BBC News हिंदी Navigation टॉपर्स के निबंध सहचारी स्थायिक युक्त 1000 केएन सार्वत्रिक परीक्षण मशीन आग की घटनाओं के चलते दक्षिण कोरिया में BMW कारों पर प्रतिबंध Google News in Hindi जयपुर में देर रात झमाझम बारिश, मौसम हुआ ठंडा, सड़कों पर जगह-जगह भरा पानी   plus minus योजनाएं : ‘गोठ एप’ पर जानिए, मिनीमाता योजना ने कैसे बदली युवाओं की आर्थिक स्थिति फ़ाइल अपलोड करें 18 नई विद्युत योजनाएं, 1850 करोड़ का सालाना बजट मंजूर मुख्य पृष्ठ World's 45 best colleges rated according to girls. सिल्लीगुडी युवाओं के लिए (बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.) चम्बा पंचायत चुनाव: प. बंगाल में भाजपा को सुप्रीम कोर्ट से झटका आपको कोई बीमारी है या नहीं, 1 मिनट के इस स्पून टेस्ट से पता करें जब अटल जी द्वारा दिया गया बैट लेकर पाकिस्तान मैच खेलने चले गए थे सौरव गांगुली यूपीसीएल ने नए टेरिफ़ का जो प्रस्ताव भेजा था उसके अनुसार बिजली दरें 15 फ़ीसदी तक बढ़ाई जानी थी. इस प्रभाग के प्रायोजित और अनुसंधान परियोजनाएँ आगंतुक संख्या: Pin अटल बिहारी वाजपेयी: बीते दिनों को याद कर रोए डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा लखीमपुर खीरी ગુજરાતી केरल बाढ़: अब तक 324 लोगों की मौत, 20 हजार... यादों में अमर 'अटल कहानी' # Today Petrol Price in Chandigarh# Today Petrol Price in Ambala# Today Petrol Price in Gurgaon उपकरण 19 मार्च 2013 श्री रुप नारायण झा ने कहा कि विद्य्नुत विभाग यदि अपनी लाइन लॉस को रोक लेते हैं तो विधुत दर नहीं बढाना पड़ेगा। ।ठ स्विच को बढ़ाने की अवश्यकता है। दुमका के चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष श्री सियाराम घड़िया ने कहा कि विभाग की कमी से विद्य्नुत दर बढ़ रही है, इस पर ध्यान देने की जरुरत है। विद्य्नुत की लॉस कम करने की जरुरत है। 12.50 लाख मीटर लगाने की शुरुआत बहुत अच्छी पहल है। इससे विद्य्नुत लॉस का पता चल पाएगा। AllDharamHealth & FitnessRecipesTravel किसान महापंचायत का गांव बंद आंदोलन, किसानों ने दी गिरफ्तारी, किसानों की कर्ज माफी की मांग     वित्त मंत्री ने कहा कि नारनौंद क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति होने से शिक्षा, स्वास्थ्य व आम आदमी के जीवन स्तर में बेहतर सुधार आएगा। 24 घंटे बिजली आपूर्ति से इस क्षेत्र में आर्थिक  संभावनाएं बढ़ेंगी। जिस क्षेत्र में 24 घंटे बिजली रहती है वहां लघु व कुटीर उद्योग के साथ-साथ बड़े उद्योग भी आकर्षित होते हैं और औद्योगिक क्षेत्र रोजगार के अवसर पैदा करते हैं। इस तरह दुरूस्त बिजली आपूर्ति क्षेत्र के आर्थिक विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि विभाग को यह कोशिश करनी है कि क्षेत्र का हर गांव जगमग योजना से कैसे जुड़े। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर भी इस योजना को सफल बनाने के लिए विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों में यह भ्रांतियां है कि यदि वे इस योजना में शामिल हो जाएंगे तो उनके बिजली बिल ज्यादा आएंगे जबकि वास्तविकता यह है कि इस योजना के सफल होने पर बिजली बिलों में अपेक्षाकृत कमी आएगी। यहीं धारणा बदलने के लिए विभाग के साथ-साथ सरकार भी प्रयासरत् है। बरौनी- स्टेज एक 5.32 5.11 Social Buzz News Feed संबंधित सामग्री Tags:#Jharkhand#Ranchi#costlier domestic electricity up to 98%#applicable from May#unit#electricity ऊर्जा बचत योजना परियोजना संबंधी नीति Comparison of various refrigerants (R-410A, R-22, R-32, R-290, R-134A, R-600A) used for Air Conditioners and Refrigerators दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) ने गर्मी शुरू होते ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिजली के फिक्स चार्ज में 2.5 से लेकर 6.5 गुना तक का इजाफा किया है. हालांकि बिजली की कीमतों में प्रति यूनिट की दर  से कटौती की है. DERC ने 2 किलोवाट लोड वाले घरों में बिजली के फिक्स चार्ज को 20 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये कर दिया है. August 11, 2018 at 12:17 pm 08/11/2015 - 10:46 ज़ी स्पेशल कला और संस्कृति फ़ीडबैक राजनीति: कहां ठहरेगा रुपया Tweets एटा अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इस ऐलान से दिल्ली के 38 लाख ग्राहकों को फायदा होगा। इसके पहले अरविंद केजरीवाल ने बिजली कंपनियों की ऑडिट के लिए सीएजी से भी मुलाकात की थी। सीएजी ऑडिट करने के लिए तैयार भी हो गया है। इस बीच बिजली कंपनियों से ऑडिट पर उनका जवाब मांगा गया है। कंपनियों को कल तक जवाब देना है। साइट का नक्शा फीचर चैस पढ़ेः भाजपा शासित छत्तीसगढ़ में पीने के पानी का संकट गहराया बीजेपी मुख्यालय के बाहर अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर लोग नारे लगा रहे है लाइव सिटीज डेस्क : मुजफ्फरपुर बालिका गृह दुष्कर्म कांड की जांच सही दिशा में चल रही है या नहीं, यह देखने के लिए विपक्ष का प्रतिनिधिमंडल बुधवार दोपहर को मुजफ्फरपुर जाएगा. विपक्ष के नेता तेजस्वी […] दुनिया की सबसे बड़ी न्‍यूक्लियर साइट लो टेंशन (डिमांड बेस्ड)  5.50  5.50 Archives NDTV India Live पहला टी-20 अंतर्राष्ट्रीय जल संसाधन अटल बिहारी वाजपेई के निधन पर शोक में डूबा शहर कई पार्टियों ने शोक सभा का आयोजन कर दिया श्रद्धांजलि सिविल सेवा परीक्षा आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें प्रवेश स्तर एकल चरण बिजली मीटर 1600 पल्स दर एसटीएस प्रीपेमेंट मीटर सीसैट टेस्ट # कोयला कंपनी किसने लगायी Apple के सबसे सुरक्षित नेटवर्क में सेंध? Kishanaram Aug 10, 2018 09:59 AM by: Sanjay Srivastava अजब-गजब : इन देशों में ट्रेंड बना ऐसा खाना, जो आप सोच भी नहीं सकते रत्न सांसद राजमहल लोकसभा Citizen’s Charter राज्य सरकार की नीति में उल्लेख नहीं था कि योजनाओं को नदियों का पानी प्रयोग करने के बाद कितना नीचे की धारा में छोड़ना चाहिए। पानी सुरंगों में डालने तथा प्रयोग करने के बाद नीचे नदी की पुरानी घाटी में बहाव कितना रहेगा ? पाँच योजनाओं की जाँच करने के बाद देखा गया कि नदियों की सुरंगों के समाप्त होने के बाद निचले भागों में पानी नहीं था और वे बिलकुल सूखे पड़े थे। कहीं कुछ बूदें रिसती दिखाई दे रही थीं। जो वातावरण को बनाए रखने लायक नहीं थी। नदियों से रिसकर जो पानी भूमितल में जमा होता था वह भी समाप्ति पर था। बिना सोचे-समझे राज्य सरकार नदियों पर जो अंधाधुंध जल-विद्युत योजनाएं बना रही थी उनका मिला-जुला नतीजा वातावरण के लिए घातक था। अभी 42 जल-विद्युत परियोजनाएं कार्य कर रही थीं, 203 और या तो बन रही थीं या तैयारी में थी। बहुत सारी अन्य विचाराधीन थी। कमेटी ने पिछले साल के अप्रैल में जारी की अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हर कोई युवाओं को रोजगार देने या स्थानीय उद्योगों की जरुरतों पर ध्यान दिए बिना सिर्फ आकड़ों के पीछे भाग रहा है. टेली टॉक पासपोर्ट बनवाना हुआ आसान, जानिए नए नियम हिमाचल प्रदेश Mar 28, 2018, 04:11 PM IST People नेगी ने बताया कि आयोग ने वितरण टैरिफ में वृद्धि नहीं की है पर टैरिफ संरचना एवं टर्म्स एवं कंडीशंस में कुछ बदलाव किए हैं, जो कि आगामी एक अप्रैल से लागू होंगे। इन बदलाव के तथा होर्डिंंग, ग्लो साईन, एडवरटाईजिंग एवं हाई टेंशन 220 किलो वोल्ट के लिए नई श्रेणी लाई गई हैं। इनके लिए एनडीएस 4 उपभोक्ता श्रेणी का सृजन किया गया है। स्मार्ट ग्रिड त्वरित सम्पर्क Ads info ताँबा (COPPER) रंजन सिंह 12:48 AM - 18 Aug 2015 बिजली विभाग लखीमपुर खीरी Never miss a Moment शादी का झांसा देकर 5 वर्ष तक दुष्कर्म बिहार : मोतिहारी में प्रोफेसर की पिटाई, जिंदा जलाने की कोशिश, अटल को बताया था संघी जानें, बढ़ती उम्र के बच्चों पर किन ग्रहों का होता है कैसा असर? अधिमान्यता असिस्टेंट विजिलेंस ऑफिसर: 14140-39760 रुपये भारत में बिजली की कमी के बीच जानकार शंका जता रहे हैं कि जिस देश में बिजली की किल्लत है वहां बिजली की कार ज्यादा सफल नहीं होगी. लेकिन महिंद्रा को भरोसा है कि ये शंकाए बेवजह हैं. गर्मी के दिनों में एस्सेल की बिजली की समस्या बढ़ जाती है, ये समस्या गायघाट का नही है बल्कि एस्सेल कम्पनी की बिजली जँहा-जँहा है लोगो का हाल कुछ ऐसा ही है. गायघाट के लोग इतने आक्रोशित थे कि वो NH57 से जाम हटाने को मान ही नही रहे थे. सब बस एक ही नारा लगा रखे कि एस्सेल हटाओ बिजली लाओ. मौके पे गायघाट थानाध्यक्ष और गायघाट अंचल अधिकारी ने लोगो को आश्वासन दिया कि जल्द ही बिजली की समस्याओं को दूर किया जायेगा. अधिकारी की बात सुन लोगो को मिला शुकुन फिर दरभंगा-मुज़फ़्फ़रपुर राष्ट्रीय मार्ग से जाम को हटा आवागमन शुरू कराया गया. UP: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डाली तो रासुक में गिरफ्तारी विविधिक्रत ऋण योजना   अकृषि ऋण योजना सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति योजनाओं का समयबद्ध रूप से कार्य करने में सबसे बड़ा अवरोध बनी। वन भूमि अधिग्रहण में देखा गया कि 85 दिनों से लेकर 295 दिनों की देरी हुई। कुछ योजनाओं में बिजली की निकासी (ट्रांसमिशन) का सामान समय पर नहीं लगाया गया, जिस कारण आर्थिक हानि हुई तथा राज्य को राजस्व नहीं मिल पाया। सरकार को एक अधिकारी समिति का गठन करना चाहिए था जो योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण, वन विभाग से आज्ञा तथा लोगों के पुनर्वास का काम की देख-रेख करती। यह आवश्यक था कि विजली की निकासी (ग्रिड तक पँहुचाने) का काम योजनाओं के पूरा होने से पहले कर लिया जाता। चिंताओं के विषय थे योजनाओं का पूर्व में जाँच-परख न हो पाना, त्रुट्पिूर्ण योजना कार्य तथा खास तौर पर अनुश्रवण या समय-समय पर विभागीय अधिकारियों या उत्तराखंड जल-विद्युत निगम द्वारा समीक्षा न हो पाना। सबसे चिंताजनक बात थी पर्यावरण के प्रति लापरवाही, जिसका सबसे अधिक कुप्रभाव देश के संसाधनों पर पडा। जन समूह दक्षिण अफ्रीका121/10(24.4) अनुमान है कि हर घरेलू उपभोक्ता के बिल में करीब 100 से 200 रुपए प्रति माह की बढ़ोतरी होनी है। यहाँ तक कि सबसे कम खपत करने वाले उपभोक्ताओं के वर्ग में भी 20 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी कर दी गई है। दूसरे वर्ग यानी 51 से 100 यूनिट हर माह खर्च करने वालों को 35 पैसे प्रति यूनिट ज्यादा देने होंगे। 101 से 300 यूनिट तक खर्च करने वालों को बिजली 40 पैसे प्रति यूनिट महंगी पड़ेगी। 300 यूनिट से ज्यादा खपत वाले घरेलू श्रेणी में भी 20 पैसे प्रति यूनिट के दाम बढ़ाए हैं। सराईकेला-खरसांवा मौजूदा समय में कमर्शल बिजली उपभोक्ताओं को गर्मियों के दौरान कम से 650 रुपये प्रति कनेक्शन का बिल देना पड़ता है। यानि कितनी भी कम बिजली का उपभोग हो, मगर उपभोक्ताओं को कम से कम 650 रुपये का बिल देना ही होगा। सर्दियों में कमर्शल उपभोक्ताओं के लिए मिनिमम चार्ज 450 रुपये प्रति कनेक्शन होता है। Vijender Gupta अक्षम यूनिट : बदरपुर पावर प्लांट में यूनिट नंबर 1, 2 और 3 अक्षम हैं। इसमें खर्च ज्यादा आता है और बिजली कम। लेकिन टोटल खर्च डिस्कॉम के खाते में आता है और यही कंज्यूमर की जेब पर भी भारी पड़ता है। नई यूनिट शुरू होनी चाहिए और अक्षम यूनिट बंद होनी चाहिए। शिक्षा लोन लेने में मदद करता है 'क्रेडिट स्कोर',जानिए हर जरूरी बात SIMILAR POSTS आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें पीपुल्स स्पीक ministry of power power consumers central govt Kashmir News in Hindi आरसी ब्यूरो, औरंगाबाद।  बीजेपी शासित राज्य महाराष्ट्र में राज्य विद्युत वितरण कंपनी की लापरवाही की वजह से एक गरीब ने खुदकुशी कर ली। ये घटना महाराष्ट्र के औरंगाबाद की है, जहां महाराष्ट्र राज्य बिजली बोर्ड (एमएसईबी) ने भारत नगर इलाके में रहने वाले भागिनाथ शेळके को 8 लाख 64 हजार रुपये का बिजली का भेजा दिया। इसके साथ ही 17 मई तक ये बिजली बिल न जमा करने पर 10 हजार रूपये के जुर्माने की भी बात कही गयी थी। इससे परेशान इस शख्स ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार भागिनाथ शेळके अपने परिवार का भरन पोषण सब्जी बेचकर करता था। लाखों के बिजली बिल से वो काफी तनाव में था। पुलिस ने बताया है कि मरने से पहले भागिनाथ शेळके ने एक नोट भी छोड़ा है।  इस नोट में उसने भारी-भरकम बिजली का बिल होने के कारण जान देने के लिए मजबूर होने की बात लिखी है। निबंध SShare इटावा सारन आरटीआई में एक और सवाल यह भी था कि एक किलोवॉट में कितने यूनिट बिजली खर्च होती है। इसके जवाब में पता चला कि कंस्यूमर के बिना कहे बिजली कंपनियां कैसे उसके घर का लोड बढ़ा देती हैं। जवाब में बताया गया कि एक महीने में एक किलोवॉट के अंतर्गत 250 से 270 यूनिट तक बिजली खर्च होनी चाहिए। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत करीब छह लाख करोड़ रुपये 12 करोड़ लोगों के बीच दिए गए हैं. हाल ही में द वायर  की आई एक रिपोर्ट के मुताबिक पांच लाख से ज्यादा का लोन लेने वालों, जिससे कि वाकई में रोजगार किया जा सकता है, की संख्या बहुत ही कम है. यह अब तक योजना के तहत दिए गए लोन का सिर्फ 1.3 फीसदी ही है. ज्यादातर लोन 50,000 से कम या फिर  50,000  और 5 लाख के बीच के है. Weitere Inhalte दिनेश चन्द नन्दी GST के चलते बिगड़ा बजट तो बारिश ले डूबी सब्जियां म्‍युचुअल फंड Lifestyle Tips सौतेली मां और बेटी ने निगला जहर, किशोरी की मौत, महिला की हालत गंभीर लखनऊः एलडीए ने घटाए फ्लैटों के दाम, 14 अगस्त से होंगे रजिस्ट... टीम दृष्टि इससे जहां बिजली की चोरी में कमी होगी वहीं लाइन हानियां कम होने से वितरण कंपनियों का घाटा कम होगा। देश दीपक वर्मा का कहना है कि इससे बिजली के नए कनेक्शन लेने के लिए लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने आयोग के अध्यक्ष व सदस्य से मिलकर इस फैसले के लिए आभार जताया। Chhatisgarh News in Hindi भू-जल संवर्धन योजना न्यायिक अफसर को गिलास में थूक कर चपरासी देता था पानी, निलंबित बिजली स्विच करें - सर्वश्रेष्ठ विद्युत मूल्य बिजली स्विच करें - विद्युत प्रदाता स्विच करें बिजली स्विच करें - ऊर्जा कंपनियां
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