कार्ड प्रीपेमेंट एकल चरण इलेक्ट्रिक मीटर, सर्ज संरक्षण वायरलेस पावर मीटर प्रखंड प्रमुख चंदनकियारी यदि किसी भी स्तर पर यह पाया जाता है कि आवेदक ने किसी भी झूठी सूचना के आधार पर पावर टैरिफ सब्सिडी का दावा किया है तो आवेदक को 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज की चक्र दर के साथ सब्सिडी राशि वापस करने के अलावा कानूनी कार्रवाई का सामना करना होगा और उसे राज्य सरकार से किसी भी प्रकार का प्रोत्साहन या सहायता प्राप्त करने से वंचित कर दिया जाएगा। Romanian Română AllPhoto गैलरीVideo गैलरी RC चकल्लस Gadgets Updates Hindi Latest Gadgets Updates Hindi News, Latest Gadgets गल्फ मध्य प्रदेश जवाब –  संबंधित / विद्युत विभाग द्वारा इस संबंध में उनके नियमों / विनियमों के अनुसार अवैध कनेक्शनों का निपटान किया जाना चाहिए। हालांकि, यह योजना स्पष्ट करती है कि जिन बकाएदारों का कनेक्शन डिस्कनेक्ट कर दिया गया है उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। Tags: My Result Plus पटना प्रखंड विकास पदाधिकारी पूर्वी टुण्डी Previous दिल्ली कांग्रेस ने बिजली सस्ती करने के केजरीवाल सरकार के दावों को जनता से खिलवाड़ करार दिया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि नई कीमतों से बिजली सस्ती नहीं बल्कि महंगी हुई है और ये कदम प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए उठाया गया है. प्रदेश में बिजली चोरी, छीजत कम करने की गरज से बिजली कंपनियां बीते पांच साल में करीब तीन हजार करोड़ रुपए से ज्यादा राशि खर्च कर चुकी हैं लेकिन फिर भी कई जिलों में बिजली छीजत का आकंड़ा 25 फीसदी से ज्यादा बना हुआ है। बिजली कंपनियों ने छीजत बीस फीसदी से कम करने का लक्ष्य तय किया था जो कुछ जिलों में शहरी इलाकों को छोड़कर अब तक अधूरा रहा है। विशेष गैजेट्स न्यूज़ केंद्र गवर्नमेंट राष्ट्र में बिजली की कीमतें घटाने व इसमें एकरूपता लाने की दिशा में कार्य कर रही है, जिसके लिए उसकी थर्मल ऊर्जा उत्पादन तथा शेड्यूलिंग के नियमों में ढील देने की योजना है. ऊर्जा मंत्रालय ने जुलाई में इस पर मेरिट ऑर्डर जारी कर सभी पक्षों से राय मांगी थी, जिस पर उसे सकारात्मक रुख मिला है. आयोग के चेयरमैन एसके अग्रवाल ने कहा कि बिजली दरों में 20 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव था, लेकिन हम 12 फीसदी ही बढ़ोतरी को मंजूरी दे रहे हैं. मौजूदा समय में यूपी में 1 करोड़ 20 लाख बिजली उपभोक्ता हैं. 2018-19 में यह संख्या बढ़कर 4 करोड़ होने जा रही है. Tenders ऐसे बनाएं इंस्टेंट जलेबी Banking रिपोर्ट : डॉ मनमोहन सिंह के कार्यकाल में हासिल हुई सर्वाधिक 10.08 फीसदी रही वृद्धि दर प्रियंका के घर जश्न का माहौल, रोका सेरेमनी के लिए पहुंचे पंडित जी Image caption इस कार में चार लोग बैठ सकते हैं.(तस्वीर महेंद्रा रेवा) केंद्र सरकार की कोयले से चलने वाले बिजली उत्पादन संयंत्रों को हतोत्साहित करने की नीति के कारण एनटीपीसी दिल्ली की तीनों बिजली कंपनियों को जो बिजली 4.3 रुपया प्रति यूनिट के दर से बेचता था, अब उसके दाम 3.8 रुपए प्रति यूनिट कम कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त एनटीपीसी ने अपने थर्मल पावर प्लांटों में विद्युत उत्पादन की लागत में लगभग 14 फीसद की कमी की है। इस कारण दिल्ली के उपभोक्ताओं को लगभग 20 फीसद कम दामों पर बिजली उपलब्ध कराई जानी चाहिए, लेकिन बिजली कंपनियां अभी भी महंगे दामों पर बिजली बेच रही हैं। समाजसेवी सह प्रचार्ज बनमाली सिंह उच्च बिद्यालय, टुपरा सौभाग्य योजना (सहज बिजली हर घर योजना) उत्तर प्रदेश के लोए यहाँ क्लिक करें॥ एच ई आर सी खबर : चर्चा में About Us | Privacy Policy | Contact Us | Feedback | Sitemap | RSS कैमूर - अनमीटर्ड ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं की 180 व 200 रुपये प्रति किलोवाट के स्थान पर अब 300 रुपये प्रति किलोवाट की दर से भुगतान करना पड़ेगा। 1 अप्रैल से इन उपभोक्ताओं की दर 100 रुपये प्रति किलोवाट और बढ़ जाएगी और इन्हें 400 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से बिल चुकाना होगा। Fropky - घरेलू उपभोक्ताओं के टैरिफ में चारों श्रेणी (0 से 40, 41 से 200, 201 से 600 और 600 यूनिट से ज्यादा खपत की दरें) मिलाकर औसतन 6.25 % की कमी की गई है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत विनियामक आयोग के सचिव पीएन सिंह ने सोमवार को नई दरों की घोषणा करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में पहली बार है जब बिजली की दरें बढ़ाने के बजाए घटाई गई हैं। बुंदेलखण्ड VIDEO : स्वामी अग्निवेश पर फिर हुआ हमला, जानें कब और कहां और भी देखें आई जी, 5 एमवी, 500 केजे अटल जी की इन 5 कविताओं को पढ़कर जीवन में... Footer दुनिया की सबसे बड़ी न्‍यूक्लियर साइट संरक्षण एवं क्षेत्र सेवा विंग Our systems have detected unusual traffic from your computer network. Please try your request again later. Why did this happen? आखिर कौन हैं अटल जी की दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य, जिन्होंने दी पार्थिव शरीर को मुखाग्नि गोड्डा 500 साल पहले कोलंबस ने चंद्र ग्रहण का डर दिखाकर लोगों को ऐसे बनाया था... सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर मुख्‍य सामग्री पर जाएं मैनुअल-16 & 17 करियर / राज्य के कई जिले पांचवी अनुसूचि के दायरे में आते हैं जहां ग्राम सभा का गठन कर विकास करने का प्रावधान है, लेकिन आखिर इस कानून का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। राज्य के लिए यह एक बड़ा सवाल है। Plug-in: Acrobat Reader   मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ये एक्सटर्नल लिंक हैं जो एक नए विंडो में खुलेंगे दूसरे चरण के आवेदन 16-05-2017 से आगामी आदेश तक दिये जा सकते है। Read More: Lakhisarai Bihar Hindi News Jagran Newsविद्युत योजनासात हजारग्रामीण उपभोक्ता Radio D मंत्री ने कहा कि अब भी कई बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और इसके लिये सरकार स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर की व्यवस्था लागू करेगी ताकि बिलों का भुगतान सही तरीके से हो. उन्होंने यह भी कहा कि अक्षय ऊर्जा खरीद समझौता (आरपीओ) और बिजली खरीद समझौते को अनिवार्य किया जाएगा. सब्सिडी का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि यह प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिये दिया जाना चाहिए और एक ग्राहक की कीमत पर दसूरे ग्राहक से अधिक बिजली शुल्क लेने की व्यवस्था क्रास सब्सिडी अधिक नहीं होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में तीन-चार कंपनियां होनी चाहिए और ग्राहकों को कंपनी चुनने का विकल्प मिलना चाहिए. नियामक आयोग के सचिव पीएन सिंह ने कहा कि विद्युत वितरण कंपनी ने वर्ष 2018-19 के लिए औसत लागत 6.44 पैसा के मुताबिक 120 करोड़ की राजस्व कमी बताई थी। आयोग ने परीक्षण के बाद राजस्व कमी के स्थान पर 531 करोड़ रुपये के अधिक राजस्व की गणना को मान्य किया। आयोग ने बिजली कंपनी की मांग 6.44 पैसे की जगह 6.20 पैसे की दर को मान्य किया है। डीईआरसी की बैठक में बिजली की नई दरें तय की गईं.  डीआईआरसी ने बिजली कनेक्शन पर फिक्स चार्ज बढ़ा दिया है.2 kV के कनेक्शन पर फिक्स चार्ज 20 रुपये से से बढ़ाकर 125 रुपये और 2kv से 5kv तक कनेक्शन पर यह चार्ज 35 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये किया गया है. All Hindi News »Madhya Pradesh »Shivpuri» अब बिजली कंपनी में अनुकंपा नियुक्ति शुरू रितेश यादव Earn profits from premium commercial properties in India. मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की चार अतिरिक्त बटालियन बनाने को मंज़ूरी दीAug 10, 2018 ​ प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) Quintype योजना के अनुदान का हिस्सा विशिष्ट वर्ग राज्यों के अतिरिक्त अन्य राज्यों के लिए 60 फीसदी (अनुशंसित उपलब्धि अर्जित करने पर 75 प्रतिशत तक) और विशिष्ट वर्ग राज्यों के लिए 85 फीसदी (अनुशंसित उपलब्धि अर्जित करने पर 90 प्रतिशत तक) तक है। अतिरिक्त अनुदान के लिए अपेक्षित उपलब्धियां हैं : योजना का समय पर पूरा होना, एटी एंड सी में अपेक्षित कमी और राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी को अग्रिम रूप से जारी करना। सिक्किम समेत सभी पूर्वोत्तर राज्य, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड विशिष्ट वर्ग राज्यों में शामिल हैं। बादम पंचायत मुखिया, बड़कागांव Retweet बलरामपुर से वाजपेयी को हराने के लिए नेहरु ने कराया था मशहूर बॉलीवुड एक्टर से प्रचार RC Desk2, November 08,2017 09:10:04 AM Samastipur “स्वाधीनता पर्व” की संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित, विधायक डॉ.मोहन यादव हुए शामिल 16/08/2018 गंदे पानी की नहर में कूदकर सिपाही ने बचाई बुजुर्ग की जान जब अटल जी ने भाई की लिखी पहली कविता पढ़ी और इनाम सौंप दिया भाभी को मैनुअल-7,8 & 9 April 2017 साहेब राम हेम्बरम खाद्य और सार्वजनिक वितरण Try Our Other Websites! सस्ते विद्युत आपूर्ति - यहां और युक्तियाँ खोजें सस्ते विद्युत आपूर्ति - सस्ती बिजली दरें सस्ते विद्युत आपूर्ति - ऊर्जा की कीमतें
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