300 मीटर ऊंची उत्तर भारत की बुर्ज खलीफा बनकर तैयार, नजीब जंग का भी बनेगी ठिकाना 55 mins OnePlus X, OnePlus 2, OnePlus 3 और 3T के यूजर्स के काम की खबर, मिलेगा ये लेटेस्ट अपडेट पढ़ाने का तरीका RC चकल्लस सहचारी स्थायिक युक्त 1000 केएन सार्वत्रिक परीक्षण मशीन जीवन की सच्चाई BOOKS पवन और सौर ऊर्जा क्षेत्र में उत्पादन क्षमता की नीलामी योजना की रूपरेखा पेश किये जाने के मौके पर उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम हर घर को सातों दिन 24 घंटे बिजली देने के लिये काम कर रहे हैं और इसका पूरा दायित्व बिजली वितरण कंपनियों पर होगा. इसे लागू करने के लिये जो भी सहायता की जरूरत होगी, हम देंगे.’’ मंत्री ने कहा, ‘‘देश में बिजली वितरण को लेकर पहले से सेवा बाध्यता है, इसे और स्पष्ट बनाया जाएगा. देश में बिजली की कोई कमी नहीं है, हमारी पारेषण प्रणाली मजबूत है. राज्य के अंदर पारेषण की जरूर समस्या है, जिसे दूर करने के लिये राज्यों के साथ काम किया जा रहा है.’’ पंजाब सरकार ने बिजली दरें बढ़ाकर आम आदमी पर बोझ डाला झारखण्ड में पावर कट की पहले से ही दयनीय स्थिति बरकरार है। सूबे के कई विद्युत धंधे बिजली के अभाव में बंदी के कगार पर है। श्री सहाय आज शनिवार को एचईसी परिसर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनता पहले से ही बिजली दर की मार झेल रही है। दुसरी ओर बिजली दर में बेतहाशा वृद्धी कर जनता को परेशान किया जा रहा है। बिल्ल्होर सहयोगात्मक तथा उन्नत अनुसंधान केन्द्र (सीकार) नवंबर 2016 में नोटबंदी की घोषणा के बाद से जन धन खातों में जमा राशि में इजाफा हुआ है. सरकारी आंकड़ो के मुताबिक नवंबर 2016 के आखिर में इन खातों में जमा राशि 74,000 करोड़ से ज्यादा हो गई थी जबकि इसी महीने की शुरुआत में यह जमा राशि करीब 45,300 करोड़ रुपये थी. सरसों (Mustard) इंटरनेट संसाधन पुनर्नवीकरणीय ऊर्जा उत्पाद Government Schemes india > सरकारी योजना > प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना सौभाग्य योजना अमेरिकी अखबारों ने की ट्रंप के मीडिया विरोधी बयानों की निंदा Top Ten Air Coolers in India by Efficiency and Price हाथरस सहेली अब पाइए अपने शहर ( Jabalpur News in Hindi) सबसे पहले पत्रिका वेबसाइट पर | Hindi News अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Patrika Hindi News App, Hindi Samachar की ताज़ा खबरें हिदी में अपडेट पाने के लिए लाइक करें Patrika फेसबुक पेज शुद्धिपत्र Circulars Abhishek Shrivastava [Updated:05 Nov 2015, 6:35 PM IST] गर्मी के दिनों में एस्सेल की बिजली की समस्या बढ़ जाती है, ये समस्या गायघाट का नही है बल्कि एस्सेल कम्पनी की बिजली जँहा-जँहा है लोगो का हाल कुछ ऐसा ही है. गायघाट के लोग इतने आक्रोशित थे कि वो NH57 से जाम हटाने को मान ही नही रहे थे. सब बस एक ही नारा लगा रखे कि एस्सेल हटाओ बिजली लाओ. मौके पे गायघाट थानाध्यक्ष और गायघाट अंचल अधिकारी ने लोगो को आश्वासन दिया कि जल्द ही बिजली की समस्याओं को दूर किया जायेगा. अधिकारी की बात सुन लोगो को मिला शुकुन फिर दरभंगा-मुज़फ़्फ़रपुर राष्ट्रीय मार्ग से जाम को हटा आवागमन शुरू कराया गया. जो लोग इस जनगणना में शामिल नहीं हैं, उन्हें 500 रुपए में कनेक्शन दिया जाएगा और इसे 10 किश्तों में वसूला जाएगा।  sarkari yojana प्रधानमंत्री योजना सरकारी योजना के फॉर्म व ऑनलाइन सुविधा की जानकारी… आईसीआईसीआई बैंक: केरल के ग्राहकों से इस महीने ईएमआई चुकाने में देरी पर पेनल्टी नहीं लेगा 1 mins बिहारः शराब पकड़ने पहुंची पुलिस की पिटाई, SHO समेत 6 घायल कुमार ने कहा, 'कई पावर कंपनियों के कर्ज को पहले ही बैड लोन कैटेगरी में डाला जा चुका है और इस तरह के कुछ और लोन इस वर्ग में जा सकते हैं। हाईकोर्ट का फैसला बैंकों के लिए अच्छा है क्योंकि इससे उन्हें कोर्ट से बाहर लोन रिजॉल्यूशन के लिए अधिक समय मिलेगा।' आरबीआई के सर्कुलर में 180 दिनों के पीरियड के लिए 1 मार्च को रेफरेंस डेट बताया गया था। इसलिए बैंकरप्सी कोर्ट से बाहर लोन रिजॉल्यूशन के लिए बैंकों के पास अगस्त के अंत तक का समय है। अभी देश की 22 पर्सेंट इंस्टॉल्ड पावर जेनरेशन कैपेसिटी एनपीए है। रिजर्व बैंक के डेटा के मुताबिक, भारतीय बैंकों ने पावर सेक्टर को अप्रैल के अंत तक 5.19 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया हुआ था। लखनऊ(नासिर): बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, सांसद (राज्यसभा) व पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश मायावती ने उत्तर प्रदेश में बिजली की दरों में भारी वृद्धि करने की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि यह प्रदेश में समाजवादी पार्टी सरकार की घोर विफलता का एक और जीता-जागता प्रमाण है कि प्रदेशवासियों को अगले महीने से ही काफी ज़्यादा मंहगी बिजली इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। बिजली की इस भारी वृद्धि दर को जनहित में तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। 8. CES 2018 : पहले दिन लॉन्च किए गए ये शानदार प्रोडक्ट्स फ़ोटो गैलरी आन्ध्र प्रदेश 09:41 देवघर के व्यवसायियों ने पूर्व पीएम को दी अश्रुपूर्ण विदाई सबसे ज्यादा राजस्व जमा करने वाले एनसीआर और पश्चिमांचल के उपभोक्ताओं को विद्युत नियामक आयोग ने दस फीसदी अतिरिक्त बिजली सप्लाई का तोहफा देने का फैसला किया है। आयोग के चेयरमैन देश दीपक वर्मा ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन को तय शिडय़ूल से दस फीसदी ज्यादा बिजली सप्लाई की सलाह दी है। चेयरमैन ने लाइन लॉस कम करने का लक्ष्य पूरा करने के लिए पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के अफसरों को बधाई दी है। विशेक गुप्ता एडमिशन प्रक्रिया संभागायुक्त एवं कलेक्टर द्वारा कोठी पर झंडा वन्दन किया गया 15/08/2018 ऑनलाइन पाठ्यक्रम NETWORK 18 SITES ज्वालामुखी मंदिर में पांचवें नवरात्रे चढ़ा 462644 का चढ़ावा डीईआरसी ने बताया कि बीएसईएस की दोनों कंपनी यमुना और राजधानी ने इस पीरियड में 4354 लाख 65 हजार यूनिट बिजली खरीदी। 75 फीसदी से अधिक बिजली 2.42 रुपये प्रति यूनिट से लेकर 4.50 रुपये प्रति यूनिट के बीच खरीदी गई। इस बिजली को 3.90 रुपये प्रति यूनिट से लेकर 7.90 रुपये प्रति यूनिट तक बेचा गया। फेडरेशन का आरोप है कि इससे साफ जाहिर होता है कि बिजली कंपनियां मोटा मुनाफा कमा रही हैं और लॉस का हवाला देकर बिजली की दरों को बढ़वाने के लि एडीईआरसी पर दबाव बनाती हैं। शेयर बाजार: सेंसेक्स 284 अंक चढ़ा, निफ्टी नई ऊंचाई पर नल जल योजना के बिजली बिल नहीं भरे हों तो कनेक्शन न काटें: मिश्र पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर हिमाचल में दो दिन का अवकाश Download MProfit - Easy to use Portfolio Management Software CONTACT US मुख्यमंत्री ने किया डायल १०० मोटरबाइक का सुभारम्भ आज से मध्य-प्रदेश में डायल १०० बाइक्स सेवा शुरू 0 घटा लाइन लॉस 31.75 से 26.64 फीसद।     मुझे शिकायत जिला प्रशासन, नगर पालिका प्रशासन के साथ ही साथ उन दुकानदारों से भी है जिन्होंने बुधवारी में बेजा अतिक्रमण करके संपादकीय: हादसे और सबक DW.COM LIVE TV राजीव कुमार सिंह लाइव पेयजल समर्थनकारी एवं संप्रेषण कार्यनीति सम्बन्धी रुपरेखा 2013-2022 Contact us: [email protected] शहीदों के माता-पिता को मिलेगी सम्मान निधि की 40 फीसदी रकम 5 days ago UPSC IAS Interview में पूछा- जवाबदेही क्या होती है, जानें जवाब भोजपुर Like Us :   Site Map | Legal Disclaimer | Privacy Policy | CSR Policy | Distribution छीजत- चोरी ने बढ़ाया घाटा  इकोनॉमी मंजूरी लेने की जरूरत पर जोर दिया है। M T W T F S S Podcasts & Newsletter Investor| %E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%A4 %E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%BE Email this article to a friend एटा देवघर : बाबा नगरी से भी जुड़ी हैं अटल बिहारी... संपादकीय ऊर्जा से जुड़े प्रमुख संस्थान अपने पसंदीदा जन धन खाताधारकों के लिए 15 अगस्त को बड़ी घोषणाएं .. Hmm, there was a problem reaching the server. Try again? खाना विजय कुमार सिंह RD SERVICE शेयरिंग के बारे में दिनेश राय को Bharatiya Janata Party (BJP) national2 days ago बांदा बच्चे खूब मन लगाकर पढ़ाई करें, बाकी चिन्ता शासन पर छोड़ दें –मंत्री श्री जैन, ऊर्जा मंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर स्कूली विद्यार्थियों के साथ मध्याह्न भोजन किया प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना सौभाग्य योजना राहुल गांधी संसद में दे रहे भाषण, देखियें 10 प्रमुख बातें अहमदाबाद धर्म/कुंडली टीवी खेल7 गुलज़ार...आधी सदी से जो ताज़ादम है L&S बागवानी फसलों के लिए जिलों में खुलेंगे... 1999 में वेबसाइट से प्रचार करनेवाले यूपी के पहले उम्मीदवार थे अटल बिहारी वाजपेयी नदी घाटी/बाढ उन्मुख नदी योजना मनीकंट्रोल पर और देखिए योजना विंग अभिलेख Bosnian B/H/S बिजली बिजनेस विज्डम परिजनों का कहना है कि जब तक दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती वो मृतक का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं बताया जा रहा है कि इस घटना के सामने आने के बाद बिजली विभाग के अधिकारीयों ने पहले ऐसे किसी भी घटना से इंकार कर दिया मगर बाद में सुसाइड नोट की बात सामने आने पर उन्होंने पुछताछ का फैसला किया। महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने प्रेस नोट के जरिये बताया है कि उन्होंने अपनी गलती मान ली है और एक असिस्टेंट अकाउंटेंट को निलंबित भी कर दिया गया है। बिजली कंपनी के मुताबिक इसी अकाउंटेंट की लापरवाही की वजह से इतना बड़ा बिजली बिल भेज दिया गया था। साइट का नक्‍शा इमरान खान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की ली शपथ, नवजोत सिंह सिद्धू भी रहे मौजूद स्कूल में छड़ी से पीटते थे मौलवी साहब, जब मंत्री बना तो... किस्सा सुनाते हुए भावुक हुए राजनाथ सिंह सफल इंडिया सिंदरी भगवानपुर/बेगूसरायः बिहार में बिजली बिल में वृद्धि को लेकर प्रदेश भर के लोगों में उबाल है. जगह जगह लोग इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे में राज्य के विपक्षी पार्टियों को भी बिजली बिल के रूप में आवाज उठाने और सत्तापक्ष के खिलाफ एक मुद्दा मिल गया है. बिजली कंपनी अगले महीने से लागू करेगी बीपीएल उपभोक्ताओं के बिजली बिल माफ करने वाली योजना ई वी आर सी में भूकम्पी परीक्षण सुविधा How Does an Air Conditioner Work – A layman’s explanation आयाम: 160x112x58mm अटल जी के निधन पर गमगीन हुए टीवी स्टार्स, सोशल मीडिया पर दी श्रद्धांजलि Back Next आधार को लेकर UIDAI जल्‍द जारी करेगी क्‍या करें-क्‍या न करें की लिस्‍ट, ट्राई चीफ के चैलेंज के बाद उठाया कदम (b)   Improvement education services समिति के लोग चंबल नदी में उतर गए हैं और जलसत्याग्रह के जरिए यही मांग की जा रही है की कोटा को लूटने से बचाने के लिए बिजली कंपनी को वापस भेजा जाए. जल सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे सिंह ने कहा कि बिजली कंपनी केईडीएल शहर वासियों के साथ लूट कर रही है. ऐसे में हमें इस 15 अगस्त के पहले इस बिजली कंपनी से आजादी चाहिए. जिसके लिए कोटा बंद रहेगा. X Mahabhulekh महाराष्ट्र भूमि अभिलेख ऑनलाइन महा भूलेख (7/12 व 8 अ) देखें भोपाल देखें LIVE: अंतिम सफर पर निकले अटल जी, मोदी, शाह सहित जनसैलाब यात्रा में Relationship SHANTA KUMAR सूक्ष्म और लघु उद्यमों को सस्ती बिजली के लिए हरियाणा में ‘पावर टैरिफ सब्सिडी योजना’- Power Tariff Subsidy Yojna उत्तर प्रदेश के औरैया में दो साधुओं की हत्या, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ? हाईटेंशन (एचटीएस 32केवी)  6.25  5.75 अनुसूचित जाति कल्याण ग्रह दोष : कुंड़ली के दोष निवारण के लिए नहीं खरीद सकते रत्न तो ये सस्ते उपरत्न हो सकते हैं प्रभावशाली 15 mins [email protected] Work for us उज्जवल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना का प्रस्तुतिकरण दिनांक 9th नवंबर 2015 Catch up instantly on the best stories happening as they unfold. कमिशन के अनुसार 2522.62 करोड़ रुपए का घाटा पूरा करने के लिए तीन साल बाद यह वृद्धि की गई है। अब इसके अनुसार पंजाब में घरेलू उपभोक्ताओं को 0.48 रुपए से 0.96 रुपए प्रति यूनिट, जबकि कमॢशयल उपभोक्ताओं को 0.70 रुपए से 0.85 रुपए प्रति यूनिट अधिक अदायगी करनी होगी। इस वृद्धि से पंजाब उत्तरी भारत में सर्वाधिक बिजली दरों वाला राज्य बन गया है। आयरलैंड धनबाद : वाजपेयी ने बॉडी गार्ड को घुमाने के लिए... जमशेदपुर जॉन अब्राहम की बॉडी बनवाई इस शख्स ने 6 पैक्स एब्स के बारे में ये सीक्रेट्स किए शेयर 7 mins © 2018 Deutsche Welle | डाटा सुरक्षा | लीगल नोटिस | संपर्क करें | मोबाइल वर्जन विभाग की विशिष्टियाँ Central Govt Schemes May 24, 2018 एक लाख की जनसंख्या वाले शहर में 29 हजार लोगों को असंगठित मजदूर तो बना दिया गया लेकिन जिन बिजली योजनाओं का फायदा लेने के लिए ये मजदूर बने थे उन योजनाओं में केवल 11 हजार लोग ही जुड़ पाए हैं। अधिकांश असंगठित पंजीकृत मजदूर बिजली कंपनी के दायरे में ही नहीं आ रहे हैं। इस कारण वे योजना से नहीं जुड़ पाए हैं। नपा में असंगठित मजदूरों के रजिस्ट्रेशन के लिए रोज लंबी कतारें लग रही हैं। अब तक 29 हजार लोग असंगठित मजदूर बन गए हैं। 29674 असंगठित मजदूर बनने के बावजूद बिजली योजनाओं का लाभ केवल 11679 लोगों को ही मिला है। अधिकांश असंगठित मजदूर इन बिजली योजनाओं के फायदे से दूर हैं। बिजली बिल माफी योजना में 6684 ऊर्जा लागत की तुलना करें - सस्ता बिजली ऊर्जा लागत की तुलना करें - सस्ते बिजली दरें ह्यूस्टन ऊर्जा लागत की तुलना करें - इलेक्ट्रिक कंपनी का चयन
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