मंत्री श्री जैन ने हासामपुरा में स्व.दिगंबरराव तिजारे स्टेडियम का लोकार्पण किया, विधायक ट्रॉफी 2018 का पुरस्कार वितरण भी किया ITR फाइलिंग में फिर किया गया बदलाव डेबिट और क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करने वाले को नए साल पर मिलेगा तोहफा French Français 0.2% आईबी गिव जंगानेह बताते हैं, "हमारी तकनीक पंप स्टोरेज प्लांट की तुलना में 20 से 30 फीसदी सस्ती है. इसके अलावा हमें बड़े बांध और बड़े जलाशय बनाने की भी जरूरत नहीं है जो प्रकृति के साथ छेड़छाड़ करता है. ये पूरे का पूरा स्टोरेज पहाड़ के अंदर बना है. इसका फायदा न सिर्फ आर्थिक तौर पर है बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी. " नश्तर ऑटो न्यूज़ #KeralaFlood: बाढ़ से अब तक 324 की मौत जागरण स्पेशल   (शरद खरे) सिवनी शहर का यातायात दुरूस्त करना, यातायात पुलिस के बूते की बात अब शायद नहीं रह गयी है। यातायात पुलिस के बरौनी- स्टेज एक 5.32 5.11 Last updated on: Aug 13, 2018 IPL 2018 Hindustantimes Punjabi Pinterest मुम्बई भारतखेलदिल्लीमूवी-मस्तीNBT ब्लॉगमुंबईजोक्सअपना ब्लॉगलखनऊटेकघर-परिवारअन्य शहरऑटोफोटो धमालदुनियाबिज़नस ETसंडे NBTराशिफलविचारNBT मोबाइलNBT ऐप हाउस आवंटन नियम और फॉर्म बाज़ार खबरें चेतावनी: चीन ने बिटकॉइन खनिकों को सस्ते बिजली काट दिया है? BIHAR बिजली कंपनी KEDL का विरोध : महिलाओं ने गुलदस्ता और धोवना दिखाकर की अधिकारियों से वापस जाने की मांग निशि पांडे Infographics मूवी मसाला हिन्दी न्यूज़ |News|मराठी|বাংলা |ગુજરાતી|ಕನ್ನಡ|தமிழ்|తెలుగు|മലയാള Divya Shree कज शर्मा सामाजिक कार्यकर्ता व संवेदक ग्रामीण कार्य विभाग Issue Title * : Apr 1 2017 8:29AM प्रश्नपत्र III Spotlight भारत की पर्यावरण नीति करेंट अफेयर्स क्विक रिवीज़न News18 (*On a Minimum order value of Rs. 15,000 and above) क्राइम देश में 25 करोड़ घर हैं और इनमें से 4 करोड़ घरों यानी लगभग 25 प्रतिशत घरों में बिजली नहीं है। विद्युत् मंत्रालय के अनुसार सरकार ने बिजली से वंचित 18,452 गाँवों को बिजली पहुँचाने का लक्ष्य रखा था। इसमें से 14,483 गाँवों को बिजली पहुँचा दी गई है जबकि 2981 में अभी बिजली पहुँचाई जानी है, वहीं 988 गाँव ऐसे हैं जहाँ कोई नहीं रहता। मुख्य ख़बरे इस संबंध में डीएसपी हेड क्वार्टर प्रकाश सोय ने जानकारी देते हुए बताया कि मेले में अवैध रूप से जुआ खेलवाने को लेकर लालजीराम के साला बबलू बिरुवा, कुशल तियु के अलावा मेले में फुटबॉल आयोजन समिति के अध्यक्ष सीताराम सोरेन, उपाध्यक्ष जितेंद्र बिरुवा, कोषाध्यक्ष माधवचंद्र बिरुवा सह कोषाध्यक्ष रामेश्वर बिरुवा संग्रहकर्ता दुम्बी बिरुवा के खिलाफ जुआ खेलाने का मामला दर्ज किया गया है। लिंक्स # Dehradun News Live Today Radio फोटो मज़ा मनोरंजन स्पोर्ट्स लाइफस्टाइल ट्रैवल बिज़नस एजुकेशन देश और रोजगार समाचार MORE ON RAFTAAR.IN   |  2018-03-27 00:00:00.0 Share Facebook Twitter प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत करीब छह लाख करोड़ रुपये 12 करोड़ लोगों के बीच दिए गए हैं. हाल ही में द वायर  की आई एक रिपोर्ट के मुताबिक पांच लाख से ज्यादा का लोन लेने वालों, जिससे कि वाकई में रोजगार किया जा सकता है, की संख्या बहुत ही कम है. यह अब तक योजना के तहत दिए गए लोन का सिर्फ 1.3 फीसदी ही है. ज्यादातर लोन 50,000 से कम या फिर  50,000  और 5 लाख के बीच के है. Local News Bank/SSC तैयारी हिंदी साहित्य 2 प्रवेश स्तर एकल चरण बिजली मीटर 1600 पल्स दर एसटीएस प्रीपेमेंट मीटर कुल्लू सब्सक्राइब करें प्रकाश अग्रवाल Districts भविष्यफल गुजरात: एनडीआरएफ ने गोधरा नदी के बीच फंसे 12 लोगों को सुरक्षित निकाला। August 11, 2018 at 12:10 pm जब अटल जी ने भाई की लिखी पहली कविता पढ़ी और इनाम सौंप दिया भाभी को रजनी नो फेक न्यूज़नया ಕನ್ನಡ ...जब अटल बिहारी ने ली चुटकी, कहा- अब तो इंदिरा मुझे बड़े प्यार से देखती हैं सभी पक्षों का रुख सकारात्मक करियर PMModiKAElectionGSTrajyesabhaelectionsureshgaonconnectionCWGGoldkarnatakaelection यूपी: बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, शहरी और ग्रामीण दोनों उपभोक्ताओं को झटका सुशील कुमार Videsh फ़ोटो गैलरी Rate कृत्यों के निर्वाहन हेतु नियम सीएम ने किया ट्विट म. प्र. पावर मेनेजमेन्ट क. लि. मानक PMModiKAElectionGSTrajyesabhaelectionsureshgaonconnectionCWGGoldkarnatakaelection मोदी द्वारा ज़ोर-शोर से शुरू की गईं विभिन्न योजनाओं की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? हम बिजली सस्ती भी देंगे और पूरी भी FOLLOW (1.2K) दरअसल सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए दो योजनाएं लागू की है। पहली मुख्यमंत्री बकाया बिजली बिल माफी स्कीम-2018 है, इसके तहत जो बीपीएल उपभोक्ता हैं, उनके जून तक के समस्त बकाया बिल माफ किए जाएंगे। इसके लिए उन्हें कंपनी कार्यालय पहुंचकर आवेदन देना है। बकाया बिल माफी के अलावा अन्य कोई लाभ इन्हें नहीं मिलेगा। दूसरी योजना सरल बिजली बिल स्कीम-2018 है। इसके अंतर्गत असंगठित श्रमिक कल्याण योजना के तहत पंजीकृत परिवार के उपभोक्ता के बकाया बिल तो माफ होंगे ही, जुलाई से 200 रुपए में सस्ती बिजली मिलेगी। इन्हीं दोनों योजनाओं का लाभ लेने के लिए कंपनी कार्यालय में फॉर्म भरने वालों की भीड़ है। बेगूसराय (बिनोद कर्ण) : बछवाड़ा प्रखंड के चमथा गंगा धाम चिरैयाटोल कल्पवास मेला में मंत्री, डीएम, एसपी व विधायकों के पहुंचने से रौनक बढ़ गई है. शनिवार की देर शाम बिहार सरकार के ग्रामीण विकास […] Amharic አማርኛ NEWS दिवाली से पहले लॉन्च होगा जियो ब्रॉडबैंड, इंटरनेट.. कॉर्पोरेट स्प्लिट कीपैड: वैकल्पिक AAM AADMI PARTY 5.95             4.50 बाकी समाचार Edited By Punjab Kesari, 2001 ऊर्जा संरक्षण अधिनियम के तहत नियम / विनियम ‘भारत’ के सेट पर इस लग्जरी वैनिटी वैन का यूज कर… बिजली कंपनी में अब फिर से अनुकंपा नियुक्ति शुरू होने जा रही है। इससे नियुक्ति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के बेटे-बेटियों को फायदा होगा और उन्हें नौकरी मिल सकेगी। इसके आदेश ऊर्जा विभाग ने जारी कर दिए हैं। कंपनी रेवाड़ी Ramayan कन्या राशि वालों आज किसी यात्रा पर जाने की प्लानिंग कर सकते हैं। किसी दूर स्थान या विदेश से प्यार......Read more जागरण संवाददाता, मोहाली : चंडीगढ़ के बाद अब मोहाली में भी सस्ते बिजली उपकरण मिलेंगे। जिनमें बल्ब से लेकर ट्यूबलाइट और पंखे शामिल हैं। यह योजना एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) और पंजाब स्टेट पावर सप्लाई लिमिटेड (पीएसपीसीएल) की ओर से आयोजित कार्यक्रम के तहत शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि ये सभी एलईडी उपकरण बहुत कम बिजली की खपत करते हैं। स्कीम को लांच करने का उद्देश्य पंजाब की बिजली की खपत कम करना है। जल्द ही शहर में जगह-जगह कैंप लगाकर उजाला स्कीम के तहत लोगों को किफायती कीमत पर ये एलईडी बिजली उपकरण मुहैया कराए जाएंगे। इससे न सिर्फ लोगों को सस्ते बिजली उपकरण मिलेंगे बल्कि बिजली की खपत कम होगी। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिजली के यूनिट कम खर्च होने से विभाग को सरपल्स बिजली तो मिलेगी ही। इसके साथ-साथ लोगों के बिजली के बिल भी कम आएंगे। विभाग की ओर से लोगों को इनके इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने के लिए अब जगह-जगह पर शिविर लगाए जाएंगे। उपभोक्ताओं को जो बल्ब और ट्यूबलाइट्स मुहैया करवाई जाएगी, उसकी तीन साल की वारंटी होगी। वहीं, साधारण बल्बों के मुकाबले एलईडी बल्ब 10 फीसद ज्यादा असरदार हैं। योजना के तहत दिए जाने वाले सीलिंग फैन पारंपरिक पंखों के मुकाबले ऊर्जा में 30 फीसद ज्यादा बेहतर होंते हैं। सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति योजनाओं का समयबद्ध रूप से कार्य करने में सबसे बड़ा अवरोध बनी। वन भूमि अधिग्रहण में देखा गया कि 85 दिनों से लेकर 295 दिनों की देरी हुई। कुछ योजनाओं में बिजली की निकासी (ट्रांसमिशन) का सामान समय पर नहीं लगाया गया, जिस कारण आर्थिक हानि हुई तथा राज्य को राजस्व नहीं मिल पाया। सरकार को एक अधिकारी समिति का गठन करना चाहिए था जो योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण, वन विभाग से आज्ञा तथा लोगों के पुनर्वास का काम की देख-रेख करती। यह आवश्यक था कि विजली की निकासी (ग्रिड तक पँहुचाने) का काम योजनाओं के पूरा होने से पहले कर लिया जाता। चिंताओं के विषय थे योजनाओं का पूर्व में जाँच-परख न हो पाना, त्रुट्पिूर्ण योजना कार्य तथा खास तौर पर अनुश्रवण या समय-समय पर विभागीय अधिकारियों या उत्तराखंड जल-विद्युत निगम द्वारा समीक्षा न हो पाना। सबसे चिंताजनक बात थी पर्यावरण के प्रति लापरवाही, जिसका सबसे अधिक कुप्रभाव देश के संसाधनों पर पडा। BIG BREAKING : बिहार के 3 लोगों की तेलंगाना में दर्दनाक मौत Search for: क्षितिज क्लीनिक, जी टी रोड़, इसरी बाजार Bollywood News Money Today सावन के पहले सोमवार को बम-बम भोले के जयकारे से गूंजा अजमेर टूरिज़्म ऊर्जा लागत की तुलना करें - टेक्सास में सस्ता बिजली कंपनियों ऊर्जा लागत की तुलना करें - प्रति किलो बिजली की कीमतें ऊर्जा लागत की तुलना करें - इलेक्ट्रिक दरें
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