्वेक्षण 2018 Reviews आवेग धारा प्रयोगशाला जागरण प्राइम टाइम न्यूज प्रदेश उपाध्यक्ष , झारखण्ड युवा कॉग्रेस Publish Date:Sat, 03 Jun 2017 01:00 AM (IST) हमारे बारे में : बिहार कैफ़े अजमेर में राज्यमंत्री अनिता भदेल ने किया विकास कार्यों का शुभारंभ प्रदीपन प्रयोगशाला #Superfoods: मोटापे से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें सोया दूध, जानें इसके फायदे Copyright © 2016 Prabhat Khabar (NPHL) More From Barmer यह भी पढ़ें 1966 से अब तक हरियाणा के मुख्यमंत्री की सूची बिना चिप वाले एटीएम कार्ड 31 दिसंबर के बाद अमान्य प्रयोक्ता इंटरफ़ेस मंदिर भारत में खुला IKEA का पहला स्‍टोर, सबसे सस्‍ती चीज 15 रुपए की ऊर्जा बचाने वाले घर इधर दिल्ली सरकार के इस कदम पर बिजली कंपनियों का कहना है कि ऊंचे दाम का कारण ज्यादा जनरेशन और ट्रांसमिशन कॉस्ट है। बिजली के दाम में 80 फीसदी हिस्सा जनरेटिंग और ट्रांसमिशन कंपनियों का है। जनरेशन और ट्रांसमिशन की लागत लगातार बढ़ रही है। और जहां तक ऑडिट का सवाल है तो सीएजी और रेगुलेटरी अथॉरिटी उन पर लगातार नजर रखती हैं। बिजली कंपनियों का हर साल ऑडिट होता है और डीईआरसी हर साल अकाउंट्स की जांच करता है। Uttar Pradesh news विक्की स्टोर, दु - 62 मार्केट कॉम्प्लेक्स @AamAadmiParty @DrKumarVishwas अरे बन्द करो नाटक। सरकार तेरी है । है औकात तो कुछ करो । जनता को चुतिया बनाना बन्द नही करोगे??? बिजली कंपनी के प्रस्ताव पर फैसला सुनाने का अधिकार विनियामक आयोग को है। पिछले वर्ष राज्य सरकार ने दर की समीक्षा के बाद अनुदान देने की घोषणा की थी। उसी के तर्ज पर इस बार भी बिजली दर की समीक्षा करते हुए अनुदान पर निर्णय लिया जाएगा। पेरेंटिंग Follow @thewirehindi वितरण कृषि(25 एचपी तक)- 5.70 - 5.00 जुलाई 25, 2018 Razia Ansari BIHAR, आपका प्रदेश, ट्रेंडिंग 0 इनोवेशन्स चांद बिहारी अग्रवाल : कभी बेचते थे पकौड़े, आज इनकी जूलरी पर है बिहार को भरोसा शहडोल- संभाग में विद्युत सुदृढि़करण के लिए तीन महत्वपूर्ण योजनाएं चल रहीं हैं। तीनों योजनाओं में लगभग 382 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। योजनाएं चल तो रहीं हैं लेकिन समय के साथ गति नहीं APPS 'असम समेत 14 राज्यों पर बिजली उत्पादक कंपनियों का करोड़ों बकाया' जालौन सोलर पावर कंपनियों के बीच छिड़ेगी प्राइस वार सस्ती बिजली की राह में रोड़ा बनीं कोयला कंपनियां एनपीपी परियोजना विवरण August 18, 2018 seoni 0 सिटी सो सॉरी नया हरियाणा : 13 अगस्त 2018 करेंट अफेयर्स क्विक रिवीज़न केरल बाढ़ का जाजया लेने के लिए पीएम मोदी कोच्चि पहुंचे। Leaders केबिल तथा चालक जयपुर Source मैनुअल-3 & 4 उच्च शक्ति प्रयोगशाला (एचपीएल) तेलंगाना कांती वेल्गु कार्यक्रम मुफ्त आई चेक-अप योजना आइए जानते हैं बिजली की दरों में बढोतरी को लेकर किन मुद्दों पर गुप्ता ने सरकार को घेरा सरकार ने निजी कंपनियों के उस हिसाब किताब को लेकर कोई पड़ताल नहीं की, जो कंपनियों ने सरकार के पास जमा कराया. हर साल कंपनियां फर्जी घाटा सरकार के सामने पेश करती हैं और सरकार चुपचाप उसे अपने पास रख लेती है, इसका मतलब है कि सरकार की मौन स्वीकृति है. अब कंपनियों ने इसी घाटे को आधार बनाकर बिजली की बढ़ी हुई दरें डीईआरसी के सामने पेश कर दी हैं. सरकार तो (सीएजी) आडिट कराने की बात करती थी, लेकिन अब उस मामले पर चुप है, केजरीवाल जी को जवाब देना चाहिए कि आखिर दिल्ली वालों को सस्ती बिजली के सपने दिखाकर बिजली महंगी करने की तैयारी क्यों की जा रही है. सरकार हर साल दो हज़ार करोड़ रुपए निजी बिजली कंपनियों को सब्सि़डी के तौर पर दे रही है, दिल्ली की जनता की कमाई का पैसा कंपनियों को दिया जा रहा है और अब दिल्ली की जनता पर ही टैरिफ का बोझ बढाने की तैयारी हो रही है. केरल बाढ़: खराब मौसम के चलते नहीं हो पाया पीएम का हवाई सर्वे, 500 करोड़ रूपये अंतरिम राहत की घोषणा रिपोर्ट गुजरात Football DW और आप लोकप्रिय श्रेणियों Twitter may be over capacity or experiencing a momentary hiccup. Try again or visit Twitter Status for more information. Complaints Saharsa देखें LIVE: अंतिम सफर पर निकले अटल जी, मोदी, शाह सहित जनसैलाब यात्रा में पोस्ट डाक्टरल फैलोशिप Related Articles (Topic wise) jobs भारत में लॉन्च हुआ लग्जरी कार से भी महंगा क्रूज़र मोटरसाइकिल अलविदा अटल: बेटी नमिता ने दी मुखाग्नि, राजकीय सम्मान के साथ हुआ वाजपेयी का अंतिम संस्कार Published Date 2016/09/16 20:35, Written by- Goverdhan Chaudhary विकि रुझान सातवाँ सवाल –  क्या DUDUGY के तहत उपलब्ध परिव्यय से अधिक सौभाग्य योजना की लागत है? पड़ोसी देशों से खाद्य तेल पर मिली रियायत रद्द करने की मांग इस अवसर पर बसपा सुप्रीमों मायावती ने कहा कि एक तरफ  से तो पूरे प्रदेश में बिजली की भारी कमी के कारण लोगों में हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है और दूसरी तरफ  बिजली की दरों में भारी वृद्धि करके प्रदेश की आमजनता को काफी ज़्यादा मुसीबत में डाला जा रहा है। ख़ासकर घरेलू उपयोग में आने वाली बिजली की दर को 17 प्रतिशत तक मंहगी करके जनविरोधी’’ काम किया गया है। इससे शहर में रहने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं को इस मंहगाई का सामना सीधे तौर पर करना पड़ेगा। Recommended Videos Ram Badan Maurya‏ @1009711R Jun 4 Relationship दस साल पहले भी लगी थी रोक :इसके पहले करीब 10 साल पहले भी रोक लगा थी। कर्मचारियों द्वारा लंबे समय से मांग की जा रही थी। इसके बाद सरकार ने इसे फिर से शुरू किया था। छह महीने पहले फिर रोक लगा दी थी। अब इसे फिर हटा लिया गया है। गैस और इलेक्ट्रिक बिल - व्यापार के लिए सस्ता बिजली गैस और इलेक्ट्रिक बिल - विद्युत सेवा गैस और इलेक्ट्रिक बिल - सस्ते बिजली की आपूर्ति
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