चरणबद्ध तरीके से जीएसटी के दायरे में लाए जाएंगे पेट्रोलियम उत्पाद, अधिया ने... ट्विंकल बोलीं- सैनिटरी पैड पर GST नहीं, एक अलार्म दे दीजिए LATEST FROM AAJ TAK रिपोर्ट में खुलासा: पूर्व PM मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भारत ने हासिल की थी सर्वाधिक विकास दर गौरतलब है कि ऊर्जा मंत्रालय इस पर तैयार किए गए मसौदे पर विशेषज्ञों से अंतिम चर्चा कर रहा है। माना जा रहा है कि जल्द वह इस पर आगे कदम बढ़ाएगा। साड्डा हक Tue, 14 Aug 2018 07:00 PM IST accident - फोटो : graphic 101-200         6.10 सुनील मानकी Ludhiana बांसवाड़ा ऊर्जा अंकेक्षण सेवाऍं 3/6 IRCTC Train New Schedule, Timings: बदला गया 300 ट्रेनों का टाइम टेबल, जानिए नया शेड्यूल सघन गन्ना विकास योजना सोशल Facebook Sections Google+ प्रोफ़ेसर दिवाकर ने कहा कि सरकार टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन की भी कमर तोड़ने में लगी है. 15-16 में टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन का बजट 26 हज़ार 11 करोड़ था जो 16-17 में 22 हज़ार 91 करोड़ हो गया. जीएसटी के बाद इसे 12 हज़ार 699 करोड़ कर दिया गया है. इस कटौती से साफ़ है कि सरकर की नियत में खोट है. उन्होंने कहा कि बिना टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन को मजबूत किए जीएसटी को मज़बूत कैसे किया जा सकता है?'' महत्वपूर्ण लिंक्स अन्य कोई आगे पढ़ें Click to share on Google+ (Opens in new window) ऑटो रिव्यू टेक्नोलॉजीखाना खज़ानाहेल्थ / ब्यूटीअपनी बातफ़ोटो गैलरीख़बरें भेजेंसंजीवनीएजुकेशन & कैरियर पुरुषों का उत्पीड़न रोकने के लिए पिंडदान (e)    Increased economic activities and jobs nuclear energy OddNaari मुख्य पृष्ट कोटा/ हिमांशु मित्तल: राजस्थान के कोटा में बिजली कंपनी को भगाने के लिए लोगो ने जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है. दर्जनों लोग चंबल नदी में उतर गए हैं और कोटा की बिजली कंपनी KEDL को कोटा से हटाने की मांग जल सत्यग्रह के जरिए कर रहै हैं. चंबल नदी में लगातार KEDL GO BACK के नारे ही सुनाई दे रहे हैं. राज्यपाल संदेश बिहार पुलिस में बम्फर बहाली! Appliances एन.सी.ई.आर.टी. टेस्ट Dehradun फिल्म रिव्यू Rohtas कृपया क्लिक करके, होम पेज पर वापस जाइए! परंपरा एवं संस्कृति साझा करें: डीईआरसी ने घरेलू बिजली पर प्रति यूनिट नई दरें तय की हैं. इसके मुताबिक शून्य से 200 यूनिट तक की प्रति यूनिट दर 4 रुपये से घटाकर 3 रुपये, 201 से 400 यूनिट तक 5.95  से घटाकर  4.50 रुपये,  401 से 800 यूनिट तक 7.30 से घटाकर  6.50 रुपये,  801 से 1200 यूनिट तक 8.10 से घटाकर  7 रुपये और 1200 यूनिट से अधिक की खपत पर चार्ज  8.75 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 7.75 रुपये प्रति यूनिट किया गया है. mohit singh‏ @aazadmohit Jun 4 नैनीताल में जिन जगहों पर अटल जी रुके उन यादों को संजों कर संग्रहालय बनाया जायेगा। चंपारण (प) हिमाचल की पहाड़ियों में सबसे ऊंची चोटी पर स्थित है काली मां का मंदिर,... गरोठ पिंटू दत्ता लखनऊ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बेटियों के नाम सबसे ज्यादा मेडल स्टार्ट-स्टॉप 1 बिटकॉइन विश्लेषण: 24 अगस्त का सप्ताह (रुझान के लिए परिचय) उन्होंने कहा, ''शराब माफ़ियाओं को जो छूट मिली थी वह जारी रहेगी. इसी तरह बिजली का निजीकरण किया जा रहा है ऐसे में सरकार पूंजीपतियों से कोई टकराव मोल नहीं लेना चाह रही है. उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम भी निजीकरण की पटरी पर लगभग आ चुका है इसीलिए इसे जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है.'' ब्रिटेन को आईना दिखाता सैनेटरी पैड का विज्ञापन बहन प्रियंका की सगाई अटेंड करने शूटिंग बीच में छोड़ मुंबई लौंटी परिणीत FOLLOW (36) Music Today सोशल मीडिया जनअभियान परिषद कार्यालय में झंडा वन्दन किया गया Firozabad 162 बेगूसराय: पीड़ित शिवजी सहनी को देखने पटना पीएमसीएच पंहुचे धर्म राज... सीतामढ़ी प्रद्युम्न हत्या मामला: खून से लथपथ गर्दन पर हाथ रखें टॉयलेट से बाहर रेंगते हुए आया था प्रद्युम्न बिजली कंपनी का काम छोड़कर भागीं नौ और कंपनियां श्रीलंका ने दक्षिण अफ्रीका को 3 रनों से हराया (डी/एल मेथड) सपा सरकार ने वर्ष 2012 के अपने चुनावी घोषणा-पत्र में वादा किया था कि ''आने वाले दो वर्षों में बिजली की उपलब्धता ग्रामीण क्षेत्रों के लिये 20 घण्टे और शहरी क्षेत्रों में 22 घण्टे की जायेगी। उद्योग और कृषि के लिये बिजली की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी जायेगी’’। परन्तु आज लगभग सवा तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी यह सपा सरकार अपने इन वादों को थोड़ा भी पूरा करने के मामले में ना केवल पूरी तरह से विफ ल साबित हुई है, बल्कि इन वादों को पूरा करने के मामले में अभी तक कोई ठोस क़दम भी नहीं उठा पाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सब जानती है और उसने ''अपराध-नियंत्रण व क़ानून-व्यवस्था के साथ-साथ जनहित व विकास एवं बिजली’’ के क्षेत्र में भी बी.एस.पी. की सरकार के बेहतरीन कार्यों को देखा व परखा एवं अनुभव किया है। परामर्शसेवाऍं एंड्रॉयड यूजर्स तुरंत डिलीट कर दें ये 145 एप्स,Google ने जारी की लिस्ट Section जेएनएन, चंडीगढ़। हरियाणा के लोगों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के सरकार के इरादे में कोयला कंपनियां सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। प्रदेश की बिजली उत्पादन इकाइयों को भरपूर कोयला नहीं मिलने की वजह से जहां बिजली उत्पादन प्रभावित हो रहा है, वहीं सरकार नहीं चाहती कि बिजली सस्ती करने की घोषणा करने के बाद सप्लाई में किसी तरह की दिक्कत आए। लिहाजा कोयले की जरूरत पूरी होने के बाद ही सरकार बिजली के दाम कर सकती है। 2. भारतीय सेना ने 28 सैनिकों की शहादत पर 138 पाकिस्तानी सैनिक मारे अ स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि न्यायालयीन अथवा चोरी के प्रकरणों के अलावा पूर्व में समाधान योजना का लाभ ले चुके उपभोक्ता भी पात्र होंगे। इसके अलावा यदि पंजीकृत श्रमिक के पास घरेलू बिजली कनेक्शन नहीं है तो उसे भी फ्री में कनेक्शन दिया जायेगा तथा कोई सुरक्षा-निधि नहीं ली जायेगी। एक जुलाई से लागू स्कीम में पंजीकृत श्रमिक और बीपीएल उपभोक्ताओं के 30 जून 2018 की स्थिति के बकाया लगभग 5200 करोड़ के घरेलू बिल माफ कर दिये गये हैं। इसका सीधा लाभ 77 लाख उपभोक्ताओं को मिला है। इसमें बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ता भी शामिल है। » See SMS short codes for other countries दिव्यांगजन पेंशन 1991 —  27.6 प्रतिशत Recent Comments नागपुर Like Us :   उपयोगी कड़ियाँ मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव कह चुके हैं कि प्रदेश भाजपा सरकार बिजली उपभोक्ताओं से देश में सबसे अधिक बिजली की दर वसूल रही है। श्री यादव ने कहा था कि बिजली के अनाप-शनाप बिलों को न दे पाने की वजह से किसानों को परेशान किया जा रहा है और सरकार उनके ट्रैक्टर, मोटर पम्प आदि जब्त कर रही है। क्विज हाथरस Authors सक्सेस स्टोरी Odisha me electric connection k lie ghumate he aur Rs 6500 ka mang kar rahe he to PM soubhagya yojana ka matlab kya he ऊर्जा लागत की तुलना करें - सस्ता विद्युत प्रदायक ऊर्जा लागत की तुलना करें - यहां अधिक समाधान खोजें ऊर्जा लागत की तुलना करें - गैस की कीमतों की तुलना करें
Legal | Sitemap