- बिजली की नई दरें मेडिकल फील्ड से जुड़े लोगों के लिए भी राहत देने वाली हैं। इस बार तय किया गया है कि सरकारी अस्पतालों को छोड़कर निजी अस्पताल व क्लीनिक के बिजली बिलों में पांच % की छूट दी जाएगी। यानी किसी अस्पताल का बिल यदि एक लाख रुपए है तो उसका पांच % यानी पांच हजार रुपए कम हो जाएंगे। इससे जहां बिजली की चोरी में कमी होगी वहीं लाइन हानियां कम होने से वितरण कंपनियों का घाटा कम होगा। देश दीपक वर्मा का कहना है कि इससे बिजली के नए कनेक्शन लेने के लिए लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने आयोग के अध्यक्ष व सदस्य से मिलकर इस फैसले के लिए आभार जताया। उबर इट्स का नया 'ऐड फंडा', बिरयानी के ऐड में छाया 'जलेबी बॉय' 28% टैक्स स्लैब जिले में नगर निगम बिजली विभाग का सबसे बड़ा डिफॉल्टर है। नगर निगम पर करीब 200 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। इसमें लगभग 16 करोड़ रुपये का सरचार्ज भी शामिल है। पूरे सर्कल में सरकारी डिफॉल्टरों पर करीब 250 करोड़ रुपये बकाया हैं। इन पर करीब 25 करोड़ रुपये का सरचार्ज बनता है। इस रकम की वसूली के लिए निगम की तरफ से लगातार सरकारी विभागों को रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि अगर सभी सरकारी विभाग अपना बकाया दे देते हैं, तो इनका लगभग 25 करोड़ रुपये का सरचार्ज माफ हो जाएगा। अंबेडकरनगर : खड़े ट्रक से भिड़ी महाराष्ट्र के तीर्थ यात्रियों की बस, 11 घायल, तीन ट्रॉमा रेफर (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.) वन एवं पर्यावरण शेयर करें:   Tags: Final Report Gorakhpur Final Report news Gorakhpur Gorakhpur City News Gorakhpur Final Report Gorakhpur Local News Gorakhpur News in Hindi Latest Gorakhpur News फोटो गैलरी हम आपके लिए अपने कंटेंट को बेहतर बनाने के लिए कूकीज का इस्तेमाल करते हैं. अधिक जानकारी डाटा सुरक्षा पेज पर उपलब्ध है. उपभोक्ता के जून, 2018 तक के बिल में देय मूल बकाया राशि और सम्पूर्ण सरचार्ज राशि माफ की जावेगी। इसके लिए आवेदन मिलने के बाद बकाया माफी प्रमाण-पत्र भी जारी किया जाएगा। सरचार्ज की पूरी रा‍शि एवं मूल बकाया राशि का 50 प्रतिशत वितरण कंपनी द्वारा माफ किया जायेगा तथा शेष 50 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। इसकी एवज् में राज्य शासन द्वारा तीन वर्ष अथवा 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 में सब्सिडी दी जायेगी। स्कीम में संबल योजना में पंजीकृत और बीपीएल श्रेणी के वे उपभोक्ता भी शामिल हो सकते हैं, जिन पर सामान्य बिजली बिल की राशि बकाया है और जिन्होंने बकाया राशि बाबत् न्यायालयीन प्रकरण दर्ज किया है और प्रकरण लंबित है। ऐसे उपभोक्ता जिन पर बिल की राशि बकाया होने से कनेक्शन स्थायी अथवा अस्थायी रूप से विच्छेदित किया गया था और जिन पर विद्युत अधिनियम की धारा 126, 135 या 138 में प्रकरण दर्ज हो और उनके बिल की राशि बकाया हो, ऐसे उपभोक्ताओं की निर्धारण अधिकारी द्वारा जारी निर्धारण आदेश की कंपाउडिंग फीस और देय ब्याज इत्यादि सहित पहले की बकाया समेत पूरी राशि माफ की जाएगी। पात्र हितग्राहियों के उपरोक्तानुसार निराकरण के बाद विशेष विद्युत न्यायालयों में दर्ज सभी प्रकरणों को समाप्त करने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। पहले के वर्षो से जारी समाधान योजना में लाभ ले चुके घरेलू उपभोक्ता पात्रता के अनुसार इस स्कीम में फिर लाभ ले सकेंगे। वातावरण की उपेक्षा की यह स्थिति थी कि खुदाई तथा सुरंग बनाने से निकला सारा मलवा खुलेआम नदी में डाला जा रहा था। योजना बनाने वालों ने किंचित भी परवाह नहीं की कि ऐसा करने से पानी दूषित हो जाएगा तथा जल में रहने वाले जीवों की हानि होगी। जो वृक्ष या वन लगाने की बात योजना वालों ने की थी वह पूरी नहीं की गई। अड़तीस प्रतिशत योजनाओं ने कोई पेड़ नहीं लगाए, योजनाओं की सड़कें तथा सुरंगें बनाने से पहाड़ों के ढलानों को नुकसान हुआ। इन सब बातों का प्रतिकूल प्रभाव नदियों के नीचले भागों में पड़ा। नीचे के जल प्रवाह की माप होनी चाहिए थी तथा उसके मानदंड बनाए जाने चाहिए थे ताकि योजनाओं का वातावरण पर दुष्प्रभाव न पडे, उससे भूमिगत पानी का संचय हो रहा है या नहीं। सिंचाई के लिए क्या बचा पानी पर्याप्त है कि नहीं तथा नदी में कितनी बालू-मिट्टी जमा हो रही है ? यह देखा जाना चाहिए था कि योजनाओं के बनने के बाद पर्यावरण तथा प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और उसकी लगातार समीक्षा होनी चाहिए थी। बिजली यंत्रों को चलने से यदि कोई दुष्प्रभाव पड़ रहा है तो उनके संचालन में बदलाव किया जाना चाहिए था। भारत सरकार के सुझावों के अनुसार एक प्रतिशत बिजली सरकार को सहायता के लिए मुफ्त दी जानी चाहिए थी। मुख्यमंत्री का संदेश United States 40404 (any) अनाथालयों और वृद्धाश्रम को मिलेगी सस्ती बिजली Čeština More Story - आम व्यक्ति यानी घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल लगभग सवा छह % कम आएगा। सामान्य रूप से समझा जाए तो माना जाएगा कि पिछले महीने तक एक हजार रुपए का बिल आता था, तो अप्रैल में बिजली बिल 62.5 रुपए कम आएगा। ये भी पढ़ें- गांव कनेक्शन विशेष : हरिद्वार से गंगासागर तक गंगा में सिर्फ गंदगी गिरती है शनिवार, 18 अगस्त 2018 मोबाइल-टेक सोशल वायरल योजना के अनुदान का हिस्सा विशिष्ट वर्ग राज्यों के अतिरिक्त अन्य राज्यों के लिए 60 फीसदी (अनुशंसित उपलब्धि अर्जित करने पर 75 प्रतिशत तक) और विशिष्ट वर्ग राज्यों के लिए 85 फीसदी (अनुशंसित उपलब्धि अर्जित करने पर 90 प्रतिशत तक) तक है। अतिरिक्त अनुदान के लिए अपेक्षित उपलब्धियां हैं : योजना का समय पर पूरा होना, एटी एंड सी में अपेक्षित कमी और राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी को अग्रिम रूप से जारी करना। सिक्किम समेत सभी पूर्वोत्तर राज्य, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड विशिष्ट वर्ग राज्यों में शामिल हैं। Read More: Agra News Hindi Latest Agra Latest News Hindi Hindi Newsडीआईसीविद्युतयोजनाअनुश्रवण Jalandhar ट्रांस हिंडन Recent Posts RSS Feed बजाज हिंदुस्तान शुगर ने एलपीजीसीएल में अपनी हिस्सेदारी बिक्री के लिये शेयरधारकों से मंजूरी को लेकर चार अगस्त को असाधारण आम बैठक बुलायी है। कंपनी यह हिस्सेदारी समूह की ही दूसरी कंपनी बजाज एनर्जी लि. को बेचेगी।  Madhya PradeshHoshangabadBetulहजारमजदूरबिजली बिलमाफीसस्ताकनेक्शन Work for us यादृच्छिक लेख (यह भी पढ़ें)... सपना चौधरी ने WWE के रिंग में लगाए ऐसे ठुमके, चित हो गए सारे पहलवान; देखें Video #रायपुर दीपक कुमार दास कक्षा कार्यक्रम सावन मास की हर शाम अवश्य करें ये काम, मिलेगा कुबेर के समान खजाने का भंडार This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed. तंग दायरों को तोड़ते रहे वाजपेयी बीपीएल उपभोक्ताओं ने बिल भरना बंद किया केरल: बाढ़-बारिश से 9 दिन में 324 लोगों की मौत, 2 लाख से ज्यादा राहत शिविरों में; मोदी करेंगे हवाई सर्वे 11 mins प्रखंड विकास पदाधिकारी बड़कागांव प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने से पहले इमरान ने अपने वतन से किए ये वादे മലയാളം उनका जवाब था, ‘जन धन खाते ग्राहकों के अनुरोध पर बंद किए गए हैं. कुछ जन धन खाते ग्राहकों के अनुरोध पर साधारण बचत खातों में तब्दील करवाने की वजह से बंद हुए हैं. कुछ मामलों में ये खाते इसलिए बंद करवाए गए हैं क्योंकि एक ही बैंक में एक आदमी के कई खाते पहले से थे.’ संजीव उपाध्याय ख़बरेंमर्डर मिस्ट्रीचर्चित कांडसाइबर क्राइमसीरियल किलरसेक्स स्कैंडलबाहुबलीमोस्ट वॉन्टेडवीडियोनायकपुलिस फाइल सेफोटो परंपरागत बिजली (थर्मल पावर) के साथ-साथ सोलर पावर के जरिये लोग बिजली का उत्पादन करेंगे. इसको लेकर केंद्र व राज्य सरकार योजना चला रही है और अनुदान भी दे रही है. इससे लोगों को सौर ऊर्जा के जरिये बिजली मिल सकेगी. कंपनी के सूत्रों की मानें तो एलएनटी कंपनी को पिछले साल तक ही इन 355 टोलों में सोलर के जरिये बिजली पहुंचानी थी लेकिन उसके काम करने की गति धीमी है. राज्य सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के सभी टोलों तक अप्रैल के अंत तक बिजली पहुंच जाये और दिसंबर के अंत तक हर घर में बिजली पहुंच जाये.  एलएनटी कंपनी की ओर से निर्धारित समय पर काम पूरा नहीं होने पर बिहार सरकार लक्ष्य को पूरा नहीं कर सकेगी. इसलिए अल्टीमेटम दिया गया है.  संजय शर्मा‏ @sharma__sanjay 18 Aug 2015 सालों बीत जाने के बाद भी अफसरशाही को यह मालूम नहीं, HC ने की थी ग्रीन एरिया में निर्माण की मनाही द वायर आपका, आपके लिए और आपके सहयोग से चलने वाला पत्रकारिता संस्थान है. इसे बचाए और बनाए रखने में सहयोग करने के लिए क्लिक करें. » Register हमेशा कनेक्टेड रहें शासी परिषद् शहरी क्षेत्र वाजपेयी निमोनिया से पीड़ित थे, काम नहीं कर रहे थे कई अंग: चिकित्सक लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में मोतिहारी के एक प्रोफेसर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लेकर आलोचनात्मक फेसबुक पोस्ट करना महंगा पड़ गया. दरअसल, मोतिहारी के महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर संजय [...] उ वि औद्योगिक सेवा 4 7.97 0.50 7.47 --- 7.48 महिन्द्रा मराज़ो के डैशबोर्ड से जुड़ी जानकारी आई सामने, जानिए प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना, सौभाग्य फ्री बिजली कनैक्शन हरियाली तीज 2018: जानिए क्या है शुभ मुहूर्त और पूजा विधि Scorpio (वृश्चिक) 12:25:28 AM हमार॓ साथ काम करें ​ मनरेगा आर एस ओ पी तकनीकी रिपोर्ट Hockey Română सरसों (Mustard) Bollywood यूपी के 5 शहरों में 'वैचारिक कुंभ' लगाकर BJP साधेगी 2019 चुनाव का लक्ष्य प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की अनुदानित श्रेणी कृषि व घरेलू है और इनका हिस्सा क्रमश: 42 व 21 फीसदी है, वहीं देश में यह 23 व 24 फीसदी है जिसके चलते विद्युत लागत और राजस्व में अंतर ज्यादा रहा है। वहीं वर्ष 2005 में पड़ोसी राज्यों से? बिजली खरीद जहां 2.09 रुपए प्रति यूनिट रही, वहीं बिजली कंपनियों ने वर्ष 2008 में 8.83 रुपए प्रति यूनिट से बिजली खरीद कर कम दरों पर बिजली सप्लाई कर घाटे को बढ़ाया है।  ज्वाला मंदक निम्न धूम्र प्रयोगशाला चक्रधरपुर VIDEO-जब UN में इज़रायल का विरोध किया था अटल बिहारी वाजपेयी ने (फोटो: Bloombergquint) शनिवार, 18 अगस्त 2018 जागरण संवाददाता, मोहाली : चंडीगढ़ के बाद अब मोहाली में भी सस्ते बिजली उपकरण मिलेंगे। जिनमें बल्ब से लेकर ट्यूबलाइट और पंखे शामिल हैं। यह योजना एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) और पंजाब स्टेट पावर सप्लाई लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की ओर से आयोजित कार्यक्रम के तहत शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि ये सभी एलईडी उपकरण बहुत कम बिजली की खपत करते हैं। स्कीम को लांच करने का उद्देश्य पंजाब की बिजली की खपत कम करना है। जल्द ही शहर में जगह-जगह कैंप लगाकर उजाला स्कीम के तहत लोगों को किफायती कीमत पर ये एलईडी बिजली उपकरण मुहैया कराए जाएंगे। इससे न सिर्फ लोगों को सस्ते बिजली उपकरण मिलेंगे बल्कि बिजली की खपत कम होगी। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिजली के यूनिट कम खर्च होने से विभाग को सरपल्स बिजली तो मिलेगी ही। इसके साथ-साथ लोगों के बिजली के बिल भी कम आएंगे। विभाग की ओर से लोगों को इनके इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने के लिए अब जगह-जगह पर शिविर लगाए जाएंगे। उपभोक्ताओं को जो बल्ब और ट्यूबलाइट्स मुहैया करवाई जाएगी, उसकी तीन साल की वारंटी होगी। वहीं, साधारण बल्बों के मुकाबले एलईडी बल्ब 10 फीसद ज्यादा असरदार हैं। योजना के तहत दिए जाने वाले सीलिंग फैन पारंपरिक पंखों के मुकाबले ऊर्जा में 30 फीसद ज्यादा बेहतर होंते हैं। टेस्ट सीरीज CONNECT योजना के घटक मनोरंजन की खबरें फिलहाल इस योजना के लिये 12 हजार 320 करोड़ रुपए का बजटीय आवंटन किया गया है। सुपौल ५. जो उपभोक्ताओं पिछले दिनों समाधान योजना का फायदा ले चुके हैं वे भी इस योजना में शामिल हो सकेंगे। एडवेंचर है पसंद...तो इंडिया के इन 10 नेशनल पार्क में लें वाइल्ड लाइफ स... 2 जुलाई 2017 NEXT केरल: बाढ़-बारिश से 3 लाख से ज्यादा बेघर, मई से अब तक 324 की मौत; मोदी कुछ देर में करेंगे हवाई सर्वे 2 mins Updated: March 21, 2018, 4:59 PM IST Electricity cheap in Delhi 2:28 Show — मुख्य नेविगेशन Hide — मुख्य नेविगेशन दिल्ली और एनसीआर Notify me of new posts by email. DASHRATH KUMAR फ्रांसीसी दंपति को लेह से सुरक्षित दिल्ली लाई भारतीय वायुसेना गोपनीयता नीतिविकिपीडिया के बारे मेंअस्वीकरणडेवेलपर्सकुकी का वर्णनमोबाइल दृश्य भारत में बिजली की कमी के बीच जानकार शंका जता रहे हैं कि जिस देश में बिजली की किल्लत है वहां बिजली की कार ज्यादा सफल नहीं होगी. लेकिन महिंद्रा को भरोसा है कि ये शंकाए बेवजह हैं. सब्स्क्राइब कीजिए हमारा न्यूजलेटर अगली ख़बर Home प्रभु नैहरा sfi नोहर Aug 05, 2018 12:52 PM It looks like nothing was found at this location. You can try a search instead. लाइव Loading... सार्वजनिक उपयोगिताएँ साहिबगंज 9 प्रीपेमेंट एकल चरण मीटर दिवाकर ने कहा, ''शिक्षा पर भी जीएसटी कर नहीं लगेगा. ऐसे में शिक्षा का निजीकरण बढ़ेगा. कोई कैसे मान ले कि प्राइवेट स्कूलों की कमाई नहीं होती है? और अगर होती है तो फिर इन्हें जीएसटी के दायरे में क्यों नहीं लाया गया? जीएसटी पूंजीपतियों के हिसाब से मार्केट बनाने की प्रक्रिया है.'' 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