'अटल' हो गई महाकवि गोपाल दास नीरज की भविष्यवाणी! प्रदेश में बिजली चोरी, छीजत कम करने की गरज से बिजली कंपनियां बीते पांच साल में करीब तीन हजार करोड़ रुपए से ज्यादा राशि खर्च कर चुकी हैं लेकिन फिर भी कई जिलों में बिजली छीजत का आकंड़ा 25 फीसदी से ज्यादा बना हुआ है। बिजली कंपनियों ने छीजत बीस फीसदी से कम करने का लक्ष्य तय किया था जो कुछ जिलों में शहरी इलाकों को छोड़कर अब तक अधूरा रहा है। पहली बार 1981 में वाजपेयी आये थे सिवनी posted on August 18, 2018 खबरे सुने इस अवसर पर बसपा सुप्रीमों मायावती ने कहा कि एक तरफ  से तो पूरे प्रदेश में बिजली की भारी कमी के कारण लोगों में हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है और दूसरी तरफ  बिजली की दरों में भारी वृद्धि करके प्रदेश की आमजनता को काफी ज़्यादा मुसीबत में डाला जा रहा है। ख़ासकर घरेलू उपयोग में आने वाली बिजली की दर को 17 प्रतिशत तक मंहगी करके जनविरोधी’’ काम किया गया है। इससे शहर में रहने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं को इस मंहगाई का सामना सीधे तौर पर करना पड़ेगा। Books VIDEO: छात्रसंघ चुनावों की हलचल शुरू, ABVP ने किया प्रदर्शन प्रमोद केशरी Nag Panchami 2018: काल सर्प दोष से चाहते हैं मुक्ति तो ऐसे करें नाग पंचमी पर नाग की पूजा The fastest way to share someone else’s Tweet with your followers is with a Retweet. Tap the icon to send it instantly. ज्‍योतिष जेल जाते सलोनी बोली- मुझे कुछ हुआ तो किसी को नहीं छोडूंगी About Us| टाइम आफ डे टैरिफ (हाई वोल्टेज-2, 3, व 4 श्रेणी) में बदलाव किया गया है। पीक आ‌वर्स यानी शाम के समय बिजली की सामान्य दर का 120 % विद्युत प्रभार लागू किया गया है। यह पहले 115 % था। आफ पीक आवर्स टैरिफ में विद्युत प्रभार 90 % से घटाकर 75 % किया गया है। घट सकती हैं ग्रामीण उपभोक्ताओं की दरें Bloomberg Quint Hindi News »Bihar »Patna» बिजली कंपनी में 2000 पदों पर होगी बहाली मध्यांचल के बिजली उपभोक्ताओं को 0.73 फीसदी सरचार्ज देना होता है। एक हजार रुपये पर हर महीने करीब 7 रुपये। दूसरा रेग्यूलेटरी सरचार्ज 2.38 फीसदी सभी बिजली कंपनियों के उपभोक्ताओं पर लागू है। बिज़नस जीवन मंत्र इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में बिजली की दरों में लगभग दोगुनी वृद्धि की गई है. ग्रामीण उपभोक्ताओं को अब 100 यूनिट तक 3.0 रुपये प्रति यूनिट, 100 से 150 यूनिट तक 3.50 रुपये प्रति यूनिट और 150 से 300 यूनिट के लिए 4.50 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होगा. यह भी पढ़ें: ‘सबके लिए बिजली’ योजना में मुफ्त बिजली नहीं ट्रेन्डिंग चास-बोकारो समेत समस्त प्रदेश वासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 7- डिग्गी फव्वारा सिंचाई योजना.. उजाला स्कीम के तहत दिया जाएगा लाभ नकली गद्दे बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश, पुलिस... नवम्बर 8, 2017 Md. Saheb Ali Big News, BIHAR, आपका प्रदेश, ट्रेंडिंग, देश विदेश 0 ईडीएफ के सामने भी हैं सवाल सूचना एवं प्रसारण नवभारत टाइम्स ऑन फेसबुक RC चकल्लस हिंदी दिल्ली आज तक विविधिक्रत ऋण योजना   अकृषि ऋण योजना टेली टॉक बाड़मेर से भीनमाल तक 144 किमी लंबी 400 केवी बिजली सप्लाई की लाइन का काम पूरा,139 करोड़ के काम में 399 टॉवर लगने हैं, अब सिर्फ 22 लगने ही बाकी, अगस्त से बेहतर होगी बिजली सप्लाई Trending-News Vogue beauty awards : हॉट ब्लैक में नजर आई ये... Pay bill on time that can help you to get loan on cheaper interest rate. सावन मास की हर शाम अवश्य करें ये काम, मिलेगा कुबेर के समान खजाने का भंडार संबल योजना में पंजीकृत श्रमिक और बीपीएल उपभोक्ताओं के घरेलू कनेक्शन पर बिजली बिल की बकाया राशि को श्रम विभाग के पंजीयन अथवा बीपीएल कार्ड का क्रमांक उपलब्ध करवाने पर माफ किया जाएगा। ऐसे पंजीकृत श्रमिक जिनके निवास का बिजली कनेक्शन उसके स्वयं के नाम पर न होकर उसके परिवार के किसी सगे-संबंधी के नाम पर हो तथा बीपीएल उपभोक्ता को सरलता से नामांतरण की सुविधा देते हुए उपभोक्ता के साथ निवासरत होने की दशा में स्कीम का लाभ दिया जायेगा। यदि संबल योजना में पंजीकृत कोई पात्र हितग्राही-बिजली उपभोक्ता के परिवार का सदस्य है और उसके साथ रहता है, तो ऐसे कनेक्शन पर भी स्कीम का लाभ मिलेगा। इसके लिए उपभोक्ता का नाम बदलना जरूरी नहीं होगा, तथापि ऐसे प्रकरण में परिवार का सदस्य उन्हीं व्यक्तियों को माना जाएगा, जिनके नाम समग्र डाटाबेस में एक परिवार के रूप में अंकित हों। सरकारी कंपनियों को तरजीह देने से पावर सेक्टर में दिक्कत: RBI सड़कों पर शोर का अध्यात्म इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp सिरफिरे ने युवती को चाकू से गोदा, मोबाइल लेकर हुआ फरार रवि चन्द्र दे ईवीआरसी में गतिक प्रयोगशाला एचआरएमएस हरियाणा सरकार की ‘पावर टैरिफ सब्सिडी योजना’ – Power Tariff Subsidy Yojna भोजपुर Add this video to your website by copying the code below. Learn more 29 हजार बने मजदूर, 6684 को बिजली बिल माफी, 5013 को सस्ते कनेक्शन मिले ऐप डाउनलोड करें होम » वीडियो 447 Views XI 2007-12 योजना के अंतर्गत सीपीआरआई की पूँजी परियोजनाएँ हिमाचल प्रदेश मौत को सामने खड़ा देखा था, तब अटल बिहारी वाजपेयी ने लिखी थी ये कविता खंडवा: एवरेज रीडिंग लेकर बिल थमाकर उपभोक्ता की सेवा में कमी करने पर फोरम ने बिजली कंपनी पर जुर्माना लगाया है। उपभोक्ता फोरम ने बिजली कंपनी को उपभोक्ता को 3000 रुपए देने को कहा है। English फेसबुक मसाला सोनिया के खिलाफ लेख पर जब अटल ने दी नसीहत योजना का प्रमुख भाग अलग-अलग फीडर की व्‍यवस्‍था कर उप-पारेषण तथा वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाना है और सभी स्तरों जैसे इनपुट पाइंट, फीडर और वितरण ट्रांसफार्मर पर मीटर लगाना है। राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत पहले ही ‘माइक्रो और ऑफ ग्रिड वितरण नेटवर्क और ग्रामीण विद्युतीकरण’ का कार्य किया जा चुका है। नई दिल्ली: बिजली क्षेत्र में सुधारों को आगे बढ़ाने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए बिजली मंत्री आर के सिंह ने कहा है कि लोगों को दूरसंचार सेवा की तरह बिजली खरीदने के लिए अपने क्षेत्र में एक से अधिक आपूर्तिकर्ताओं का विकल्प दिया जाएगा। इसके लिये बिजली कानून में संशोधन किया जाएगा। बिजली मंत्रालय आगामी बजट सत्र में बिजली संशोधन विधेयक लाने की तैयारी में है जिसमें अन्य बातों के अलावा बिजली आपूर्ति और वितरण नेटवर्क के कारोबार को अलग-अलग करने का प्रावधान होगा। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे सिंह ने कहा, हम बिजली कानून में कई संशोधन ला रहे हैं। कपिल शर्मा RC Desk2, November 11,2017 09:59:16 PM पूरे वर्ष का राजस्व संग्रह 8000 करोड़ पर पहुंचा : बिजली कंपनी के आकलन के अनुसार शनिवार को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष राजस्व संग्रह 8000 करोड़ तक पहुंच गया है। फरवरी तक यह 6700 करोड़ रुपए था और मार्च में देर शाम तक 1300 करोड़ रुपए के राजस्व संग्रह की रिपोर्ट मिल चुकी थी। जबकि पूर्व के वित्तीय वर्ष में बिजली कंपनी का राजस्व 5800 करोड़ रुपए था। बिजली कंपनी ने इस राशि में सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को सब्सिडी मद में उपलब्ध कराए जाने वाली राशि नहीं जोड़ी है। यह राशि लगभग 3000 करोड़ रुपए है। Kiswahili Kiswahili यहां पतियों ने वट सावित्री व्रत रख की प्रार्थना.."सात जन्मों तक न मिले... विशेष राज्यों के लिए केंद्र सरकार योजना का 85% अनुदान देगी, जबकि राज्यों को अपने पास से केवल 5% धन लगाना होगा और शेष 10% बैंकों से कर्ज़ लेना होगा। बता दें कि दिल्ली कांग्रेस की बैठक में शीला दीक्षित समेत सभी बड़े नेताओं ने शिरकत की. कांग्रेस हर महीने ऐसी बैठकों के जरिए दिल्ली के ज्वलंत मुद्दों पर सत्तारूढ़ पार्टी को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है. शिक्षक मंच देखिये जरूर लिंक्स Narayan Singh Rathore कुमार ने कहा, 'कई पावर कंपनियों के कर्ज को पहले ही बैड लोन कैटेगरी में डाला जा चुका है और इस तरह के कुछ और लोन इस वर्ग में जा सकते हैं। हाईकोर्ट का फैसला बैंकों के लिए अच्छा है क्योंकि इससे उन्हें कोर्ट से बाहर लोन रिजॉल्यूशन के लिए अधिक समय मिलेगा।' आरबीआई के सर्कुलर में 180 दिनों के पीरियड के लिए 1 मार्च को रेफरेंस डेट बताया गया था। इसलिए बैंकरप्सी कोर्ट से बाहर लोन रिजॉल्यूशन के लिए बैंकों के पास अगस्त के अंत तक का समय है। अभी देश की 22 पर्सेंट इंस्टॉल्ड पावर जेनरेशन कैपेसिटी एनपीए है। रिजर्व बैंक के डेटा के मुताबिक, भारतीय बैंकों ने पावर सेक्टर को अप्रैल के अंत तक 5.19 लाख करोड़ रुपये का कर्ज दिया हुआ था। बिजली बदलें - विद्युत कंपनी आज बदलें बिजली बदलें - गैस और इलेक्ट्रिक की तुलना करें बिजली बदलें - ह्यूस्टन में सस्ता बिजली
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