शर्मनाक : स्कूल में छात्रा से गैंगरेप 18 के खिलाफ… जॉब्स Aksharparv जंजगीर-चम्पा By admin September 22, 2016 शाहजहांपुर : ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के तहत जनपद में संचालित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना... Computer में Folder Lock कैसे सेट करे बेस्ट तरीका क्षेत्र परीक्षण एवं मापन दून में पहाड़ी शैली में बनेंगे पुलिस बूथ, चौराहों पर दिखेगा ब्रह्मकमल केरल: बाढ़-बारिश से 3 लाख से ज्यादा बेघर, मई से अब तक 324 की मौत; मोदी कुछ देर में करेंगे हवाई सर्वे 1 mins वर्ष    आदिवासियों की संख्या का प्रतिशत कटकमसांडी : मारपीट में घायल हुये लोगों से मिले विधायक Top-News पहाड़ में सब्सिडी का लाभ लेकर पिरुल से पैदा करे बिजली : सीडीओ कक्षा कार्यक्रम Main Content 255 Retweets राजौरी संतकबीरनगर क्योंकि अटल जी हमेशा 'अटल' रहे… श्रावस्ती Final Report Digital Media Pvt. Ltd. नलकूप खनन योजना Haryana Scheme घरेलू बिजली बिलों का भुगतान समय से नहीं कर पाने के कारण मूल बकाया राशि और उस पर अधिरोपित सरचार्ज के कारण उपभोक्ता के बिलों की राशि बहुत ज्यादा हो जाती है। मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना में पंजीकृत श्रमिकों और बीपीएल उपभोक्ताओं के घरेलू बिजली कनेक्शन की पुरानी बकाया राशि का निराकरण कर उन्हें नियमित बिल भुगतान करने के लिये प्रेरित करने के उद्देश्य से ही यह माफी स्कीम लागू की गई है। स्कीम का प्रभाव जून 2018 तक की कुल बकाया राशि पर लागू होगा। © 2018 - Clever Prototypes, LLC - All rights reserved. अजब गजब विशेषताएं + लाभ नोएडा © जिला इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश , इस वेबसाईट का निर्माण एवं होस्टिंग राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, उपभोक्ताओं को सीधा लाभ अधिनियम सीएम ने किया ट्विट Quick links CallIndia.com श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर स्टेट पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (जेकेएसपीडीस) के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई Business News News से जुड़े हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए NBT के फ़ेसबुक पेज को लाइक करें लोक जनशक्ति पार्टी जिला प्रवक्ता, बड़कागाँव English summary RANCHI : ‘कजरी द सावन क्वीन’ : होटल जेनिस्टा इन में फाइनल 19 अगस्त को प्रत्यय पत्र चौकाने वाली बात तो यह है कि राज्य बनाने के पीछे एक बड़ा उद्देश्य राज्य के आदिवासियों का उत्थान करना था उसपर भी कोई ठोस पहल होती नजर नहीं आई। राज्य में आदिवासियों को जल-जंगल और जमीन से भी हाथ धोना पड़ा है और राज्य में जो आदिवासियों की संख्या है उसमें भी भारी गिरावट आई है। यही कारण है कि अब ट्रायवल एडवाइजरी काउंसिल ने राज्य का भ्रमण कर आकड़ों को जुटाने में लग गया है कि आखिर किस कारण से आदिवासियों की संख्या में कमी आ रही है। भोपाल। रडार न्यूज  मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से कुछ माह पूर्व राज्य सरकार द्वार 1 जुलाई से लागू की गई सरल बिजली और बिल माफी की बहुप्रचारित योजना विवादों के घेरे में आ गई है। उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए काम करने वाले कार्यकर्तों का आरोप है कि शिवराज सरकार की इस योजना से बिजली कंपनियों का घाटा बढ़ेगा जिसकी भरपाई नियमित रूप से बिजली बिल भरने वालों को करनी होगी। इससे साफ है कि सरल बिजली योजना से आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। इन्हीं तथ्यों के आधार पर इस योजना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका लगाई गई है।     वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी अधिकारी व कर्मचारी अपने विभाग के लिए तो अधिकारी/कर्मचारी है परंतु अन्य विभागों के लिए वह एक उपभोक्ता भी है। इसलिए जनहित में वह अपने उपभोक्ताओं के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं तथा उन्हें संतुष्टिजनक सेवा देने के लिए हर संभव प्रयास करें। जल संसाधन छह महीने पहले बिजली कंपनी में अनुकंपा नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। इससे मृत कर्मचारियों के बच्चों को नौकरी नहीं मिल पा रही थी। ऊर्जा विभाग के इस फैसले का कर्मचारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया था। इस पर मप्र शासन ऊर्जा विभाग ने प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों में लगी अनुकंपा नियुक्तियों पर से प्रतिबंध हटा लिया और अनुकंपा नियुक्ति आवेदनों पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। इससे कंपनी के सैकड़ों कर्मचारियों को फायदा होगा और उन्हें नौकरी मिल जाएगी। अर्जुन कालिंदी RC Desk2, November 11,2017 09:59:16 PM 17 Jio Phone 2 लॉन्च: जानिए कीमत, जरूरी बातें रेवाड़ी टेली मसाला सबसे खतरनाक 10 पुल, यहां जान हथेली पर रखकर चलते हैं… विडियो विशेष राज्यों के लिए केंद्र सरकार योजना का 85% अनुदान देगी, जबकि राज्यों को अपने पास से केवल 5% धन लगाना होगा और शेष 10% बैंकों से कर्ज़ लेना होगा। reddit मुख्य पृष्ठ GIRL FRIEND को खुश करने के लिए B.Tech का छात्र बना लुटेरा बिहारशरीफ 2 months ago हमारी पुस्तकें दिल्ली सर्राफा बाजार बंद हरियाणा में पहली बार बिजली कंपनियां घाटे से उबरकर लाभ की स्थिति में आई हैं। लाइनलॉस कम होने के साथ ही पिछले साल के 193 करोड़ रुपये के घाटे के विपरीत इस साल बिजली कंपनियों को 115 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है। इससे जहां बिजली कंपनियां उत्साहित हैं, वहीं सरकार ने इसका लाभ उपभोक्ताओं को देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल चाहते हैं कि बिजली के रेट कम किए जाएं, लेकिन साथ ही उन्होंने बिजली कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि पहले उत्पादन की बाधाओं को दूर किया जाना चाहिए। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सिल्ली मुरी एवम झारखंड वासियों को हार्दिक बधाई एयर इंडिया के पायलटों ने कंपनी प्रबंधन को दी चेतावनी, कहा- भत्ता दो... उत्पाद का नाम: एकल चरण स्मार्ट इलेक्ट्रिक मल्टी फंक्शन मीटर किसी को नहीं, यह अपने आप मिला है पेज को रिफ्रेश (Refresh) करें। Rashifal 2018 संबंधित ख़बरे एकल चरण किलोवाट मीटर, शेयर बाज़ार राज्य में अप्रैल से लागू होंगी बिजली की नई दरें, जानें- आपकी जेब पर क्या होगा असर? प्रत्येक न्यूज़ इलेक्ट्रिक कंपनी प्रदाता - उपयोगिता प्रदाता इलेक्ट्रिक कंपनी प्रदाता - सस्ता पावर कंपनी इलेक्ट्रिक कंपनी प्रदाता - ऊर्जा रेटिंग
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