पी एस ओ News18 Services किसी भी राज्य सरकार के पास बिजली की दरें घटाने की अथॉ़रिटी नहीं है। डीईआरसी पावर टैरिफ की दरें निर्धारित कर सकता है। हालांकि सीएजी द्वारा पावर कंपनियों के ऑडिट की क्या रिपोर्ट निकलकर आती है इस पर नजर रखनी होगी। Allow Jeff's Helicopter to Stay स्‍पेशल मुख्य लिंक vaastu1 day ago राजपत्र सास-बहू के जिस्मफरोशी के धंधे से उठा पर्दा, रंगे... गुरुकुल पंचतत्व में विलीन हुए अटल, बेटी नमिता ने भारत रत्न पूर्व पीएम वाजपेयी को दी मुखाग्नि Marketplace कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी कि वह अपनी जलशक्ति का उपयोग तथा विकास सरकारी तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से करेगा। राज्य की जल-विद्युत बनाने की नीति अक्टूबर 2002 को बनी। उसका मुख्य उद्देश्य था राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाया जाय और उसकी बनाई बिजली राज्य को ही नहीं बल्कि देश के उत्तरी विद्युत वितरण केन्द्र को भी मिले। उसके निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं के कार्यांवयन की बांट, क्रिया तथा पर्यावरण पर प्रभाव को जाँचने तथा निरीक्षण करने के बाद पता लगा कि 48 योजनाएं जो 1993 से 2006 तक स्वीकृत की गई थीं, 15 वर्षों के बाद केवल दस प्रतिशत ही पूरी हो पाईं। उन सब की विद्युत उत्पादन क्षमता 2,423.10 मेगावाट आंकी गई थी, लेकिन मार्च 2009 तक वह केवल 418.05 मेगावाट ही हो पाईं। इसका कैग के अनुसार मुख्य कारण थे भूमि प्राप्ति में देरी, वन विभाग से समय पर आज्ञा न ले पाना तथा विद्युत उत्पादन क्षमता में लगातार बदलाव करते रहना, जिससे राज्य सरकार को आर्थिक हानि हुई। अन्य प्रमुख कारण थे, योजना संभावनाओं की अपूर्ण समीक्षा, उनके कार्यान्वयन में कमी तथा उनका सही मूल्यांकन, जिसे उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को करना था, न कर पाना। प्रगति की जाँच के लिए सही मूल्यांकन पद्धति की आवश्यकता थी जो बनाने, मशीनरी तथा सामान लगने के समय में हुई त्रुटियों को जाँच करने का काम नहीं कर पाई, न ही यह निश्चित कर पाई कि वह त्रुटियाँ फिर न हों। निजी कंपनियों पर समझौते की जो शर्तें लगाई गई थीं उनका पालन भी नहीं हो पाया। इस अहम फैसले के तहत आईएलबीएस की दूसरी यूनिट शुरू कर बिस्तरों की मौजूदा संख्या को 155 से बढ़ाकर 549 किया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत को 389 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 497.72 करोड़ रुपए कर दिया गया है। आईएलबीएस की दूसरी यूनिट में बिस्तरों की संख्या में इजाफे के अलावा सुपर स्पेशियलिटी श्रेणी की चिकित्सा सेवाओं के साथ शिक्षण-प्रशिक्षण और शोध कार्य भी होगा।  10 अगस्त 2018 बिजली कंपनी में अब फिर से अनुकंपा नियुक्ति शुरू होने जा रही है। इससे नियुक्ति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के... आयुषमान भारत योजना स्वास्थ्य मित्र नौकरियां ट्विंकल बोलीं- सैनिटरी पैड पर GST नहीं, एक अलार्म दे दीजिए आगराः बिजली कंपनी के वाहन की चपेट में आने से बालक की मौत, हंगामा फरीदाबाद भूकम्प इंजीनियरी तथा कम्पन अनुसंधान केंद्र (ईवीआरसी) मल्टी टैरिफ सिंगल फेज क्वा मीटर मीटर प्रीपेड इलेक्ट्रिक मीटर क्लास 1 शुद्धता Total 0 search results found for %20%20%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%80%20%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A5%80 राजपत्र साइबर सुरक्षा, शुल्क तर्कसंगत रखने पर ध्यान दें वित्तीय सेवा प्रदाताः पटेल टेक लॉंच Deutsch im Fokus प्रदेश सरकार के दावे खोखले, मंडियों तक नहीं... संस्कृति अगर आप बेरोजगार है तो, POST OFFICE दे रहा है FRANCHISE खोलने का मौका ! POST OFFICE FRANCHISE विद्युत सर्वेक्षण एवं भार पूर्वानुमान प्रभाग मुरैना अमृतसर देखें पीसांगन| नसीराबादविधानसभा के ग्राम रामसर की ढाणी में विद्युत योजना के 4लाख रुपये स्वीकृत किये। अजमेर... आइपीएस अधिकारी मयंक जैन की सेवाएं समाप्त, 100 करोड़ की… एसएमई कॉर्नर: एसएमई जगत की अहम खबरें   September 14,2017 05:27:50 PM जीएसटी लागू होने के बाद कहा जा रहा है कि अब एक राष्ट्र एक टैक्स होगा. एक हज़ार से ज़्यादा चीज़ों पर जीएसटी दरें तय कर दी गई हैं. सौभाग्य-प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना     मुझे शिकायत जिला प्रशासन, नगर पालिका प्रशासन के साथ ही साथ उन दुकानदारों से भी है जिन्होंने बुधवारी में बेजा अतिक्रमण करके राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 3.10 रुपये प्रति यूनिट, तो शहरी क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं को 1.48 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी देगी. मालूम हो कि राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने 24 मार्च को बिना सब्सिडी के बिजली दरों का एलान किया था, जिसमें औसतन 55% का इजाफा किया गया था. इसके बाद उसी दिन देर शाम मुख्यमंत्री की ओर से सब्सिडी जारी रखने का एलान किया गया था. अब सब्सिडी के एलान के बाद बिजली दरों में मात्र 20 फीसदी वृद्धि होगी. सदन में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बिजली बिल में प्रति यूनिट बिजली आपूर्ति लागत और सरकार द्वारा दी गयी सब्सिडी का अलग-अलग ब्योरा दिया जायेगा. Copyright © 2018 Samachar Agency. Proudly Designed : By WebsitePoint. . रणनीति पाइए बिज़नस न्यूज़ समाचार(Business News News In Hindi)सबसे पहले नवभारत टाइम्स पर। नवभारत टाइम्स से हिंदी समाचार (Hindi News) अपने मोबाइल पर पाने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App और रहें हर खबर से अपडेट। UP जब अटलजी ने लता मंगेशकर के अस्पताल का उद्घाटन करने से कर दिया था इनकार 6 mins नियामक आयोग ने प्रदेश में बिजली कनेक्शनों की संख्या बढ़ाने के लिए पांच किलोवाट तक के कनेक्शनों पर सिस्टम लोडिंग चार्ज खत्म करने का फैसला किया है। आयोग के मुताबिक प्रदेश में लगभग 1.80 करोड़ ऐसे परिवार हैं, जिनके पास अभी बिजली कनेक्शन नहीं है।  आईपीएस सैमसंग Galaxy J7 Prime 2 स्मार्टफोन अब और सस्ता लो टेंशन (इंस्टोलेशन बेस्ड)  5.50  6.50 मोटिवेशन/मनोरंजन Offices : संदिग्ध युवक निकला शातिर अपराधी, कमर से पिस्टल तो बाइक भी चोरी का June 27, 2018 गुरदासपुर/पठानकोट ग्लैमर विशेष आलेखView All क्या खास है इस योजना में ? नागपुर कांग्रेस झरिया विधानसभा प्रभारी Not Now इंटरव्यू की रणनीति प्रदेश सरकार के दावे खोखले, मंडियों तक नहीं पहुंच रहा बागवानों का सेब WELFARE बॉलीवुड केसरी सतर्कता प्रकोष्ठ से सम्पर्क करें मायावती सबसे डरपोक: दयाशंकर वार्षिक अचल संपत्ति रिटर्न एजुकेशन Recipes कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी कि वह अपनी जलशक्ति का उपयोग तथा विकास सरकारी तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से करेगा। राज्य की जल-विद्युत बनाने की नीति अक्टूबर 2002 को बनी। उसका मुख्य उद्देश्य था राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाया जाय और उसकी बनाई बिजली राज्य को ही नहीं बल्कि देश के उत्तरी विद्युत वितरण केन्द्र को भी मिले। उसके निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं के कार्यांवयन की बांट, क्रिया तथा पर्यावरण पर प्रभाव को जाँचने तथा निरीक्षण करने के बाद पता लगा कि 48 योजनाएं जो 1993 से 2006 तक स्वीकृत की गई थीं, 15 वर्षों के बाद केवल दस प्रतिशत ही पूरी हो पाईं। उन सब की विद्युत उत्पादन क्षमता 2,423.10 मेगावाट आंकी गई थी, लेकिन मार्च 2009 तक वह केवल 418.05 मेगावाट ही हो पाईं। इसका कैग के अनुसार मुख्य कारण थे भूमि प्राप्ति में देरी, वन विभाग से समय पर आज्ञा न ले पाना तथा विद्युत उत्पादन क्षमता में लगातार बदलाव करते रहना, जिससे राज्य सरकार को आर्थिक हानि हुई। अन्य प्रमुख कारण थे, योजना संभावनाओं की अपूर्ण समीक्षा, उनके कार्यान्वयन में कमी तथा उनका सही मूल्यांकन, जिसे उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को करना था, न कर पाना। प्रगति की जाँच के लिए सही मूल्यांकन पद्धति की आवश्यकता थी जो बनाने, मशीनरी तथा सामान लगने के समय में हुई त्रुटियों को जाँच करने का काम नहीं कर पाई, न ही यह निश्चित कर पाई कि वह त्रुटियाँ फिर न हों। निजी कंपनियों पर समझौते की जो शर्तें लगाई गई थीं उनका पालन भी नहीं हो पाया। इस खबर को शेयर करें शेयरिंग के बारे में चोरी का खामियाजा कंपनियां भी भुगतें Why Use 3-pin plugs for electrical safety? Raise Your Voice English बीबीसी स्पेशल जयदेव राय By Hussain Kanchwala on January 5, 2018 राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 3.10 रुपये प्रति यूनिट, तो शहरी क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं को 1.48 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी देगी. मालूम हो कि राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने 24 मार्च को बिना सब्सिडी के बिजली दरों का एलान किया था, जिसमें औसतन 55% का इजाफा किया गया था. इसके बाद उसी दिन देर शाम मुख्यमंत्री की ओर से सब्सिडी जारी रखने का एलान किया गया था. अब सब्सिडी के एलान के बाद बिजली दरों में मात्र 20 फीसदी वृद्धि होगी. सदन में मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बिजली बिल में प्रति यूनिट बिजली आपूर्ति लागत और सरकार द्वारा दी गयी सब्सिडी का अलग-अलग ब्योरा दिया जायेगा. समाज मुखपृष्ठ MP INFO बैठक में सरकारी दफ्तरों में एलईडी बल्बों का इस्तेमाल अनिवार्य करने पर भी सहमती बनी. बिजली कंपनियों को निर्देश दिया गया कि वे प्रदेश के सभी जिलों में सस्ती दरों पर एलईडी बल्ब उपलब्ध कराएं. Pin डीएओ और आईसीओ पर सीईसी के नियम, समझाया धौलपुर Ideas for your classroom एक्सपर्ट के टिप्स Replying to @JarnailSinghAAP @AamAadmiParty @ArvindKejriwal अटल पेंशन योजना PRINTING आरएसओपी की तकनीकी रिपोर्टें August 9, 2018 योजना घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ही है वो भी घरेलू फ्रीज, बल्ब, टीवी, पंखे के लिए हैं। एसी, हीटर योजना में ग्राहक नहीं चला सकेंगे। यदि ऐसा किया गया तो ग्राहक बिजली कनेक्शन के दायरे से बाहर हो जाएंगे और वे सरल बिल योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे। वहीं यदि यूनिट खर्च भी सौ से ज्यादा आया तो सौ यूनिट के ऊपर के सारे खर्च का भुगतान भी बिजली ग्राहकों की ओर से किया जाएगा, यानि सात सौ के कुल बिल के बाद की पूरी रकम ग्राहकों से वसूल की जाएगी। Find More Information By Selecting a Category Below पर्सनेलिटी डेवलपमेंट dainikbhaskar.com | Last Modified - Mar 26, 2018, 05:50 PM IST गली क्रिकेट खेला है तो हंसा देंगे ये नियम Ed Tech Blog मनमोहन सिंह के कार्यकाल में हासिल हुई थी दहाई अंक में विकास दर: रिपोर्ट हरियाणा सरकार की ‘पावर टैरिफ सब्सिडी योजना’ – Power Tariff Subsidy Yojna 90 फीसदी ग्रामीण परिवारों के पास मोबाइल पर कर्ज में आधे परिवार: नाबार्ड सर्वे Submit अल्मोड़ा विद्युत विभाग की इन तीन योजनाओं में खर्च हो रहे करोड़ों, लेकिन गति नहीं पकड़ पा रहा काम   1 2 3 4 5 पूर्व केंद्रीय सदस्य जेएमएम हिमाचल में भारी बारिश से तबाही, मलबे ने रोकी रफ्तार Jarnail Singh चाइबासा टॉपिक्स चुनें 95% तक 232 FOLLOW US ON about us 12:25:28 AM नई योजना: हजारों लोगों को नहीं भरना होगा बिजली का बिल National News Hindi(देश) गुरदासपुर/पठानकोट बताया जा रहा है कि भागिनाथ शेळके ने 10 मई को सुबह 4.30 से 5 बजे के बीच फांसी लगाई है। इसके बाद उसके परिजनों ने उसके शव को स्वीकार करने से मना कर दिया। भागिनाथ शेळके के परिजन बिजली कंपनी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मृतक ने उसको दिए गए बिजली बिल को लेकर महाराष्ट्र राज्य बिजली बोर्ड के अधिकरियों से भी मुलाकात की थी मगर उन्होंने उसकी न सुनी। अधिकारीयों ने उसे बिजली का बिल जमा करने के लिए कहा था। परिजनों का आरोप है कि फरवरी महीने से भागिनाथ शेळके, गारखेड़ा के महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी के दफ्तर में चक्कर काट रहा था। परिजनों का कहना है कि जब मृतक ने अपने सुसाइड नोट में बिजली कंपनी को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है तो फिर उस पर केस क्यों दर्ज नहीं हो रहा है। भारतीय संसद उत्तम प्रथा बिजली कंपनी में अब फिर से अनुकंपा नियुक्ति शुरू होने जा रही है। इससे नियुक्ति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के... बिजली की लागत - टेक्सास बिजली बिजली की लागत - व्यापार के लिए सस्ता बिजली बिजली की लागत - विद्युत सेवा
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