परियोजनाओं को अनुमति देने की प्रक्रिया शीघ्र ही प्रारम्‍भ होगी। अनुमति मिलने के बाद परियोजनाओं को पूरा करने के लिए राज्‍यों की वितरण कंपनियों और वितरण विभाग को ठेके दिए जाएंगे। ठेके देने की अवधि से 24 महीने के भीतर परियोजनाओं को पूरी किया जाना चाहिए। बिजली-सड़क-पानी राजनीतिक नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी मुकेश राय Your email address will not be published. Required fields are marked * The refrigerator has been one of the most important innovations in home appliances category over the last century. Though once a luxury, but thanks to the liberalization and boom of the Indian economy, it’s now an indispensable appliance in the Indian household. With the rising middle class and larger disposable income, demand for the refrigerators have witnessed a robust double-digit growth over last few years. Rising demands has also propelled the manufacturers LIVE: केरल में बाढ़ का कहर, 12 जिलों में हाई अलर्ट, पीएम मोदी ने ली बैठक अभिषेक सिंह Search Site MLA Tilak Nagar, Volunteer Aap, Chairman of DDC(W), Member of SDMC, Chairman of GGS Hospital, VP AAP Delhi, Co Convener Aap Overseas, Chairman WAPTEMA, Business आगरा में फतेहाबाद रोड स्थित गांव कुआंखेड़ा में बुधवार सुबह टोरंट के वाहन की चपेट में आने से साइकिल सवार 10 वर्षीय के अमन की मौत हो गई।  धर्म क्षेत्र #Monsoon मंत्री ने कहा कि अब भी कई बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और इसके लिये सरकार स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर की व्यवस्था लागू करेगी ताकि बिलों का भुगतान सही तरीके से हो. उन्होंने यह भी कहा कि अक्षय ऊर्जा खरीद समझौता (आरपीओ) और बिजली खरीद समझौते को अनिवार्य किया जाएगा. सब्सिडी का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि यह प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिये दिया जाना चाहिए और एक ग्राहक की कीमत पर दसूरे ग्राहक से अधिक बिजली शुल्क लेने की व्यवस्था क्रास सब्सिडी अधिक नहीं होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में तीन-चार कंपनियां होनी चाहिए और ग्राहकों को कंपनी चुनने का विकल्प मिलना चाहिए. सिद्धार्थनगर पी एस एवं एल एफ औद्योगिक मीटर ऊंचे टॉवर से यह तस्वीर DGCA ने किया हाईकोर्ट में विमानन कंपनियों का बचाव, बहुत ज्यादा किराया नहीं वसूल रहीं एयरलाइंस विभाग के बारे में शेखपुरा 0 कर्मचारी पर होने वाले खर्च का युक्तियुक्तकरण व समय पर टैरिफ पिटिशन फाइल करनी चाहिए। (c)    Better health services बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने एक अप्रैल से पांच फीसदी महंगी बिजली दर का फैसला सुनाया है। केवल एक श्रेणी बड़े उद्योग में यह वृद्धि दर 9.92 फीसदी है। बिजली कंपनी ने 44 फीसदी बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। आयोग के इस फैसले के बाद राज्य सरकार ने बिजली दर की समीक्षा कर अनुदान देने की बात कही है।  Public · Anyone can follow this list Private · Only you can access this list पूनम पाण्डे, नई दिल्ली बिहार विद्युत नियामक आयोग (बीईआरसी) ने 2016-17 में बिजली दर में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किए जाने का निर्णय लिया है जो कि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ता के लिए राहत की बात है। नार्थ एंड साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने आयोग के समक्ष गत वर्ष दिसंबर महीने में याचिका दायर की थी जिसमें वित्तीय वर्ष 2016-17 में बिजली दर में करीब 7 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने का प्रस्ताव रखा था। कुमार कुणाल [Edited By: राम कृष्ण] @KumarKunalmedia Feedback मधेपुरा नया- ताजा पावर टैरिफ सब्सिडी प्राप्त करने के लिए आवेदन आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित फॉर्म पर विभाग के वेब पोर्टल पर उद्योग और वाणिज्य निदेशक को भेजना होगा। * उपरोक्त योजना उस समय तक मान्य होगी जब तक कि विभाग या कोई अन्य सक्षम प्राधिकारी उन्हें वापस रोल नहीं करेगा। इसके अलावा, उपरोक्त योजना / दस्तावेज / विभाग को विभाग के अधिकारियों द्वारा मैन्युअल रूप से संग्रह अनुभाग में ले जाया जाएगा। 106 Views अधिनियम Jehanabad कुल्लू पुस्तकें सोशल वायरल FOLLOW US: चालू परियोजना इस्तेमाल की शर्तें जिन लोगों के 11 केवी की लाइन से 650 मीटर से ज्यादा दूरी पर हैं, उन्हें पहले फेज में कनेक्शन नहीं मिलेंगे, लेकिन मंत्री ने दावा किया कि दूसरे फेज में ज्यादा दूरी वालों को भी कनेक्शन दिए जाएंगे। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय मल्होत्रा ने कहा कि योजना के पहले फेज में मिले रेस्पोंस को जांचा जाएगा। पहले फेज में जिन्हें कनेक्शन मिलेगा, उससे लाइन की दूरी भी कम होगी, जो रह जाएंगे और जिनकी 11 केवी की लाइन से ज्यादा दूरी है, उन्हें दूसरे फेज में कनेक्शन देने पर विचार किया जाएगा। कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग चक्रधरपुर 11 हजार सीसीटीव्ही कैमरों से होगी मध्यप्रदेश की निगरानी दस साल पहले भी लगी थी रोक :इसके पहले करीब 10 साल पहले भी रोक लगा थी। कर्मचारियों द्वारा लंबे समय से मांग की जा रही थी। इसके बाद सरकार ने इसे फिर से शुरू किया था। छह महीने पहले फिर रोक लगा दी थी। अब इसे फिर हटा लिया गया है। एडमिशन देश21 ऊर्जा मंत्रालय इस योजना के कार्यान्वयन प्राधिकरण होगा। FROPKY Times of India| Economic Times | iTimes|Marathi News | Bangla News | Kannada News| Gujarati News | Tamil News | Telugu News | Malayalam News | Business Insider| ZoomTv | BoxTV| Gaana | Shopping | IDiva | Astrology | Matrimonial | Breaking News   Previous Storyएन्‍वायरमेंट के साथ पैसे भी बचाएंगी ई-कॉमर्स कंपनियां, अमेजन ने शुरू की साइकिल पर डिलिवरी Next StoryEPFO के लिए UAN जरूरी, जानिए इससे जुड़ी 3 अहम बातें   अटल की अंतिम यात्रा के कारण दिल्ली में आज बंद रहेंगे ये रास्ते इंडिया की अन्‍य खबरें अंबेडकरनगर : खड़े ट्रक से भिड़ी महाराष्ट्र के तीर्थ यात्रियों की बस, 11 घायल, तीन ट्रॉमा रेफर बंगाल नई दिल्ली, 06 सितंबर 2015, अपडेटेड 18:29 IST वाजपेयी के अंतिम दर्शनों के लिए उमड़ा हुजूम नवंबर 2015 में चावड़ी जोन के जनकगंज, गस्त का ताजिया, वर्कशॉप, तारागंज, सराफा बाजार फीडर पर 29 लाख 19 हजार यूनिट बिजली की आपूर्ति की गई। विक्रय योग्य 26 लाख 27 हजार यूनिट बिजली पाई गई, लेकिन जोन ने उपभोक्ताओं को 32 लाख 62 हजार यूनिट का बिजली का बिल जारी कर दिया। आपूर्ति से 40 फीसदी लॉस घटाया जाए तो 17 लाख यूनिट का बिल उपभोक्ताओं को जारी होने थे, लेकिन कंपनी ने 15 लाख 62 हजार यूनिट का अधिक बिल जारी कर दिया। ज्ञात हो कि शहर में 40 फीसदी के आसपास लाइनलॉस रहता है। भारत के जिले विजेंद्र गुप्ता ने कहा, जो लोग कभी बिजली कंपनियों का एकाधिकार समाप्त करने और बिजली कंपनियों के ऑडिट की बात कर सत्ता में आए थे तथा जो लोग शीला दीक्षित और बिजली कंपनियों के भ्रष्टाचार को मिटाकर बिजली के रेट कम करने की बात करते थे , वही लोग आज निजी बिजली कंपनियों का प्रवक्ता बन गए हैं. पिछले 6 महीने में इन बिजली कंपनियों को दूसरी बार स्थाई शुल्क बढ़ाकर इन्हें मालामाल कर रहे हैं. Settings नियम और नीतियां Tags:Bihar Electricity Regulatory Commission (BERC)Parmanand SinghPower Tariff उत्पादन अग्रसक्रिय प्रकटन चण्डीगढ़, 14 जून- हरियाणा सरकार ने राज्य में सूक्ष्म और लघु उद्यमों को सस्ती बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए ‘पावर टैरिफ सब्सिडी योजना’ अधिसूचित की है। इस योजना के तहत, ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी खंडों में सूक्ष्म और लघु उद्यमों को बिजली कनेक्शन जारी करने की तिथि से तीन वर्ष के लिए दो रुपये प्रति यूनिट की पावर टैरिफ सब्सिडी प्रदान की जाएगी। 1-100        4.27 रुपए    ¯6.15 रुपए सुरक्षा उपकरण: एमसीबी Copyright © 2015 by Divisional Public Relation Office Ujjain कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - बेस्ट पावर कंपनी कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - एनर्जी इलेक्ट्रिक कंपनी कोई जमा के साथ सस्ता बिजली - व्यापार बिजली दरें
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