6 Search Electronics Copyright © NABARD. Site by: Spenta Digital 09/01/2017 - 11:14 वर्ष       उपलब्धता केरल: बाढ़-बारिश से 3 लाख से ज्यादा बेघर, मई से अब तक 324 की मौत; मोदी कुछ देर में करेंगे हवाई सर्वे 1 mins बिहार : मोतिहारी में प्रोफेसर की पिटाई, जिंदा जलाने की कोशिश, अटल को बताया था संघी BIHAR बड़ी खबरें कौन कौन है? Haryana Samanya Gyan Copyright © 2018. जलनिकाय बहाली जिले की अब तक कि सबसे बड़ी विद्युत प्रसारण योजना का काम अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। 400 केवी डबल सर्किल बाड़मेर से भीनमाल तक की 144 किलोमीटर लंबी लाइन में 399 हाई टेंशन टॉवर लगने के कार्य हो रहे हैं। 139.02 करोड़ रुपए की इस परियोजना में अब तक 377 टॉवर लग चुके हैं। राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम बाड़मेर के निर्माण कार्य विभाग के सहायक अभियंता सवाई सिंह खत्री के अनुसार बाड़मेर के गेहूं गांव में जिले इकलौते 400 केवी सब स्टेशन से भीनमाल तक की इस 400 केवी डबल सर्किल बाड़मेर से भीनमाल लाइन का काम जुलाई 2016 में शुरू हुआ था। यह काम अगस्त में पूरा हो जाएगा। डिस्कॉम की कनिष्ठ अभियंता स्नेहा राजपुरोहित के मुताबिक इस काम की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। इस काम के पूरे हो जाने के बाद बाड़मेर भीनमाल-सिरोही, उदयपुर से देबारी विद्युत चक्र से जुड़ जाएगा। यहां की उत्पादित विद्युत के त्वरित प्रसारण के साथ निर्बाध बिजली सप्लाई होगी। हिन्दुस्तान शिखर समागम 09:41 देवघर के व्यवसायियों ने पूर्व पीएम को दी अश्रुपूर्ण विदाई महंगे ईंधन का असर : एसी-नॉन एसी टैक्सी से घूमना हुआ महंगा...इतना बढ़ गया रेट Notify me of new posts by email. इधर दिल्ली सरकार के इस कदम पर बिजली कंपनियों का कहना है कि ऊंचे दाम का कारण ज्यादा जनरेशन और ट्रांसमिशन कॉस्ट है। बिजली के दाम में 80 फीसदी हिस्सा जनरेटिंग और ट्रांसमिशन कंपनियों का है। जनरेशन और ट्रांसमिशन की लागत लगातार बढ़ रही है। और जहां तक ऑडिट का सवाल है तो सीएजी और रेगुलेटरी अथॉरिटी उन पर लगातार नजर रखती हैं। बिजली कंपनियों का हर साल ऑडिट होता है और डीईआरसी हर साल अकाउंट्स की जांच करता है। vs गैजेट्स न्यूज़ यूपी के 100 स्कूलों को मिला हिंदी कीबोर्ड, शुरू हुआ उज्जवल विकास अभियान निवेश का पहला कदम HomeBIHARबिहार में बढ़ने वाली है बिजली की कीमत, लेकिन सरकार ने इनको दी है बड़ी राहत मिशन सत्यनिष्ठाJul 28, 2018 परिवादी गंगोत्री पत्नी रामवीर सिंह तोमर निवासी शिवपुरम कॉलोनी ने म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी आनंद नगर के खिलाफ परिवाद पेश किया था। परिवादी ने कंपनी द्वारा अनुमानित रीडिंग का बिल देने और खपत से ज्यादा बिल आने पर कंपनी कार्यालय में शिकायत की। साथ ही मीटर बदलने के लिए आवेदन किया। 18 फरवरी, 2016 को राशि जमा करके नया कनैक्शन लिया लेकिन कम्प्यूटर में जानकारी अपलोड नहीं होने से मार्च तक के बिल जारी नहीं किए। नवम्बर व दिसम्बर 2016 में एवरेज यूनिट खपत के बिल जारी किए। कंपनी ने अनुमानित रीडिंग 5508 यूनिट खपत का बिल दिया जबकि इतनी खपत नहीं है। कंपनी से परेशान होकर उपभोक्ता ने फोरम में परिवाद लगाया। प्रत्येक न्यूज़ ये किया तो ग्राहक होंगे योजना से बाहर सौभाग्य फोन में लोकेशन ऑफ है? फिर भी आप पर है गूगल की नजर, ऐसे करें बंद 0:50 पानी विचार विंडएनर्जी एक्सपर्ट ओपी तनेजा कहते हैं कि इससे पहले भी विंड एनर्जी का रेट 3.46 रुपए प्रति यूनिट से घटकर 2.64 रुपए प्रति यूनिट हो गया था। फिर भी बिजली कंपनियों ने बिजली खरीद में रुचि नहीं ली। मंदिर पश्चिमी भारत भारत में बिकने वाली इन खतरनाक चीजों पर है विदेशों में बैन विद्युत नियामक आयोग ने बिजली बिल पर लगने वाले दोहरे रेग्युलेटरी सरचार्ज से उपभोक्ताओं को राहत दी है। आयोग ने रेग्युलेटरी सरचार्ज प्रथम को खत्म करने का आदेश आज जारी कर दिया। दरअसल प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से मौजूदा समय में दोहरा रेग्युलेटरी सरचार्ज लिया जा रहा था। रेग्युलेटरी सरचार्ज प्रथम और द्वितीय। कीवर्ड खोजें India 53000 Bharti Airtel, Videocon, Reliance मीन राजनीति आज तक 02018-05-28T16:54:50 इस पोस्ट को शेयर करें WhatsApp बीएसईएस राजधानी 100 मेगावाट बिजली खरीदेगा लग्जरी फीचर्स से लैस Renault Kwid को देखकर कोई भी हो जाएगा दीवाना, कीमत 3 लाख से भी कम अटल जी के निधन पर गमगीन हुए टीवी स्टार्स, सोशल मीडिया पर दी श्रद्धांजलि  Raise Your Voice जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में सेना की पेट्रोलिंग पार्टी पर ग्रेनेड हमला, सर्च ऑपरेशन जारी Sections मोटो जेड2 प्ले 64जीबी (लूनर ग्रे, 4जीबी रैम) EVENTS मुद्दा Svenska एकमात्र टी-20 अंतर्राष्ट्रीय comments राहुल द्वारा मोदी को गले लगाने पर स्मृति ईरानी ने कसा तंज English प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर सरकार की मार लगातार बढ़ती जा रही है। अगर पड़ोसी राज्यों से तुलना की जाए तो राजस्थान इकलौता ऐसा प्रदेश बन गया है, जहां मध्यमवर्ग के परिवारों को भी लगभग 7 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिल का भुगतान करना पड़ रहा है।  करना चाहेंगे इसकी सवारी? निगमों का घाटा घटा, लेकिन उपभोक्‍ताओं को राहत में बिजली चोरी अड़ंगा electricity rate कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी कि वह अपनी जलशक्ति का उपयोग तथा विकास सरकारी तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से करेगा। राज्य की जल-विद्युत बनाने की नीति अक्टूबर 2002 को बनी। उसका मुख्य उद्देश्य था राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाया जाय और उसकी बनाई बिजली राज्य को ही नहीं बल्कि देश के उत्तरी विद्युत वितरण केन्द्र को भी मिले। उसके निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं के कार्यांवयन की बांट, क्रिया तथा पर्यावरण पर प्रभाव को जाँचने तथा निरीक्षण करने के बाद पता लगा कि 48 योजनाएं जो 1993 से 2006 तक स्वीकृत की गई थीं, 15 वर्षों के बाद केवल दस प्रतिशत ही पूरी हो पाईं। उन सब की विद्युत उत्पादन क्षमता 2,423.10 मेगावाट आंकी गई थी, लेकिन मार्च 2009 तक वह केवल 418.05 मेगावाट ही हो पाईं। इसका कैग के अनुसार मुख्य कारण थे भूमि प्राप्ति में देरी, वन विभाग से समय पर आज्ञा न ले पाना तथा विद्युत उत्पादन क्षमता में लगातार बदलाव करते रहना, जिससे राज्य सरकार को आर्थिक हानि हुई। अन्य प्रमुख कारण थे, योजना संभावनाओं की अपूर्ण समीक्षा, उनके कार्यान्वयन में कमी तथा उनका सही मूल्यांकन, जिसे उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को करना था, न कर पाना। प्रगति की जाँच के लिए सही मूल्यांकन पद्धति की आवश्यकता थी जो बनाने, मशीनरी तथा सामान लगने के समय में हुई त्रुटियों को जाँच करने का काम नहीं कर पाई, न ही यह निश्चित कर पाई कि वह त्रुटियाँ फिर न हों। निजी कंपनियों पर समझौते की जो शर्तें लगाई गई थीं उनका पालन भी नहीं हो पाया। शहर को सुल्तानपुर इस लिंक को कॉपी करें राशिफल आस्था का अनूठी झलक, हथेली पर ज्योति लेकर दंडवत हो मां के दरबार पहुंचे... बिजली आपूर्ति में सुधार के सपा सरकार के लम्बे-चौड़े दावे, इसी सरकार के अन्य सभी वादों व दावों की तरह ही कागज़़ी व हवा-हवाई साबित होते हुए साफ़ तौर पर लोगों को दिख रहे हैं। इतना ही नहीं बल्कि ’’अपराध-नियंत्रण व क़ानून-व्यवस्था एवं जनहित व विकास’’ के मामलों में वर्तमान सपा सरकार का रिकार्ड जितना ज़्यादा खऱाब व दयनीय है। आमजनता की राय सपा सरकार के प्रति जितनी ज़्यादा खराब है, उतना ही खऱाब स्थिति बिजली की उपलब्धता के मामले में भी हैं। मना॓रंजन हिन्दीENGLISHবাংলাमराठीગુજરાતીاردوಕನ್ನಡ SENSEX आदि प्रकार टॉवर परीक्षण स्टेशन (पी टी टी एस) जुर्म प्रखंड विकाश पधादिकारी धालभूमगढ़ उपयोगिता स्वचालन अनुसंधान केंद्र (यूएआरसी) चंड़ीगढ़ ईडीएफ के सामने भी हैं सवाल प्रकृति एवं प्रक्रिया यों हो सकती है दिल्ली में बिजली सस्ती वाजपेयी से मेरा आत्मिक रिश्ता, खान से है 35 वर्ष पुरानी दोस्ती :... STUDY MATERIAL 繁體中文 Mon, 20 Aug 2018 08:30 PM IST सघन गन्ना विकास योजना दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने केजरीवाल सरकार पर राजधानी में बिजली संकट उत्पन्न करने का आरोप लगाया है. साथ ही में एलजी से राजघाट पावर प्लांट को फिर से शुरू करवाने की अपील की है. तिवारी ने आरोप लगाया है कि बिजली की ज्यादा मांग के दौरान नेशनल ग्रिड से निजी बिजली कंपनियों द्वारा खरीदी गई बिजली दिल्ली के लिए अपर्याप्त होती है. इसकी कमी को लोकल थर्मल पावर स्टेशन से पूरा करना पड़ता है, लेकिन दिल्ली में थर्मल पावर प्रोडक्शन की लागत नेशनल ग्रिड या दूसरे राज्यों से खरीदी गई बिजली से बहुत ज्यादा होती है. इसलिए निजी बिजली कंपनियां थर्मल पावर प्रोडक्शन में रुचि नहीं लेती हैं. 326 Views न्यूज निचोड़ At 11 AM : तीन तलाक बिल पर निर्णायक दिन Navodaya Times Hindi NewsMetroDelhiPower Road And Water Delhi वाजपेयी के निधन पर अमेरिकी दूतावास ने भी जताया शोक दिल्ली वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! सस्ती हुई बिजली, ये रहीं नई दरें नहीं रहे भारतीय राजनीति के 'अजातशत्रु' अटल बिहारी वाजपेयी, 93 साल की उम्र में दिल्ली के एम्स में हुआ निधन अहमदाबाद अग्रवाल ने कहा कि गरीबों को बिजली का मुफ्त कनेक्शन दिया जाएगा, जिससे करीब 2 करोड़ उपभोक्ता बढ़ेंगे. जाहिर है, चीनी सरकार की जनरल एंटी-बिटकॉइन रुख जारी रहती है, जिनकी रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की बिटकॉइन खनन सुविधाओं की सबसे बड़ी पनबिजली बिजली जल्द ही अतीत की बात हो सकती है। स्थानीय मीडिया। सभी देखें Kannada VIDEO: गाजीपुर जेल में बंद कैदियों ने सीसीटीवी कैमरे लगाने का किया विरोध 1 हफ्ते से पानी नहीं, 3 पंचायतों के दर्जनों गांव प्रभावित पात्र गृहस्थी राशन कार्ड हिमाचल प्रदेश पी.सी.एस. जम्मू कश्मीर Mandsaur weather आप भी लिखें बिजली ठेकेदार रवींद्र सिंह जादौन ने बिजली कंपनी के लिए कार्य किया था. यह कार्य बिना वर्क ऑर्डर के किया था जिसका भुगतान नहीं किया गया. इसमें बिजली कंपनी के संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी थी. वर्क ऑर्डर की प्रत्याशा में ठेकेदार ने काम कर दिया था. इसमें संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए. यह जांच रिपोर्ट आरके पांडेय ने दी है. बिलासपुर धनबाद : वाजपेयी ने बॉडी गार्ड को घुमाने के लिए... पीपुलनया अक्टूबर 25, 2017 Copyright © 2018 बीबीसी. बीबीसी बाहरी साइटों पर मौजूद सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. एक्सटर्नल लिंक्स पर बीबीसी की नीति सस्ता विद्युत प्रदायक - स्थानीय इलेक्ट्रिक कंपनी सस्ता विद्युत प्रदायक - मेरे पास सस्ता बिजली सस्ता विद्युत प्रदायक - ऊर्जा लागत की तुलना करें
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