राज्यवार खबरें/ हिन्दुस्तान ब्यूरो ,पटना संजीव रंजन उर्फ छोटू पासवान इन कई सालों में, आरएसओपी राज्य स्तरीय विद्युत उपयोगिताओं की प्रचालनीय तथा स्थानीय विशिष्ट समस्याओं का सामना करने हेतु मुख्य साधन के तौर पर विकसित हुआ है। इन कई पहलों में अनु एवं वि तत्व अपेक्षाकृत कम है । अतः किसी भी आरएसओपी परियोजना में औसत निवेश अधिक नहीं है । फिर भी इसमें उपयोगिता स्तर पर स्थानीय विशिष्ट समाधान खोजने के लिए अभिनव भावना को जिंदा रखा है । अटलजी को श्रद्धांजलि देने जा रहे अग्निवेश की भाजपा मुख्यालय के बाहर पिटाई 9 mins वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) के एक जुलाई से लागू होगा। (फोटो-इंटरनेट) शिमला में बारिश का कहर: कहीं भूस्खलन, कहीं मलबे में दबी गाड़ियां... टीआरसी, नागपुर कांवड़ियों से भरी बस डिवाइडर पर चढ़ी, हादसे में 35 लोग घायल By embedding Twitter content in your website or app, you are agreeing to the Twitter Developer Agreement and Developer Policy. रीवा ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 Create Page इस योजना का मूल उद्देश्य विद्युत प्रणाली में सामना की जाने वाली प्रचालनीय समस्याओं को सुलझाते हुए विद्युत क्षेत्र में अवश्यकता पर आधारित अनुसंधान को संपन्न करने हेतु निधि उपलब्ध कराना है । सिक्कालेख कर्नाटक                            100                 4.56 रुपए  टेक लीक बिजली कंपनी ने ऐसा क्या किया जो AAP ने बढ़ा दिए दाम: विजेंद्र गुप्ता We care उत्पाद का नाम: मिनी एकल चरण इलेक्ट्रॉनिक सक्रिय वाट घंटे मीटर प्रदेश में बिजली चोरी, छीजत कम करने की गरज से बिजली कंपनियां बीते पांच साल में करीब तीन हजार करोड़ रुपए से ज्यादा राशि खर्च कर चुकी हैं लेकिन फिर भी कई जिलों में बिजली छीजत का आकंड़ा 25 फीसदी से ज्यादा बना हुआ है। बिजली कंपनियों ने छीजत बीस फीसदी से कम करने का लक्ष्य तय किया था जो कुछ जिलों में शहरी इलाकों को छोड़कर अब तक अधूरा रहा है। Loading seems to be taking a while. निम्न को खोजें: कटिहार पूर्वोत्तर अधिनियम/नियम Terms & Conditions | Refund & Cancellation | Privacy Policy Centre GovtElectricityElectricity supplypower supplyRK Singh Coconut Grove’s single-family neighborhoods are under assault. Tree canopy is shrinking, architectural variety is disappearing, lot sizes are being diminished, homes are being demolished and the… Read more दृष्टि मीडिया सामान्य परिचय January, 2016 शेयर बाजारों की बेहतर शुरुआत, सेंसेक्स 260 अंक चढ़ा पैन कार्ड © 2018 - Clever Prototypes, LLC - All rights reserved. CAprep18 बॉलीवुड विशेष बिहार में महंगी हुई बिजली, नई दर एक अप्रैल से किसी मित्र को बताएं [छुपाएँ] प्रीपेमेंट एकल चरण मीटर MPPSC 한국어 देवघर : बाबा नगरी से भी जुड़ी हैं अटल बिहारी... स्वच्छता और स्वास्थ्य विज्ञान फसल उत्पादन वाणिज्य अटल यादेंः शादी से इनकार कर अटल ने गवां दी थी बलरामपुर लोकसभा Updated: सोशल मीडिया के पोस्ट-लाइक-कमेंट-शेयर पर पुलिस की नजर, लगेगा 'रासुका' टेबलेट्स Updated: महीने भर के ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 09 Dec 2017 08:40 PM IST जितनी ज्यादा सप्लाई, उतना ज्यादा आएगा बिल यादृच्छिक लेख संपादकीय नेपाल परीक्षा उपयोगी पुस्तकें (वैकल्पिक विषय) जल्द ही ‘नागिन 3’ में होगी प्रिंस नरुला की एंट्री विश्व हमारा नज़रिया @ [email protected] Amarinder [email protected] [email protected] पंजाब@ अमरिंदर सिंह@ गुरदासपुर@ Hindi [email protected] Today news accel companies पुरुषों का उत्पीड़न रोकने के लिए पिंडदान Auto News Instagram विवो वी 9 64 जीबी (गोल्ड, 4 जीबी रैम) केबिल तथा चालक स्विट्जरलैंड के दक्षिण में स्थित टेसिन के दो रिसर्चरों ने बिजली जमा करने की नई तकनीक निकाली है. एक बंद पड़ी सुरंग में इन रिसर्चरों ने एक कंप्रेस्ड एयर स्टोरेज बनाया है. पहाड़ों की गहराई में यहां ऊर्जा को हवा के रूप में कंप्रेस कर जमा किया जा सकता है. रिसर्चर गिव जंगानेह बताते हैं, "हमने जो आइडिया डेवलप किया है उसमें एक प्रेसर केव (दबाव वाली गुफा) की जरूरत पड़ती है और वह जरूरत यहां पूरी हुई. यह बहुत ही अच्छा समाधान था कि पहाड़ को प्रेसर केव के रूप में इस्तेमाल किया जाए और यहां सारी ऊर्जा जमा की जाए." योग 3424486444 Vodafone नई दिल्ली BY नूर मोहम्मद ON 05/06/2018 • दिल्ली को अब विंड एनर्जी से रोशन किया जाएगा। वीडियो न्यूज़ Have an account? Thursday 16 August , 2018 राष्ट्रीय पर्व को मनाते हैं लेकिन राष्ट्रीयता का मतलब नहीं समझते हैं – प्रधानाध्यापक बिजली कंपनी के ठेकेदार रवींद्र सिंह जादौन ने 25 अप्रैल को मोतीझील स्थित बिजली कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक ऑफिस में जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी थी. ठेकेदार ने 9 साल पहले पुरानी छावनी क्षेत्र में बिजली कंपनी के लिए काम किया था. 9 साल तक बिजली कंपनी से अपने 3 लाख 73 हजार रुपए के भुगतान के लिए रवींद्र भटकते रहे. सीएम से लेकर बिजली कंपनी और प्रशासन से शिकायतें कीं. शिकायतें इतनी कीं कि उनकी पावतियों से बक्सा तक भर चुका था. रवींद्र ने एक विस्तृत सुसाइड नोट भी छोड़ा था जिसमें शुरु से आखिर तक की पूरी पीड़ा लिखी थी. हिमाचल प्रदेश की खबरें ये भी पढ़ें- सुर्खियां नहीं बनती कंटीले तारों वाली गोहत्या नालंदा : खास खबर – रहने के लिहाज़ से पटना से आगे निकला बिहारशरीफ। 100 यूनिट तक के खर्च एवं एक किलो वाट तक के कनेक्शन पर सिर्फ 200 रुपए ही लगेगा शुल्क रामनगर MPINFO बिहार एवं झारखंड DB Gadgets अन्य देश राज्य एडवेंचर है पसंद...तो इंडिया के इन 10 नेशनल पार्क में लें वाइल्ड लाइफ स... 0:50 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में बिजली व्यवस्था बेहतर बनाने का विशेष जोर दे रहे हैं। पूरे प्रदेश... इटावा ईंधन विश्‍लेषण प्रयोगशाला #लाइट कैमरा एक्शन # Dehradun News Live Today ३. जिनके यहां मीटर नहीं है वहां मीटर लगेंगे और रीडिंग करते हुए बिल की गणना की जाएगी। #Kerala बिजय रजवार Lucknow Name * उज्ज्वला योजना के तहत लाभ लेने वालों को सुरक्षा जमा राशि नहीं देनी होती है और एलपीजी कनेक्शन के लिए न ही कोई दूसरा अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है. उन्होंने बताया कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर कमियों को दूर नहीं जाता है तो पोर्टल के माध्यम से पार्टी को सूचित करते हुए सक्षम प्राधिकारी द्वारा दावा दायर किया जा सकता है। सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना उद्यम को निर्दिष्ट किए गए दस्तावेजों अलावा कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि इस प्रकार फाइल किए गए दावों को प्रशासनिक सचिव, उद्योग और वाणिज्य विभाग के आदेशों पर फिर से खोला जा सकता है, बशर्ते ऐसे अनुरोध नामित सक्षम प्राधिकारी द्वारा दावे को अस्वीकार किए जाने की तिथि से 30 दिनों की अवधि के भीतर प्राप्त हों। ऊर्जा रेटिंग - पावर प्रदाता ऊर्जा रेटिंग - गैस और इलेक्ट्रिक ऊर्जा रेटिंग - सर्वश्रेष्ठ विद्युत दर
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