399 हेमंत कुमार गुरु धर्म कर्म कार्यक्रम तारा देवी Order बड़ा पर्दा - छोटा पर्दा टेस्ला के शेयर में 9% गिरावट, शॉर्ट-सेलर्स ने कमाए 7000 करोड़ रुपए; इलोन मस्क के इंटरव्यू के बाद टूटा शेयर 57 mins प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने से पहले इमरान ने अपने वतन से किए ये वादे CricketNext VIDEO: उत्तराखंड में आफत की बारिश, बहते-बहते बचा बाइक सवार 'मिनी पंजाब' में तबाही के बाद का मंजर, सैलाब में... Reviews कंधार हो या कारगिल, कभी विचलित नहीं हुए अटल जी : यशवंत सिन्हा UPSC English जौनपुर अधिक लेटेस्ट खबरों के लिए यहां क्लिक  करें। इकोनॉमी सौभाग्य जमीनी विवाद में मारी गोली, मौके पर मौत last » electricity demo pic पटना,17 अप्रैल (हि.स.)। राज्य कैबिनेट की मंगलवार को यहां हुई बैठक में इस वर्ष अप्रैल से बिजली की बढ़ी हुई टैरिफ दरों में उपभोक्ताओं को सब्सिडी देकर सरकार ने दावा किया है कि बिहार की बिजली दर सभी पड़ोसी राज्यों यूपी और पश्चिम बंगाल से काफी कम है । कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि इस वर्ष बिजली दर में सब्सिडी के कारण राज्य सरकार के खजाने पर 4137 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा । पिछले वर्ष 2952 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गयी थी. उन्होंने बताया कि सब्सिडी के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर ज्योति योजना के तहत बिजली की दर प्रति यूनिट 2.45 रुपये पड़ेगी । पश्चिम बंगाल में यह 3.44 रुपये और यूपी में 3.39 रुपये प्रति यूनिट है । इसी तरह शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की बिजली दरें भी पड़ोसी राज्यों से कम हैं । इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू उपयोग और कृषि व सिंचाई के लिए बिजली दर में कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी है । इस पर वर्तमान दर से ही बिजली बिल का भुगतान करना होगा । शहरी क्षेत्रों की बिजली दर में महज 10 पैसे प्रति यूनिट की ही बढ़ोतरी की गयी है | अब यह 5.30 रुपये प्रति यूनिट से बढ़कर 5.40 रुपये हो गयी है । मुख्य सचिव ने कहा कि बरौनी, कांटी और नवीनगर बिजलीघरों को एनटीपीसी को ट्रांसफर कर दिया गया है । इन यूनिटों से राज्य को अपने स्तर पर बिजली उत्पादन काफी महंगा पड़ रहा था । बरौनी थर्मल पॉवर स्टेशन से अभी बिजली उत्पादन में प्रति यूनिट 5.75 रुपये का खर्च आ रहा है, जबकि बाढ़ एनटीपीसी से बिजली खरीदने पर यह खर्च 4.25 पैसे प्रति यूनिट ही पड़ेगा । इस वजह से सभी बिजली उत्पादन ईकाइयों को एनटीपीसी को ही स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है । इससे सरकार को 875 करोड़ रुपये सालाना की बचत होने का अनुमान है । वर्ष 2017-18 के लिए बिजली उपलब्धता करीब 27 हजार 178 मिलियन यूनिट है, जबकि 2018-19 के लिए बिजली उपलब्धता का लक्ष्य 29 हजार 403 मिलियन यूनिट निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष से 8% अधिक है । सब्सिडी के बाद बिजली दर :-कुटीर उद्योग- 2.45,घरेलू (ग्रामीण)- 3.17,घरेलू (शहरी)- 5.40,गैर-घरेलू (ग्रामीण)- 4.00,गैर-घरेलू (शहरी)- 8.25,कृषि एवं सिंचाई-1 - 1.50,कृषि एवं सिंचाई-2 - 7.75,औद्योगिक सेवा-1 - 8.35,(19 केवी तक) औद्योगिक सेवा-2 - 8.32 (19 केवी से ज्यादा और 74 केवी से कम) औद्योगिक सेवा-1 - 8.67,(11 केवी) औद्योगिक सेवा-2 - 8.60,(33 केवी), औद्योगिक सेवा-3 - 8.01,(132 केवी) (सभी आंकड़े रुपये प्रति यूनिट में) हिन्दुस्थान समाचार/अरुण/शंकर मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव कह चुके हैं कि प्रदेश भाजपा सरकार बिजली उपभोक्ताओं से देश में सबसे अधिक बिजली की दर वसूल रही है। श्री यादव ने कहा था कि बिजली के अनाप-शनाप बिलों को न दे पाने की वजह से किसानों को परेशान किया जा रहा है और सरकार उनके ट्रैक्टर, मोटर पम्प आदि जब्त कर रही है। தமிழ் दिल्‍ली एवं हरियाणा नीतू कुमारी © 2018, Change.org, Inc.Certified B Corporation Gopalganj उरई नई दिल्‍ली। दुनिया की सबसे बड़ी बिजली कंपनी इलेक्ट्रिक डे फ्रांस (ईडीएफ) द्वारा छह न्‍यूक्लियर प्‍लांट्स का समझौता करने के बाद भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के पुन: शुरू होने की संभावना भी जागी है। 26 जनवरी को ईडीएफ ने घोषणा की थी कि उसने न्‍यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआईएल) के साथ 6 न्‍यूक्लियर रिएक्‍टर्स की स्‍थापना के लिए एमओयू साइन किया है। यह परमाणु पावर प्‍लांट महाराष्‍ट्र के जैतापुर में लगाया जाएगा। इस समझौते पर फ्रांस के राष्‍ट्रपति फ्रांस्‍वा ओलांद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में हुआ है। संबंधित ख़बरे उन्होंने कहा कि किसी भी प्रोजैक्ट से फ्री-पावर शुरूआती दौर में लेने की बजाय 6 से 10 साल बाद ली जानी चाहिए। सोमवार और मंगलवार सुबह खराब मौसम की वजह से उड़ान न होने की वजह से 8 प्रदेशों के मंत्री ही सम्मेलन में पहुंच पाए। इस मौके पर अरुणाचल प्रदेश के ऊर्जा मंत्री टामियो टागा, हरियाणा के ऊर्जा मंत्री कृष्ण लाल पवार, झारखंड के ऊर्जा मंत्री सी.पी. सिंह, केरल के ऊर्जा मंत्री एम.एम. मनी, ओडिशा के ऊर्जा मंत्री सुशांत सिंह, पश्चिम बंगाल के ऊर्जा मंत्री शोभन देव चटोपाध्याय, दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन व हिमाचल के ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा मौजूद रहे। अरुण पांडेय गीता के ज्ञान से संवारे जीवन.. लीक हुई अक्षय कुमार की फिल्म गोल्ड, कमाई पर पड़ सकता है असर XI 2007-12 योजना के अंतर्गत सीपीआरआई की पूँजी परियोजनाएँ मुख्‍य सामग्री पर जाएं कांग्रेस ने किया AAP का घेराव, बिजली कंपनियों से मिले होने का लगाया आरोप Bengali বাংলা मधेपुरा We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. 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PIB / PRS ABOUT US विधानसभा अध्यक्ष, यूथ कांग्रेस कमिटी गांडेय विधानसभा खाता बनाएँलॉग इनविशेषखोजें योजनाएं : ‘गोठ एप’ पर जानिए, मिनीमाता योजना ने कैसे बदली युवाओं की आर्थिक स्थिति निगमों का घाटा घटा, लेकिन उपभोक्‍ताओं को राहत में बिजली चोरी अड़ंगा India News Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें।हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक। आदेश 'अम्मा' बनेंगी विद्या बालन, इस दिन रिलीज हो सकता है फर्स्ट लुक यमुनानगर सिविल सेवा परीक्षा 282 Views Studymateonline.com सिवनी में अगर मेडीकल कॉलेज स्वीकृत होता है तो इसका श्रेय किसे देंगे! उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया  पावर टैरिफ सब्सिडी प्रदान करने की यह योजना 15 अगस्त, 2015 से प्रभावी होगी तथा 5 वर्ष तक की अवधि के लिए जारी रहेगी। संश्लिष्‍ट परीक्षण सुविधा जयदेव राय Menu     उन्होंने कहा कि नारनौंद क्षेत्र में 54 ऐसी ढाणियां है जिनमें न तो आर.डी.एस. फीडर से और न ही कृषि फीडर से बिजली आपूर्ति हो रही है। ऐसी ढाणियों को सौभाग्य योजना के तहत बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए विभाग द्वारा 113 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है। इन ढाणियों में ऑफ ग्रिड मैथ्ड अपनाते हुए सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली मुहैया करवाई जाए। नीतीश कुमार से उपेंद्र कुशवाहा ने पूछा है गंभीर सवाल – बिहार में कहां है शासन-प्रशासन बजट प्रावधान संभागीय जनसम्पर्क कार्यालय और माध्यमिक शिक्षा मण्डल कार्यालय में झंडा वन्दन किया गया अजमेर में मंगलवार को कांग्रेस ने बिजली के बिलों में बेतहाशा वृद्धि को लेकर टाटा पावर के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता रैली के रूप में सिटी पावर हाउस पहुंचे जहां उन्होंने पहले तो जमकर नारेबाजी की और बाद में विरोध जताते हुए रास्ता जाम कर दिया. प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी पैदा हुई. लेकिन बाद में माहौल को शांत किया गया. प्रदर्शकारियों ने कहा कि जब से टाटा पावर ने शहर की बिजली व्यवस्था को संभाला है तब से लगातार बिजली के बिलों में बढ़ोतरी की जा रही है जिससे आम आदमी परेशान हो चुका है. (अजमेर से अभिजीत दवे की रिपोर्ट) Dharmender Chaudhary [Updated:28 Jan 2016, 4:59 PM IST] रू-ब-रू / अतिथि कॉलम बिहार कैबिनेट निर्णय 1 सितम्बर 2015: 50 एजेंडों पर लगी मुहर इलेक्ट्रिक चॉइस - इलेक्ट्रिक कंपनियां इलेक्ट्रिक चॉइस - कोई जमा के साथ सस्ता बिजली इलेक्ट्रिक चॉइस - ऊर्जा कंपनियों की सूची
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