Search सराफा उत्तर रेलवे ने बदला अपना टाइम टेबल, कल से बदल जाएगी 300 से ज्यादा ट्रेनों की टाइमिंग संजय शर्मा‏ @sharma__sanjay 18 Aug 2015 'केंद्र सरकार हर घर में सातों दिन 24 घंटे सस्ती बिजली मुहैया कराएगी' फरीदकोट/मुक्तसर अजमेर में मंत्री वासुदेव देवनानी ने स्कूल कक्षा कक्षों का किया लोकार्पण Bosnian B/H/S हमसे कड़ी जोड़े Banking Latest NewsView All जवाब – उजाले के लिए मिट्टी के तेल के उपयोग के स्थान पर बिजली का उपयोग होने पर वार्षिक सब्सिडी कम हो जाएगी और पेट्रोलियम उत्पादों के आयात को कम करने में भी मदद मिलेगी। प्रत्येक घर में बिजली, रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, मोबाइल जैसे सभी तरह के संचारों का बेहतर उपयोग होगा, जिसके माध्यम से हर कोई इन संचार माध्यमों के माध्यम से उपलब्ध सभी तरह की महत्वपूर्ण जानकारी पा सकेंगे,किसान नई और बेहतर कृषि तकनीक, कृषि-मशीनरी, गुणवत्ता वाले बीज आदि का उपयोग करेंगे परिणामस्वरूप कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और जिसके परिणामस्वरूप आय में वृद्धि होगी। किसान और युवक कृषि आधारित छोटे उद्योगों की स्थापना की संभावनाओं का भी पता लगा सकते हैं। कैलेंडर 2018 UTI PSA all sections इकॉनमी श्रीलंका99/7(16.0) इस अहम फैसले के तहत आईएलबीएस की दूसरी यूनिट शुरू कर बिस्तरों की मौजूदा संख्या को 155 से बढ़ाकर 549 किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत को 389 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 497.72 करोड़ रुपए कर दिया गया है। आईएलबीएस की दूसरी यूनिट में बिस्तरों की संख्या में इजाफे के अलावा सुपर स्पेशियलिटी श्रेणी की चिकित्सा सेवाओं के साथ शिक्षण-प्रशिक्षण और शोध कार्य भी होगा।      वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी अधिकारी व कर्मचारी अपने विभाग के लिए तो अधिकारी/कर्मचारी है परंतु अन्य विभागों के लिए वह एक उपभोक्ता भी है। इसलिए जनहित में वह अपने उपभोक्ताओं के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं तथा उन्हें संतुष्टिजनक सेवा देने के लिए हर संभव प्रयास करें। Română होम लोनः भविष्य की जरूरत भी करे पूरी Country Code For customers of संविधान की प्रतियां जलाए जाने के विरोध में कई जगह FIR, दिल्ली में बड़े प्रदर्शन की तैयारी 3:07 AM - 4 Jun 2018 from New Delhi, India CONNECT WITH US Terms कबड्डी ... और पूर्व प्रधानमंत्री ने दे दिए ढाई सौ करोड़ के पैकेज दिल्ली की जनता का आर्थिक दोहन करने के लिए बिजली कंपनियों ने डीईआरसी को पावर परचेज एडजस्टमेंट चार्जेज का तिमाही प्रतिवेदन अभी तक नहीं दिया है। दिल्ली सरकार अगर जनता का भला चाहती तो वो बिजली कंपनियों को नोटिस भेजकर डीईआरसी में प्रतिवेदन देने के लिए मजबूर कर सकती थी। सरकार ने ऐसा नहीं किया। बिजली कंपनियों ने प्रतिवेदन न देने के पीछे बहाना बनाया है कि अभी तक डीईआरसी का चेयरमैन नियुक्त नहीं हुआ है, एक सदस्य की सीट भी खाली है। डीईआरसी में सिर्फ एक ही सदस्य कार्यरत है । CONTACT US जानिये- किसने कहा था 'पाकिस्तान में भी चुनाव लड़ते तो जीत जाते अटल' टॉलीवुड नागालैंड विशेष: अपने बिटकॉन्स के साथ एक कार खरीदें: वाहन बाज़ार बीपी क्रिप्टोकुरेंसी को अपनाता है Copyright 2016 Molitics All Rights Reserved अर्थजगत Windows धनबाद : वाजपेयी ने बॉडी गार्ड को घुमाने के लिए... प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की अनुदानित श्रेणी कृषि व घरेलू है और इनका हिस्सा क्रमश: 42 व 21 फीसदी है, वहीं देश में यह 23 व 24 फीसदी है जिसके चलते विद्युत लागत और राजस्व में अंतर ज्यादा रहा है। वहीं वर्ष 2005 में पड़ोसी राज्यों से? बिजली खरीद जहां 2.09 रुपए प्रति यूनिट रही, वहीं बिजली कंपनियों ने वर्ष 2008 में 8.83 रुपए प्रति यूनिट से बिजली खरीद कर कम दरों पर बिजली सप्लाई कर घाटे को बढ़ाया है।  दिवाकर ने कहा, ''शिक्षा पर भी जीएसटी कर नहीं लगेगा. ऐसे में शिक्षा का निजीकरण बढ़ेगा. कोई कैसे मान ले कि प्राइवेट स्कूलों की कमाई नहीं होती है? और अगर होती है तो फिर इन्हें जीएसटी के दायरे में क्यों नहीं लाया गया? जीएसटी पूंजीपतियों के हिसाब से मार्केट बनाने की प्रक्रिया है.'' 2017-18 2952 करोड़ up news in hindi uttar pradesh news electricity prices in uttar pradesh दीनदयाल अंत्योदय योजना कूपन कोड से मिलेगा कैशबैक // ]]> July 8, 2018 जानें क्यों मनाते हैं हरियाली तीज, इससे जुड़े रोचक तथ्य इसे स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी कहें या गैरसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र का असर, उत्तराखंड में 17 साल में पहली बार बिजली की दरें कम हुई हैं. उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने राज्य में बिजली की नई दरों को मंज़ूरी दे दी है. दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेग्युलेटरी कमिशन (डीईआरसी) से जानकारी नॉर्थ दिल्ली रेजिडेंट्स वेलफेयर फेडरेशन ने मांगी थी। आरटीआई में डीईआरसी से बीएसईएस की दोनों कंपनियों और टाटा पावर के बारे में पूछा गया था। जानकारी मांगी गई थी कि इन कंपनियों ने इस साल अप्रैल, मई और 20 जून तक कितनी बिजली खरीदी। इसकी कीमत पर और किन-किन पावर जेनरेशन कंपनियों से बिजली खरीदी गई और किस रेट्स पर कंस्यूमर्स को बिजली दी गई। हालांकि, डीईआरसी की ओर से जो जवाब मिला उसमें टाटा पावर ने अपना रिप्लाई नहीं दिया। सोनिया के खिलाफ लेख पर जब अटल ने दी नसीहत कंपनी ने कुल खर्च के लिए 16,900 करोड़ की मांग की है. इसमें नॉर्थ बिहार कंपनी ने 7200 करोड़ तो साउथ बिहार कंपनी लिमिटेड ने 9700 करोड़ की मांग की है. कंपनी ने अपने प्रस्ताव में दो तरह की टैरिफ सौंपी है. एक में कंपनी ने कहा है कि राज्य सरकार के अनुदान के बिना अगर शत-प्रतिशत खर्च की बात है तो उसमें 51 फीसदी से लेकर 120 फीसदी तक बिजली दर में वृद्धि की आवश्यकता होगी. लेकिन कंपनी ने कहा है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य सरकार ने 2952 करोड़ का अनुदान दिया है. मुंबई वालों ध्यान से सुन लो! बिहार में उत्पादित बिजली से दौड़ती हैं मुंबई की लोकल ट्रेनें अगर आप जीना चाहते हैं मनचाही जिंदगी, तो इस कहानी में है जवाब प्रशांत पोद्दार Add this video to your website by copying the code below. Learn more National मुखिया संघ के अध्यक्ष, चंदनकियारी इधर बिजली का बड़ा उपभोक्ता रेलवे है, जिसका कहना है कि उद्योग जगत में लागत घटाने के लिए, बाज़ार में बने रहने के लिए बड़े उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली देनी चाहिए। आपको बता दें कि पश्चिम मध्य रेल्वे विद्युत वितरण कंपनी से बिजली 7 से 8 रुपए प्रति यूनिट पर बिजली खरीद रही थी। लेकिन खुले बाज़ार में उसे ये सिर्फ 4 से 5 रुपए प्रति यूनिट की कीमत पर खरीदी की। जिससे उसे वित्तीय वर्ष में दो सौ करोड़ रुपयों से ज्यादा का फायदा हुआ है। दूसरा टेस्ट Top-News हरदोई अन्य राज्य  Election Results सामाजिक विकास किसानों को बर्बाद करने में मशगूल भाजपा के मंत्रियों को ढोलकी पर नचाएंगें : अभय चौटाला 6. ट्रंप से मुलाकात के लिए उत्तर कोरिया से चाइना होते हुए सिंगापुर पहुंचे किम जोंग उत्पादन क्षमता By admin July 22, 2016 शॉकिंग! पत्नी से नाराज पति ने प्लेन हाईजैक कर घर कर दिया क्रैश एकल चरण बिजली मीटर अरुण कुमार के मुताबिक भारत में कुल एक करोड़ 70 लाख लोग प्रभावी रूप से आय कर भरते हैं. यह भारत की आबादी का 1.2 फ़ीसदी है. ऐसा कहा जा रहा है कि जीएसटी छोटे व्यापारियों को आयकर के दायरे में लाएगा और पांच करोड़ लोग कर व्यवस्था से जुड़ सकते हैं और इससे सरकार का राजस्व बढ़ेगा. Why Bijli Bachao? राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति-2018 ଓଡ଼ିଆ VIDEO: सावन के दूसरे सोमवार पर तीर्थनगरी पुष्कर में उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब अंबेडकरनगर : खड़े ट्रक से भिड़ी महाराष्ट्र के तीर्थ यात्रियों की बस, 11 घायल, तीन ट्रॉमा रेफर हरियाणा सरकार ने राज्य में सूक्ष्म और लघु उद्यमों को सस्ती बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए ‘पावर टैरिफ सब्सिडी योजना’ अधिसूचित की है। August 10, 2018 Akrati Shrivastava Central Govt Schemes, Indian Govt Scheme फैजाबाद यूपी एवं उत्‍तराखंड 11 फरवरी 2010. पंजाब में छोटी बिजली उत्पादक कंपनियों को कर्ज में आ रही परेशानियों को देखते हुए ऊर्जा मंत्रालय ने राज्य में काम कर रही निजी बिजली उत्पादक कंपनियों के साथ 11-12 फरवरी को एक बैठक बुलाई है। बैठक में कर्ज नियमों में ढील देने और पावर प्रोजेक्ट के लिए ज्यादा निवेशकों को आकर्षित करने पर विचार किया जाएगा। हिन्दुस्तान टीम 15-05-2018 देवरिया / कुशीनगर टेक वर्ल्ड Latest Washing Machine Technologies in India व्यावसायिक (ग्रामीण) (0-100 यूनिट)  2.20  5.25 VPS की सुकन्या विवि में थर्ड, मौलाना मजहरूल अरबी-फारसी विवि का परिणाम घोषित June 27, 2018 पंचांग कंपनी ने कुल खर्च के लिए 16,900 करोड़ की मांग की है. इसमें नॉर्थ बिहार कंपनी ने 7200 करोड़ तो साउथ बिहार कंपनी लिमिटेड ने 9700 करोड़ की मांग की है. कंपनी ने अपने प्रस्ताव में दो तरह की टैरिफ सौंपी है. एक में कंपनी ने कहा है कि राज्य सरकार के अनुदान के बिना अगर शत-प्रतिशत खर्च की बात है तो उसमें 51 फीसदी से लेकर 120 फीसदी तक बिजली दर में वृद्धि की आवश्यकता होगी. लेकिन कंपनी ने कहा है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य सरकार ने 2952 करोड़ का अनुदान दिया है. मुंबई वालों ध्यान से सुन लो! बिहार में उत्पादित बिजली से दौड़ती हैं मुंबई की लोकल ट्रेनें Jarnail Singh‏Verified account @JarnailSinghAAP Jun 4 'मिनी पंजाब' में तबाही के बाद का मंजर, सैलाब में... देश में पारेषण के सर्वोत्तम प्रथाओं पर्सनल फाइनेंस Show — त्वरित सम्पर्क Hide — त्वरित सम्पर्क सौभाग्य योजना (सहज बिजली हर घर योजना) उत्तर प्रदेश के लोए यहाँ क्लिक करें॥ Learn the latest उनका इशारा इस तरफ था कि कर्मचारी या तो प्रेम से कोटा छोड़कर चले जाएं वरना इस कपड़े धोने के धोवने से उनकी पिटाई कर उन्हें यहां से भगा दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रविंद्र त्यागी ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि बिजली कंपनी आम जनता को लूट रही है और इसमें भाजपा जनप्रतिनिधियों की शह मिली हुई है। कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - सर्वोत्तम ऊर्जा की कीमतें कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - वाणिज्यिक बिजली कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - विद्युत कंपनियां आज स्विच करें
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