Paytm कॉग्रेश नेत्री सह ज़िप सदस्य आर-पार : आज़ादी मिल गई लेकिन हमारे जवानों को शहादत से आज़ादी कब मिलेगी? करौली 428 Views बिहार में बिजली कंपनी जरूरत के मुताबिक साल दर साल बहाली निकाल रही है. कंपनी ने 2015 में भी 1066 पदों पर बहाली निकाली थी. हालांकि इस बार 1200 गैर तकनीकि पदों पर बहाली निकाली जाएगी. जिसका टेंडर अभी किया जाना बांकी है. बिजली विभाग में जॉब सृजन से युवाओं में जोश बरकरार है. हर साल निकल रही वैकेंसी से युवाओं की उम्मीद बढ़ी है. रघुवर सरकार के इस निर्णय से आम जनता पर काफी बोझ बढ़ेगा। औसतन सभी वर्गों के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर में 40 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार की यह घोषणा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बढ़े हुए बिजली दर की भरपाई सरकार द्वारा प्रस्तावित सब्सिडी से की जाएगी, महज आईवाश है, यह जनता को भरमाने की बात है। प्रकाश पासवान झाविमो जिला अध्यक्ष मोदी द्वारा ज़ोर-शोर से शुरू की गईं विभिन्न योजनाओं की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है? धर्मेंद्र, सनी और बॉबी की 'यमला पगला...' में बॉलीवुड का... अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के चलते IGMC में लटके मरीजों के ऑप्रेशन Careers VIDEO: बीजेपी पर बरसीं महबूबा मुफ्ती, लगाया ये बड़ा आरोप Hindi News »Chhatisgarh »Raipur »News» New Rates Of Electricity Will Be Applicable In Chhattisgarh From April 1 रोज बाल धोने में कोई बुराई नहीं, लेकिन ड्रायर से बचें News in Pictures अभिलेख Help 100 यूनिट तक 40 पैसे की बढ़ोतरी, 100 से 200 तक 45 पैसा बढ़ोतरी और 200 से ऊपर यूनिट पर 55 पैसा की बढ़ोतरी की गयी है। बिजली बिल के फिक्स चार्ज पर किसी तरह की बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। सभी स्लैबों में औसतन 5 फीसदी की वृद्धि हुई है जबकि उद्योग में ये 9 फीसदी है। 255 बेगूसराय: गया के डॉक्टर दंपत्ति कांड को लेकर आक्रोशित तैलिक वैश्य समाज ने दिया धरना June 27, 2018 आ गया आ गया, हिन्दी में राफेल लड़ाकू विमान से जुड़े सवाल-जवाब विजेंद्र गुप्ता ने कहा, जो लोग कभी बिजली कंपनियों का एकाधिकार समाप्त करने और बिजली कंपनियों के ऑडिट की बात कर सत्ता में आए थे तथा जो लोग शीला दीक्षित और बिजली कंपनियों के भ्रष्टाचार को मिटाकर बिजली के रेट कम करने की बात करते थे , वही लोग आज निजी बिजली कंपनियों का प्रवक्ता बन गए हैं. पिछले 6 महीने में इन बिजली कंपनियों को दूसरी बार स्थाई शुल्क बढ़ाकर इन्हें मालामाल कर रहे हैं. कठुआ संविधान की प्रतियां जलाए जाने के विरोध में कई जगह FIR, दिल्ली में बड़े प्रदर्शन की तैयारी एक्टिविस्टों के सुझाव अटल जी के सम्मान में आज सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और जिला अदालतों में 1 बजे तक होगा काम ई-शासन 05/09/2011 - 10:26 Allअजमेरअलवरउदयपुरकरौलीकोटाचित्तौड़गढ़चूरूजयपुरजैसलमेरजोधपुरझालावाड़झुंझुनूंडूंगरपुरदौसाधौलपुरनागौरपालीबाड़मेरबारांबीकानेरबूंदीभरतपुरभीलवाड़ाराजसमंदश्रीगंगानगरसवाई माधोपुरसिरोहीसीकरहनुमानगढ़ प्रशीतलक परीक्षण प्रयोगशाला Flicker ग्रामीण क्षेत्रों में 2 से 5 किलोवाट तक कनेक्शन लेने वालों को 60 रुपये प्रति किलोवाट जमा करना पड़ता था, जबकि शहरी क्षेत्रों में 2 किलोवाट से ऊपर और 5 किलोवाट से कम के कनेक्शन के लिए 150 रुपये प्रति किलोवाट जमा कराया जाता था।  1999016990खरीदे Search for: फेंग शुई - नहरी क्षेत्रों में अपर्याप्त एवं असामायिक विद्युत आपूर्ति का प्रामाणिक निराकरण, डिग्गी निर्माण से सिंचाई की सुनिश्चितता, आसान शर्तों पर ऋण 9 वर्ष के लिए उपलब्ध। जवाब – बिजली मिलने पर निश्चित रूप से दैनिक घरेलू कार्यों और मानव विकास के सभी पहलुओं में लोगों के जीवन की गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। सबसे पहले, बिजली मिलने पर उजाले के लिए मिटटी तेल का इश्तेमाल नहीं होगा, जिसके परिणामस्वरूप घरों में प्रदूषण में कमी आएगी जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी खतरों से बचाया जा सकेगा। इसके अलावा, बिजली मिलने से देश के सभी भागों में कुशल और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं स्थापित करने में मदद मिलेगी। सूर्यास्त के बाद प्रकाश विशेष रूप से महिलाओं के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा का भाव प्रदान करता है। सामाजिक और साथ ही आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि करता है। बिजली की उपलब्धता से सभी क्षेत्रों में शिक्षा सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा और सूर्यास्त के बाद गुणवत्ता वाले प्रकाश में बच्चों को पढ़ाई के लिए अधिक समय बिताने और संभावित कैरियर में आगे बढ़ने में सुविधा होगी। घरेलू विद्युतीकरण होने से महिलाओं के अध्ययन करने की संभावना भी बढ़ जाती है और इससे उनकी कमाई भी होगी। आँध्रप्रदेश किसान कर्ज माफी और जीएसटी से राज्‍यों का राजकोषीय घाटा बढ़ा : आरबीआई NRC पर मायावती ने किया कहा, तुरंत यह काम करें मोदी सरकार Solar Power cricket1 day ago परावैद्युत सामग्रियाँ प्रभाग (डीएमडी) भारत की सबसे बड़ी एसयूवी बनाने वाली कंपनी महिंद्रा ने अपनी बिजली से चलने वाली कार रेवा ई2ओ पेश कर की है. माना जा रहा है कि ये दुनिया की सबसे सस्ती इलेक्ट्रिक कार है. ગુજરાતી स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समस्त झारखंड और देशवासियो को शुभकामनाएं साइंस & टेक राज्यसभा टीवी डिस्कशंस सस्ती बिजली देनेवाली कंपनी को ही तरजीह देगी बिहार सरकार Rojgar Mela नीदरलैंड में जल्द शुरू होगा दुनिया का पहला समुद्र में तैरता डेयरी फार्म, रोबोट निकालेंगे गायों का दूध 16 mins देश के प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में यह कंपनी रही सबसे आगे दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने केजरीवाल सरकार पर राजधानी में बिजली संकट उत्पन्न करने का आरोप लगाया है. साथ ही में एलजी से राजघाट पावर प्लांट को फिर से शुरू करवाने की अपील की है. तिवारी ने आरोप लगाया है कि बिजली की ज्यादा मांग के दौरान नेशनल ग्रिड से निजी बिजली कंपनियों द्वारा खरीदी गई बिजली दिल्ली के लिए अपर्याप्त होती है. इसकी कमी को लोकल थर्मल पावर स्टेशन से पूरा करना पड़ता है, लेकिन दिल्ली में थर्मल पावर प्रोडक्शन की लागत नेशनल ग्रिड या दूसरे राज्यों से खरीदी गई बिजली से बहुत ज्यादा होती है. इसलिए निजी बिजली कंपनियां थर्मल पावर प्रोडक्शन में रुचि नहीं लेती हैं. त्योहारों के मौसम में फ्लिपकार्ट और अमेजॉन लेकर आ रही बिग सेल सरसों (Mustard) फिर भी, दोनों पक्षों से आपूर्ति काटना बंद हो रहा है, क्योंकि प्रांत ने 'कोई नई बिजली संयंत्र' नीति दोनों घोषित नहीं की है, साथ ही साथ सभी विद्यमान विद्युत संयंत्रों को प्राप्त कर लिया है। लेख के अनुसार: बिजली कंपनी के प्रस्ताव पर फैसला सुनाने का अधिकार विनियामक आयोग को है। पिछले वर्ष राज्य सरकार ने दर की समीक्षा के बाद अनुदान देने की घोषणा की थी। उसी के तर्ज पर इस बार भी बिजली दर की समीक्षा करते हुए अनुदान पर निर्णय लिया जाएगा। मुख्य पृष्ठ पर जाएं वास्तु टिप्स: इन 5 कारणों से आपके घर में नहीं टिकता पैसा, अपनाएं ये आसान उपाय [email protected] रांची। झारखण्ड में विद्युत नियामक आयोग द्वारा घोषित नई विद्युत टैरिफ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने कहा कि रघुवर सरकार संवेदनहीन हो गई है। बिजली बिल में अप्रत्याशित वृद्धी का जनविरोधी निर्णय लेकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है। ताजा ओपिनियन Work for us मोबाइल-टेक विजेंद्र गुप्ता ने कहा, जो लोग कभी बिजली कंपनियों का एकाधिकार समाप्त करने और बिजली कंपनियों के ऑडिट की बात कर सत्ता में आए थे तथा जो लोग शीला दीक्षित और बिजली कंपनियों के भ्रष्टाचार को मिटाकर बिजली के रेट कम करने की बात करते थे , वही लोग आज निजी बिजली कंपनियों का प्रवक्ता बन गए हैं. पिछले 6 महीने में इन बिजली कंपनियों को दूसरी बार स्थाई शुल्क बढ़ाकर इन्हें मालामाल कर रहे हैं. opinion पूजन विधि और आरतियां पोषाहार इससे पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने फरवरी में बैंकों को निर्देश दिया था कि वे स्ट्रेस्ड लोन के मामलों को डिफॉल्ट के 180 दिनों के अंदर सुलझाएं। आरबीआई ने कहा था कि अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो कंपनी को लोन रिजॉल्यूशन के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (एनसीएलटी) ले जाना होगा। यह फैसला 2,000 करोड़ से अधिक के सभी लोन के लिए था। हालांकि, पावर सेक्टर को पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) साइन नहीं किए जाने, सरकारी अप्रूवल में देरी और कोयले की सप्लाई नहीं मिलने जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हजारीबाग : बुढ़वा महादेव विकास सह शांति समिति व श्रावणी... कृषि (25 एचपी से ज्यादा)- 5.70 - 5.60 © 2018 S.B. Multimedia Private Limited | All Rights Reserved. मनी आत्मा योजना :   पुनरीक्षित दिशानिर्देष बाहरी फ़ाइल जो एक नई विंडों में खुलती हैं,   फार्म स्कूल - पुनरीक्षित दिशानिर्देष बाहरी फ़ाइल जो एक नई विंडों में खुलती हैं ? बिज़नेस डायरी करेंट अफेयर्स क्विक रिवीज़न सपना चौधरी का नया वीडियो यूट्यूब पर वायरल, देखकर हो जाएंगे भावुक...कभी देखा नहीं होगा ऐसे  Breaking News Brand Analysis: Which is the best brand to buy? कैसे पहुंचें Districts स्विचगियर तथा नियंत्रण गियर 'असम समेत 14 राज्यों पर बिजली उत्पादक कंपनियों का करोड़ों बकाया' वेस्ट मैनेजमेंट के लिए एक्सपर्ट कमिटी बने: सुप्रीम कोर्ट बिजली की लागत - ऊर्जा प्रदायक चुनें बिजली की लागत - बिजली और गैस प्रदाता बिजली की लागत - इलेक्ट्रिक कंपनी आज स्विच करें
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