इंटरव्यू का सही नज़रिया वाजपेयी को एक वामपंथी नेता की श्रद्धांजलि: हमारे कालखंड की संसदीय राजनीति की असाधारण शख्सियत संपादकीय ગુજરાતી हालांकि कोई सरकार के दावें पर कैसे सवाल खड़ा सकता है, अगर इन दावों को सही भी मान लिया जाए तो गांव के विद्युतीकरण से गांववालों को कोई फायदा तो हुआ नहीं है क्योंकि विद्युत आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता की हालत बनी हुई है. अगर इन्हें 24 घंटे बिजली दी भी जाती है तो इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि गांव वाले इस बिजली का उपभोग करने में सक्षम होंगे. Source 6- फव्वारा सिंचाई योजना.. - प्रत्यय अमृत, प्रधान सचिव, ऊर्जा विभाग  सरकार नई दिल्ली/ब्यूरो। आप सरकार ने 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी जारी रखने का निर्णय लिया है। पहले की तरह 400 यूनिट तक बिजली खर्च करने वालों को आधी कीमत पर बिजली वर्तमान वित्त वर्ष में भी मिलना जारी रहेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई दिल्ली कैबिनेट में इस आशय का निर्णय लिया गया। इससे सरकार को मौजूदा वित्त वर्ष में 1,720 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। 201-400 यूनिट बिजली खपत पर अब 4.5 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से चुकाना होगा. अभी हर यूनिट पर 5.95 रुपए देने पड़ते हैं. 401 से 800 रुपए प्रति यूनिट खर्च करने पर 6.5 रुपए प्रति यूनिट देना होगा. अभी यह 7.30 रुपए है. 801 से 1200 रुपए यूनिट बिजली जलाने पर 7 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली बिल देना होगा. अभी यह 8.10 रुपए है. जब देशभर से आए वीआईपी चार्टर्ड प्लेन से भर गया IGI सौभाग्य योजना के लिए केंद्र सरकार से 60% अनुदान राज्यों को मिलेगा, जबकि राज्य अपने कोष से 10% धन खर्च करेंगे और शेष 30% राशि बैंकों से बतौर ऋण लेनी होगी।  प्रभाग/प्रकोष्ठ/अनुभाग प्रमुख भास्कर के पाठकों के लिए पहली तस्वीर सापेक्षिक आर्द्रता राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए अटल बिहारी वाजपेयी लघु पथन प्रयोगशाला (एससीडी) इस पोस्ट को शेयर करें ईमेल टेक रिव्यू When you see a Tweet you love, tap the heart — it lets the person who wrote it know you shared the love. पोल करें मुखपृष्ठ PATNA : बिहार में बिजली कंपनी ने समाप्त हो रहे वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन राजस्व संग्रह का बड़ा रिकार्ड हासिल कर लिया। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में राजस्व संग्रह में 2200 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ है। अब तक की यह सबसे अधिक बढ़ोतरी है। बिजली कंपनी के आला अधिकारियों का आकलन है कि अब अनुदान के भरोसे अपने घाटे की भरपाई करने वाली बिजली कंपनी मुनाफे के ट्रैक पर आ रही है। Your name Ambedkar Nagar Related Items: कमेंट देखें गुमला बजट में सरकार ने दिया स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा, जानिए क्या होता है ये? रैपिड रेल: 'केंद्र सरकार नहीं उठा सकती दिल्ली के हिस्से का ख... मंत्रालय की संरचना बिज़नेस मनोज तिवारी की एलजी से अपील, दोबारा शुरू हो राजघाट पावर प्लांट B'Day Spl: 11 साल की उम्र में दलेर मेहंदी ने उठाया था इतना बड़ा कदम एंटरटेनमेंट 404 error बीबीसी से संपर्क शर्मनाक : स्कूल में छात्रा से गैंगरेप 18 के खिलाफ… सपा वित्त पोषण पद्धति कुमार ने कहा, 'कई पावर कंपनियों के कर्ज को पहले ही बैड लोन कैटेगरी में डाला जा चुका है और इस तरह के कुछ और लोन इस वर्ग में जा सकते हैं। हाईकोर्ट का फैसला बैंकों के लिए अच्छा है क्योंकि इससे उन्हें कोर्ट से बाहर लोन रिजॉल्यूशन के लिए अधिक समय मिलेगा।' आरबीआई के सर्कुलर में 180 दिनों के पीरियड के लिए 1 मार्च को रेफरेंस डेट बताया गया था। इसलिए बैंकरप्सी कोर्ट से बाहर लोन रिजॉल्यूशन के लिए बैंकों के पास अगस्त के अंत तक का समय है। अभी देश की 22 पर्सेंट इंस्टॉल्ड पावर जेनरेशन कैपेसिटी एनपीए है। रिजर्व बैंक के डेटा के मुताबिक, भारतीय बैंकों ने पावर सेक्टर को अप्रैल के अंत तक 5.19 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया हुआ था। naidunia.jagran.com 22 मार्च 2017, 12:44 AM Video Interests यह भी पढ़ें News18 इंडिया शो कंपनी ने बताया घाटा, आयोग ने पाया 531 करोड़ अधिक राजस्व entertainment20 hours ago द्वितीय सन्शोधन तापमान सीमा संचालित करना यूएचवीआरएल, हैदराबाद कृषि निर्देशिका भारत के पीसी मार्केट में 28 फीसदी की ग्रोथ, अल्ट्रा स्लिम नोटबुक ने बढ़ाई मांग 51 mins * उपरोक्त योजना उस समय तक मान्य होगी जब तक कि विभाग या कोई अन्य सक्षम प्राधिकारी उन्हें वापस रोल नहीं करेगा। इसके अलावा, उपरोक्त योजना / दस्तावेज / विभाग को विभाग के अधिकारियों द्वारा मैन्युअल रूप से संग्रह अनुभाग में ले जाया जाएगा। Promoted by 45 supporters ऊर्जा सचिव की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति, योजना के तहत परियोजनाओं को स्वीकृति देगी तथा इनको लागू किए जाने की निगरानी करेगी। इस योजना के तहत अनुशंसित दिशा-निर्देशों के अनुरूप योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए बिजली मंत्रालय, राज्य सरकार और डिस्कॉम के बीच एक उपयुक्त त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा जिसमें पावर फाइनेंस कार्पोरेशन एक नोडल एजेंसी होगी। राज्य बिजली विभागों के मामलों में द्विपक्षीय समझौते होंगे। यूपीएससी - प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम Remove Rick Francis, Ronnie Hammonds, Christopher Huckabee, Mickey Long & John Steinmetz रांची। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर जहां पूरे देश में शोक का माहौल है, वहीं लोग उनके किए कार्यों को याद कर उन्हें अपनी यादों में जीवित रखे हुए हैं। वैसे तो अलट को लेकर कई तरह की यादें लोगों के जेहन में है, लेकिन झारखंड के लोग शायद ही उन्हें भूल पाएंगे। एक व्यक्ति की मौत के बदले गुस्साई भीड़ ने ली 300 मगरमच्छों की जान अन्नपुर्णा योजना national2 days ago लाइफस्टाइल January 2018 बीजेपी मुख्यालय के बाहर अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर लोग नारे लगा रहे है टेक्नोलॉजी मनोरंजन स्पोर्ट्स संस्कृति ख़ास बिजनेस इस वर्ष सबसे अधिक बारिश तराना तहसील में 675 मिमी हुई, सबसे कम बारिश महिदपुर तहसील में 308 मिमी TRENDING TOPICS गौरीगंज Mahanagar Times पर्यटक स्थल Write a comment जब अटलजी ने लता मंगेशकर के अस्पताल का उद्घाटन करने से कर दिया था इनकार 7 mins बिहार : वैशाली जिले में प्रखंड प्रमुख की हत्या, स्थानीय लोगों ने किया जोरदार हंगामा संबंधित लिंक Copyright © 2017 Firstpost.com — All rights reserved. NETWORK 18 SITES राजनीति के 'अटल' युग का अंत, दिल्ली के एम्स में ली अंतिम सांस फ़ीचर: मॉड्यूलर डिजाइन इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें. टेक कम्पैरिजन हरियाणा में पहली बार बिजली कंपनियां घाटे से उबरकर लाभ की स्थिति में आई हैं। लाइनलॉस कम होने के साथ ही पिछले साल के 193 करोड़ रुपये के घाटे के विपरीत इस साल बिजली कंपनियों को 115 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है। इससे जहां बिजली कंपनियां उत्साहित हैं, वहीं सरकार ने इसका लाभ उपभोक्ताओं को देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल चाहते हैं कि बिजली के रेट कम किए जाएं, लेकिन साथ ही उन्होंने बिजली कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि पहले उत्पादन की बाधाओं को दूर किया जाना चाहिए। Google plus Leave a Reply ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत / सार्वजनिक संस्थानों को पूर्ण दस्तावेज के साथ आवेदन पत्र जमा करने, बिल वितरित करने और पंचायत राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों के साथ परामर्श में राजस्व एकत्र करने के लिए अधिकृत किया जा सकता है। ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड (आरईसी) पूरे देश में इस योजना के संचालन के लिए नोडल एजेंसी रहेगी। प्रधान मंत्री सहयोगी बिजल योजना निश्चित रूप से देश में समग्र आर्थिक विकास में सुधार लाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में निश्चित रूप से मदद करेगी। विशेष: Related News दुमका दुनिया की पसंद यह है मामला प्रकृति के अजूबे निशि पांडे रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजा प्रियंका का बंगला, हिंदू रीति रिवाज से आज होगी सगाई! www.bhaskar.com 18 जनवरी 2017, 03:09 AM महीने भर के बेगूसराय में हैवानियत, विक्षिप्त महिला से रेप कर फरार हुआ बदमाश 200 रुपए में मासिक बिजली के लिए फॉर्म भरने वालों की लग रही भीड़ 3:19 वालीवुड योजना का प्रमुख भाग अलग-अलग फीडर की व्‍यवस्‍था कर उप-पारेषण तथा वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाना है और सभी स्तरों जैसे इनपुट पाइंट, फीडर और वितरण ट्रांसफार्मर पर मीटर लगाना है। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत पहले ही ‘माइक्रो और ऑफ ग्रिड वितरण नेटवर्क और ग्रामीण विद्युतीकरण’ का कार्य किया जा चुका है। By Hussain Kanchwala on March 26, 2018 FOLLOW (3) सूचना का अधिकार QUICK LINKS मल्टीमीडिया छह महीने पहले बिजली कंपनी में अनुकंपा नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। इससे मृत कर्मचारियों के बच्चों को नौकरी नहीं मिल पा रही थी। ऊर्जा विभाग के इस फैसले का कर्मचारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया था। इस पर मप्र शासन ऊर्जा विभाग ने प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों में लगी अनुकंपा नियुक्तियों पर से प्रतिबंध हटा लिया और अनुकंपा नियुक्ति आवेदनों पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। इससे कंपनी के सैकड़ों कर्मचारियों को फायदा होगा और उन्हें नौकरी मिल जाएगी। More Story केरल बाढ़: खराब मौसम के चलते नहीं हो पाया पीएम का हवाई सर्वे, 500 करोड़ रूपये अंतरिम राहत की घोषणा Aries (मेष) कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में शामिल करना गलती : रवि… 101 ग्राम पंचायतों में दीनदयाल विद्युत योजना पर 99.83 करोड़ खर्च होंगे टॉप स्पीड 80 किलोमीटर प्रतिघंटा. Punjab 500 से अधिक--6.20--6.50 (दर रुपये प्रति यूनिट में) सी ई आर सी हर पार्टी में है फूट, मगर कांग्रेस को मजबूत करने में जुटे हैं कार्यकर्ता : चिरंजीव राव बागपत विडियो भारत में 765 केवी सिस्टम एसी और रेफ्रिजरेटर पर 28 प्रतिशत का कर लगेगा, वहीं जीवनरक्षक दवाओं को पांच प्रतिशत के कर स्लैब में रखा गया है। सभी पूंजीगत सामान के लिए कर की दर 18 प्रतिशत होगी, जो अभी 28 प्रतिशत है। दूध व दही को कराधान से छूट जारी रहेगी जबकि मिठाई पर पांच प्रतिशत शुल्क लगेगा। दैनिक उपभोग की वस्तुओं जैसे चीनी, चाय, काफी (इंस्टेंट काफी के अलावा) व खाद्य तेलों पर पांच प्रतिशत की सबसे कम कर दर आयद होगी जो कि लगभग मौजूदा स्तर पर ही है। जीएसटी के कार्यान्वयन के बाद विशेषकर गेहूं व चावल सहित अनाजों की कीमतों में कमी आएगी क्योंकि इन्हें जीएसटी से छूट दी गई है। सस्ता ऊर्जा - आज स्विच करें सस्ता ऊर्जा - बिजली उद्धरण सस्ता ऊर्जा - टेक्सास बिजली
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