Haryana News in Hindi Books काशीपुर समस्त गिरिडीह वासियो को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं Cookies श्री रुप नारायण झा ने कहा कि विद्य्नुत विभाग यदि अपनी लाइन लॉस को रोक लेते हैं तो विधुत दर नहीं बढाना पड़ेगा। ।ठ स्विच को बढ़ाने की अवश्यकता है। दुमका के चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष श्री सियाराम घड़िया ने कहा कि विभाग की कमी से विद्य्नुत दर बढ़ रही है, इस पर ध्यान देने की जरुरत है। विद्य्नुत की लॉस कम करने की जरुरत है। 12.50 लाख मीटर लगाने की शुरुआत बहुत अच्छी पहल है। इससे विद्य्नुत लॉस का पता चल पाएगा। Astrology मैच से पहले बोले कप्तान कोहली, जीत के अलावा कोई दूसरा ऑप्शन नहीं साहब कुछ नज़र कोम्मेरसीयल मीटर पे भी दे। वेयपरी दो नो तरफ़ से मर रहा हे मासूम को सिगरेट से दागा  पेचकस घोंपकर मार डाला cricket1 day ago स्कूल में छड़ी से पीटते थे मौलवी साहब, जब मंत्री बना तो... किस्सा सुनाते हुए भावुक हुए राजनाथ सिंह इस मामले में एडीएम ने बिजली कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक को आदेश दिए हैं कि बिजली ठेकेदार स्व. रवींद्र सिंह जादौन निवासी गदाईपुरा को उसका भुगतान तत्काल किया जाए. मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट में उनके कार्य का सत्यापन उल्लेख हुआ है. भुगतान कर अवगत भी कराया जाए. FOLLOW (152) दुनिया की सबसे बड़ी न्‍यूक्लियर साइट VIDEO: पुल पर कार्य के चलते लग रहा घंटों तक जाम, नहीं की गई वैकल्पिक व्यवस्था बिजली बिल के भार से दबा उपभोक्ता और बिजली कंपनी की रैंकिंग पहुंची 31वें स्थान पर पूर्व क्षेत्र कंपनी अंतर्गत विभिन्न जिलों में काम लेने वाली नौ कंपनियों को टर्मिनेट कर दिया गया है। इन कंपनियों द्वारा काम नहीं किया जा रहा था। आगे नियमानुसार इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 1:38 1- नवकूपडगवैल/डगकमबोरवैल/केविटिपाइप बोरवैल योजना.. # electricity demo pic Sports उपयोगिता स्वचालन अनुसंधान केंद्र (यूएआरसी) उत्पादन क्षमता 'प्रारम्भिक शिक्षा में सामान्य मुल्याकंन परीक्षा के लिए बच्चो को ना किया जाए मजबूर' अजमेर जिला परिषद में आयोजित हुई स्वच्छता पर कार्यशाला छपरा में अटल बिहारी वाजपेयी का शोक सभा का आयोजन किया... क्या आपको ये रिपोर्ट पसंद आई? हम एक गैर-लाभकारी संगठन हैं. हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें. पोर्टल नीतियां Stories You May be Interested in 0      0 उत्तरप्रदेश उपभोक्ता के जून, 2018 तक के बिल में देय मूल बकाया राशि और सम्पूर्ण सरचार्ज राशि माफ की जावेगी। इसके लिए आवेदन मिलने के बाद बकाया माफी प्रमाण-पत्र भी जारी किया जाएगा। सरचार्ज की पूरी रा‍शि एवं मूल बकाया राशि का 50 प्रतिशत वितरण कंपनी द्वारा माफ किया जायेगा तथा शेष 50 प्रतिशत राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा। इसकी एवज् में राज्य शासन द्वारा तीन वर्ष अथवा 2018-19, 2019-20 एवं 2020-21 में सब्सिडी दी जायेगी। स्कीम में संबल योजना में पंजीकृत और बीपीएल श्रेणी के वे उपभोक्ता भी शामिल हो सकते हैं, जिन पर सामान्य बिजली बिल की राशि बकाया है और जिन्होंने बकाया राशि बाबत् न्यायालयीन प्रकरण दर्ज किया है और प्रकरण लंबित है। ऐसे उपभोक्ता जिन पर बिल की राशि बकाया होने से कनेक्शन स्थायी अथवा अस्थायी रूप से विच्छेदित किया गया था और जिन पर विद्युत अधिनियम की धारा 126, 135 या 138 में प्रकरण दर्ज हो और उनके बिल की राशि बकाया हो, ऐसे उपभोक्ताओं की निर्धारण अधिकारी द्वारा जारी निर्धारण आदेश की कंपाउडिंग फीस और देय ब्याज इत्यादि सहित पहले की बकाया समेत पूरी राशि माफ की जाएगी। पात्र हितग्राहियों के उपरोक्तानुसार निराकरण के बाद विशेष विद्युत न्यायालयों में दर्ज सभी प्रकरणों को समाप्त करने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। पहले के वर्षो से जारी समाधान योजना में लाभ ले चुके घरेलू उपभोक्ता पात्रता के अनुसार इस स्कीम में फिर लाभ ले सकेंगे। आलोक कुमार, प्रमुख सचिव (ऊर्जा) और अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन कोडरमा loancheapinterest ratelowलोनबिलऋणब्याजदरकम बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 184 अंक गिरा और निफ्टी.. यौन शोषण का आरोपी फरार 3,204FansLike SUBSCRIPTION मंत्री ने कहा कि अब भी कई बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है और इसके लिये सरकार स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर की व्यवस्था लागू करेगी ताकि बिलों का भुगतान सही तरीके से हो. उन्होंने यह भी कहा कि अक्षय ऊर्जा खरीद समझौता (आरपीओ) और बिजली खरीद समझौते को अनिवार्य किया जाएगा. सब्सिडी का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि यह प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के जरिये दिया जाना चाहिए और एक ग्राहक की कीमत पर दसूरे ग्राहक से अधिक बिजली शुल्क लेने की व्यवस्था क्रास सब्सिडी अधिक नहीं होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में तीन-चार कंपनियां होनी चाहिए और ग्राहकों को कंपनी चुनने का विकल्प मिलना चाहिए. मुख्य परीक्षा 2018 | प्रारंभिक परीक्षा 2018 | सामान्य अध्ययन | सीसैट सभी देखें उत्पादन क्षमता चम्पा देवी नयी दिल्ली। बजाज हिंदुस्तान शुगर की समूह की बिजली कंपनी ललितपुर पावर जनरेशन कंपनी लि . (एलपीजीसीएल) में अपनी पूरी 17.51 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना है। हिस्सेदारी का मूल्य करीब 1,100 करोड़ रुपये हो सकता है। कंपनी ने एलपीजीसीएल में 770 करोड़ रुपये निवेश किया था। कंपनी को उसके कर्जदाताओं से मंजूरी प्राप्त ऋण पुनर्गठन योजना के तहत उसकी गैर - प्रमुख संपत्ति बेचने को कहा गया है। यात्रा के साधन 12 साल के इंतजार के बाद IKEA खोलेगा पहला स्टोर, फर्नीचर के साथ मिलेगा समोसा, डोसे का भी स्वाद पटियाला रेलवे  6.00  4.60 इंटरव्यू Jarnail Singh‏Verified account @JarnailSinghAAP Jun 4 Main-Page-News एससी/एसटी वर्ग को क्रीमी लेयर लगाकर पदोन्नति में आरक्षण से वंचित नहीं किया जा सकता: केंद्र अख्तर हाशमी whatsapp ट्रांस हिंडन search 5 किलोवाट से अधिक और 50 किलोवाट या 56 केवीए तक के लोड के लिए 300 रुपये प्रति किलोवाट सिस्टम लोडिंग चार्ज जमा कराया जाता था। अब 5 किलोवाट तक कोई सिस्टम लोडिंग चार्ज नहीं देना होगा। अलबत्ता 5 किलोवाट से ऊपर के कनेक्शन के लिए पहले की ही तरह 300 रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से सिस्टम लोडिंग चार्ज जमा कराया जाएगा। सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2022 तक पांच करोड़ नए घर बनाने का लक्ष्य रखा है जिनमें से तीन करोड़ ग्रामीण और शहर के बाहरी इलाकों में बनाए जाएंगे. Akrati Shrivastava 1951  —   35.8 प्रतिशत ऑप्टिकल जांच @ramesh_yadu @AamAadmiParty @DrKumarVishwas modi is leaving deli due to cm kejari and coming as cm UP उत्पादों खाने की आदत Terms and Conditions कांग्रेस के बाद कर्नाटक CM सिद्धारमैया का ऐप भी 'गायब' ऋषिकेश RING और EARRINGS की सबसे लेटेस्ट रेंज लीजिए चांद​ बिहारी ज्वैलर्स में, प्राइस 8000 से शुरू पूनम पाण्डे, नई दिल्ली Website पहली बार परफॉरमेंस के आधार पर सस्ती बिजली: बिजली कंपनियों के परफॉरमेंस के आधार पर रेग्युलेटरी सरचार्ज में कटौती कर बिजली सस्ती देने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। नियामक आयोग के चेयरमैन देशदीपक वर्मा ने कहा कि जो कंपनियां लाइन लॉस कम करने में पिछड़ गई उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा। आगे भी यह प्रतिस्पर्धा जारी रहेगी। घरेलू -1 ग्रामीण( मीटर) - 20 रुपये प्रति माह फिक्स चार्ज घरेलू (शहरी) (डीएस एचटी) 3.50  5.25 अमेरिकी अखबारों ने की ट्रंप के मीडिया विरोधी बयानों की निंदा अपने पसंदीदा मैनुअल-10,11 & 12 उन्होंने बताया कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर कमियों को दूर नहीं जाता है तो पोर्टल के माध्यम से पार्टी को सूचित करते हुए सक्षम प्राधिकारी द्वारा दावा दायर किया जा सकता है। सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना उद्यम को निर्दिष्ट किए गए दस्तावेजों अलावा कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि इस प्रकार फाइल किए गए दावों को प्रशासनिक सचिव, उद्योग और वाणिज्य विभाग के आदेशों पर फिर से खोला जा सकता है, बशर्ते ऐसे अनुरोध नामित सक्षम प्राधिकारी द्वारा दावे को अस्वीकार किए जाने की तिथि से 30 दिनों की अवधि के भीतर प्राप्त हों। प्रोफाइल एक उद्धरण की विनती करे सस्ते पावर प्लांट : अभी दिल्ली को करीब 65 पर्सेंट पावर एनटीपीसी से मिलती है। एनटीपीसी के दादरी 1, दादरी 2, अरावली और बदरपुर पावर प्लांट मेन हैं। ये चारों प्लांट ही एनटीपीसी के सबसे महंगे पावर प्लॉटों में से हैं। इनसे महंगी बिजली मिलती है और डिस्कॉम को वह खर्च उपभोक्ताओं से ही लेना पड़ता है। अगर दिल्ली को सिंगरौली, रिहानहिंद जैसे सस्ते पावर प्लांट से बिजली मिले तो दिल्ली में बिजली के रेट कम हो सकते हैं। लेकिन इसमें पावर मिनिस्ट्री की मदद चाहिए। विवो वी 7 32 जीबी (शैम्पेन गोल्ड, 4 जीबी रैम) कमेंट करें चंड़ीगढ़ फ़ोटो गैलरी डीईआरसी ने बताया कि बीएसईएस की दोनों कंपनी यमुना और राजधानी ने इस पीरियड में 4354 लाख 65 हजार यूनिट बिजली खरीदी। 75 फीसदी से अधिक बिजली 2.42 रुपये प्रति यूनिट से लेकर 4.50 रुपये प्रति यूनिट के बीच खरीदी गई। इस बिजली को 3.90 रुपये प्रति यूनिट से लेकर 7.90 रुपये प्रति यूनिट तक बेचा गया। फेडरेशन का आरोप है कि इससे साफ जाहिर होता है कि बिजली कंपनियां मोटा मुनाफा कमा रही हैं और लॉस का हवाला देकर बिजली की दरों को बढ़वाने के लि एडीईआरसी पर दबाव बनाती हैं। पहला शून्य ऊर्जा वाला सरकारी ऑफिस बर्लिन में 2013 में शुरू हुआ. छत पर लगे सोलर पैनल पूरे ऑफिस के लिए बिजली बनाते हैं. यूरोपीय संघ में 2019 से सभी घर 'करीब करीब जीरो एनर्जी बिल्डिंग' होंगे. बेगूसराय में हैवानियत, विक्षिप्त महिला से रेप कर फरार हुआ बदमाश दुनिया मेरे आगे: सड़क पर पन्ने Desimartini.com अररिया मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना आय सीमा 8 लाख रुपये हुई सैमसंग Galaxy J7 Prime 2 स्मार्टफोन अब और सस्ता मार्किट शहडोल, अनूपपुर और उमरिया में सभी कार्य प्राइवेट कंपनियों को दिए गए हैं। वहीं सौभाग्य योजना का कार्य शहडोल जिले में विद्युत विभाग स्वयं करवा रहा है। लेकिन ताजुब की बात यह है कि विभाग प्राइवेट कंपनियों की अपेक्षा और अधिक सुस्ती दिखा रहा है। शहडोल में सौभाग्य योजना का केवल 18 प्रतिशत कार्य ही हुआ हो। वहीं अनूपपुर व उमरिया जिले में सौभाग्य योजना के कार्य प्राइवेट कंपनियां कर रहीं हैं, जिन्होंने 24 वर्क पूरेा कर लिए हैं। Infographics भाषा चुनें ▼ उदय - उज्‍जवल डिस्‍कॉम एश्‍योरेंस अथवा यूडीएवाई योजना Home Online रेडियो, टेलीविजन, मोबाइल आदि के माध्यम से बढ़ी हुई संपर्क Turn on Not now 0 Like 0 Dislike फ्राइबुर्ग की सौर कॉलोनी रामपुर की दूरदराज पंचायत में फटा बादल, आधा दर्जन पुल बहे बीबीसी हिमाचल में बारिश से अब तक 16 लोगों की मौत, मंगलवार को सभी स्कूल बंद ऊर्जा लागत की तुलना करें - स्थानीय इलेक्ट्रिक कंपनी ऊर्जा लागत की तुलना करें - मेरे पास सस्ता बिजली ऊर्जा लागत की तुलना करें - ऊर्जा लागत की तुलना करें
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