Moneycontrol आत्मघाती हमलावर ने छात्रों को बनाया निशाना , 48 की मौत CRITICSUNION उजाला योजना के तहत दिये जाने वाले एलईडी बल्ब की लागत में काफी कमी आई है।  व्यंग्य तस्वीरें खेलकूद 10 जुलाई 2018 ​ प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) Latest Articles Saturday, 04 Aug, 1.59 pm स्कूल CURRENT AFFAIRS सार्वजनिक उपयोगिताएँ DIGI Singing Star Audition Web Title  उनके पास चूल्हे और पहली बार गैस भरवाने का भुगतान किश्तों में करने का विकल्प भी है. हालांकि दूसरे बार से कोई छूट नहीं मिलती है. संतकबीरनगर कीवर्ड खोजें Website कृषि उपभोक्ता- 4.80 - 4.70 घरों व सरकारी कार्यालयों में बिजली की खपत कम करने के लिए सरकार सोलर रुफटाप पावर प्लांट को  बढ़ावा दे रही है. निजी घरों में प्लांट लगाने के लिए  राज्य सरकार 75  प्रतिशत तक अनुदान दे रही है.  महीने भर के सोशल मीडिया पर उड़ा चीन का मजाक, वाजपेयी की जगह जॉर्ज फर्नांडिस की लगाई फोटो टॉपर्स कॉपी पैनल तथा बस डक्ट मुख्य सामग्री पर जाएं ताजा खबरें तिवारी ने ये भी आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार बवाना और अन्य गैस टर्बाइन से जुड़े बिजली उत्पादन पर भी ध्यान नहीं दे पा रही है. केजरीवाल सरकार "कोयले की भारी और जल्द ही दिल्ली में बिजली की किल्लत" की कहानी रच रही है. बीते तीन सालों के दौरान केजरीवाल सरकार ने सब्सिडी के तौर पर निजी बिजली कंपनियों के खजाने भरे हैं. अब उनके ही कहने पर ये प्रचार किया जा रहा है कि दिल्ली में ताप विद्युत का उत्पादन घट रहा है. ताकि निजी बिजली कंपनियों को नेशनल ग्रिड से सस्ती बिजली खरीदने में मदद मिले और उनका प्रॉफिट बढ़ जाए.   बताया जा रहा है कि भागिनाथ शेळके ने 10 मई को सुबह 4.30 से 5 बजे के बीच फांसी लगाई है। इसके बाद उसके परिजनों ने उसके शव को स्वीकार करने से मना कर दिया। भागिनाथ शेळके के परिजन बिजली कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मृतक ने उसको दिए गए बिजली बिल को लेकर महाराष्ट्र राज्य बिजली बोर्ड के अधिकरियों से भी मुलाकात की थी मगर उन्होंने उसकी न सुनी। अधिकारीयों ने उसे बिजली का बिल जमा करने के लिए कहा था। परिजनों का आरोप है कि फरवरी महीने से भागिनाथ शेळके, गारखेड़ा के महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी के दफ्तर में चक्कर काट रहा था। परिजनों का कहना है कि जब मृतक ने अपने सुसाइड नोट में बिजली कंपनी को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है तो फिर उस पर केस क्यों दर्ज नहीं हो रहा है। Add your thoughts about any Tweet with a Reply. Find a topic you’re passionate about, and jump right in. प्रयोगशालाओं की सूची अटल बिहारी वाजपेयी: एक राजनेता का राजनीतिक सफर परीक्षा का प्रारूप टैक्स भरने वालों की संख्या बढ़ेगी MAJOR CITIES विज्ञान-टेक्नॉलॉजी लेटेस्ट न्यूज़ योजना के घटक मुरैना पीलीभीत संदिग्ध युवक निकला शातिर अपराधी, कमर से पिस्टल तो बाइक भी चोरी का June 27, 2018 अलका कुमारी अब पाइए अपने शहर ( Noida News in Hindi) सबसे पहले पत्रिका वेबसाइट पर | Hindi News अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Patrika Hindi News App, Hindi Samachar की ताज़ा खबरें हिदी में अपडेट पाने के लिए लाइक करें Patrika फेसबुक पेज शहरी क्षेत्रों में स्थापित मीटर की रीडिंग जारी रहेगी एवं विद्युत नियामक आयोग के प्रचलित विनियम अनुसार बिल की गणना की जाएगी। विद्युत कंपनी आयोग द्वारा निर्धारित मानदण्ड के अतिरिक्त और कोई भी आंकलित यूनिट बिल में नहीं जोड़ेगी। उपभोक्ता के बिल में देय राशि तथा शासन द्वारा दी गई सब्सिडी का स्पष्ट उल्लेख रहेगा। प्रचलित दर से विद्युत शुल्क अधिरोपित किया जाएगा, जिसके सहित उपभोक्ता द्वारा मात्र 200 रुपये प्रतिमाह की राशि देय होगी। विद्यमान उपभोक्ता से अतिरिक्त सुरक्षा निधि नहीं ली जाएगी। नये कनेक्शन के लिए सौभाग्य योजना की तरह व्यवस्था रहेगी, जिसमें सुरक्षा निधि नहीं ली जायेंगी। उपभोक्ताओं को स्कीम का लाभ देने के लिए वितरण कंपनियों द्वारा वितरण केन्द्रवार, हाट/ बाजारों आदि में कैम्प लगाये जा रहे हैं। श्रमिक पंजीयन प्रमाण-पत्र की छायापति मांगने की जरूरत नहीं रहेगी। एबीवीपी और एनएसयूआई ने कॉलेज मेंं एक साथ किया प्रदर्शन, दर्जनभर हिरासत में Click to share on Google+ (Opens in new window) TV Serials लेकिन, अगर आपने गलती से "Block" सिलेक्ट किया था या फिर भविष्य में आप नोटिफिकेशन पाना चाहते हैं तो नीचे दिए निर्देशों का पालन करें । लटकते बिजली के तारों से वाराणसी को मिला छुटकारा, बना वायरलेस शहर Sat Aug 18 2018 16:28:47 श्रीनगर ड्यू डेट से पहले बिजली बिल चुकाने पर कुल बिल का 0.5 फीसदी छूट दी जायेगी March 27, 2017 Binod Karan आपका ज़िला 0 a week ago नवंबर 2015 में चावड़ी जोन के जनकगंज, गस्त का ताजिया, वर्कशॉप, तारागंज, सराफा बाजार फीडर पर 29 लाख 19 हजार यूनिट बिजली की आपूर्ति की गई। विक्रय योग्य 26 लाख 27 हजार यूनिट बिजली पाई गई, लेकिन जोन ने उपभोक्ताओं को 32 लाख 62 हजार यूनिट का बिजली का बिल जारी कर दिया। आपूर्ति से 40 फीसदी लॉस घटाया जाए तो 17 लाख यूनिट का बिल उपभोक्ताओं को जारी होने थे, लेकिन कंपनी ने 15 लाख 62 हजार यूनिट का अधिक बिल जारी कर दिया। ज्ञात हो कि शहर में 40 फीसदी के आसपास लाइनलॉस रहता है। तिवारी ने ये भी आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार बवाना और अन्य गैस टर्बाइन से जुड़े बिजली उत्पादन पर भी ध्यान नहीं दे पा रही है. केजरीवाल सरकार "कोयले की भारी और जल्द ही दिल्ली में बिजली की किल्लत" की कहानी रच रही है. बीते तीन सालों के दौरान केजरीवाल सरकार ने सब्सिडी के तौर पर निजी बिजली कंपनियों के खजाने भरे हैं. अब उनके ही कहने पर ये प्रचार किया जा रहा है कि दिल्ली में ताप विद्युत का उत्पादन घट रहा है. ताकि निजी बिजली कंपनियों को नेशनल ग्रिड से सस्ती बिजली खरीदने में मदद मिले और उनका प्रॉफिट बढ़ जाए.   Skip to content अभिगम्‍यता वक्‍तव्‍य क्रिकेट मुखिया पोखरना पंचायत विद्युत और तीन अन्य योजनाओं की अवधि को आगामी तीस जून तक नॉएडा से गोरखपुर सिर्फ 10 घंटे में पहुंचाएगा देश का सबसे लम्बा एक्सप्रेसवे बेगूसराय में ठनका गिरने से 3 बच्चों की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम रितेश यादव HSSC Food Supply Sub Inspector Admit Card, Syllabus & Notes pdf जैविक खेती जूनियर असिस्टेंट: 10000 रुपये ट्रान्सफार्मर तथा रिऐक्टर Trending News Trending Tags गैस और इलेक्ट्रिक - विद्युत विकल्प गैस और इलेक्ट्रिक - वाणिज्यिक विद्युत आपूर्ति गैस और इलेक्ट्रिक - गैस और इलेक्ट्रिक कंपनियां
Legal | Sitemap