उन्होंने अधिकारियों से सिंधड गांव से सिंगवा को सीधी लाइन से जोडऩे के निर्देश दिए तथा जिन घरों के ऊपर से बिजली की तारें गुजरने से लोगों के लिए खतरा हैं उनको वरीयता के आधार पर हटाने के भी निर्देश दिए। इसके साथ-साथ उन्होंने कमजोर तारों व खराब ट्रांसफार्मरों को भी बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सिसाय गांव में कार्यरत स्वास्थ्य केंद्र में हॉट लाइन से कनेक्ट किया जाए तथा खेड़ी चौपटा के स्वास्थ्य केंद्र को 15 दिन के भीतर बिजली कनेक्शन दिया जाए। 71 साल पहले ऐसे मना था देश का पहला स्‍वतंत्रता... Related Posts उपभोक्ताओं को सीधा लाभ  लोग चाहते हैं मैं राजनीतिक टिप्पणी करूं लेकिन मैं किसी की निंदा नहीं करताः वरुण गांधी सबसे ऊपर चलें अजमेर में सेक्स रैकेट का खुलासा, ग्राहक और 3 युवतियां गिरफ्तार मैनुअल-3 & 4 सीतामढी Places utall2 HTET व्यावसायिक (ग्रामीण) (100 से अधिक यूनिट)  2.25  5.25 फरीदाबाद से आगे रहा बल्लभगढ़ स्टेशन प्रोफाइल CONGRESS LEADERS, VIRBHDRA, VIDEO VIRAL पारेषण क्षेत्र में विकास 650 मीटर से ज्यादा दूरी वालों को कनेक्शन दूसरे फेज में : हिमाचल में दो जगह बादल फटा, 5 पुल और 8 घराट बहे Nov 29, 2017 11:47 PM फसल उत्पादन September 2017 जवाब –  देश में अनुमानित लगभग 4 करोड़ बिना बिजली वाले परिवार हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 1 करोड़ बीपीएल परिवार पहले से ही DDUJJY के तहत स्वीकृत परियोजनाओं में शामिल हैं। इस प्रकार, कुल 300 लाख घरों में ग्रामीण इलाकों में 250 लाख घर और शहरी क्षेत्रों में 50 लाख परिवारों को इस योजना के तहत कवर करने की उम्मीद है। आगामी Term and Condition उत्पाद का नाम: एकल चरण स्मार्ट इलेक्ट्रिक मल्टी फंक्शन मीटर सामाजिक विकास स्टडी मोटिव अनुसन्धान संस्थान डाक विभाग का रक्षाबंधन गिफ्ट, छुट्टी वाले दिन भी करेगा राखियों की डिलीवरी अटल जी के जाने के बाद लोग अब चर्चा कर रहे हैं कि शायद अटल जी नहीं होते तो झारखंड भी नहीं होता। जानकार बताते हैं कि अटल जी जब कभी झारखंड का दौरा करते या यहां के नेताओं के साथ बातचीत करते तो झारखंड (वनांचल) का जिक्र जरुर करते थे। वर्ष 1991 में रांची में एक चुनावी सभा में उन्होंने कहा था कि और जैसे ही उन्हें प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला, अलग राज्य की घोषण कर दी। Forbidden मोहम्मद रहमत पुलिस ने अपहृत डॉक्टर पुत्र को किया बरामद, लोजपा नेता… शेयर मार्केट समाचार बिहार में बढ़ने वाली है बिजली की कीमत, लेकिन सरकार ने इनको दी है बड़ी राहत PreviousNext Tags:    GST जीएसटी वस्तु एवं सेवा कर NEW TAX RATE GST PRICE GST RATES GST TAX SLAB जीएसटी की नई टैक्स रेट जीएसटी रेट जीएसटी लागू जीएसटी क्या सस्ता क्या महंगा जीएसटी दर नया टैक्स टैक्स सुधार जीएसटी काउंसिल वैट से जीएसटी  हालांकि 2016 में शुरू किए गए दूसरे चरण के लक्ष्य जिसके तहत 2020 तक एक करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित करना है, सरकार के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रही है. दूसरे चरण के तहत 60 लाख युवाओं को नए सिरे प्रशिक्षित करना था और 40 लाख युवाओं को ‘रिकॉगनिशन ऑफ प्रायर लर्निंग (आरपीएल) प्रोग्राम’ के लिए प्रमाणित करना था. INDvsENG : इस 20 वर्षीय क्रिकेटर का नॉटिंघम में टेस्ट डेब्यू करना तय! Sajid on महाराष्ट्र “श्रवण बाल सेवा राज्य निवृत्तिवेतन योजना 2017” ज्ञान रंजन सिन्हा  Election Results वित्त वर्ष 2017-18 में इनकम टैक्स कलेक्शन रिकॉर्ड 10.03 लाख करोड़ रुपए, 6.92 करोड़ लोगों ने रिटर्न भरा 43 mins JarnailSinghAAP's profile गोमुख भादूगांव से 20 अगस्त को निकलेगी कावड़ यात्रा ठोस परावैद्युत प्रयोगशाला (Hindi News from Navbharat Times , TIL Network) The beneficiaries for free electricity connections would be identified using Socio Economic and Caste Census (SECC) 2011 data. However, un-electrified households not covered under the SECC data would also be provided electricity connections under the scheme on payment of Rs. 500 which shall be recovered by DISCOMs in 10 instalments through electricity bill. आयोजनकर्ता में मुख्य रूप से सोनू बारीक, तुलसी महतो, शम्भू महापात्र, अमित रक्षित बाबा सारंगी, परमथो नायक, पोदु नायक, अलोक प्रामाणिक, रंजन ठाकुर, मासांत कलन्दी, सूरज कालन्दी, गणेश मंडल, चंदन प्रजापति, विजय, बिनोद, कुना समेत काफी संख्या में कांवरिया संघ के लोगों का सराहनीय योगदान रहा। करीब दो हजार लोगों ने भगवान का प्रसाद ग्रहण किया। & ldquo; सिचुआन ने एक तरफ, नीति स्तर पर एक परिपत्र जारी किया, जिसके लिए नए छोटे जल विद्युत स्टेशनों की आवश्यकता नहीं थी; [उसी समय] पावर कंपनी उत्तरार्द्ध की पावर ग्रिड को बढ़ावा देने के लिए छोटे जल विद्युत स्टेशनों के अधिग्रहण को आगे बढ़ा रही है, [छोड़कर] बिटकॉइन कम लागत वाली विद्युत स्थान तेजी से तंग है। & Rdquo; ब्यूटी कांग्रेस को 97 अटलजी नकारात्मक सोच से हमेशा दूर रहे, उनके व्यंग्य पर लोग तिलमिलाते तो जरूर थे, पर आहत नहीं होते: लालकृष्ण आडवाणी 14 mins धन्यधरा : गोठ एप में जानिए कोरिया जिले में राम वनगमन पथ के बारे में जानकारी बरेली # Haryana Top भूजल Contact us (संपर्क करें) घटनाक्रम State President BJP राज्यों के बिजली वितरण की उपयोगिता की यह छठवीं रिपोर्ट ऊर्जा मंत्रालय ने इसी महीने जारी की है। यह रैकिंग कंपनी के कामकाज, आर्थिक, पारदर्शिता व सरकारी मदद आदि के आधार पर जारी की जाती है। इससे पहले मंत्रालय ने मई 2017 में रैंकिंग जारी की थी। Find what's happening Web Title electrical regulatory commission new electricity rate in uttar pradesh रोजगार समाचार Firkee डायबिटीज, ब्‍लड प्रेशर और कैंसर की दवाओं के तय होंगे दाम Ceiling Fan blade angle can impact electricity consumption नए आदेशों के अनुसार को सितम्बर माह से बिजली उपभोग राशि का भुगतान नई दरों से करना होगा। बिजली कंपनियों ने गठन के बाद सातवीं बार बिजली दरों में बढ़ोतरी की है। यही नहीं पड़ोसी राज्यों में तुलना में प्रदेश में बिजली दरों में प्रदेश अव्वल नंबर पर आ गया है।  सरकार के आदेश पर भारी कई मंत्री और अधिकारी, खोले रहे दफ्तर इतिहास: जब केवल दो दिन में हुआ पांच दिन के... सीपीआईओ / प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों हेतु आरटीआई 101 99 83 , - , , , , , , , , , , , , , , , ... फॉर्म में इमरान, बोले- देश को लूटने वालों पर होगी कार्रवाई भारतीय वस्तु सूची , सीपीआरआई का नेतृत्व July, 2016 उच्‍च वोल्‍टता प्रयोगशाला last » # Dehradun City News Soubhayga Yojna मेट्रो से और शहडोल- संभाग में विद्युत सुदृढि़करण के लिए तीन महत्वपूर्ण योजनाएं चल रहीं हैं। तीनों योजनाओं में लगभग 382 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। योजनाएं चल तो रहीं हैं लेकिन समय के साथ गति नहीं भारत स्काऊट गाइड की राज्य कार्यकारिणी की बैठक आज, ऊर्जा मंत्री श्री जैन शामिल होंगे 15/08/2018 Edited By Nederlands हमसे संपर्क करें परीक्षा उपयोगी पुस्तकें (सामान्य अध्ययन) Contents of eenaduindia.com are copyright protected.Copy and/or reproduction and/or re-use of contents or any part thereof, without consent of UEPL is illegal.Such persons will be prosecuted. पतंजलि की सेल्स ग्रोथ में आई नरमी, विदेशी कंपनियां दे रही हैं टक्कर! वैद्युत उपस्कर प्रौद्योगिकी प्रभाग (ईएटीडी) हेर्मेटिक रूप से मुहरबंद एकल चरण किलो मीटर मीटर एमसीबी सर्ज इलेक्ट्रिक मीटर सुरक्षा Latest Washing Machine Technologies in India बिजली कनेक्शन होगा सस्ता Chandigarh News in Hindi लाइफ ओके Videos CATEGORY ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि लोगों ने बेकार हो गए 500 और 1000 के नोट को अपने बैंक खातों में जमा करवाया था. इसके बाद इन खातों में जमा राशि में गिरावट आ गई और मार्च 2017 के बाद से फिर से इसमें बढ़ोतरी शुरू हुई. विशेष पृष्ठ मॉरीशस में विश्व हिंदी सम्मेलन के लिए... स्वीकृत राशि राज्य सरकार के खजाने के माध्यम से सीधे आवेदक के बैंक खाते में जमा की जाएगी। सब्सिडी राशि जारी होने से पहले आवेदक को हलफनामा और पूर्व-रसीद जमा करनी होगी और निदेशक, उद्योग और वाणिज्य पावर टैरिफ सब्सिडी की मंजूरी के लिए सक्षम प्राधिकारी होंगे। सड़कों पर शोर का अध्यात्म निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं में भागीदारी के बारे में कई बातें कही गई हैं। नदी घाटियों का पूर्व अध्ययन, धरातल चित्र तथा जल का मूल्यांकन उत्तराखंड जल-विद्युत निगम को पहले से ही कर लेना चाहिए था ताकि नदी की बिजली उत्पादन क्षमता का सही अनुमान लगाया जा सकता। योजनाओं की बिजली उत्पादन क्षमता कई बार बदली गई 85 प्रतिशत योजनाओं में 22 प्रतिशत से 32.9 प्रतिशत बदलाव हुए, जिससे पूर्व अध्ययन के सही होने पर संशय तथा सवाल खड़े हो गए। योजनाओं को विकसित करने वालों ने व्यवस्था की त्रुटियों का फायदा उठाया। नमूने की 13 योजनाओं में एक की क्षमता 25 किलोवाट से कुछ कम की गई, ताकि उस पर रॉयल्टी कम देनी पडे, जो पूरे 25 किलोवाट या उससे अधिक पर काफी अधिक पड़ती। कई योजनाओं की समय-सीमा इसलिए बढ़ाई गई कि इस मामले में हुए नुकसान का भार उन पर न पड़े। यह अधिकतर उत्पादन क्षमता में बदलाव करने पर हुआ, जिससे राज्य की प्रत्याशित रायल्टी तथा बिजली से आमदनी में कमी आई। उससे राज्य को बहुत आर्थिक घाटा हुआ क्योंकि कंपनियों के प्रीमियम बदल गए। योजनाओं का समुचित पूर्व अध्ययन अत्यंत आवश्यक है ताकि उनकी क्षमता का सही ज्ञान हो सके। पानी के बहाव, विद्युत यंत्रों की कार्य क्षमता तथा अन्य बातों के मानक निर्धारित करने पर ही कंपनियों को लाइसेंस देने की नीति बनाने की जरूरत थी। इस लेख में कैग की पूरी रिपोर्ट, जिसमें राज्य की जल-विद्युत नीति तथा उसके काम करने के तरीके की कड़ी आलोचना है और जिसमें कहा गया है कि उस नीति के कारण बड़ा पर्यावरणीय तथा आर्थिक नुकसान हुआ है। सवाल यह उठता है कि सभी दिशाओं में बड़े घाटे तथा संसाधनों के क्षय के काम को राज्य सरकार क्यों प्रोत्साहन दे कर चला रही है ? मेष प्रशासनिक लापरवाही खा रही है मसूरी की ख़ूबसूरती, डंपिंग ज़ोन बन गए हैं पहाड़ B positive मानसिक रोगी से रिम्स के गार्ड ने फिर किया अमानवीय व्यवहार, धक्का देकर अस्पताल से निकाला सस्ता बिजली प्रदाता - बिजली सप्लायर की तुलना करें सस्ता बिजली प्रदाता - इलेक्ट्रिक ऊर्जा आपूर्तिकर्ता सस्ता बिजली प्रदाता - अधिक युक्तियों के लिए यहां क्लिक करें
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