-रेलवे ट्रेक्टशन को ओपन एक्सेस से 20 फीसदी लोड फैक्टर के खपत करने पर 30 फीसदी ऊर्जा प्रभार में छूट। मुख्यमंत्री के 15 अगस्त संदेश के प्रमुख बिन्दु 16/08/2018 The page you are looking for cannot be found. Tags: Final Report Gorakhpur Final Report news Gorakhpur Gorakhpur City News Gorakhpur Final Report Gorakhpur Local News Gorakhpur News in Hindi Latest Gorakhpur News About us 6kV Moradabad सहरसा By अंकित राज राज्य के कई जिले पांचवी अनुसूचि के दायरे में आते हैं जहां ग्राम सभा का गठन कर विकास करने का प्रावधान है, लेकिन आखिर इस कानून का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। राज्य के लिए यह एक बड़ा सवाल है। कांग्रेस को हस्तरेखा ज्योतिष: ऐसी रेखा हो तो बहुत ख्‍याल रखती है पत्‍नी September 2017 दुनिया के अजीबोगरीब कानून, जिन्हें जानकर आप रह जाएंगे हैरान Replying to @JarnailSinghAAP @AamAadmiParty @ArvindKejriwal दिल्ली के नए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपना दूसरा वादा भी पूरा कर दिया है। आज अरविंद केजरीवाल ने कैबिनेट की बैठक के बाद बिजली का भाव आधा कर दिया है। बिजली की दरों में ये कटौती 400 यूनिट तक बिजली के लिए है। दिल्ली सरकार दाम में इस कटौती की भरपाई फिलहाल सब्सिडी के जरिए की जाएगी। टॉप न्यूज़ प्रकाशित Tue, 31, 2013 पर 19:07  |  स्रोत : CNBC-Awaaz पुरुषों का उत्पीड़न रोकने के लिए पिंडदान चंदन शास्त्री फिलहाल इस योजना के लिये 12 हजार 320 करोड़ रुपए का बजटीय आवंटन किया गया है। सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े मिथक Lucknow News से जुड़े हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए NBT के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें 3699035990खरीदे रेसिपी Himachal Pradesh News बिज़नस न्यूज़ रफ़्तार- खबरों में राज्यपाल संदेश पंचांग पुराण अटल जी के निधन पर अमिताभ बच्चन ने ऐसा क्या लिखा कि लोग हुए उ वि औद्योगिक सेवा 1 8.69 0.20 8.49 10.15 7.48 सरकारी योजनाओं के बारे में अंग्रेजी में पढ़ें  अब लोगों को चाहिए बड़ी कार, समझिए मारूति सुजुकी के इन आंकड़ों से Get the app ! पठानकोट डेबिट और क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करने वाले को नए साल पर मिलेगा तोहफा पड़ताल: बिना अध्यापकों के कैसे पढ़ रहे हैं बच्चे? आज भी जमा होंगे बिजली बिल १. जून में कुल बकाया बिजली बिल राशि पर योजना लागू होगी। May 24, 2018 More From Shivpuri छत्तीसगढ़                         100                 3.83 रुपए  'केंद्र सरकार हर घर में सातों दिन 24 घंटे सस्ती बिजली मुहैया कराएगी' एलसीडी डिस्प्ले एकल चरण इलेक्ट्रिक मीटर, छेड़छाड़ प्रूफ प्रीपेड पावर मीटर हरिद्वार State Govt Schemes द्रव परावैद्युत प्रयोगशाला सीसैट टेस्ट फार्म फाइनेंशियल प्लानिंगनिवेशटैक्सरिटायरमेंटबीमा ... और नकल कराते धरे गए मास्साब लोगों को बिजली कनेक्शन के लिये चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, उन्हें घर पर ही मुफ्त बिजली कनेक्शन प्रदान किये जाएंगे। इस तरह से बढ़ी बिजली की दरें 3:19 Do You Know? Storyboard Copyright and Usage महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) ने कई पदों के लिए वैकेंसी निकाली है. इच्छुक उम्मीदवार 28 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं. बड़ा पर्दा - छोटा पर्दा शौरभ कुमार सिंह दिल्ली में बिजली की दरों में फिक्स चार्ज में बढ़ोतरी जीना इसी का नाम है त्यौहार Women डेटा अभी उपलब्ध नहीं है कृपया कुछ समय पश्चात प्रयास करें. पौड़ी पहली बार परफॉरमेंस के आधार पर सस्ती बिजली: बिजली कंपनियों के परफॉरमेंस के आधार पर रेग्युलेटरी सरचार्ज में कटौती कर बिजली सस्ती देने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। नियामक आयोग के चेयरमैन देशदीपक वर्मा ने कहा कि जो कंपनियां लाइन लॉस कम करने में पिछड़ गई उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा। आगे भी यह प्रतिस्पर्धा जारी रहेगी। Image caption इस कार में चार लोग बैठ सकते हैं.(तस्वीर महेंद्रा रेवा) National मंडी Advertise with us ​ मनरेगा Vastu Tips संगीता तिवारी ऊर्जा सुधारों ने विश्व में पहचान दिलाई ENGvsIND: विराट कोहली ने अपनी कप्तानी में 37 टेस्ट मैचों में किए हैं 37 बदलाव विशाल सिंह 0 replies 0 retweets 1 like 1600 पल्स / केडब्ल्यूएच Apologies, but the page you requested could not be found. Perhaps searching will help. पिछले वर्ष विनियामक आयोग की अनुशंसा के बाद राज्य सरकार ने अलग-अलग स्लैब में सब्सिडी की घोषणा की थी लिहाजा इस बार भी विभाग के मुखिया ने सब्सिडी देने की बात कही है। हालांकि सरकार संबंधित उपभोक्ताओं को उसके बिजली बिल पर कितने रुपये की सब्सिडी देगी इसका खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन, बिजली की शुल्क में बढ़ोतरी के तुरंत बाद ही विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने सब्सिडी देने की बात कही है। बढ़ते लोन डिफॉल्ट भारतीय बिजली ग्रिड संहिता west bengal Quick Rubric – Easily Make and Share Great-Looking Rubrics चक्रधरपुर : 64 मौजा के ग्रामीणों ने कराया बालक भोजन, शिव भक्तों ने किया प्रसाद ग्रहण पांच श्रेणियों में बांटे गये उपभोक्ता  # हरियाणा समाचार REGISTER सूखे से निपटने के लिये वर्षाजल सहेजें तुर्की ने कहा, अमेरिका और प्रतिबंध लगाता है तो देंगे जवाब इधर दिल्ली सरकार के इस कदम पर बिजली कंपनियों का कहना है कि ऊंचे दाम का कारण ज्यादा जनरेशन और ट्रांसमिशन कॉस्ट है। बिजली के दाम में 80 फीसदी हिस्सा जनरेटिंग और ट्रांसमिशन कंपनियों का है। जनरेशन और ट्रांसमिशन की लागत लगातार बढ़ रही है। और जहां तक ऑडिट का सवाल है तो सीएजी और रेगुलेटरी अथॉरिटी उन पर लगातार नजर रखती हैं। बिजली कंपनियों का हर साल ऑडिट होता है और डीईआरसी हर साल अकाउंट्स की जांच करता है। बच्चे की तरकीब के मुरीद हुए आनंद महिंद्रा, करना चाहते हैं हा... युवा नेता सह समाजसेवी जुगसलाई विधानसभा झारखंड मुक्ति मोर्चा निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ? ©Copyright Indicus Netlabs 2018. 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